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कृत्रिम बुद्धि

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thumb|200px|कृत्रिम बुद्धि से बना रोबोट कृत्रिम बुद्धिमत्ता अथवा कृत्रिम बुद्धि (अंग्रेज़ी: artificial intelligence; संक्षेप में: AI, एआई, कृ॰बु॰) मानव और अन्य जन्तुओं द्वारा प्रदर्शित प्राकृतिक बुद्धि के विपरीत मशीनों द्वारा प्रदर्शित बुद्धि है। कंप्यूटर विज्ञान में कृत्रिम बुद्धि के शोध को "इंटेलिजेंट एजेंट" का अध्ययन माना जाता है। इंटेलिजेंट एजेंट एक ऐसा सयंत्र है जो अपने आस-पास के माहौल को देखकर, अपने लक्ष्य को हासिल करने की कोशिश करता है। इसके लिए आम बोलचाल की भाषा में, "कृत्रिम बुद्धि" शब्द का प्रयोग होता है। कृत्रिम बुद्धिमत्ता का प्रयोग करते हुए एक मशीन इंसानों के "सोचने-समझने" वाले कामों की नकल करती है। एंड्रियास कपलान और माइकल हाएनलेन कृत्रिम बुद्धिमत्ता को “किसी प्रणाली के द्वारा बाहरी जानकारी को सही ढंग से समझने, ऐसे जानकारी से खुद सीखने और आसान बदलाव के माध्यम से खास लक्ष्यों और कामों को पूरा करने में उन सीखी हुई चीजों का उपयोग करने की क्षमता” के रूप में परिभाषित करते हैं।(https://www.sciencedirect.com/science/article/pii/S0007681318301393) Andreas Kaplan; Michael Haenlein (2018) Siri, Siri in my Hand, who's the Fairest in the Land? On the Interpretations, Illustrations and Implications of Artificial Intelligence, Business Horizons, 62(1) 17 नवंबर 2018 (https://web.archive.org/web/20181121191205/https://www.sciencedirect.com/science/article/pii/S0007681318301393) 21 नवंबर 2018 live Andreas Kaplan (2022). [(https://www.routledge.com/Artificial-Intelligence-Business-and-Civilization-Our-Fate-Made-in-Machines/Kaplan/p/book/9781032155319)जून 2026 InternetArchiveBot Artificial Intelligence, Business and Civilization: Our Fate Made in Machines]. Routledge यह कार्य "सीखने" और "समस्या हल करने" को एक साथ जोड़ती है। Russell Norvig 2009 2 कृत्रिम बुद्धि (प्रज्ञाकल्प, कृत्रिमप्रज्ञा, कृतकधी) संगणक में दी गई बुद्धि है। मानव सोचने, जाँच करने व याद रखने का काम भी अपने दिमाग के स्थान पर कम्प्यूटर से कराना चाहता है।(https://app.stocks.news/news/ai-worries-heighten-as-kerrisdale-plays-hindenburg-with-smoke-and-mirror-lumen-tech-allegations AI) Worries Heighten As Kerrisdale Plays "Hindenburg" With Smoke and Mirror Lumen Tech Allegations... app.stocks.newsजून 2026 InternetArchiveBot AI यानी Artificial Intelligence (कृत्रिम बुद्धिमत्ता) एक ऐसी तकनीक है जिसमें मशीनों और कंप्यूटर सिस्टम्स को मानव की तरह सोचने, समझने और निर्णय लेने की क्षमता दी जाती है। इसे सरल शब्दों में कहें तो, AI मशीनों को “स्मार्ट” बनाने की कला है ताकि वे इंसानों की तरह काम कर सकें।