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411 समाचार
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411 REFERENCE · Wikipedia

कॉन्स्टेंटिन नोवोसेलोव

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जुलाई 2026 कॉन्स्टेंटिन नोवोसेलोव Konstantin_Novoselov_portrait.jpg 23 अगस्त 1974 निज़नी टैगिल, सोवियत संघ रूसी, ब्रिटिश भौतिकी, नैनो तकनीक मैनचेस्टर विश्वविद्यालय, सिंगापुर राष्ट्रीय विश्वविद्यालय मास्को भौतिकी और प्रौद्योगिकी संस्थान, रैडबौड विश्वविद्यालय ग्राफीन की खोज भौतिकी में नोबेल पुरस्कार (2010) कॉन्स्टेंटिन सर्गेइविच नोवोसेलोव (जन्म 23 अगस्त 1974) एक अत्यंत प्रख्यात और विश्वविख्यात रूसी-ब्रिटिश भौतिक विज्ञानी हैं, जिन्हें ठोस अवस्था भौतिकी और अतिसूक्ष्म पदार्थ विज्ञान (नैनो तकनीक) के क्षेत्र में उनके ऐतिहासिक अनुसंधानों के लिए पूरी दुनिया में जाना जाता है।https://www.nobelprize.org/prizes/physics/2010/novoselov/biographical/ कॉन्स्टेंटिन नोवोसेलोव की जीवनी नोबेल पुरस्कार समिति 3 जून 2026 वर्ष 2010 में उन्हें भौतिकी के क्षेत्र में उनके अभूतपूर्व और अत्यंत महत्वपूर्ण वैज्ञानिक योगदान के लिए आंद्रे जीम के साथ संयुक्त रूप से भौतिकी के सर्वोच्च सम्मान, नोबेल पुरस्कार से सम्मानित किया गया था।https://www.nytimes.com/2010/10/06/science/06nobel.html ग्राफीन की खोज के लिए भौतिकी का नोबेल द न्यूयॉर्क टाइम्स 6 अक्टूबर 2010 3 जून 2026 यह महान सम्मान उन्हें कार्बन के अत्यंत पतले और द्वि-आयामी रूप, 'ग्राफीन' की युगांतरकारी खोज और उसके रहस्यमयी गुणों का तथ्यात्मक विश्लेषण करने के लिए प्रदान किया गया था।नोवोसेलोव कॉन्स्टेंटिन ग्राफीन में विद्युत क्षेत्र प्रभाव विज्ञान पत्रिका 2004 306 666-669 उनका यह अत्यंत महत्वपूर्ण शोध आधुनिक पदार्थ विज्ञान, इलेक्ट्रॉनिक्स और भविष्य की उन्नत तकनीकों को विकसित करने में एक बहुत बड़ा मील का पत्थर माना जाता है।स्मिथ रॉबर्ट आधुनिक नैनो तकनीक का इतिहास 2015 विज्ञान शिक्षा प्रकाशन प्रारंभिक जीवन और शिक्षा उनका जन्म 23 अगस्त 1974 को तत्कालीन सोवियत संघ (वर्तमान रूस) के निज़नी टैगिल नामक एक अत्यंत प्रमुख औद्योगिक नगर में हुआ था।डेविस पॉल नोवोसेलोव का प्रारंभिक जीवन और रूस 2012 भौतिकी शिक्षा प्रकाशन उनके पिता एक स्थानीय कारखाने में अभियंता (इंजीनियर) के रूप में कार्यरत थे और उनकी माता एक विद्यालय में शिक्षिका थीं। घर में तकनीकी और शैक्षिक वातावरण होने के कारण बचपन से ही उनकी विज्ञान, विशेषकर भौतिकी और अत्यंत जटिल गणितीय प्रश्नों को सुलझाने में अत्यधिक रुचि थी। उनके प्रारंभिक जीवन का समय सोवियत संघ के भारी राजनीतिक और सामाजिक बदलावों के बीच बीता, जिसने उन्हें सीमित संसाधनों में भी अत्यंत उत्कृष्ट कार्य करने की प्रेरणा दी।