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411 समाचार
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मुराद चतुर्थ

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मुराद चतुर्थمراد رابع उस्मानिया साम्राज्य के सुल्तानक़ैसर-ए-रूमख़ादिम उल हरमैन अश्शरीफ़ैनइस्लाम के ख़लीफ़ा IV. Murat.jpg बख़्तरबंद हुए मुराद का चित्रण 17वें उस्मानी सुल्तान (पादिशाह) 10 सितम्बर 1623 – 8 फ़रवरी 1640 मुस्तफ़ा प्रथम कौसम सुल्तान(1623–1632) इब्रहीम 1612 07 27 yes क़ुस्तुंतुनिया, उस्मानिया 1640 02 08 1612 07 27 yes क़ुस्तुंतुनिया, उस्मानिया अहमद प्रथम का तुरबा, सुल्तान अहमद मस्जिद, इस्तांबुल आयशा सुल्तानसनावबर ख़ातूनएक और बीवी (सम्भवतः) नीचे देखें मुराद बिन अहमद उस्मानी राजवंश शाही ख़ानदान अहमद प्रथम क़ौसम सुल्तान तुग़रा सुन्नी इस्लाम Tughra of Murad IV.svg मुराद चतुर्थ (مراد رابع, मुराद-ए राबीʿ; 26/27 जुलाई 1612 – 8 फ़रवरी 1640) 1623 से 1640 तक उस्मानिया साम्राज्य के सुल्तान रहे। उन्होंने राज्य पर सुल्तान के शासन की पुनःस्थापना की थी और उन्हें अपने गतिविधियों की क्रूरता के लिए जाने जाते हैं। उनका जन्म क़ुस्तुंतुनिया में हुआ था। वे सुल्तान अहमद प्रथम (दौर: 1603–17) और यूनानी मूल की कौसम सुल्तान के पुत्र थे।Finkel Caroline Osman's Dream: The Story of the Ottoman Empire, 1300-1923 https://archive.org/details/osmansdreamstory0000fink New York Basic Books 2005 197 978-0-465-02396-7 उनके चाचा मुस्तफ़ा प्रथम (दौर: 1617–18, 1622–23) को सुल्तान के पद से निकालने की साज़िश कामयाब होने के बाद मुराद चतुर्थ तख़्त पर आसीन हुए। उस वक़्त उनकी उम्र सिर्फ़ 11 साल की थी। उनके दौर में उस्मानी-सफ़वी युद्ध (1623–39) हुआ, जिसके नतीजे में संपूर्ण क़फ़क़ाज़ क्षेत्र दोनों साम्राज्यों के दरमियान विभाजित हुआ। इस विभजन ने लगभग वर्तमान तुर्की-ईरान-इराक़ देशों की सरहदों की नींव रखी। जीवनी thumbnail|भोजन करते हुए मुराद चतुर्थ का उस्मानी लघुचित्र शुरुआती दौर (1623–32) मुराद चतुर्थ के शुरुआती दौर में इनके परिवारवालों ने राज्य की तमाम राजनैतिक कार्यों को सम्भाला। ख़ासकर उनकी माँ कौसम सुल्तान जो वास्तविक तौर पर हुकूमत चलाती थी। साम्राज्य कई मुसीबतों में डूब गया; सफ़वी साम्राज्य ने इराक़ पर आक्रमण किया, उत्तरी अनातोलिया में बग़ावत हुई, और 1631 में जाँनिसारियों ने राजमहल पर हमला करके वज़ीरेआज़म का क़तल कर दिया। मुराद चतुर्थ घबरा रहे थे कि उनके अन्त बिलकुल अपने बड़े भाई उस्मान द्वितीय का अंत जैसा होगा, इसलिए उन्होंने फ़ैसला लिया कि वे अपने पद की राजनैतिक शक्ति का इस्तेमाल करेंगे और कि वे एक हक़ीक़ी बादशाह की तरह राज करेंगे। 1628 में, 16 साल की उम्र में उनके हुकम पर उनके बहनोई (उनकी बहन फ़ातिमा सुल्तान का पति) और मिस्र के पूर्व सूबेदार कारा मुस्तफ़ा पाशा का क़तल किया गया क्योंकि सुल्तान के मुताबिक़ वज़ीर के कृत्य "अल्लाह के क़ानून के विरुद्ध" था।Accounts and Extracts of the Manuscripts in the Library of the King of France https://books.google.com/books?id=_WJFAAAAYAAJ&pg=PA51 2 1789 R. Faulder 51 The sultan Morad put him to death in the year 1037 [AH], for some action which was contrary to the law of God. 9 दिसंबर 2017 https://web.archive.org/web/20160629162736/https://books.google.com/books?id=_WJFAAAAYAAJ&pg=PA51 29 जून 2016 live निरंकुश शासन और शाही नीति (1632–40) मुराद चतुर्थ ने पिछले शासकों के शासनकालों में उत्पन्न हुए भ्रष्टाचार को कम करने की कोशिश की थी। मुराद चतुर्थ ने इस्तांबुल में शराब, तंबाकू और कॉफ़ी पर भी पाबन्दी लगा दी।