https://vittiyasaksharta.in/ai-kya-hai-aur-iske-prakar/ AI क्या है और इसके प्रकार - वित्तीय साक्षरता 22 सितंबर 2025 7 अक्तूबर 2025 https://web.archive.org/web/20251007222710/https://vittiyasaksharta.in/ai-kya-hai-aur-iske-prakar/ dead कृत्रिम बुद्धि https://web.archive.org/web/20251118221240/https://www.palamsolutions.com/category/%E0%A4%86%E0%A4%B0%E0%A5%8D%E0%A4%9F%E0%A4%BF%E0%A4%AB%E0%A4%BF%E0%A4%B6%E0%A4%BF%E0%A4%AF%E0%A4%B2-%E0%A4%87%E0%A4%82%E0%A4%9F%E0%A5%87%E0%A4%B2%E0%A4%BF%E0%A4%9C%E0%A5%87%E0%A4%82%E0%A4%B8/ 18 नवंबर 2025 , कंप्यूटर विज्ञान की एक शाखा है जो मशीनों और सॉफ्टवेयर को बुद्धि के साथ विकसित करता है। 1955 में जॉन मैकार्थी ने इसको कृत्रिम बुद्धि का नाम दिया और इसे "विज्ञान और इंजीनियरिंग के द्वारा बुद्धिमान मशीनों को बनाने" के रूप परिभाषित किया। कृत्रिम बुद्धि अनुसंधान के लक्ष्यों में तर्क, ज्ञान की योजना बनाना, सीखना, धारण करना और वस्तुओं में हेरफेर करने की क्षमता, आदि शामिल हैं। वर्तमान में, इस लक्ष्य तक पहुंचने के लिए सांख्यिकीय विधियों, कम्प्यूटेशनल बुद्धि और पारंपरिक खुफिया तकनीकी शामिल हैं। कृत्रिम बुद्धि को लेकर दावा किया जाता है कि यह मानव की बुद्धि का एक केंद्रीय संपत्ति के रूप में मशीन द्वारा अनुकरण कर सकता है। वहाँ दार्शनिक मुद्दों के प्राणी बनाने की नैतिकता के बारे में प्रश्न् उठाए गए थे। लेकिन आज, यह प्रौद्योगिकी उद्योग का सबसे महत्वपूर्ण और अनिवार्य हिस्सा बन गया है। कृत्रिम बुद्धि (एआई) का दायरा विवादित है: क्योंकि मशीनें तेजी से सक्षम हो रहीं हैं, जिन कार्यों के लिए पहले मानव की बुद्धिमत्ता चाहिए थी, अब वह कार्य "कृत्रिम बुद्धिमत्ता" के दायरे में आते हैं। उद्धाहरण के लिए, लिखे हुए शब्दों को पहचानने में अब मशीन इतनी सक्षम हो चुकी हैं कि इसे अब होशियारी नहीं माना जाता है।Schank Roger C. Where's the AI https://archive.org/details/sim_ai-magazine_winter-1991_12_4/page/38 AI magazine 12 4 1991 38 आज कल, एआई के दायरे में आने वाले कार्य हैं, इंसानी वाणी को समझना Russell Norvig 2009, शतरंज या "गो" के खेल में माहिर इंसानों से भी जीतना, बिना इंसानी सहारे के गाड़ी खुद चलाना। कृत्रिम बुद्धि का वैज्ञानिकों ने सन १९५६ में अध्ययन करना चालू किया। इसके इतिहास में कई आशावादी लहरें आती रही, फिर असफलता से निराशा, और फिर नए तरीके जो फिर आशा जगाते थे। अपने अधिकांश इतिहास के लिए, एआई अनुसंधान को उप-क्षेत्रों में विभाजित किया गया है जो अक्सर एक-दूसरे के साथ संवाद करने में विफल रहते हैं। ये उप-क्षेत्र तकनीकी विचारों पर आधारित हैं, जैसे कि विशेष लक्ष्यों (जैसे "रोबोटिक्स" या "मशीन लर्निंग"), विशेष उपकरण ("तर्क" या "तंत्रिका नेटवर्क"), या गहरे तात्विक अंतर। उप-क्षेत्र सामाजिक कारकों पर भी आधारित हैं (जैसे निजी संस्थानों या निजी शोधकर्ताओं के काम)। एआई अनुसंधान की पारंपरिक समस्याओं (या