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411 समाचार
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411 REFERENCE · Wikipedia

ताज अल-दीन अल-सुब्की

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ताज अल-दीन अल-सुब्की تاج الدين السبكي ar تاج الدين السبكي.png ताज अल-दीन अल-सुब्की का अरबी सुलेख (कैलीग्राफी) में नाम इस्लाम शाफ़ई (न्यायशास्त्र) अशअरी (धर्मशास्त्र) सुन्नी, सूफी अबू नस्र 'अब्द अल-वहाब इब्न 'अली इब्न 'अब्द अल-काफी अल-सुब्की 1327 ई. (727 हिजरी) काहिरा, मिस्र (मामलुक सल्तनत) 1370 ई. (771 हिजरी) दमिश्क, सीरिया तबाक़ात अल-शाफ़िया अल-कुबरा शेख अल-इस्लाम, कादी अल-कुदात (मुख्य न्यायाधीश) मध्यकालीन इस्लामी युग ताज अल-दीन अल-सुब्की (تاج الدين السبكي; 1327–1370 ईस्वी), जिन्हें आमतौर पर ताजुद्दीन अल-सुब्की भी कहा जाता है, 14वीं शताब्दी के एक प्रमुख सुन्नी इस्लामी विद्वान, न्यायविद (फ़क़ीह), हदीस विशेषज्ञ और मुख्य न्यायाधीश थे। वे शाफ़ई (Shafi'i) विचारधारा और अशअरी (Ash'ari) धर्मशास्त्र के सबसे प्रभावशाली विद्वानों में से एक माने जाते हैं।The encyclopaedia of Islam. 9: San - Sze 1997 https://en.wikipedia.org/wiki/Special:BookSources/9004104224 Bosworth Clifford Edmund Brill 978-90-04-10422-8 2026-03-09Schacht Joseph Bosworth, C.E. 1995 Al-Subkī Encyclopedia of Islam IX Leiden E. J. Brill 744–745 उन्हें इस्लामी इतिहास में विशेष रूप से उनकी ऐतिहासिक और जीवनी संबंधी उत्कृष्ट कृति तबाक़ात अल-शाफ़िया अल-कुबरा (शाफ़ई विद्वानों का वृहद विश्वकोश) के लिए जाना जाता है, जो इस्लामी न्यायशास्त्र के इतिहास का एक अत्यंत महत्वपूर्ण स्रोत है।Brockelmann Carl 1902 Geschichte der arabischen Litteratur de 2 E. Felber Berlin 89The encyclopedia of Taj al-Din al-Subki https://www.marefa.org/%D8%AA%D8%A7%D8%AC_%D8%A7%D9%84%D8%AF%D9%8A%D9%86_%D8%A7%D9%84%D8%B3%D8%A8%D9%83%D9%8A Marefa.org ar प्रारंभिक जीवन और शिक्षा ताज अल-दीन का जन्म 1327 ईस्वी (727 हिजरी) में मिस्र की राजधानी काहिरा में हुआ था। वे विद्वानों के एक बहुत ही कुलीन और प्रतिष्ठित परिवार से संबंध रखते थे। उनके पिता, तकियुद्दीन अल-सुब्की (Taqi al-Din al-Subki), अपने समय के एक महान न्यायविद, धर्मशास्त्री और दमिश्क के मुख्य न्यायाधीश थे।https://books.google.co.in/books?id=RwPnCAAAQBAJ&redir_esc=y THE BIOGRAPHIES OF THE ELITE LIVES OF THE SCHOLARS, IMAMS & HADITH MASTERS ताज अल-दीन ने अपनी प्रारंभिक शिक्षा अपने पिता के मार्गदर्शन में प्राप्त की और बहुत कम उम्र में ही इस्लामी विज्ञान (विशेषकर हदीस, उसूल अल-फ़िक़्ह, और अरबी व्याकरण) में गहरी निपुणता हासिल कर ली। बाद में उनका परिवार दमिश्क (सीरिया) चला गया, जहाँ उन्होंने अल-मिज़ी (Al-Mizzi) और अल-ज़हबी (Al-Dhahabi) जैसे तत्कालीन महान हदीस विद्वानों और इतिहासकारों से शिक्षा ग्रहण की।Al-Shuaibi Thamer Abdullah Dawood Salman 17 June 2020 Imam Taj al-Din al - Subki and his Method of Hadiths Authentication PalArch's Journal of Archaeology of Egypt / Egyptology 17 6 University of Anbar 3–4 करियर, सुधारवादी दृष्टिकोण और प्रभाव अपने पिता के निधन के बाद, ताज अल-दीन अल-सुब्की को दमिश्क के 'कादी अल-कुदात' (मुख्य न्यायाधीश) के प्रतिष्ठित पद पर नियुक्त किया गया। उन्होंने सीरिया के कई प्रमुख मदरसों और उमय्यद मस्जिद में अध्यापन कार्य भी किया। वे अपने युग के सबसे बड़े विद्वानों में से एक थे और उनके ज्ञान व न्याय के कारण उन्हें 'शेख अल-इस्लाम' की उपाधि से सम्मानित किया गया था। न्यायशास्त्र (फ़िक़्ह) के अलावा, वे हदीस के मूल्यांकन (Hadith Authentication) में भी अत्यधिक कठोर और विश्लेषणात्मक थे। उन्होंने कई कमज़ोर और मनगढ़ंत हदीसों की आलोचना की और इस्लामी न्यायशास्त्र में तार्किक और प्रामाणिक दृष्टिकोण को बढ़ावा दिया।