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411 REFERENCE · Wikipedia

चिरौंजी

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thumb|right|300px|चिरौंजी चिरौंजी या चारोली पयार या पयाल नामक वृक्ष के फलों के बीज की गिरी है जो खाने में बहुत स्वादिष्ट होती है। इसका प्रयोग भारतीय पकवानों, मिठाइयों और खीर व सेंवई इत्यादि में किया जाता है।http://pustak.org/bs/home.php?mean=29083 शब्द का अर्थ खोजें २१ मई २००९ भारतीय साहित्य संग्रहजून 2020 InternetArchiveBot चारोली वर्षभर उपयोग में आने वाला पदार्थ है जिसे संवर्द्धक और पौष्टिक जानकर सूखे मेवों में महत्वपूर्ण स्थान दिया गया है। चिरौंजी दो प्रकार की वस्तुओं को कहते हैं एक तो जो मंदिर में प्रसाद के रूप में चढ़ाई जाती है वह है चिरौंजी दाना। और दूसरी है वह मिलती है हमें एक वृक्ष के फलों की गुठली से। जो फलों की गुठली फोड़कर निकाली जाती है। जिसे बोलचाल की भाषा में पियाल, प्रियाल या फिर चारोली या चिरौंजी भी कहा जाता है। चारोली का वृक्ष अधिकतर सूखे पर्वतीय प्रदेशों में पाया जाता है। दक्षिण भारत, उड़ीसा, हिमाचल प्रदेश, मध्यप्रदेश, छोटा नागपुर आदि स्थानों पर यह वृक्ष विशेष रूप से पैदा होता है। इस वृक्ष की लंबाई तकरीबन ५० से ६० फीट के आसपास की होती है। इस वृक्ष के फल से निकाली गई गुठली को मींगी कहते हैं। यह मधुर बल वीर्यवर्द्धक, हृदय के लिए उत्तम, स्निग्ध, विष्टंभी, वात पित्त शामक तथा आमवर्द्धक होती है। जिसका सेवन रूग्णावस्था और शारीरिक दुर्बलता में किया जाता है। चारोली का यह पका हुआ फल भारी होने के साथ-साथ मधुर, स्निग्ध, शीतवीर्य तथा दस्तावार और वात पित्त, जलन, प्यास और ज्वर का शमन करने वाला होता है। इस वृक्ष के फल की गुठली से निकली मींगी और छाल दोनों मानवीय उपयोगी होती है।http://hindi.webduniya.com/miscellaneous/health/homeremedies/0902/15/1090215069_1.htm चारोली से पाएँ चमकदार सेहत २१ मई २००९ वेब दुनियाजून 2021 InternetArchiveBot चिरौंजी का उपयोग अधिकतर मिठाई में जैसे हलवा, लड्डू, खीर, पाक आदि में सूखे मेवों के रूप में किया जाता है। सौंदर्य प्रसाधनों में भी इसका उपयोग किया जाता है। सन्दर्भ yes श्रेणी:मेवा श्रेणी:हिन्दी विकि डीवीडी परियोजना