लक्ष्यों) में तर्क , ज्ञान प्रतिनिधित्व , योजना , सीखना , भाषा समझना , धारणा और वस्तुओं को कुशलतापूर्वक उपयोग करने की क्षमता शामिल है। मानव जैसे होशियारी क्षेत्र के दीर्घकालिक लक्ष्यों में से एक है। इस समस्या का हल करने के लिए वैज्ञानिकों ने सांख्यिकीय (स्टैटिस्टिकल) तरीके, और पारम्परिक "सांकेतिक" तरीके अपनाए हैं। एआई विज्ञान के लिए कंप्यूटर विज्ञान , गणित , मनोविज्ञान , भाषाविज्ञान , तत्वविज्ञान और कई अन्य के क्षेत्र गए हैं। इस वैज्ञानिक क्षेत्र को इस धारणा पर स्थापना की गई थी कि मानवीय बुध्दि को "इतने सटीक रूप से वर्णित किया जा सकता है कि इसे नकल करने के लिए एक मशीन बनाई जा सकती है"। Dartmouth proposal देखे, Philosophy के निचे  यह मन की प्रकृति और मानव-जैसी बुद्धि के साथ कृत्रिम प्राणियों के निर्माण के नैतिकता के बारे में प्रश्न उठाता है, जो प्राचीन काल से कथाओं के द्वारा खोजे गए हैं।  कुछ लोग कृत्रिम बुद्धि (एआई) को मानवता के लिए खतरा मानते हैं, अगर यह अनावश्यक रूप से प्रगति करता है।https://betanews.com/2016/10/21/artificial-intelligence-stephen-hawking/ Stephen Hawking believes AI could be mankind's last accomplishment 21 October 2016 BetaNews live https://web.archive.org/web/20170828183930/https://betanews.com/2016/10/21/artificial-intelligence-stephen-hawking/ 28 August 2017 dmy-all अन्य मानते हैं कि एआई, पिछले तकनीकी क्रांति के विपरीत, बड़े पैमाने पर बेरोजगारी का खतरा पैदा करेगा। इतिहास यांत्रिक या "औपचारिक" तर्क का अध्ययन गणितज्ञों के साथ प्राचीन काल में शुरू हुआ। गणितीयतर्क के अध्ययन ने "एलन ट्यूरिंग" (जो एक कंप्यूटर वैज्ञानिक थे) के "कंप्यूटर सिद्धांत" का जन्म दिया। इस सिद्धांत का मानना है की मशीन, "०" और "१" जैसे सरल चिह्न, को जोड़-तोड़ के कोई भी बोधगम्य गणना कर सकते हैं। वह यह भी कहता है की आज के साधारण कंप्यूटर ऐसे मशीन हैं। यह दृष्टि, कि कंप्यूटर औपचारिक तर्क की किसी भी प्रक्रिया को अनुकरण कर सकते हैं, जिसे चर्च-ट्यूरिंग थीसिस के नाम से जाना जाता है। न्यूरोबायोलॉजी (दिमाग का जीवविज्ञान), सूचना का विज्ञानं और साइबरनेटिक में खोजों ने शोधकर्ताओं को इलेक्ट्रॉनिक मस्तिष्क बनाने की संभावना पर विचार करने के लिए प्रेरित किया। ट्यूरिंग (एक कंप्यूटर वैज्ञानिक) ने प्रस्तावित किया कि "यदि कोई मनुष्य मशीन और मानव से प्रतिक्रियाओं के बीच अंतर नहीं कर सकता है, तो मशीन को "मानव की तरह बुद्धिमान" माना जा सकता है। पहला काम जिसे आम तौर पर एआई के रूप में पहचाना जाता है वह "मैकुलचच" और "पिट्स" के 1943 औपचारिक डिजाइन "ट्यूरिंग-पूर्ण" "कृत्रिम न्यूरॉन्स" के लिए था। एक "ट्यूरिंग-पूर्ण" मशीन कोई भी बोधगम्य गणना कर सकते हैं। 