Skip to main content

  | मौसम…

411 समाचार
Public archive edition · Attributed source reporting with original dates · AI drafts are excluded

411 REFERENCE · Wikipedia

अरीठा

Reference material by Wikipedia contributors. This retains its source identity and is not 411 news reporting.

Sapindus marginatus.jpg Sapindus marginatus shrubs Plantae Angiosperms Eudicots Rosids Sapindales Sapindaceae Sapindoideae Sapindus L. Dittelasma Hook.f.http://www.ars-grin.gov/cgi-bin/npgs/html/genus.pl?10707 Genus: Sapindus L. Germplasm Resources Information Network United States Department of Agriculture 2007-10-05 2010-01-13 14 जनवरी 2009 https://web.archive.org/web/20090114235427/http://www.ars-grin.gov/cgi-bin/npgs/html/genus.pl?10707 dead Sapindus saponaria L.http://www.tropicos.org/Name/40029469 Sapindus L. TROPICOS Missouri Botanical Garden 2010-01-13 Species See text right|thumb|300px|अरीठा का वृक्ष right|thumb|300px|अरीठा का फल और उसकी आन्तरिक रचना रीठा या अरीठा (soap nut) एक वृक्ष है जो लगभग हरजगह भारतवर्ष में पाया जाता है। इसके पत्ते गूलर के पत्तों से बड़े, छाल भूरी तथा फल गुच्छों में होते हैं। इसकी दो जातियाँ हैं। पहली सापीन्दूस् मूकोरोस्सी (Sapindus Mukorossi) और दूसरी सापीन्दूस् त्रीफ़ोल्यातूस् (Sapindus Trifoliatus)। सापीन्दूस् मूकोरोस्सी के जंगली पेड़ हिमालय के क्षेत्र में अधिक पाये जाते जाते हैं। इसके अतिरिक्त उत्तर भारत में तथा आसाम आदि में लगाये हुए पेड़ बाग-बगीचों में या गांवों के आसपास पाये जाते हैं। इसके फलों को पानी में भिगोने और मथने से फेन उत्पन्न होता है और इससे सूती, ऊनी तथा रेशमी सब प्रकार के कपड़े तथा बाल धोए जा सकते हैं। आयुर्वेद के मत में यह फल त्रिदोषनाशक, गरम, भारी, गर्भपातक, वमनकारक, गर्भाशय को निश्चेष्ट करनेवाला तथा अनेक विषों का प्रभाव नष्ट करेनवाला है। संभवत: वमनकारक होने कारण ही यह विषनाशक भी है। वमन के लिए इसकी मात्रा दो से चार माशे तक बताई जाती है। फल के चूर्ण के गाढ़े घोल की बूंदोंको नाक में डालने से अधकपारी, मिर्गी और वातोन्माद में लाभ होना बताया गया है। सापीन्दूस् त्रीफ़ोल्यातूस् के पेड़ दक्षिण भारत में पाए जाते हैं, इसमें 3-3 फल एक साथ जुड़े होते हैं। इसके फलों की आकृति वृक्काकार होती है और अलग होने पर जुड़े हुए स्थान पर हृदयाकार चिह्न पाया जाता है। ये पकने पर लालिमा लिए भूरे रंग के होते हैं। दूसरे प्रकार के वृक्ष से प्राप्त बीजों से तेल निकाला जाता है, जो औषधि के काम आता है। इस वृक्ष से गोंद भी मिलता है। बाहरी कड़ियाँ रीठा (हेल्थ ऐण्ड थिरैपी) Flora of China: Sapindus species list संदर्भ श्रेणी:वृक्ष