http://accidentalhedonist.com/food-stories-the-sultans-coffee-prohibition/ Food Stories: The Sultan's Coffee Prohibition Hopkins Kate 2006-03-24 2006-09-12 dead https://web.archive.org/web/20121120105621/http://accidentalhedonist.com/food-stories-the-sultans-coffee-prohibition/ 20 November 2012 इस पाबन्दी के उल्लंघन करने वालों की सज़ा मौत थी।Chasing the Scream: The First and Last Days of the War on Drugs https://archive.org/details/chasingscreamfir00joha Hari Johann Bloomsbury USA 2015 1620408902 262 इन्होंने रात में एक आम नागरिक के वेश में इस्तांबुल की सड़कों पर गश्त लगाते थे, कहा जाता है कि अपने हुकम के उल्लंघन करने वालों के सिर उन्होंने स्वयं कलम कर दिया था। A Short History of the Far East https://archive.org/details/in.ernet.dli.2015.150066 Davis William The Macmillan Company 1922 259–260 वे अपने सेराग्लियो महल की नदी के पास एक कियॉस्क में बैठे थे और किसी भी नाव जो अपने शाही यौगिक के क़रीब आया, उन्होंने उसपर तीर चलाया था। उन्होंने क़ानूनी नियमों को मृत्युदंड सहित बहुत सख़्त दंडों के साथ बहाल किया, उनके हुकम पर एक बार वज़ीरेआज़म का क़तल कर दिया गया क्योंकि उसने उसकी सास के साथ मारपीट की। इतिहासकारों का दावा है कि शराब पीने पर सख़्त पाबन्दियों लगाने के बावजूद, मुराद स्वयं आदत से बहुत शराब पीते थे।İnalcık Halil The Ottoman Empire : the classical age, 1300-1600 1989 Aristide D. Caratzas New Rochelle, N.Y. 0-89241-388-3 Imber, Colin 99 https://archive.org/details/ottomanempirecla0000inal/page/99Traian Stoianovich Balkan Worlds: The First and Last Europe https://books.google.com/books?id=kxKBMhz3e7AC&pg=PA57 1 January 1994 M.E. Sharpe 978-0-7656-3851-9 57 9 दिसंबर 2017 https://web.archive.org/web/20160429160826/https://books.google.com/books?id=kxKBMhz3e7AC&pg=PA57 29 अप्रैल 2016 live शफ़वी ईरान के साथ युद्ध मुराद चतुर्थ के दौर में उस्मानियों और सफ़वियों (अब फ़ारसियों) के बीच युद्ध हुआ। उस्मानियों ने अज़रबैजान, तबरेज़, हमदान और 1638 में बग़दाद पर क़ब्ज़ा कर लिया था। इसके बाद के ज़ुहाब में हुए उस्मानियों और सफ़वियों के बीच समझौते के मुताबिक़ अमासिया, पूर्वी आर्मेनिया, पूर्वी जॉर्जिया, अज़रबैजान और दाग़िस्तान के इलाक़ों को सफ़वियों के पास सौंपा गया जबकि पश्चिमी आर्मेनिया और पश्चिमी जॉर्जिया के इलाक़े उस्मानियों को सौंपा गया।https://books.google.nl/books?id=yED-aVDCbycC&pg=PA228&dq=ottoman+empire+western+armenia+safavid&hl=nl&sa=X&ei=9nyiVMrGHIzkap2JgKgM&ved=0CDYQ6AEwAw#v=onepage&q=ottoman%20empire%20western%20armenia%20safavid&f=false Genocide and the Modern Age: Etiology and Case Studies of Mass Death 2014-12-30 https://web.archive.org/web/20170729103410/https://books.google.nl/books?id=yED-aVDCbycC&pg=PA228&dq=ottoman+empire+western+armenia+safavid&hl=nl&sa=X&ei=9nyiVMrGHIzkap2JgKgM&ved=0CDYQ6AEwAw#v=onepage&q=ottoman%20empire%20western%20armenia%20safavid&f=false 29 जुलाई 2017 live मेसोपोटामिया भी उस्मानियों को सौंपा गया।