1950 के दशक तक, मशीनी बुद्धिमत्ता को कैसे प्राप्त किया जाए, इसके लिए दो दृष्टिकोण सामने आए। एक दृष्टि, जिसे प्रतीकात्मक AI या GOFAI के रूप में जाना जाता है , कंप्यूटर का उपयोग दुनिया और सिस्टम का एक प्रतीकात्मक प्रतिनिधित्व बनाने के लिए करना था जो दुनिया के बारे में तर्क कर सके। समर्थकों में एलन नेवेल , हर्बर्ट ए साइमन और मार्विन मिन्स्की शामिल थे । इस दृष्टिकोण के साथ निकटता से जुड़ा "अनुमानी खोज" दृष्टिकोण था, जिसने बुद्धिमत्ता की तुलना उत्तर के लिए संभावनाओं के स्थान की खोज की समस्या से की। दूसरी दृष्टि, जिसे कनेक्शनवादी दृष्टिकोण के रूप में जाना जाता है , ने सीखने के माध्यम से बुद्धि प्राप्त करने की मांग की। इस दृष्टिकोण के समर्थक, सबसे प्रमुख रूप से फ्रैंक रोसेनब्लैट, न्यूरॉन्स के कनेक्शन से प्रेरित तरीकों से परसेप्ट्रॉन को जोड़ने की मांग की । जेम्स मन्यिका और अन्य ने दिमाग (प्रतीकात्मक एआई) और मस्तिष्क (कनेक्शनिस्ट) के दो दृष्टिकोणों की तुलना की है। मन्यिका का तर्क है कि डेसकार्टे , बूले , गॉटलोब फ्रेगे , बर्ट्रेंड रसेल और अन्य की बौद्धिक परंपराओं के संबंध में इस अवधि में प्रतीकात्मक दृष्टिकोण कृत्रिम बुद्धि के लिए महत्वपूर्ण रही। साइबरनेटिक्स या कृत्रिम तंत्रिका नेटवर्कhttps://www.employmentjapan.com/tech-corner/ai-machine-learning-and-deep-learning/building-the-simplest-deep-neural-net-in-javascript/ Building the Simplest Deep Neural Net in JavaScript Achu Somto Achu Somto 2022-04-10 Employment Japan en-US 2022-07-15 15 जुलाई 2022 https://web.archive.org/web/20220715025542/https://www.employmentjapan.com/tech-corner/ai-machine-learning-and-deep-learning/building-the-simplest-deep-neural-net-in-javascript/ dead पर आधारित सम्बन्धवादी दृष्टिकोण को पृष्ठभूमि में धकेल दिया गया था, लेकिन हाल के दशकों में नई प्रमुखता प्राप्त हुई है। भले की मशीनों के बुद्धि विकसित के शोध का शुरूआत 1943 हुआ हो लेकिन कृत्रिम बुद्धिमत्ता शब्द का पहली बार इस्तेमाल जॉन मैकार्थी ने ही 1956 में :en:Dartmouth workshop किया था और कहा था कि विज्ञान और अभियांत्रिकी का इस्तेमाल करके एक ऐसा कंप्यूटर बनाया जा सकता है जो कि स्वयं से ही सोच समझकर निर्णय ले सकें इसलिए हम john McCarthy को ही Artificial Intelligence के पिता के रूप में जानते है कटौती, तर्क और समस्या को सुलझाने पहले, कृत्रिम बुद्धि शोधकर्ताओं ने ऐसा एल्गोरिदम विकसित किया जो मनुष्य को हल करते समय उपयोग या तार्किक निर्णय लेने के लिए उपयोग करते थे। वे अनिश्चित या अधूरी जानकारी के साथ संभावना का संकल्पना निपटते है। ज्ञान प्रतिनिधित्व समस्याओं का हल करते समय, मशीनों को दुनिया के बारे में व्यापक ज्ञान की आवश्यकता होगी। कृत्रिम बुद्धि को प्रतिनिधित्व करने के लिए जरूरत कि चीजों है: वस्तुओं, गुण, श्रेणियों, समाधान, घटनाओं, समय, कारण और प्रभाव के बीच संबंधों और आदि। प्राकृतिक भाषा प्रसंस्करण प्राकृतिक भाषा प्रसंस्करण सबसे तेज़ गति से विकास करने वाले AI क्षेत्रों में से एक है। प्राकृतिक भाषा प्रसंस्करण में भाषा-संबंधी AI एप्लिकेशन