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411 समाचार
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411 REFERENCE · Wikipedia

प्राण नाथ थापर

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General Pran Nath Thapar 200px Chief of the Army Staff (India) 8 May 1961 19 November 1962 General Kodendera Subayya Thimayya General JN Chaudhuri Indian Ambassador to Afghanistan August 1964 1 January 1969 1906 05 08 1975 01 23 1906 05 08 White Gates, Chhatarpur, New Delhi 23px British Indian EmpireIndia 23px British Indian ArmyIndia 1926 - 19 Nov 1962 20pxGeneral 20px 1st Punjab Regiment 20px Chief of Army Staff20px Western Army20px Southern Army161st Indian Infantry Brigade20px 1/1 Punjab World War IISino-Indian War Bimla Thapar Karan Thapar (Son)Shobha Thapar (Daughter)Premila Thapar (Daughter)Kiran Thapar (Daughter)Romila Thapar (Niece)Valmik Thapar (Great-Nephew) जनरल प्राण नाथ थापर (२३ मई, १९०६ - २३ जून, १९७५ )भारतीय सेना के पांचवे सेना प्रमुख थे ।B-R https://web.archive.org/web/20090302182750/http://www.bharat-rakshak.com/ARMY/Army-Chiefs/Chiefs-Army07.html 2009-03-02 व्यक्तिगत जीवन जनरल प्राण नाथ थापर का जन्म एक पंजाबी परिवार में हुआ था। वह लाहौर के दीवान बहादुर कुंज बिहारी थापर के सबसे छोटे बेटे थे । इतिहासकार रोमिला थापर उनकी भतीजी है और वे संरक्षक और बाघ विशेषज्ञ हैं, वाल्मिक थापर उनके भतीजे हैं। मार्च १९३६ में, थापर ने राय बहादुर बशीरम सहगल की सबसे बड़ी बेटी बिमला बशीराम से विवाह किया । वे राय बहादुर रामसरन दास की पोती थीं । बिमला थापर, गौतम सहगल की बहन थीं, जिनकी पत्नी नयनतारा सहगल ,विजयलक्ष्मी पंडित की बेटी थीं और जवाहरलाल नेहरू की भतीजी थीं। जनरल थापर और श्रीमती बिमला थापर के चार बच्चे थे, जिनमें से सबसे छोटे करण थापर हैं । करियर लाहौर के सरकारी कॉलेज से स्नातक होने के बाद, उन्होंने ४ फरवरी १९२६ को सेकण्ड लेफ्टिनेंट के रूप में रॉयल मिलिटरी कॉलेज, सैंडहर्स्ट में प्रशिक्षण लिया । वह के एस थिमाय्या के बैच के अफसर थे , जो बाद में चीफ ऑफ़ आर्मी स्टाफ बने । http://www.london-gazette.co.uk/issues/33130/pages/888 The London Gazette, 5 February 1926 5 मई 2018 https://web.archive.org/web/20140201124852/http://www.london-gazette.co.uk/issues/33130/pages/888 1 फ़रवरी 2014 live उन्होंने अगले कुछ वर्ष भारत में स्थित एक ब्रिटिश सेना की बटालियन में अपनी सेवाएं दी । १८ अप्रैल १९२७ को उन्हें औपचारिक रूप से भारतीय सेना में सेकंड लेफ्टिनेंट के रूप में नियुक्त किया गया। http://www.london-gazette.co.uk/issues/33296/pages/4721 The London Gazette, 22 July 1927 5 मई 2018 https://web.archive.org/web/20140201124756/http://www.london-gazette.co.uk/issues/33296/pages/4721 1 फ़रवरी 2014 live उन्हें ४ मई १९२८ को लेफ्टिनेंट पद पर पदोन्नत किया गया था। http://www.london-gazette.co.uk/issues/33396/supplements/4268 The London Gazette, 22 June 1928 5 मई 2018 https://web.archive.org/web/20140201124800/http://www.london-gazette.co.uk/issues/33396/supplements/4268 1 फ़रवरी 2014 live उन्होंने दूसरी बटालियन, १ पंजाब रेजिमेंट के साथ दस साल तक अपने कर्तव्यों का पालन किया और