Skip to main content

  | मौसम…

411 समाचार
Public archive edition · Attributed source reporting with original dates · AI drafts are excluded

411 REFERENCE · Wikipedia

पियेर-सिल्वें फ़िय्योज़ा

Reference material by Wikipedia contributors. This retains its source identity and is not 411 news reporting.

पियेर-सिल्वें फ़िय्योज़ा Pierre-Sylvain Filliozat fr Vasundhara Kavali Filliozat.jpg फ़िय्योज़ा अपनी पत्नी वसुंधरा कावली के साथ 1936 02 15 y 2024 12 28 1936 02 15 y नोयी-सुर-सेन, फ़्रांस भारतविद्, संस्कृतशास्त्री एकोल प्रातिक दे ओत एतुद संस्कृत कविता, शैव साहित्य, भारतीय वास्तुकला वसुंधरा कावली फ़िय्योज़ा पद्म श्री (2024)शवालिये, लेजियों दोनोरशवालिये, ओर्द्र नासियोनाल दु मेरितकोमांदोर, ओर्द्र दे पाल्म अकादेमिक पियेर-सिल्वें फ़िय्योज़ा (fr Pierre-Sylvain Filliozat no; 15 फ़रवरी 1936 – 28 दिसंबर 2024) एक फ़्रांसीसी भारतविद् और संस्कृत के ख्यात विद्वान थे। उन्होंने पेरिस में एकोल प्रातिक दे ओत एतुद (fr École pratique des hautes études no) में संस्कृत के प्राध्यापक थे और उन्हें संस्कृत विद्वत्ता में उनके योगदान के लिए भारत का पद्म श्री से सम्मानित किया गया।https://www.pib.gov.in/PressReleasePage.aspx?PRID=1999790 Padma Awards 2024 announced 25 January 2024 Press Information Bureau Ministry of Information and Broadcasting, Government of India 25 June 2025 प्रारंभिक जीवन और शिक्षा पियेर-सिल्वें फ़िय्योज़ा का जन्म 15 फ़रवरी 1936 को फ़्रांस के नोयी-सुर-सेन नगर में हुआ। उनके पिता ख्यात फ़्रांसीसी भारतविद् जाँ फ़िय्योज़ा थे, जो पुदुच्चेरी फ़्रांसीसी संस्थान के संस्थापक थे।Prof. Pierre‑Sylvain Filliozat https://www.padmaawards.gov.in/Document/pdf/CitationsForTickets/2024/202453.pdf Ministry of Home Affairs 25 June 2025 पियेर ने 1959 को संस्कृत और हिन्दी में डिग्री प्राप्त की और 1962 को पेरिस में अपनी पीएचडी पूरी की। उनका ध्यान 13वीं शताब्दी की कविता प्रतापरुद्रीय पर था।Menon Anasuya Paninian from Paris https://www.thehindu.com/features/friday-review/interview-with-dr-pierre-sylvain-filliozat/article6639706.ece 27 November 2014 The Hindu 25 June 2025 अकादमिक कार्य 1963 और 1967 के बीच, फ़िय्योज़ा ने पुदुच्चेरी में फ़्रांसीसी सुदूर पूर्व विद्यालय के साथ काम किया। 1967 से 2004 तक, वह एकोल प्रातिक दे ओत एतुद के अध्यक्ष थे। वह अक्सर भारत की यात्रा करते थे, जहाँ वह संस्कृत पंडितों और मैसूर एवं पुदुच्चेरी में शोध करते थे।Sanskrit and Europe Have Deep Affinity https://starofmysore.com/sanskrit-and-europe-have-deep-affinity-dr-pierre-sylvain-filliozat/ Star of Mysore 29 January 2024 25 June 2025 उन्होंने संस्कृत व्याकरण, भाषाशास्त्र, पुरालेख, शैव परम्पराओं, और मंदिर वास्तुकला पर 20 पुस्तकें और 250 लेखों प्रकाशित किया है। प्रकाशन "La syntaxe du nom en sanskrit" (1967) "Grammaire sanskrite" (लुई रनू के साथ) "प्रतापरुद्रीय" (विद्यानाथ रचित) का संस्करण "तंत्रलोक" (अभिनवगुप्त रचित) के आलोचनात्मक संस्करण और अनुवाद शैव आगमों और दक्षिण भारतीय मंदिर वास्तुकला पर अनेक रचनाएँ संदर्भ श्रेणी:२०२४ में निधन श्रेणी:1936 में जन्मे लोग श्रेणी:Articles with hCards श्रेणी:फ़्रांसीसी भारतविद्