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411 समाचार
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रामदास पाध्ये

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thumb|250px|रामदास पाध्ये भोपाल में अपनी प्रतुति के पश्चात -अक्टूबर २०१६ दाएँ|अंगूठाकार|250x250पिक्सेल रामदास पाध्ये एक बोलती कठपुतलीकार और कठपुतली निर्माता है। PuppetVision ब्लॉग: रामदास पाध्ये यूट्यूब परइन्होंने पिछले 40 वर्षों में , भारत में और विदेशों में,9000 से अधिक बोलती कठपुतली कार्यक्रमो का प्रदर्शन किया है।कठपुतली एवं बोलती कठपुतली कला पर,इनकी वेबसाइट पहली भारतीय वेबसाइट है। १९७२ के बाद से ये नियमित रूप से भारत की' राष्ट्रीय चैनल दूरदर्शन पर प्रस्तुति देते आ रहे है. वह पहले भारतीय 'बोलती कठपुतली कलाकार' है जिन्होंने अमेरिकी टेलीविजन मेंएनबीसी, एबीसी और सीबीएस , और बीबीसी के चैनल चार पर अपनी कला का प्रदर्शन किया . बोलती कठपुतली की कला या "शब्द भ्रम" की कला, भारत में लोकप्रिय नहीं थी. उन्होंने पारंपरिक भारतीय कठपुतलियों की पहचान और सार्वभौमिक अपील को खोये बिना, अपनी बोलती कठपुतली कला को अंतरराष्ट्रीय तकनीकी मानकों के अनुसार उन्नत किया । पाध्ये ने अपना औपचारिक प्रशिक्षण अपने पिता यशवंत केशव पाध्ये से लिया , जिन्होंने इस कला को 1920 के आसपास अपने आधुनिक स्वरूप में भारत में पहली बार प्रदर्शित किया। रामदास पाध्ये ने 1968 में, 23 साल की उम्र में, भारत की प्रधान मंत्री स्वर्गीय श्रीमती. इंदिरा गांधी के समक्ष नई दिल्ली में अपनी प्रस्तुति दी। इंदिरा जी की सलाह पर अपनी कला को भारतीय स्पर्श देने के लिए रामदास पाध्ये ने कई भारतीय कठपुतलियों / गुड़िया की रचना की ,जिसे भारतीय जनता आसानी से पहचान सकती है।। उन्होंने राष्ट्रीय महत्व के कई विषयों जैसे "परिवार नियोजन" , "लघु बचत", "बाल शिक्षा" और " खाद्यान्न उत्पादन " आदि का अपने शो के लिए का चयन किया और उन्हें अपनी मजाकिया और मनोरंजक कठपुतलियों की मदद से प्रस्तुत किया. उन्होंने नियमित रूप से कैंसर के रोगियों और मानसिक रूप से मंद बच्चों के लिए अस्पतालों में दौरे किये और उनके जीवन में खुशिया लाने का प्रयास किया । thumb|रामदास पाध्ये कठपुतली संचालन करते हुए thumb|रामदास पाध्ये कठपुतली संचालन करते हुए फिल्मों में कठपुतलियां उनकी कठपुतलियों का कई फीचर फिल्मों में इस्तेमाल किया गया है : फिल्म महान, अमिताभ बच्चन, ज़ीनत अमान और परवीन बाबी फिल्म दिल है तुम्हारा, जिमी शेरगिल और जिंटा कुंदन शाह द्वारा निर्देशित कठपुतली आधारित हॉरर फिल्म झपाटलेला (मराठी) महेश कोठारे द्वारा निर्देशित लक्ष्मीकांत बेर्डेZapatlela (1993) तथा अभिनीत कठपुतली आधारित हॉरर फिल्म अम्मो बोम्मा (तेलुगु) अभिनीत डॉ राजेन्द्र प्रसाद पाध्ये द्वारा बनाई गई कठपुतली ,रामगोपाल वर्मा की Phoonk 2November 2012 भारतीय टेलीविजन पर कठपुतलियां  दाएँ|अंगूठाकार|300x300पिक्सेल पाध्ये की कठपुतलियों