Al-Shuaibi Thamer Abdullah Dawood Salman 17 June 2020 Imam Taj al-Din al - Subki and his Method of Hadiths Authentication PalArch's Journal of Archaeology of Egypt / Egyptology 17 6 University of Anbar 10 उन्होंने समाज में सुधार लाने के लिए कई बौद्धिक प्रयास किए, जिसे आधुनिक शोधकर्ताओं ने उनके "सुधारवादी दृष्टिकोण" (Reformist vision) के रूप में चिन्हित किया है।Al-Talfah Abdel Moein Ibn al-Subki and his reformist vision https://www.aljazeera.net/blogs/2023/5/25/%D8%A7%D8%A8%D9%86-%D8%A7%D9%84%D8%B3%D8%A8%D9%83%D9%8A-%D9%88%D8%B1%D8%A4%D9%8A%D8%AA%D9%87-%D8%A7%D9%84%D8%A5%D8%B5%D9%84%D8%A7%D8%AD%D9%8A%D8%A9 aljazeera.net ar अल-सुब्की सूफीवाद (Sufism) के भी समर्थक थे और महान सूफी दार्शनिक इब्न अरबी के रक्षक माने जाते थे। अशअरी अकीदे (धर्मशास्त्र) के प्रबल समर्थक होने के नाते, उन्होंने इसके बचाव में कई तर्क दिए।Sa'im Mustafa (Professor Dr.) 2000 Introduction to the investigation on the Famous Sword in Explanation of the Doctrine of Abu Mansur Marmara University Turkey 5–6 हालाँकि, अपनी स्पष्टवादिता और बौद्धिक कठोरता के कारण उनके कई समकालीन विद्वानों के साथ गहरे वैचारिक मतभेद भी रहे। विशेष रूप से, उन्होंने इब्न तैमिया (Ibn Taymiyyah) और इब्न हज़्म (Ibn Hazm) जैसे विद्वानों के विचारों की कड़ी आलोचना की थी।https://en.wikipedia.org/wiki/Special:BookSources/978-90-04-23424-6 Ibn Ḥazm of Cordoba: the life and works of a controversial thinker 2013 Brill 978-90-04-23424-6 Adang Camilla Handbook of Oriental studies. Section 1, the Near and Middle East Leiden ; Boston Fierro Ma Isabel Schmidtke Sabine महिलाओं के अधिकारों और समाज में उनकी भूमिका पर भी उनके विचार तत्कालीन मामलुक समाज में काफी चर्चित रहे।Berkey Jonathan P. Saleh Marlis J. 2010 Al-Subkī and His Women Mamluk Studies Review 14 University of Chicago 8 प्रमुख रचनाएँ ताज अल-दीन अल-सुब्की एक अत्यंत विपुल लेखक थे। उन्होंने न्यायशास्त्र, हदीस, इतिहास और धर्मशास्त्र पर कई महत्वपूर्ण ग्रंथ लिखे। उनकी कुछ प्रमुख रचनाएँ निम्नलिखित हैं: तबाक़ात अल-शाफ़िया अल-कुबरा (Tabaqat al-Shafi'iyya al-Kubra): यह उनकी सबसे महान कृति है। यह कई खंडों का एक विशाल विश्वकोश है जिसमें इमाम अल-शाफ़ई के समय से लेकर 14वीं शताब्दी तक के सभी प्रमुख शाफ़ई विद्वानों की जीवनियाँ और उनके वैचारिक योगदान दर्ज हैं। जम् अल-जवामी' (Jam' al-Jawami'): यह इस्लामी न्यायशास्त्र के सिद्धांतों (उसूल अल-फ़िक़्ह) पर एक संक्षिप्त लेकिन अत्यंत जटिल और महत्वपूर्ण ग्रंथ है। बाद के कई विद्वानों ने इस पर विस्तृत टिप्पणियाँ लिखी हैं। मुईद अल-निआम वा मुबीद अल-निक़ाम (Mu'id al-Ni'am wa Mubid an-Niqam): यह नैतिकता, समाज सुधार और ईश्वरीय अनुग्रह पर आधारित एक प्रसिद्ध ग्रंथ है।http://archive.org/details/kitbmudanniamwa00myhrgoog Kitāb muʻīd an-niʻam wa-mubīd an-niqam: The restorer of favours and the restrainer of chastisements Subkī Tāj al-Dīn ʻAbd al-Wahhāb ibn ʻAlī Myhrman David Vilhelm 1908 London, Luzac University of California मृत्यु ताज अल-दीन अल-सुब्की का निधन 1370 ईस्वी (771 हिजरी) में मात्र 44 वर्ष की आयु में दमिश्क में हुआ। उनके बौद्धिक योगदान ने शाफ़ई विचारधारा और अशअरी धर्मशास्त्र को गहराई से आकार दिया, और उनका प्रभाव आज भी इस्लामी शैक्षणिक संस्थानों में महसूस किया जाता है।Haddad Gibril Fouad 2 May 2015 The Biographies of the Elite Lives of the Scholars, Imams & Hadith Masters As-Sunnah Foundation of America 276 सन्दर्भ 30em बाहरी कड़ियाँ विकिडाटा पर ताज अल-दीन अल-सुब्की (Q12201802) अंग्रेजी विकिपीडिया पर ताज अल-दीन अल-सुब्की श्रेणी:1327 में जन्मे लोग श्रेणी:1370 में निधन श्रेणी:शाफ़ई श्रेणी:सूफी श्रेणी:मुस्लिम इतिहासकार श्रेणी:इस्लामी विद्वान श्रेणी:मिस्र के लोग श्रेणी:दमिश्क के लोग श्रेणी:2026 विकि लव्ज़ रमजान प्रतियोगिता के लेख