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घूर्णन
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right|thumb|अपने अक्ष पर पृथ्वी की घूर्णन
right|thumb|तीन छल्लों का घूर्णन
घूर्णन या घूर्ण गति एक केन्द्रीय रेखा (घूर्णन अक्ष) के परितः किसी वस्तु की वृत्तीय गति है। एक समतल आकृति एक लम्बवत् अक्ष के परितः दक्षिणावर्त या वामावर्त दिशा में घूम सकती है, जो घूर्णन के केन्द्र पर आकृति के अन्दर या बाहर कहीं भी प्रतिच्छेद करती है। एक ठोस आकृति में एक स्थिराक्ष के परितः घूर्णन के विपरीत, अस्थिर घूर्णन (मनमानी अभिविन्यासों के मध्य) सहित संभावित अक्षों और घूर्णन के कोणों की अनन्त संख्या होती है।
पिण्ड के संहति-केन्द्र से गुजरने वाली अन्तरक्ष के साथ घूर्णन के विशेष मामले को चक्रण (या स्वघूर्णन) के रूप में जाना जाता है। उस स्थिति में, अन्तश्चक्रण अक्ष के सतह प्रतिच्छेदन को ध्रुव कहा जा सकता है; उदाहरणार्थ, पृथ्वी की घूर्णन भौगोलिक ध्रुवों को परिभाषित करता है। किसी पूर्ण बाह्य अक्ष के परितः घूर्णन को परिक्रमण और गतिपथ को कक्षा कहा जाता है, उदाहरणार्थ सूर्य के परितः पृथ्वी की परिक्रमण। परिक्रमण के बाह्याक्ष के सिरों को कक्षीय ध्रुव कहा जा सकता है।https://books.google.com.br/books?id=BvSOdG0UwysC&pg=PA28 Metaphors & Analogies: Power Tools for Teaching Any Subject Wormeli Rick 2009 Stenhouse Publishers 978-1-57110-758-9 en
किसी भी प्रकार का घूर्णन सम्बन्धित प्रकार के कोणीय वेग (चक्रण कोणीय वेग और कक्षीय कोणीय वेग) और कोणीय संवेग (चक्रण कोणीय गति और कक्षीय कोणीय गति) में शामिल होता है।
स्थानान्तरण और घूर्णन की तुलना
निम्नलिखित सारणी में स्थानान्तरण (ट्रान्सलेशन) तथा घूर्णन गतियों से सम्बन्धित राशियों एवं समीकरणों की तुलना की गयी है। दोनों के समीकरणों में समानता देखी जा सकती है॥
स्थानान्तरण गति घूर्नन गति स्थिति सदिश: कोणीय विस्थापन या मैट्रिक्स: वेग: कोणीय वेग: त्वरण: कोणीय त्वरण: द्रव्यमान: (अदिश) जड़त्वाघूर्ण टेंसर: (विशेष स्थिति में अदिश जड़त्वाघूर्ण ) बल: बलाघूर्ण: संवेग: कोणीय संवेग: संवेग परिवर्तन (आवेग): कोणीय संवेग परिवर्तन : गतिज ऊर्जा: घूर्णन की गतिज ऊर्जा: कार्य: घूर्णन गति में कार्य: शक्ति: घूर्णन गति में शक्ति: गति के समीकरण संवेग परिवर्तन की दर लगाये गये बल के बराबर होती है।: कोणीय संवेग परिवर्तन की दर लगाये गये बलाघूर्ण के बराबर होती है।:यदि द्रव्यमान नियत हो तो (न्यूटन की गति का दूसरा नियम):यदि जड़त्वाघूर्ण नियत हो तो :
भौतिकी
घूर्णन की गति कोणीय आवृत्ति (रेड/एस) या आवृत्ति (प्रति समय मोड़) अथवा आवर्तकाल (सेकंड, दिन, आदि) द्वारा दी जाती है। कोणीय आवृत्ति के परिवर्तन की समय-दर कोणीय त्वरण (आरएडी/एस2) है जो बलाघूर्ण के कारण होता है। बलाघूर्ण τ का कोणीय त्वरण α का अनुपात जड़ता के क्षण द्वारा दिया जाता हैः
इन्हें भी देखें
घूर्णन अक्ष
घूर्णन काल
स्थानांतरी गति
सरल आवर्त गति
सन्दर्भ
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श्रेणी:भौतिकी