का राष्ट्रीय टेलीविजन "दूरदर्शन" पर नियमित रूप से प्रदर्शन हो रहा है . जब 1972 में मुंबई में टेलीविजन पहली बार शुरू हुआ तब भी इनके शो को विशेष रूप से प्रदर्शित किया गया था . उनकी पुरानी तथा अत्यंत लोकप्रिय कठपुतलियां ,"अर्धवट राव" और "आवडाबाई " का प्रदर्शन अभी भी जारी है। अपने एक लोकप्रिय शो "मेरी भी सुनो",में उन्होंने कठपुतलियों की मदद से सामाजिक संदेश भी दिया है . इनका एक और शो "आप ही सोचिये " युवाओं के बीच बेहद लोकप्रिय है। पाध्ये ने 1980 और 1990 के दशक में उनकी पत्नी अपर्णा के साथ कई कार्यक्रमो का प्रदर्शन किया।. अपर्णा एक निपुण गायिका है और कठपुतली संचालन में नियमित रूप से पाध्ये की सहायता करती है . साथ में वे टेलीविजन पर एक अद्वितीय बोलती कठपुतलियों के शो का प्रदर्शन करते है। कठपुतलियों के साथ पति और पत्नी का विषय,इस शो की विशेषता है। पाध्ये की प्रसिद्ध कठपुतली 'बनी' है, जो लिज्जत पापड़ विज्ञापन की वजह से लोकप्रिय हो गया था। इस विज्ञापन के अलावा भी इन्होंने साथ साथ विभिन्न टेलीविजन चैनल्स पर विशेष प्रदर्शन किया है उनकी हाल की उपलब्धियों में सिंगापुर टीवी - 12 के लिए कठपुतली पर आधारित सीरियल शामिल हैं , जहां पाध्ये द्वारा बनाया गया विशेष कठपुतली स्टूडियो है जिसमे 50 से अधिक कठपुतलिया है । http://www.tribuneindia.com/2005/20050807/society.htm#2 ट्रिब्यून, चंडीगढ़, भारत - शिक्षा ट्रिब्यून 3 फ़रवरी 2017 https://web.archive.org/web/20160303201927/http://www.tribuneindia.com/2005/20050807/society.htm#2 3 मार्च 2016 live यह पहली बार है कि एक विदेशी टीवी स्टेशन एक पूर्ण कठपुतली धारावाहिक के लिए भारतीय कठपुतली कलाकार को आमंत्रित किया है। डिज्नी चैनल के एक शो "प्लेहाउस डिज्नी" के लिए पाध्ये ने कठपुतलियों को बनाया और संचालित किया है। वॉल्ट डिज्नी इंटरनेशनल प्रा लिमिटेड ने इस काम के लिए पाध्ये को चुना है इस शो को मिडिटेक प्राइवेट लिमिटेड द्वारा निर्मित किया गया था। Miditech प्रा. लि.,भारत में अग्रणी मीडिया कंपनियों में से एक है । इस शो में विशेष रूप से प्रदर्शित कठपुतली "Mitz" सामने बैठे दर्शको के साथ बातचीत करती है . एक अन्य लोकप्रिय टीवी धारावाहिक जी मराठी पर "मिशा" है। शो "मिशा" (कठपुतली) का नायक एक परग्रही है जो अपने दोस्त की समस्याओं को हल करता है। । इस धारावाहिक केदार शिंदे ने निर्देशित किया था। तथा यह सीरियल बच्चों के बीच तुरंत लोकप्रिय हो गया था। कठपुतलीयों को पाध्ये और उनके बेटे सत्यजीत पाध्ये द्वारा संचालित किया गया था। सभी कठपुतलियों का निर्माण ,पाध्ये द्वारा , उनके कठपुतली स्टूडियो में किया गया था। भारत के प्रमुख लाइफस्टाइल चैनल "ज़ूम" पर 'ज्यूसी पम्मी' नामक शो के पीछे पाध्ये और प्रशिक्षित कठपुतली कलाकारों की टीम हैं।