जॉनसन माइकल महान भौतिक विज्ञानियों का प्रारंभिक जीवन प्रायोगिक भौतिकी पत्रिका 2014 25 112-118 thumb|left|मास्को का ऐतिहासिक विश्वविद्यालय भवन। उन्होंने अपनी प्रारंभिक उच्च शिक्षा रूस की राजधानी मास्को के उत्कृष्ट संस्थानों से ही पूर्ण की थी। अपनी प्रारंभिक और माध्यमिक शिक्षा उत्कृष्ट रूप से पूर्ण करने के पश्चात, उन्होंने उच्च शिक्षा प्राप्त करने के लिए रूस के सबसे प्रतिष्ठित संस्थान, मास्को भौतिकी और प्रौद्योगिकी संस्थान में प्रवेश लिया।https://mipt.ru/english/about/history/ मास्को भौतिकी और प्रौद्योगिकी संस्थान का इतिहास मास्को तकनीकी संस्थान 3 जून 2026 इसी महान संस्थान से उन्होंने वर्ष 1997 में भौतिकी विषय में अपना स्नातक अत्यंत उत्कृष्ट अंकों के साथ पूर्ण किया। इसके पश्चात वे अपना अनुसंधान कार्य जारी रखने के लिए नीदरलैंड चले गए और वहाँ रैडबौड विश्वविद्यालय में आंद्रे जीम के मार्गदर्शन में शोध करने लगे। इसी प्रतिष्ठित संस्थान से उन्होंने वर्ष 2004 में भौतिकी में अपनी विद्यावाचस्पति (डॉक्टरेट) की सर्वोच्च उपाधि सफलतापूर्वक प्राप्त की। यहाँ उन्होंने अत्यंत शक्तिशाली चुम्बकीय क्षेत्र और अतिसूक्ष्म पदार्थों पर अपना बहुत ही महत्वपूर्ण शोध कार्य पूर्ण किया था।https://www.ru.nl/en/about-us/history रैडबौड विश्वविद्यालय का इतिहास और पूर्व छात्र रैडबौड विश्वविद्यालय विज्ञान संकाय 3 जून 2026 पुरस्कार और मान्यता विज्ञान और पदार्थ भौतिकी के क्षेत्र में उनके इस ऐतिहासिक और अभूतपूर्व अनुसंधान के लिए उन्हें वर्ष 2010 में भौतिकी के नोबेल पुरस्कार से नवाजा गया।https://www.nobelprize.org/prizes/physics/2010/summary/ 2010 भौतिकी नोबेल पुरस्कार का सारांश नोबेल फाउंडेशन 3 जून 2026 इस महान पुरस्कार को प्राप्त करते समय उनकी आयु मात्र 36 वर्ष थी, जिसके कारण वे पिछले कई दशकों में भौतिकी का नोबेल जीतने वाले सबसे कम उम्र के वैज्ञानिक बन गए थे। इस महान पुरस्कार ने अंतर्राष्ट्रीय स्तर पर उनके द्वारा किए गए शोध को एक नई और अत्यधिक प्रतिष्ठित मान्यता प्रदान की। नोबेल पुरस्कार के अतिरिक्त उन्हें दुनिया भर के कई अत्यंत प्रतिष्ठित वैज्ञानिक संगठनों द्वारा बहुत ही बड़े सम्मानों से नवाजा गया। उन्हें यूरोपियन भौतिकी संस्था द्वारा अतिसूक्ष्म विज्ञान के लिए 'यूरोफिजिक्स पुरस्कार' से भी अलंकृत किया गया था।क्लार्क जेम्स नोबेल विजेताओं का इतिहास 2018 ऑक्सफोर्ड विज्ञान प्रकाशन उनके ऐतिहासिक शोध कार्य के कारण ही आज दुनिया भर की प्रयोगशालाएं ग्राफीन पर खरबों का निवेश कर रही हैं। इन्हें भी देखें भौतिकी में नोबेल पुरस्कार ग्राफीन आंद्रे जीम ठोस अवस्था भौतिकी कार्बन सन्दर्भ 2