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411 समाचार
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411 REFERENCE · Wikipedia

शराबी (1984 फ़िल्म)

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शराबी शराबी.jpg शराबी का पोस्टर सत्येन्द्र पाल प्रकाश मेहरा बप्पी लहरी प्रकाश मेहरा कादर ख़ान (संवाद) अमिताभ बच्चन, जयाप्रदा, ओम प्रकाश, प्राण लक्ष्मीकांत मेहरा 18 मई, 1984 भारत हिन्दी शराबी 1984 में बनी हिन्दी भाषा की नाट्य फिल्म है। यह प्रकाश मेहरा द्वारा निर्देशित है। अमिताभ बच्चन के साथ मेहरा की ये लगातार छठी फिल्म थी। भारत भूषण और रंजीत के अलावा प्राण और ओम प्रकाश के साथ अमिताभ बच्चन और जयाप्रदा ने मुख्य किरदार निभाया। संगीत बप्पी लहरी द्वारा रचित था। यह बॉक्स ऑफिस पर एक हिट बन गई। संक्षेप अमरनाथ (प्राण) एक बहुत अमीर व्यापारी है और अपने व्यापार को बढ़ाने के चक्कर में वो अपने एकलौते बेटे, विक्की कपूर (अमिताभ बच्चन) के लिए थोड़ा सा भी वक्त नहीं निकाल पाते रहता है। मुंशी फूलचन्द (ओम प्रकाश) उसका दोस्त रहता है और विक्की की देखरेख भी करते रहता है। अपने पिता की अनदेखी करने के कारण विक्की बचपन से ही शराबी बन जाता है। एक दिन विक्की की मुलाक़ात, मीना (जयाप्रदा) से होती है। वे दोनों एक दूसरे को प्यार करने लगते हैं। वहीं नटवर (रंजीत) बस किसी तरह विक्की से पैसे कमाना चाहते रहता है और उसके दिये उपहार की चोरी भी करते रहता है। उन्हें अलग करने के लिए नटवर एक योजना बनाता है और सभी को यकीन दिला देता है कि विक्की का किसी और लड़की के साथ संबंध है। अमरनाथ उस पर गुस्सा होता है और अपने जायदाद और घर से उसे बाहर कर देता है। उसके साथ साथ मुंशी भी घर से बाहर चले जाता है। वे दोनों सड़क के किनारे रात बिताते हैं और अगली सुबह मुंशी काम की तलाश में निकल जाता है, पर एक सड़क हादसे का शिकार हो जाता है और उसकी मौत हो जाती है। विक्की को एहसास होता है कि उसके शराबी होने के कारण मुंशी को काम पर जाना पड़ा और इस हादसे का शिकार होना पड़ा, वो शराब को छोड़ देता है। अब्दुल को पता चलता है कि उसका बेटा लापता है। नटवर उससे मिल कर उसे बताता है कि उसके बेटे का अपहरण हो चुका है और यदि वो उनकी मांग नहीं मानेगा तो वे उसके बेटे को नहीं छोड़ेंगे। इसके लिए उसे मीना को मारना पड़ेगा। अब्दुल उसे मीना की लाश दिखाता है और अपने बेटे को वापस ले जाता है। विक्की को मीना के मौत के बारे में पता चलता है तो वो नटवर से लड़ाई करता है, पर वो ये आरोप अब्दुल पर लगा देता है और कहता है कि उसने गोवर्धनदास के आदेश पर मीना की हत्या कर दी। वहीं, अमरनाथ को अपनी गलती का एहसास हो जाता है और वो विक्की को ढूंढने लगता है। गोवर्धनदास उसके जायदाद को अपने नाम कराने और अमरनाथ को मारने की योजना बनाने लगता है। विक्की को इस बारे में पता चलता है तो वो गोवर्धन और उसके गुंडों से लड़ने चले जाता है। विक्की के हाथ में नटवर गोली चला देता है, पर बाद में नटवर और गोवर्धनदास को अनवर गिरफ्तार कर लेता है। विक्की ने जितने लोगों की भी मदद की होती है, वे सभी विक्की की मदद करते हैं। जख्मी हुए विक्की और