इस कार्यक्रम में प्रयुक्त कठपुतलियों को पाध्ये के 'कठपुतली स्टूडियो "में बनाया जाता है। . इस कार्यक्रम में कठपुतलियों के द्वारा भारत की विभिन्न हस्तियों, जैसे अमिताभ बच्चन, शाहरुख खान, संजय दत्त आदि को दर्शाया जाता है . शो के प्रमुख कठपुतली कलाकारों में पाध्ये, पत्नी अपर्णा और बेटे सत्यजीत पाध्ये शामिल हैं. इसके अलावा 10 कुशल कठपुतली कलाकारों की मदद भी ली गयी है । प्रत्येक सेलिब्रिटी कठपुतली , पाध्ये द्वारा ,उनके कठपुतली स्टूडियो में ही बनाई गई है।प्रत्येक सेलिब्रिटी कठपुतली को डिजाइन करने के लिए 20 दिन लगते हैं. ये कठपुतलियां लेटेक्स, रबर, फोम लेटेक्स आदि जैसे मिश्रित सामग्री से बनाती हैं। पाध्ये के कठपुतली स्टूडियो में दुनिया भर की विभिन्न कठपुतलियों का एक संग्रह है। पाध्ये की कठपुतली स्टूडियो में जॉर्ज वॉकर बुश, बिल क्लिंटन, और मर्लिन मुनरो आदि विभिन्न अंतरराष्ट्रीय हस्तियों की कठपुतलियों को भी डिजाइन किया गया है विज्ञापनों में कठपुतलियां  भारतीय विज्ञापन उद्योग भी कई विज्ञापनों में पाध्ये की कठपुतलियों का इस्तेमाल कर रहा है, लिज्जत पापड़ लिज्जत पापड़ के विज्ञापन में इनकी कठपुतली 'बनी' ने विशेष प्रसिद्धि प्राप्त की है। वास्तव में यह उत्पाद ,कठपुतली "बनी" के उपयोग की वजह से ,बहुत लोकप्रिय हो गया था तथा उत्पादनकर्ता को बहुत लाभ हुआ। इस विज्ञापन का मुख्य आकर्षण पाध्ये द्वारा खुद कठपुतली संचालित करना तथा साथ साथ उसे आवाज भी देना था। इस विज्ञापन की अंतिम टैगलाइन "कर्रम कुर्रम" बहुत लोकप्रिय थी। इसके अलावा विज्ञापन के अंत में 'बनी ' की ख़ास हँसी उत्पाद की पहचान बन गयी थी . यह विज्ञापन 1980 के दशक में पहली बार दूरदर्शन पर प्रसारित हुआ था . हालांकि यह विज्ञापन कई चैनलों पर अभी भी चल रहा है . इस विज्ञापन ने पाध्ये और उनकी कठपुतलियों को एक अलग पहचान दी । इस विज्ञापन ने बोलती कठपुतली कला क्षेत्र में ,पाध्ये के सफल कैरियर की नींव डाली। पाध्ये ने अन्नपूर्णा नमक और लोकप्रिय बिस्कुट ब्रांड क्रैकजैक के लिए भी कठपुतली विज्ञापन किया । पाध्ये ने आमिर खान के साथ टाटा स्काई के लिए एक विज्ञापन भी किया है। इस विज्ञापन में आमिर खान एक बोलती कठपुतली कलाकार है और उनकी कठपुतली एक टीवी है। टाटा स्काई के लिए विज्ञापन की पूरी अवधारणा आमिर जो 'बोलती कठपुतली कलाकार' है के साथ टी वी रुपी कठपुतली के आसपास घूमती है। वास्तव में आमिर खान ने पाध्ये से बोलती कठपुतली की बारीकियों को सीखा है।. विज्ञापन के लिए कठपुतली को कार्ल इवांस स्टूडियो से कार्ल इवांस द्वारा बनाया गया है। यूरोप के अग्रणी विज्ञापन एजेंसी "अल्फ्रेड" द्वारा पाध्ये  को एक वाणिज्यिक डच टेलीविजन विज्ञापन के लिए अनुबन्धित किया गया था . हालांकि यह विज्ञापन फिल्म सिर्फ 35 सेकंड के लिए थी परंतु इसके फिल्मांकन के लिए बड़े पैमाने पर 4 दिनों में विभिन्न स्थानों पर जयपुर और गोवा में शूटिंग की गयी . यह एक वाणिज्यिक अनुबंध था और उत्पाद का नाम था "सुल्ताना" कुकीज़. ' नीदरलैंड्स के अग्रणी मॉडल Renske वान डेर Sluis ने इनमे कठपुतली के साथ काम किया है। इन विज्ञापन में कठपुतली को पाध्ये