बाद में भारत के क्वेटा और इंग्लैंड में मिनली मनोर में स्टाफ पाठ्यक्रमों में भाग लिया। उन्हें ४ फरवरी १९३५ को कप्तान पद पर पदोन्नत किया गया था। http://www.london-gazette.co.uk/issues/34142/pages/1810 The London Gazette, 15 March 1935 5 मई 2018 https://web.archive.org/web/20140201124757/http://www.london-gazette.co.uk/issues/34142/pages/1810 1 फ़रवरी 2014 live उन्होंने १९४१ में दूसरे विश्व युद्ध के दौरान बर्मा में और बाद में मध्य पूर्व और इटली में सेवाए दी । अक्टूबर १९४२ तक उन्होंने एक ब्रिगेड मेजर के रूप में सेवा दी Indian Army List October 1942 फिर ४ फरवरी १९४३ को मेजर पद पर पदोन्नत किया गया, उन्हें १९४५ में सहायक सैन्य सचिव नियुक्त किया गया। उन्होंने १९४६ में इंडोनेशिया में प्रथम पंजाब रेजिमेंट के पहले बटालियन का नेतृत्व किया और बाद में १६१ भारतीय इन्फैंट्री ब्रिगेड के कमांडर के रूप में कार्य किया । भारत के विभाजन के दौरान थापर को सैन्य संचालन और खुफिया निदेशक के रूप में पूर्वी बंगाल में नियुक्त किया गया। नवंबर १९४७ में, उन्हें मेजर जनरल के पद पर पदोन्नत किया गया। उन्होंने कुछ महीनों के लिए चीफ ऑफ़ जनरल स्टाफ के रूप में कार्य किया और बाद में अगस्त १९४९ तक सैन्य सचिव के रूप में कार्य किया। उन्हें अगस्त १९४९ को मास्टर जनरल ऑफ़ ऑर्डनेंस नियुक्त किया गया। उन्होंने १९५४ तक चार साल तक एक इन्फैंट्री डिवीजन का नेतृत्व किया , १९५४ में कोर कमांडर के रूप में लेफ्टिनेंट जनरल पद पर पदोन्नत किया गया । उन्हें १९५५ में लंदन के इंपीरियल डिफेंस कॉलेज में प्रशिक्षण लेने के लिए चुना गया था। पाठ्यक्रम के सफल समापन के बाद, उन्हें दक्षिणी कमान का जनरल ऑफिसर कमांडिंग-इन-चीफ ]] नियुक्त किया गया। वह १९५९ में पश्चिमी कमान के जनरल ऑफिसर कमांडिंग-इन-चीफ बने। थापर ने ८ मई १९६१ को भारतीय सेना के चीफ ऑफ आर्मी स्टाफ के रूप में कार्यभार संभाला और १९ नवंबर १९६२ तक कार्य किया। वह राजपूताना राइफल्स के कर्नल भी थे http://www.london-gazette.co.uk/issues/36042/supplements/2579 The London Gazette, 4 June 1943 5 मई 2018 https://web.archive.org/web/20140201124753/http://www.london-gazette.co.uk/issues/36042/supplements/2579 1 फ़रवरी 2014 live । वह चीन-भारतीय युद्ध के दौरान भारतीय सेना के प्रमुख थे और युद्ध के दौरान निराशाजनक विफलता को अपना अपमान मानते हुए १९ नवंबर १९६२ में इस्तीफा दे दिया था। सेवानिवृत्ति पश्च्यात जीवन सेवानिवृत्ति के बाद, उन्हें अगस्त १९६४ से जनवरी १९६९ तक अफगानिस्तान में भारतीय राजदूत नियुक्त किया गया था। २३ जनवरी १९७५ को नई दिल्ली के छत्तीपुर में, व्हाइट गेट्स फ़ार्म पर उनकी मृत्यु हो गई थी। सम्मान एवं पदक 0 award-star Param Vishisht Seva Medal ribbon.svg 1060 award-star India_General_Service_Medal_1947.svg 1060 award-star IND Videsh Seva Medal Ribbon.svg 1060 award-star Indian_Independence_medal_1947.svg 1060 award-star Ribbon_-_1939-45_Star.png 1060 award-star Ribbon_-_Burma_Star.png 1060 award-star Ribbon_-_War_Medal.png 1060 award-star Ribbon_India_Service_Medal.png 106 परम विशिष्ट सेवा पदक जनरल सर्विस पदक 1947 विदेश सेवा पदक भारतीय स्वतंत्रता पदक 1939–1945 स्टार बर्मा स्टार युद्ध पदक 1939–1945 भारत सेवा पदक सन्दर्भ श्रेणी:विकिपरियोजना भारतीय सेना श्रेणी:भारतीय सेनाध्यक्ष