के विकास पर ध्यान केंद्रित किया जाता हैं, जैसे वॉयस असिस्टेंट, चैटबॉट और भाषा अनुवाद (Language Translation)। वॉयस-टू-टेक्स्ट समझ को सक्षम करके, मानव-कंप्यूटर इंटरैक्शन को बढ़ाया जा सकता हैं। उपकरण तर्क तर्क, मुख्य रूप से ज्ञान प्रतिनिधित्व और समस्या को हल करने के लिए उपयोग किया जाता है। लेकिन यह अन्य समस्याओं के लिए भी किया जा सकता है। तर्क के कई अलग अलग रूपों एस कृत्रिम बुद्धि अनुसंधान में किया जाता है। तर्क के सहायता से हमको निर्णय कर सकते हैं कि क्या सही है या क्या गलत है। अनिश्चित तर्क के लिए संभाव्यता आधारित तरीके समस्याओं के अधिकांश यहाँ अनिश्चित और अधूरी जानकारी है। कृत्रिम बुद्धि शोधकर्ताओं संभाव्यता सिद्धांत और अर्थशास्त्र से विधियों का उपयोग कर इन समस्याओं को हल करने के लिए शक्तिशाली उपकरण की एक संख्या तैयार कर लिया है। संभाव्यता एल्गोरिदम को छानने और डेटा की भविष्यवाणी के लिए इस्तेमाल किया जा सकता। AI टेक्नोलॉजी के अनुप्रयोग https://artificial-future.com distructive nature of Artificial intelligence 16 जून 2020 https://web.archive.org/web/20181227011528/http://artificial-future.com/ 27 दिसंबर 2018 dead आज के तकनीकी दौर में जहां मशीनें कई व्यवसायों में अपनी सेवाएं दे रहीं हैं वहीं AI टेक्नोलॉजी भी अब कुछ सीमित इंडस्ट्रीज से निकलकर कई अन्य महत्वपूर्ण इंडस्ट्रीज में प्रयोग की जाने लगी है। कुछ वर्षों पहले तक AI टेक्नोलॉजी को कंप्यूटर तथा इससे जुड़ी सेवाओं तक ही सीमित माना जाता था, परंतु वर्तमान समय में AI टेक्नोलॉजी का विस्तार अन्य कई इंडस्ट्रीज में भी देखने को मिल रहा है। आज के समय में आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस का प्रयोग शिक्षा, ग्राहक सेवा, मनोरंजन, ऑटोमोबाइल और इसके साथ ही साथ परिवहन व संचार के क्षेत्रों में भी देखने को मिल रहा है। आने वाले समय में इस तकनीकी का प्रयोग बड़े पैमाने पर दूसरी इंडस्ट्रीज में भी होने की अटूट संभावना है। इस कारण से AI टेक्नोलॉजी से संबंधित कंपनियों https://web.archive.org/web/20250825222718/https://www.thestockbeat.in/2024/08/ai-stocks-in-india-2024-ai.html 25 अगस्त 2025 को बड़े पैमाने पर फ़ायदे की उम्मीद भी है। इसका एक उदाहरण Neuralink द्वारा इंसानी दिमाग में एक चिपसेट को इंप्लांट किया जाना है। हाल ही में एलन मस्क की कंपनी neuralink ने पहली बार इंसानी दिमाग में एआई चिपसेट को इंप्लांट किया है।https://aipur.in/elon-musk-will-implant-a-chip-in-the-human-brain-using-telepathy-technology/ एलन मस्क 2030 तक 22000 इंसानों के दिमाग में लगाएंगे चिप, टेलीपैथी तकनीक से दिव्यांगो को मिलेगा फायदा Saran Bhanu 4/02/2024 Aipur 1 अप्रैल 2024 1 अप्रैल 2024 https://web.archive.org/web/20240401151943/https://aipur.in/elon-musk-will-implant-a-chip-in-the-human-brain-using-telepathy-technology/ dead कंपनी ने इस चिपसेट का नाम टेलीपैथी