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411 समाचार
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411 REFERENCE · Wikipedia

ग़िज़र ज़िला

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ग़िज़र ur غذر / Ghizer Nagri Gilgit-Baltistan Districts Ghizer.svg गाहकूच​ ९,६३५ १,२०,२१८ - २१ तहसील ४ खोवार, शीना, बुरूशसकी, वाख़ी thumb|240px|ग़िज़र ज़िले का नक़्शा जिसमें गाँव-बस्तियाँ दिखाएँ गए हैं ग़िज़र​ पाक-अधिकृत कश्मीर के गिलगित-बलतिस्तान क्षेत्र का पश्चिमतम ज़िला है। इसकी राजधानी गाहकूच शहर है। यहाँ कई जातियाँ रहती हैं और तीन मुख्य भाषाएँ बोली जाती हैं - खोवार, शीना और बुरूशसकी। इनके अलावा इस ज़िले के इश्कोमन क्षेत्र में कुछ वाख़ी और ताजिक बोलने वाले भी यहाँ रहते हैं। कुछ गुज्जर लोग भी इस जिले में बसे हुए हैं। नाम का अर्थ और उच्चारण चित्राल ज़िले की खोवार भाषा में 'ग़ेरज़​' का मतलब 'शरणार्थी' होता है। चित्राल का मेहतर (यानि राजा) जब भी कुछ लोगों पर अत्याचार करता था, वे गुपिस की तरफ़ भागकर शरण लेते थे। चित्राल और गुपिस के बीच बसे हुए लोगों को समय के साथ 'ग़ेरज़ी' कहा जाने लगा। १९७०-८० काल में जब यहाँ ज़िला बनाया गया तो उसका नाम इसी के विकृत रूप 'ग़िज़र​' पर रख दिया गया। 'ग़िज़र​' में बिंदु-वाले 'ग़' अक्षर के उच्चारण पर ध्यान दें क्योंकि यह बिन्दु-रहित 'ग' से ज़रा भिन्न है। इसका उच्चारण 'ग़लती' और 'ग़रीब' शब्दों के 'ग़' से मिलता है। लोग ग़िज़र​ ज़िले की सभी मुख्य वादियों में इस्माइली शिया लोगों की बहुसंख्या है और सुन्नी लोग अल्पसंख्यक हैं।Enhancing appropriate medicine use in the Karakoram mountain, Collectif, pp. 8, Het Spinhuis, 1996, ISBN 978-90-5589-056-9, ... In the Ghizer district, all of the main valleys have a large Ismaili majority and a mainly Sunni minority ... यहाँ इस्माइली शिया आबादी का ८७% हैं और सुन्नी १३% हैं।The last colony: Muzaffarabad-Gilgit-Baltistan, P. Stobdan, D. Suba Chandran, Centre for Strategic and Regional Studies, India Research Press, University of Jammu, 2008, ... Ghizer district is 87 per cent Ismaili and 13 per cent Sunni ... तहसीलें ग़िज़र​ ज़िले में चार तहसीलें आती हैं - पुनियाल - ज़िले की राजधानी गाहकूच इसी तहसील में स्थित है। यहाँ शीना भाषा बोली जाती है जो कश्मीरी भाषा से सम्बंधित दार्दी भाषा है। इश्कोमन - जिसमें खोवार, वाख़ी और कुछ हद तक ताजिक भाषाएँ बोली जाती हैं। यासीन - यहाँ बुरूशसकी और खोवार भाषाएँ बोली जाती हैं। गुपिस - यहाँ शीना और खोवार भाषाएँ बोली जाती हैं। भूगोल ग़िज़र​ ज़िला भूराजनैतिक दृष्टि से बहुत ही महत्वपूर्ण जगह स्थित है। इसके उत्तर में अफ़ग़ानिस्तान का वाख़ान गलियारा है जिसकी छोटी सी चौड़ाई के पार ताजिकिस्तान आता है। अगर पाक-अधिकृत कश्मीर भारत के नियंत्रण में होता तो यही वह इलाका है जहाँ भारत की सीमाएँ सीधी अफ़ग़ानिस्तान को छूतीं। पूर्वोत्तर में ग़िज़र ज़िला चीन द्वारा नियंत्रित शिंजियांग क्षेत्र को छूता है। पश्चिम में इसकी सीमाएँ पाकिस्तान के ख़ैबर​-पख़्तूनख़्वा प्रान्त के चित्राल ज़िले से लगती हैं। दर्रे ग़िज़र​ ज़िले में कुछ महत्वपूर्ण पर्वतीय दर्रे आते हैं - शन्दूर दर्रा (१२,२०० फ़ुट​) - जो ग़िज़र​ ज़िले को चित्राल ज़िले से जोड़ता है चिलिन्जी दर्रा (१७,५०३ फ़ुट​) - जो ग़िज़र​ ज़िले की इश्कोमान तहसील को हुन्ज़ा-नगर ज़िले की गोजाल तहसील से जोड़ता है हायल दर्रा और नलतर दर्रा जो ग़िज़र​ और गिलगित ज़िलों की सरहद पर हैं बिछार​ दर्रा (१४,८७० फ़ुट​) - जो ग़िज़र​ ज़िले के गिलगित नदी पर स्थित शेरक़िला गाँव को गिलगित ज़िले की नलतर वादी में स्थित बिछारी गाँव से जोड़ता है थोई दर्रा (१६,४२० फ़ुट​) - जो ग़िज़र​ ज़िले में यासीन वादी में थोई नदी के किनारे बसे नियाल्थी गाँव को चित्राल ज़िले में यरख़ुन नदी की घाटी में स्थित गज़ीन गाँव से जोड़ता है दरकोट दर्रा (१५,४३० फ़ुट​) - जो ग़िज़र​ ज़िले की रावत वादी को चित्राल ज़िले की बरोग़िल​ वादी से जोड़ता है। इसे 'दरकूट दर्रा' भी कहते हैं। इन्हें भी देखें चित्राल ज़िला गिलगित-बल्तिस्तान सन्दर्भ 2 श्रेणी:ग़िज़र​ ज़िला श्रेणी:पाकिस्तान प्रशासित कश्मीर श्रेणी:कश्मीर श्रेणी:गिलगित-बल्तिस्तान श्रेणी:भारतीय उपमहाद्वीप के ज़िले