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कृष्णचन्द्र राय
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राजा कृष्णचन्द्र कृष्णचन्द्र राय १७१० ई० कृष्णनगर, नदिया राज 1783 1710 नदिया राज (अब पश्चिम बंगाल में) हिन्दू धर्म रघुराम राय महाराजा ; नदिया के जमींदार नदिया के राजा 1728 – 1783 कृष्णनगर राजबाड़ी राजा रघुराम राय शिवचन्द्र राय
कृष्णचंद्र राय ( 1710-1783 ) नदिया के महाराजा थे। https://books.google.com/books?id=onyaEhwhJBUC&pg=PA20 Ritual Worship of the Great Goddess: The Liturgy of the Durga Puja with Interpretations Rodrigues Hillary SUNY Press 2003 978-0-7914-8844-7 20 बांग्ला साहित्य, बंगाल की संस्कृति और बंगाल के इतिहास में उनका योगदान अविस्मरणीय है। उन्हें नदिया राजपरिवार का सबसे महान व्यक्ति माना जाता है। वे संस्कृत और फारसी के विद्वान एवं संगीत प्रेमी थे। वे रामप्रसाद सेन (शाक्तपादावली के कवि), भरतचंद्र रायगुणाकर ( अन्नदामंगल के कवि) और गोपाल भाँड़ जैसे कई प्रसिद्ध बंगाली हस्तियों के संरक्षक थे। अन्नदामंगल की रचना उनके दरबार में हुई थी। कृष्णनगर के विश्व प्रसिद्ध मिट्टी के बर्तनों के निर्माण का आरम्भ भी उनके शासनकाल में हुआ था।
कृष्णचंद्र राय कूटनीति में निपुण व्यक्ति थे। जब नवाब सिराज-उद-दौला अंग्रेजों के साथ संघर्ष में उलझा, तो उन्होंने अंग्रेजों का साथ दिया। इसके बाद अगले नवाब मीर कासिम के शासनकाल में उन्हें कैद कर लिया गया। अंग्रेजों के हस्तक्षेप से उन्हें रिहा कर दिया गया। कंपनी सरकार ने उनकी वफादारी के लिए उन्हें महाराजा की उपाधि से सम्मानित किया।
उल्लेखनीय उपलब्धियाँ
बंगाल में जगद्धात्री पूजा और नबद्वीप के शाक्तरास का प्रचलन का श्रेय उन्हें ही दिया जाता है। किंवदंति है कि 1754 में बंगाल के नवाब अलीवर्दी खान को शाही कर न चुकाने के कारण कृष्णचंद्र को कारागार में डाल दिया गया था। यह समय दुर्गा पूजा के निकट था। जब वे अंततः नवाब की जेल से रिहा हुए, तब तक दुर्गा पूजा लगभग समाप्त हो चुकी थी। कृष्णनगर लौटते समय, राजा को आभास हुआ कि उस दिन विजया दशमी है। राजा नाव में सो गए और वहीं उन्होंने सपने में देखा कि लाल बालों वाली चार भुजाओं वाली कुमारी देवी उन्हें अगले कार्तिक माह की शुक्ल नवमी तिथि को अपनी पूजा करने के लिए कह रही हैं। परिणामस्वरूप, जगद्धात्री पूजा की शुरुआत हुई। अगले वर्ष, उनके मित्र इंद्र नारायण चौधरी http://www.anandabazar.com/state/ক-ষ-ণচন-দ-র-ও-জগদ-ধ-ত-র-প-জ-1.82836 কৃষ্ণচন্দ্র ও জগদ্ধাত্রী পুজো বিভূতিসুন্দর ভট্টাচার্য নভেম্বর ১, ২০১৪ আনন্দবাজার পত্রিকা জানুয়ারি ৫, ২০১৭ ने चंदननगर में जगद्धात्री पूजा आरम्भ की। इसके अतिरिक्त, महाराजा कृष्णचंद्र ने मालोपाड़ा बारोयारी में जगद्धात्री (मां जलेश्वरी) की पूजा शुरू की।
सन्दर्भ
श्रेणी:कृष्णानगर, नदिया