Roemer (1989), p. 285 युद्ध के परिणामस्वरूप ये सरहदें तय की गईं थीं, और आज तुर्की, इराक़ और ईरान के बीच की मौजूदा सरहदें लगभग समान हैं। 1638 में बग़दाद की घेराबन्दी के दौरान, शहरवासी ने लगभग चालीस दिनों तक हार नहीं मानी। लेकिन जब शहरवासी हार माने के लिए मजबूर हुए, अक्रमणकारियों ने बड़ी संख्या में शहरवासियों का क़त्लेआम किया था, जबकि इन्होंने वादा किया कि वे ऐसा नहीं करेंगे। कहा जाता है कि मुराद ने हुकम दिया कि एक हज़ार क़ैदियों के सिरों को एक ही समय में कलम कर दिया जाना चाहिए। कहा जाता है कि इसके इस हुकम की तामील होने के दौरान मुराद को बहुत मज़ा आया। युद्ध के आख़री सालों में मुराद चतुर्थ ने स्वयं सेना की अगुवाई की, उन्होंने अपने आपको एक हुनरमन्द सेनापति साबित किया। वे सुलेमान प्रथम के बाद युद्धक्षेत्र में उतरने वाले तीसरे उस्मानी शासक थे। मुग़लिया सल्तनत के साथ सम्बन्ध 1626 में मुग़ल बादशाह जहाँगीर ने सफ़वियों के ख़िलाफ़ उस्मानियों और उज़्बेकियों के साथ सन्धि करने की इच्छा ज़ाहिर की क्योंकि सफ़वियों ने कंधार में मुग़लों को बुरी तरह से पराजित किए। उन्होंने उस्मानी सुल्तान मुराद चतुर्थ को पत्र लिखा लेकिन उनकी ये इच्छा उनके जीवनकाल में कभी हक़ीक़त नहीं बनने वाली थी। जहाँगीर के पुत्र तथा उत्तराधिकारी शाहजहाँ ने उस्मानियों के साथ सन्धि करने की कोशिश भी की थी। जब मुराद चतुर्थ बग़दाद में थे, उनकी मुग़ल बादशाह शाहजहाँ के दो राजदूतों, मीर बरका और मीर ज़रीफ़, से मुलाक़ात हुई। मुराद चतुर्थ ने उन्हें बेहतरीन हथियार, ज़ीनें और क़फ़तान दिए और उन्होंने अपने सिपाहियों को बसरा के बंदरगाह तक मुग़लों के साथ जाने का हुकम दिया, जहाँ मुग़लों ने ठट्टा और आख़िरकार सूरत की यात्रा पर निकली।Mughal-Ottoman relations: a study of political & diplomatic relations between Mughal India and the Ottoman Empire, 1556-1748 Farooqi, N. R. 1989 Idarah-i Adabiyat-i Delli https://books.google.co.uk/books?id=uB1uAAAAMAAJ 2015-06-14 https://web.archive.org/web/20170729093356/https://books.google.co.uk/books?id=uB1uAAAAMAAJ 29 जुलाई 2017 live वास्तुकला मुराद चतुर्थ ने वास्तुकला को अहमियत दी और इनके दौर में बहुत सारे स्मारकों का निर्माण हुआ। 1635 में निर्मित बग़दाद कियॉस्क और 1638 में निर्मित रेवन कियॉस्क दोनों स्थानीय शैलियों के मुताबिक निर्मित हुई।Artan Tülay 2008 Questions of Ottoman Identity and Architectural History Arnold, Dana etal Rethinking Architectural Historiography London Routledge 85–109, page 98 978-0-415-36082-1 कवक सराय मंडप;Müller-Wiener Wolfgang 1988 Das Kavak Sarayı Ein verlorenes Baudenkmal Istanbuls Istanbuler Mitteilungen 38 363–376 मैदानी मस्जिद; बैराम दरवेश पाशा लोज, मज़ार, फ़ाउंटेन, और प्राइमरी स्कूल; और कोन्या में स्थित शराफ़ुद्दीन मस्जिद इनके दौर में निर्मित स्मारकों में गिने जाते हैं। मुराद चतुर्थ और मुग़ल बादशाह शाहजहाँ ने एक दूसरे के राज्यों को राजदूत भेजा। इस सिलसिले में मशहूर वास्तुविद् कोजा मीमार सिनान आग़ा के दो शिष्य ईसा मुहम्मद आफ़न्दी और इस्माइल आफ़न्दी मुग़लिया सल्तनत आए जहाँ उन्होंने ताजमहल का निर्माण करने में सहायता दी। परिवार जीवनसाथियाँ मुराद चतुर्थ की जीवनसाथियों के बारे में बहुत कम जानकारी है क्योंकि उनकी मृत्यु के बाद तख़्त संभालने के लिए उनके कोई जीवित पुत्र नहीं थे। एक शाही इंदराज के मुताबिक़ उनकी ख़ासकी आयशा सुल्तान थी। ये भी हो सकता है कि मुराद के महल में बहुत सारी कनीज़ें मौजूद थी