411 REFERENCE · Wikipedia
खटिक
Reference material by Wikipedia contributors. This retains its source identity and is not 411 news reporting.
Khatik or Khateek खटीक या खटिक Shudra खटीक 884 शिव शंकर महाकाली (चामड़) गुरु दुर्बलनाथ महाराज हिन्दू हिन्दी * भारत
नेपाल
पाकिस्तान A History of Pakistan and Its Origins 212 Anthem Press Christophe Jaffrelothttp://idsn.org/wp-content/uploads/user_folder/pdf/New_files/Nepal/Caste-based_Discrimination_in_Nepal.pdf संग्रहीत प्रति 4 जून 2019 https://web.archive.org/web/20160306165707/http://idsn.org/wp-content/uploads/user_folder/pdf/New_files/Nepal/Caste-based_Discrimination_in_Nepal.pdf 6 मार्च 2016 dead उत्तर प्रदेश, राजस्थान, मध्य प्रदेश, तेलंगाना, हरयाणा मूलनिवासी 23 लाख https://www.khatiksamaj.net/khatik-surname चौहान, सूर्यवंशी, दायमा, चंडेल, आदि तीर कमान, तलवार व भाला www.khatiksamaj.net
खटिक, भारत में पायी जाने वाली एक जाति है। भारत में ये राजस्थान, पंजाब, हरियाणा, उत्तर प्रदेश, बिहार, मध्य प्रदेश, महाराष्ट्र, पश्चिम बंगाल और गुजरात में पायी जाती है। भारत के अधिकांश खटिक हिन्दू हैं।
http://www.peoplegroupsindia.com/profiles/khatik/ संग्रहीत प्रति 15 सितंबर 2018 https://web.archive.org/web/20180907204453/http://www.peoplegroupsindia.com/profiles/khatik/ 7 सितंबर 2018 dead
खटिक जाति मूल रूप से वो जाति है, जिनका काम आदि काल में याज्ञिक पशु बलि देना होता था। आदि काल में यज्ञ में बकरे की बलि दी जाती थी। संस्कृत में इनके लिए शब्द है, ‘खटिटक’।
खटीक पहले वामामार्गी मन्दिरो में पशु बलि का कार्य करते थे। पुराणों में खटक ब्राह्मणों का उल्लेख है जो पशु बलि देते थे, जिनके हाथ से दी गयी बलि ही स्वीकार होती थी। खटीक शब्द खटक से बना है यानी जो खटका काटे यानी खटका मांस यानी एक झटके में सर काटने वाला खटीक हुआ। मुसलमान जबा यानी रेत कर गर्दन काटते थे और खटीक झटके से। खटिक के बहुत से गोत्र है जिनमे सोयल खटिक बघेरवाल आदि गोत्र है। सोनकर भी खटिक जाति के अन्तर्गत आता हैं।
मूल
खटिक शब्द संस्कृत खटिका से व्युत्पन्न है एक कस्तूरा या शिकारी जिसका अर्थ है। एक और व्युत्पत्ति शब्द खत से है जिसका अर्थ है कि तत्काल हत्या। अपने समुदाय के मूल के बारे में कई संस्करण हैं गुजरात में उन्हें ‘खाटकी' व राजस्थान मे खटीक कहा जाता है, वे राजपूत या क्षत्रिय से वंश का दावा करते हैं, जो शासक के दूसरे सबसे उच्च योद्धा वर्ग हैं। उनका मानना है कि वे मूल रूप से योद्धा थे और किसी तरह कुछ आबादी के कारण अपने वर्तमान व्यवसाय को अपनाया। राजस्थान में, खतिक का दावा है कि क्योंकि योद्धा संत परशुराम (विष्णु का 6वां अवतार) राजपूत से नारज होकर सभी राजपूतो को मारने लगे, तब ये अपनी पहचान छूपा अपना पेशा बदल लिये, जिनके वंश आज खटिक के नाम से जाने जाते है।
सन्दर्भ
श्रेणी:जाति