और उनके बेटे सत्यजीत पाध्ये द्वारा संचालित किया गया था . विज्ञापन-फिल्म को डच विज्ञापन-फिल्म निर्माता 'रिक लेन्ज़िंग' द्वारा निर्देशित किया गया था , जिन का प्रोडक्शन हाउस "In Case of Fire" विभिन्न विज्ञापनों द्वारा दुनिया में चारों ओर प्रसिद्ध है . उन्होंने संयुक्त राज्य अमरीका में वेंट हेवन कन्वेंशन, प्राग में कठपुतली कला का विश्व महोत्सव, लास वेगास में अंतर्राष्ट्रीय बोलती कठपुतली महोत्सव जैसे कई अंतरराष्ट्रीय कठपुतली सम्मेलनों में भारत का प्रतिनिधित्व किया हैhttp://bharatweb-bharatweb.blogspot.com/2007_04_01_archive.htmlजून 2020 InternetArchiveBot कहा जाता है उनकी पुस्तक "इनर वौइस् " बोलती कठपुतली पर पहली भारतीय पुस्तक है जिसका वेंट हेवन कन्वेंशन, सिनसिनाटी, संयुक्त राज्य अमरीका में उद्घाटन किया है [4] उन्होंने कहा कि उनकी अनन्य कठपुतली स्टूडियो में ,आधुनिक रेडियो नियंत्रित कठपुतलियों के लिए ,पारंपरिक भारतीय कठपुतलियों को U.S.A, कनाडा, न्यूजीलैंड, सिंगापुर, कंबोडिया, दक्षिण अफ्रीका सहित विभिन्न देशों को कठपुतलियों का निर्यात किया गया। पाध्ये का कठपुतली स्टूडियो अंगूठाकार|250x250पिक्सेल|पाध्ये बराक ओबामा के साथ कठपुतली पाध्ये का स्वयं का "कठपुतली स्टूडियो" है , जहां वह विभिन्न प्रकार की कठपुतलियों जैसे स्ट्रिंग कठपुतलियों, रॉड कठपुतलियों, marionettes, ventriloquial कठपुतलियों, द मपेट्स, शरीर कठपुतलियों, एनिमेट्रॉनिक्स कठपुतलियों, प्रकाश पुतुल, प्रसिद्ध व्यक्ति की कठपुतलियों की डिजाइनिंग करते है। पाध्ये द्वारा डिजाइन की गयी कठपुतलियों को विभिन्न कंपनियों जैसे Kelloggs, सीमेंस, वॉल्ट डिज्नी इंडिया प्राइवेट लिमिटेड, विजक्राफ्ट आदि ने अपने प्रचार में उपयोग किया है। उन्होंने विभिन्न अंतरराष्ट्रीय हस्तियों जैसे मर्लिन मुनरो , जॉर्ज डब्ल्यू बुश,http://www.presidentialpuppets.com/PuppetBuilders.htm Rockwood के राष्ट्रपति वेबसाइट 3 फ़रवरी 2017 https://web.archive.org/web/20170205181401/http://www.presidentialpuppets.com/PuppetBuilders.htm 5 फ़रवरी 2017 dead ,बिल क्लिंटन, फ्रैंक सिनात्रा, अमिताभ बच्चन, शाहरुख खान, संजय दत्त की कठपुतलियों को भी डिजाइन किया है . पाध्ये की कठपुतली स्टूडियो में हर कठपुतली के बनाये जाने के दिन के अनुसार जन्म संख्या भी है . पाध्ये द्वारा कई विज्ञापन फिल्मों, टीवी धारावाहिकों, फीचर फिल्मों के लिए कठपुतलियों को बनाया भी गया है . उन्होंने विभिन्न देशों के लिए जैसे अमेरिका, ब्रिटेन, न्यूजीलैंड, कंबोडिया, दक्षिण अफ्रीका में कठपुतलियों को निर्यात भी किया है. हालांकि पाध्ये ने कठपुतलियों की कला में 1980 के दशक में महारत हासिल कर ली थी परंतु इससे पहले वह इस्तेमाल के लिए अपने कठपुतलियों से अन्य देशों से मंगवाते थे । बाद में अपनी विशिष्ट जरूरतों तथा ग्राहकों की आवश्यकताओं के अनुसार स्वयं कठपुतलियों के विभिन्न रूपों का निर्माण शुरू कर दिया। पाधे की