http://www.radikal.com.tr/yazarlar/ayse-hur/elinde-tesbih-evinde-oglan-dudaginda-dua-1159964/ संग्रहीत प्रति 9 दिसंबर 2017 https://web.archive.org/web/20171130021548/http://www.radikal.com.tr/yazarlar/ayse-hur/elinde-tesbih-evinde-oglan-dudaginda-dua-1159964/ 30 नवंबर 2017 live पुत्र शहज़ादा अहमद (21 दिसम्बर 1628 – 1639); शहज़ादा नौमान (1628 – 1629); शहज़ादा औरख़ान (1629 – 1629); शहज़ादा हसन (मार्च 1631 – 1632); शहज़ादा सुलेमान (2 फ़रवरी 1632 – 1635); शहज़ादा महमद (8 अगस्त 1633 – 1640); शहज़ादा उस्मान (9 फ़रवरी 1634 – फ़रवरी 1634); शहज़ादा अलाउद्दीन (26 अगस्त 1635 – 1637); शहज़ादा सलीम (1637 – 1640); शहज़ादा अब्दुल हमीद (15 मई 1638 – 1638); पुत्रियाँ मुराद की तीन बेटियाँ थीं: काया सुल्तान उर्फ़ इस्मिहान (1633 – 1659),Mustafa Çağatay Uluçay Padişahların kadınları ve kızları 80–90 Ankara, Ötüken 2011Rhoads Murphey Studies on Ottoman Society and Culture, 16th-18th Centuries 214 Ashgate Publishing Company January 1, 2007 978-0-754-65931-0Hafiz Hueseyin Ayvansaray-i The Garden of the Mosques: Hafiz Hüseyin Al-Ayvansarayî's Guide to the Muslim Monuments of Ottoman Istanbul 10, 25 Brill 2000 978-9-004-11242-1Hafız Hüseyin Ayvansarayı̂ Ali Sâtı Süleyman Besîm Hadı̂katü'l-cevâmiʻ: İstanbul câmileri ve diğer dı̂nı̂-sivil miʻmârı̂ yapılar İşaret 2001 46 İsmihân Sultân bint-i Murâd Hân-ı Râbi' 978-9-753-50118-7Ahmet Kal'a Ahmet Tabakoğlu İstanbul su külliyâtı: Vakıf su defterleri : İlmühaber 4 (1856-1928) İstanbul Araştırmaları Merkezi 1999 76-7 merhume İsmi- hân Kaya Sultân tâbe serâhâ 978-9-758-21504-1 सफ़िया सुल्तान रुक़ैया सुल्तान ( - 1696) देहांत 1640 में, 27 सालों की उम्र में मुराद चतुर्थ की मौत लीवर सिरोसिस की वजह से हो गई।Selcuk Aksin Somel, Historical Dictionary of the Ottoman Empire, 2003, p.201 अफ़वाहों के मुताबिक़, मरने से पहले मुराद चतुर्थ ने अपने भाई इब्राहीम (दौर: 1640–48) के क़तल का हुकम दिया। यदि यह हुकम की तामील हुई, तो इसके नतीजे में उस्मानी वंश की समाप्ति हो जाती। लेकिन इनके इस कथित आख़री हुकम की तामील नहीं हुई।Barber Noel The Sultans https://archive.org/details/sultansbarb00barb 1973 Simon and Schuster New York 87 लोकप्रिय संस्कृति में टीवी धारावाहिक मुह्तेशेम यूज़्यिल: कॉव्सेम, जाआन एफ़े ने बालक मुराद की भूमिका निभाई और मेतिन अक्दुलगेर ने जवान सुल्तान मुराद की भूमिका निभाई।http://www.hurriyet.com.tr/muhtesem-yuzyil-kosemde-4-muradi-oynayan-metin-akdulger-kimdir-40292027 Muhteşem Yüzyıl Kösem'in 4. Murad’ı Metin Akdülger kimdir? 2017-11-06 tr https://web.archive.org/web/20171107024826/http://www.hurriyet.com.tr/muhtesem-yuzyil-kosemde-4-muradi-oynayan-metin-akdulger-kimdir-40292027 7 नवंबर 2017 live सन्दर्भ 30em स्रोत Roemer H. R. The Safavid Period The Cambridge History of Iran, Vol. 6: The Timurid and Safavid Periods 189–350 Cambridge University Press Cambridge 1986 0521200946 Roemer Necdet Sakaoğlu Bu mülkün kadın sultanları: Vâlide sultanlar, hâtunlar, hasekiler, kadınefendiler, sultanefendiler Oğlak Yayıncılık 2008 303 Sakaoğlu बाहरी कड़ियाँ Murad IV श्रेणी:उस्मानी साम्रज्य के सुल्तान श्रेणी:1612 में जन्मे लोग श्रेणी:1640 में निधन