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411 समाचार
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411 REFERENCE · Wikipedia

आऐपिटस (उपग्रह)

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thumb|right|कैसीनी यान से ली गयी आऐपिटस की तस्वीर जिसमें इसके दो अलग-अलग रंग वाले भाग साफ़ नज़र आ रहे हैं thumb|right|आऐपिटस की भूमध्य चट्टान का एक नज़दीकी चित्र आऐपिटस हमारे सौर मण्डल के छठे ग्रह शनि का तीसरा सब से बड़ा उपग्रह है। आऐपिटस सौर मण्डल के सारे उपग्रहों में से ग्यारहवाँ सब से बड़ा उपग्रह है। इसकी खोज १६७१ में इटली के खगोलशास्त्री जिओवान्नी कैसीनी ने की थी। आऐपिटस इस बात के लिए मशहूर है के उसके एक भाग का रंग काफ़ी हल्का है और दुसरे भाग का रंग बहुत ही गाढ़ा है। इस उपग्रह के ठीक मध्य रेखा में एक उठी हुई चट्टान देखी गयी है जो इस चाँद के आधे हिस्से तक चलती है। आऐपिटस का घनत्व काफ़ी कम है और वैज्ञानिक अनुमान लगते हैं के इसमें सिर्फ़ २०% पत्थर है और बाक़ी सब पानी की बर्फ़ है।Thomas, P. C. (July 2010). "Sizes, shapes, and derived properties of the saturnian satellites after the Cassini nominal mission" (PDF). Icarus 208 (1): 395–401. Bibcode:2010Icar..208..395T. doi:10.1016/j.icarus.2010.01.025. अन्य भाषाओं में आऐपिटस को अंग्रेज़ी में "Iapetus" लिखा जाता है। आऐपिटस प्राचीन यूनानी धार्मिक कथाओं का एक पात्र था। आकार आऐपिटस का व्यास (डायामीटर) लगभग १,४९० किमी है। तुलना के लिए पृथ्वी के चन्द्रमा का व्यास लगभग ३,४७० किमी है, यानि आऐपिटस से लगभग ढाई गुना। इसका आकार एक ध्रुवों से पिचके हुए गोले की तरह है और भूमध्य रेखा में थोड़ा सा मोटा है। इसी वजह से कुछ खगोलशास्त्री इसके आकार को अख़रोट जैसा बताते हैं।Roatsch, T.; Jaumann, R.; Stephan, K.; Thomas, P. C. (2009). "Cartographic Mapping of the Icy Satellites Using ISS and VIMS Data". Saturn from Cassini-Huygens. pp. 763–781. doi:10.1007/978-1-4020-9217-6_24. ISBN 978-1-4020-9216-9. दो रंग १७वी सदी में ही जिओवान्नी कैसीनी ने सही अंदाज़ा लगा लिया था के आऐपिटस का एक रुख़ गोरा है और एक काला। आऐपिटस के गढ़े रंग वाले क्षेत्र को अब "कैसीनी रॅजिओ" के नाम से बुलाया जाता है। माना जाता है के जो पदार्थ इस इलाक़े को उस का गाढ़ा रंग देते हैं वे धूमकेतुओं या अन्य किसी बाहरी वस्तुओं के ज़रिये इस उपग्रह पर आ गिरे थे। माना जाता है के इन पदार्थों में कार्बन के कुछ रसायन और हैड्रोजन सायनाइड मौजूद हैं। भूमध्य चट्टान दो रंगों के अलावा आऐपिटस की भू-मध्य चट्टान भी एक रहस्य है। यह १,३०० किमी लम्बी, औसतन २० किमी चौड़ी और औसतन १३ किमी ऊंची है। इसके कुछ हिस्से तो आसपास के मैदानों से २० किमी ऊपर उठते हैं। यह चट्टान सिर्फ़ गढ़े रंग वाले कैसीनी रॅजिओ क्षेत्र में मिलती है। यह चट्टान कैसे बनी, इसके तीन विचार हैं, लेकिन इनमें से कोई भी यह नहीं समझा पाता के यह सिर्फ़ गाढ़े रंग वाले हिस्से में क्यों है - कुछ वैज्ञानिक मानते हैं कि पहले आऐपिटस आज से अधिक गरम था और अपने घूर्णन अक्ष पर बहुत तेज़ी से घूम रहा था और इसका आकार और भी पिचका हुआ था। जैसे-जैसे यह ठंडा हुआ और धीरे हुआ, इसकी पिचकन कम हो गयी और इसका कुछ मलबा ध्रुवों की तरफ जाने लगा। लेकिन जैसे यह होता गया, भूमध्य का इलाका पहले ही ठंडा और सख्त हो चुका था इसलिए वह ज्यों-का-त्यों रहा और एक चट्टान के रूप में रह गया। अन्य वैज्ञानिक कहते हैं के आऐपिटस के मध्य में एक गहरी दरार पड़ गयी जिसे से बर्फ़ीला मलबा बहार उगला और फिर जमकर यह चट्टान बना गया। तीसरा गुट कहता है के आऐपिटस के पास शायद एक उपग्रही छल्ला था जो धीरे-धीरे इसपर गिरता रहा और इस उपग्रह के मध्य में यह ऊंची चट्टान की शृंखला छोड़ गया। इन्हें भी देखें शनि (ग्रह) शनि के प्राकृतिक उपग्रह बाहरी कड़ियाँ प्लेनॅटरी सोसाईटी का आऐपिटस पृष्ठ (अंग्रेज़ी में) सन्दर्भ श्रेणी:शनि के प्राकृतिक उपग्रह श्रेणी:हिन्दी विकि डीवीडी परियोजना