रखा है, जो दिव्यांगों के लिए काफी उपयोगी होने वाली है, क्योंकि इस टेलीपैथी चिपसेट की मदद से विकलांग लोग अपने दिमाग से ही बिना कंप्यूटर और स्मार्टफोन को छुए कंट्रोल कर पाएंगे। साथ ही एलन मस्क का कहना है कि उनकी कंपनी 2030 तक 22000 से अधिक विकलांग लोगों के दिमाग में यह चिपसेट लगाकर उनकी मदद की करेगी। रचनात्मकता कृत्रिम बुद्धि की एक उप-क्षेत्र के सैद्धांतिक रूप से (एक दार्शनिक और मनोवैज्ञानिक नजरिए से) रचनात्मकता दोनों पता लगाता है और व्यावहारिक रूप से (द्वारा उत्पन्न उत्पादन रचनात्मक माना जा सकता है कि सिस्टम, या सिस्टम है कि पहचानने और रचनात्मकता का आकलन के implementations विशिष्ट)। कम्प्यूटेशनल रिसर्च के संबंधित क्षेत्रों कृत्रिम अंतर्ज्ञान और कृत्रिम सोच रहे हैं। सामान्य बुद्धि शोधकर्ताओं व उनके काम: एक मशीन में सामान्य बुद्धि के साथ (मजबूत एअर इंडिया के रूप में जाना जाता है), शामिल किया जाएगा कि लगता है सब से ऊपर कौशल और मानवीय क्षमताओं में सबसे अधिक से अधिक के या उन सभी के संयोजन। कुछ विश्वास है कि कृत्रिम चेतना या एक कृत्रिम मस्तिष्क की तरह मानवाकृतीय सुविधाएँ ऐसी एक परियोजना के लिए आवश्यकता हो सकती। उपरोक्त समस्याओं के कई विचार किया जा करने के लिए सामान्य बुद्धि की आवश्यकता हो सकता हल हो। उदाहरण के लिए, यहां तक कि मशीनी अनुवाद की तरह एक सीधा, विशिष्ट कार्य मशीन पढ़ा और (एनएलपी) दोनों भाषाओं में लिखने, लेखक का तर्क (कारण) का पालन करें, पता है क्या (ज्ञान) के बारे में बात की जा रही है कि और सच्चाई से लेखक का इरादा (सामाजिक बुद्धि) को पुन: उत्पन्न की आवश्यकता है। मशीनी अनुवाद की तरह एक समस्या "ऐ-पूर्ण" माना जाता है। इस विशेष समस्या को हल करने के लिए, आप सभी समस्याओं को हल करना चाहिए। AI सुरक्षा (AI Security) परिभाषा एआई सुरक्षा वह शाखा है जो एआई-सिस्टम्स, उनके प्रशिक्षण डेटा, मॉडल तथा समर्थन इंफ्रास्ट्रक्चर को विभिन्न प्रकार के खतरों और कमजोरियों से सुरक्षित रखने का कार्य करती है। प्रमुख खतरें एवं चुनौतियाँ डेटा पॉइज़निंग – जब प्रशिक्षण डेटा में दुर्भावनापूर्ण या ग़लत डेटा शामिल कर दिया जाता है, जिससे मॉडल गलत या हानिकारक निर्णय लेने लगे। मॉडल इनवर्ज़न आक्रमण – मॉडल के आउटपुट के आधार पर हमलावर प्रशिक्षण डेटा या संवेदनशील जानकारी का उजागर कर सकते हैं। प्रतिस्पर्धात्मक (एडवर्सेरियल) आक्रमण – मॉडल को ऐसे इनपुट दिए जाते हैं जिनसे वह गलत या मनचाहा आउटपुट देने लगे। प्रॉम्प्ट इंजेक्शन – विशेष रूप से लार्ज लैंग्वेज मॉडल (LLM) में इनपुट के माध्यम से मॉडल को गैर-इच्छित क्रियाएँ करने के लिए प्रेरित करना।Modern Security – “Prompt Injection: LLM Security Risk” — लार्ज लैंग्वेज मॉडल (LLM) में प्रॉम्प्ट इंजेक्शन से उत्पन्न सुरक्षा खतरों का विश्लेषण (प्रवेश तिथि: 10 अक्टूबर 2025)। सुरक्षा प्रमुख बिंदु एवं उपाय गोपनीयता, अखंडता, उपलब्धता (CIA) त्रय – एआई प्रणाली में इन तीन मौलिक सुरक्षा गुणों को सुनिश्चित करना आवश्यक है। निरंतर निगरानी एवं जोखिम आकलन – मॉडल और उसके परिवेश में समय-समय पर सुरक्षा परीक्षण, मॉनिटरिंग और आकलन जरूरी है। की पहुँच नियंत्रण और एन्क्रिप्शन – प्रशिक्षण डेटा, मॉडल व आउटपुट तक पहुँच को सीमित करना तथा डेटा ट्रांसमिशन और संग्रहण में एन्क्रिप्शन उपयोग करना।