अमरनाथ के पास मीना को लाते हुए अब्दुल बोलता है कि विक्की ने उसके बेटे की मदद की थी, तो वो कैसे उसके प्यार को मार सकता था। अमरनाथ अपनी गलती को मानते हुए मीना का अपने परिवार में स्वागत करता है। अंत में विक्की एक गरीब बेघर लोगों के लिए मुंशी फूलचंद नगर नाम से घरों का निर्माण कराता है और इसी के साथ कहानी समाप्त हो जाती है। मुख्य कलाकार अमिताभ बच्चन — विक्की कपूर जयाप्रदा — मीना ओम प्रकाश — मुंशी फूलचन्द प्राण — अमरनाथ कपूर भारत भूषण — मास्टरजी चंद्रशेखर — वकील सक्सेना आशालता — श्रीमती कपूर जानकी दास — रुस्तम बंदूकवाला सत्येन्द्र कपूर — गोवर्धनदास सुरेश ओबेरॉय — अब्दुल दीपक पाराशर — इंस्पेक्टर अनवर रंजीत — नटवर ए के हंगल — मीना के पिता मुकरी — नत्थूलाल संगीत इस एल्बम का संगीत बप्पी लहरी द्वारा रचित है और सर्वश्रेष्ठ संगीत निर्देशक के लिए फिल्मफेयर पुरस्कार जीतने वाला उनका यह संगीत उनके महानतम कार्यों में से एक माना जाता है। एल्बम के सभी गाने हिट थे। किशोर कुमार ने सर्वश्रेष्ठ पार्श्व गायक के लिए अपना 7वां फिल्मफेयर पुरस्कार जीता। किशोर कुमार इस एल्बम के चार गीतों के लिए उस वर्ष के लिए अकेले ही नामित गायक थे जो कि आज तक एक रिकॉर्ड है। वह गीत थे: "दे दे प्यार दे", "इंतहा हो गई", "लोग कहते हैं", और "मंजिलें अपनी जगह है", आखिरी गीत के लिए उन्होंने अंतत पुरस्कार जीता। "लोग कहते हैं" जिसके लिये किशोर कुमार नामांकित किए गये, "मुझे नौलखा मंगा दे" का ही भाग है। इस भाग में केवल उन्होंने ही गायन किया है। गायक मुझे नौलखा मंगा दे आशा भोंसले, किशोर कुमार 10:56 अनजान मंजिलें अपनी जगह है किशोर कुमार 5:55 अनजान जहाँ मिल जायें चार यार किशोर कुमार, अमिताभ बच्चन 6:36 अनजान, प्रकाश मेहरा दे दे प्यार दे – पुरुष आशा भोंसले 4:29 अनजान दे दे प्यार दे – महिला किशोर कुमार 5:48 अनजान इंतहा हो गई इंतजार की किशोर कुमार, आशा भोंसले 8:53 अनजान, प्रकाश मेहरा नामांकन और पुरस्कार |- | rowspan="11"| 1985 | सत्येन्द्र पाल | फ़िल्मफ़ेयर सर्वश्रेष्ठ फ़िल्म पुरस्कार | |- | प्रकाश मेहरा | फ़िल्मफ़ेयर सर्वश्रेष्ठ निर्देशक पुरस्कार | |- | अमिताभ बच्चन | फ़िल्मफ़ेयर सर्वश्रेष्ठ अभिनेता पुरस्कार | |- | जयाप्रदा | फ़िल्मफ़ेयर सर्वश्रेष्ठ अभिनेत्री पुरस्कार | |- | बप्पी लहरी | फ़िल्मफ़ेयर सर्वश्रेष्ठ संगीतकार पुरस्कार | |- | किशोर कुमार ("मंजिलें अपनी जगह है") | फ़िल्मफ़ेयर सर्वश्रेष्ठ पार्श्व गायक पुरस्कार | |- | किशोर कुमार ("दे दे प्यार दे") | फ़िल्मफ़ेयर सर्वश्रेष्ठ पार्श्व गायक पुरस्कार | |- | किशोर कुमार ("इंतहा हो गई") | फ़िल्मफ़ेयर सर्वश्रेष्ठ पार्श्व गायक पुरस्कार | |- | किशोर कुमार ("लोग कहते हैं") | फ़िल्मफ़ेयर सर्वश्रेष्ठ पार्श्व गायक पुरस्कार | |- | अनजान ("मंजिलें अपनी जगह है") | फ़िल्मफ़ेयर सर्वश्रेष्ठ गीतकार पुरस्कार | |- | अनजान, प्रकाश मेहरा ("इंतहा हो गई") | फ़िल्मफ़ेयर सर्वश्रेष्ठ गीतकार पुरस्कार | |} बाहरी कड़ियाँ 0088099 शराबी श्रेणी:1984 में बनी हिन्दी फ़िल्म श्रेणी:बप्पी लाहिड़ी द्वारा संगीतबद्ध फिल्में श्रेणी:भारतीय रोमांटिक कॉमेडी-ड्रामा फ़िल्में