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पंजाबी कुर्ता और तंबा
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thumb|पंजाबी कुर्ता और चादरा
thumb|250px|भांगड़ा नर्तक पंजाब में कुर्ता और तहमत पहने हुए
पंजाबी कुर्ता और तंबा पंजाब के पुरुषों की पारंपरिक वेशभूषा है।
पंजाबी तंबा
तंबा/तहमत/लुंगी
thumb|right|पंजाबी कुर्ता और तहमत
thumb|left|माझा क्षेत्र का दूध विक्रेता पारंपरिक वेशभूषा में
तंबा, जिसे तहमत भी कहा जाता है,Development: A Saga of Two Worlds: Vismambhor Nath 2002Lahore: A Sentimental Journey, Pran Neville लुंगी का पंजाबी रूप है, जिसमें आगे की ओर प्लीटें होती हैं। यह पंजाबी पुरुषों की पारंपरिक पोशाक है और भांगड़ा नर्तकों द्वारा पहना जाता है।
पूर्वी पंजाब में इसका उपयोग घटा है और इसकी जगह पायजामा ने ले ली है, किंतु यह पूर्णतः लुप्त नहीं हुआ।Harkesh Singh Kehal (2009) Alop Ho Reha Punjabi Virsa. पंजाब, पाकिस्तान तथा हजारा क्षेत्र में भी यह प्रचलित है।Malik, Iftikhar Haider (2006) Culture and Customs of Pakistan.
तहमत सामान्यतः एक रंग का होता है और इसकी कोई किनारी नहीं होती। इसकी लंबाई एड़ी तक या घुटनों से नीचे तक हो सकती है।Punjab District Gazetteers - Ferozepur (1915)
लाचा
लाचा तहमत से भिन्न होता है क्योंकि इसमें किनारी होती है और यह बहुरंगी होता है।Punjab District Gazetteers - Gujranwala (1935) लाचा पश्चिमी पंजाब में लोकप्रिय है। महिलाएँ भी कुछ क्षेत्रों—जैसे गुजरात, गुजरांवाला, शाहपुर और मुज़फ्फरगढ़—में लाचा या तहमत पहनती हैं।Saini, B.S. (1975) The Social & Economic History of the Punjab.
पंजाबी कुर्ता
पंजाबी कुर्ता दो आयताकार कपड़ों से बनाया जाता है, जिनमें बगल की ओर चीरे और गले के नीचे सामने खुला भाग होता है।Panjab University Research Bulletin (1982) पारंपरिक रूप से बटन के साथ सोने या चाँदी की जंजीर (ज़ंजीरी) भी लगाई जाती थी।Kehal, Harkesh Singh (2011)
यह रूप धीरे-धीरे पुराने अंगरखा का स्थान लेने लगा, जो घुटनों तक आता था और बाएँ या दाएँ खुलता था।Smith, Ronald Vivian (2008) 1960 के दशक तक कुर्ता ने अंगरखा का स्थान लगभग ले लिया, यद्यपि हरियाणा में यह अब भी प्रचलित रहा।Mohinder Singh Randhawa (1960)
पंजाबी कुर्ता पूरे उपमहाद्वीप में लोकप्रिय है। भोजपुर क्षेत्र, मिथिला, पश्चिम बंगाल और बांग्लादेश में इसे “पंजाबी” कहा जाता है।Fraser, Bashabi (2008) इसे असम, उत्तर प्रदेश और मध्य प्रदेश में भी अपनाया गया।Sen, Sirpa (1992)
इतिहास
“कुर्ता” शब्द दक्षिण एशिया में पहने जाने वाले ऊपरी परिधान का सामान्य नाम है, जिसकी प्रेरणा मध्य एशिया के तुर्कों के वस्त्रों से मानी जाती है।Rahman, Abdur (2002)
प्राचीन भारत में पारंपरिक पुरुष वेश में धोती और कंधों पर ओढ़ा जाने वाला वस्त्र शामिल था।Tarlo, Emma (1996) उत्तर भारत, विशेषकर राजस्थान और पंजाब क्षेत्र में जामा तथा अंगरखा प्रचलित रहे।Cohn, Bernard S. (1996)
11वीं शताब्दी में अल-बिरूनी ने उत्तर भारत में “कुर्तका” का उल्लेख किया, जो आधुनिक पंजाबी कुर्ते से मिलता-जुलता था।Ghurye, G.S. (1966)
मुक्तसरी कुर्ता-पायजामा
thumb|200px|मुक्तसरी कुर्ता-पायजामा
मुक्तसरी कुर्ता-पायजामा पारंपरिक कुर्ता-पायजामा का आधुनिक पंजाबी रूप है, जो मुक्तसर ज़िला में लोकप्रिय हुआ।The Tribune (2012) इसमें कुर्ता अपेक्षाकृत छोटा और सिला-सिलाया होता है तथा पायजामा पतला और सटीक फिटिंग वाला होता है।
यह भी देखें
कुर्ता
संदर्भ
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