कठपुतली स्टूडियो की विशेषता यह है कि, वह विशेष रूप से निर्मित कठपुतलियों को डिजाइन करता है और उन्हें उपयोगकर्ताओं की विशिष्ट जरूरतों को ध्यान में रखते हुए तैयार करता हैं। इससे भारत में पाधै बहुत लोकप्रिय हो गए है। पाधये ने प्रसिद्ध फीचर फिल्म "ज़ापटलेला" की कठपुतली "तात्या विंचू" को भी डिजाइन किया है। फिल्म "ज़ापटलेला" में, पाधै ने नायक की 9 प्रतिकृतियां तैयार कीं, ताकि यह फिल्म में सभी प्रकार की एक्शन अनुक्रम कर सके। पाधै ने इस फिल्म के लिए स्ट्रिंग, रॉड, मपेट्स आदि जैसी कठपुतली तकनीकों का इस्तेमाल किया। पाध्ये ने भारत दाभोलकर द्वारा लिखित और निर्देशित नाटक "शुभ रात्रि बेबी डिनो " के लिए कठपुतलियों को भी बनाया था .यह एक बच्चों के खेल पर आधारित था, जिसमे डायनासोर और परिवार के लगभग 50 कस्टम डिजाइन कठपुतलियों को शामिल किया गया था पाध्ये द्वारा अपनी कार्यशाला में बराक ओबामा की कठपुतली को डिजाइन किया गया है है. इस कठपुतली को एक शो के लिए डोरिस बेकर के लिए डिजाइन किया गया था . इस कठपुतली को भारत में डिजाइनिंग के लिए आउटसोर्स किया गया था। कठपुतली मास्टर के पीछे ओबामा https://web.archive.org/web/20120916081718/http://www.expressindia.com/latest-news/the-puppet-master-behind-obama/386517/ 16 सितंबर 2012 ने श्वेता देसाई परिवार की परंपरा सत्यजीत पाध्ये, रामदास पाध्ये के पुत्र , एवं तीसरी पीढ़ी के बोलती कठपुतली कलाकार है। सत्यजीत के अपने खुद के प्रदर्शन से पता चलता है की वह युवा भारतीय दर्शकों को लक्ष्य बनाना चाहते है. अपने पिता के साथ लगभग 10 वर्षों के लिए उन्होंने एक सहायक कठपुतलीकार के रूप में कार्य किया है। उन्होंने इस कला का उपयोग एड्स के बारे में जागरूकता पैदा करने के लिए भी किया है.एड्स की समय सीमा - इंडी.जून 2020 InternetArchiveBot जापान के 'बोलती कठपुतली Ventriloquist' महोत्सव ,टोक्यो में ,2002 में उन्होंने भारत का प्रतिनिधित्व किया . उन्होंने अपने में हाई स्कूल और इंटर कॉलेजिएट में मल्हार और युवा महोत्सव में कई पुरस्कार जीते है . सत्यजीत ने ज़ूम चैनल के कठपुतली शो के लिए "रसदार पम्मी " नामक कठपुतली शो भी आयोजित किया था।  'पाध्ये की कठपुतली स्टूडियो' में अपने पिता को कठपुतलियों डिजाइन करने में सत्यजीत भी मदद करते है  . सत्यजीत ने टीवी शो भारत की प्रतिभा खोज ,इंडियास गॉट टैलेंट '' में भी भाग लिया गया था और फाइनलिस्ट में से एक थे , हालांकि वह प्रतियोगिता जीतने में असफल रहे , लेकिन वह अपने मजबूत प्रदर्शन से हर किसी को अपना प्रशंसक बनाने में सफल रहे । बाहरी कड़ियाँ रामदास पाध्ये की आधिकारिक वेबसाइट रामदास पाध्ये के वीडियो रामदास पाध्ये के टेलीविजन पर काम रामदास पाध्ये के विज्ञापन फिल्मों में काम रामदास पाध्ये के फीचर फिल्मों में काम विभिन्न ग्राहकों के लिए रामदास पाध्ये द्वारा बनाये गयी कठपुतलीयां सन्दर्भ श्रेणी:जीवित लोग श्रेणी:मुंबई के लोग श्रेणी:बोलती कठपुतली कलाकार