What is AI Security? - Netskope — एआई संसाधनों की सुरक्षा के लिए एन्क्रिप्शन व पहुँच नियंत्रण। देरी-रहित प्रतिक्रिया (Incident Response) – एआई द्वारा उत्पन्न या प्रभावित घटना के लिए त्वरित प्रतिक्रिया योजनाएँ व स्वचालित नियंत्रण। एआई सुरक्षा का अनुप्रयोग क्षेत्र एआई सुरक्षा व्यापक रूप से नीचे-लिखित क्षेत्रों में महत्वपूर्ण भूमिका निभाती है: वित्तीय सेवाएँ — धोखाधड़ी पहचान, जोखिम आकलन तथा लेन-देह सुरक्षा। स्वास्थ्य सेवा — रोग निदान मॉडल्स, रोग-सम्बंधित डेटा तथा गोपनीयता। आधारभूत संरचना (इन्फ्रास्ट्रक्चर) — स्मार्ट ग्रिड्स, IoT उपकरण तथा संवेदनशील सिस्टम्स। रक्षा एवं सुरक्षा क्षेत्र — स्वायत्त प्रणालियाँ, ड्रोन और निर्णय-सहायक प्रणाली।AI Security Certification – Modern Security — एआई/एलएलएम सुरक्षा, वास्तविक-विश्व आक्रमण और संरक्षण तकनीकों से संबंधित प्रशिक्षण पाठ्यक्रम (प्रवेश तिथि: 27 अक्टूबर 2025)। उभरते रुझान एआई सुरक्षा में हाल-ही में निम्नलिखित प्रमुख रुझान देखे जा रहे हैं: एजेंटिक एआई और स्वायत्त हमलावर उपकरणों-पर आधारित खतरे।Modern Security – “How Has Generative AI Affected Security?” — जनरेटिव एआई के सुरक्षा पर प्रभाव का ब्लॉग (प्रवेश तिथि: 27 अक्टूबर 2025)। एआई जीवन-चक्र (डेटा → मॉडल → तैनाती → उपयोग) को सुरक्षित रखने के लिए समग्र सुरक्षा फ्रेमवर्क।Google Secure AI Framework (SAIF) — पूरी एआई लाइफ-साइकल को सुरक्षित बनाने के लिए। नियामक, नैतिकता एवं जवाबदेही — एआई के निर्णय, पूर्वाग्रह व पारदर्शिता द्वारा सुरक्षा जोखिम उत्पन्न हो सकते हैं। इन्हें भी देखें प्रमात्रा संगणन (क्वांटम कंप्यूटिंग) सन्दर्भ बाहरी कड़ियाँ कृत्रिम बुद्धिमत्ता पाठ्यक्रम https://web.archive.org/web/20240118041129/https://tajakhabar.travelnaturalindia.com/index.php/2024/01/01/artificial-intelligence-courses/ 18 जनवरी 2024 इंटरनेट दार्शनिक विश्वकोश कृत्रिम बुद्धिमत्ता logic-ai तर्कशास्त्र तथा कृत्रिम बुद्धिमत्ता थोमसन रिचमंड कृत्रिम बुद्धिमत्ता. बीबीसी रेडियो ४ पर जॉन एगर, एलिसन ऐडम तथा इगोर अलेक्ज़ैण्डर के साथ परिचर्चा (इन आवर टाइम, ८ दिसम्बर २००५ ई॰ / मार्गशीर्ष शुक्ल पक्ष, संवत् २०६२)। भारत में कृत्रिम बुद्धिमत्ता से सम्बद्ध शेयर्स — २०२४ में श्रेष्ठ ए॰आई॰ निवेश विकल्प। में बेहतरीन AI शेयर्स https://web.archive.org/web/20250825222718/https://www.thestockbeat.in/2024/08/ai-stocks-in-india-2024-ai.html 25 अगस्त 2025 श्रेणी:कृत्रिम बुद्धिमत्ता श्रेणी:साइबरनेटिक्स श्रेणी:रूपबद्ध विज्ञान श्रेणी:समाज में प्रौद्योगिकी श्रेणी:बोध