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411 समाचार
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411 REFERENCE · Wikipedia

रमेश कुंतल मेघ

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Ramesh Kuntal Megh.jpg रमेश कुंतल मेघ (जन्म: १९३१ मृत्यु : 2023) हिंदी साहित्य के वरिष्ठ साहित्यकार व समालोचक हैं। इन्होंंने प्रगतिवादी आलोचना का क्षेत्र विस्तार किया। मेघ ने आलोचना में अंतरानुशासन को विशेष महत्व दिया है। आधुनिकता, सौंदर्यशास्त्र और समाजशास्त्र उनके अध्ययन के प्रमुख क्षेत्र हैं। विश्वमिथकसरित्सागर इनकी महत्वपूर्ण कृति है इस पर इन्हें 2017 का साहित्य अकादमी पुरस्कार भी मिला। आलोचनात्मक पद्धति अपने आलोचनात्मक कर्म का आरंभ जयशंकर प्रसाद और उनकी कामायनी से करने वाले मेघ ने मध्यकालीन साहित्य के सौंदर्यशास्त्रीय विश्लेषण में विशेष योगदान दिया। सौंदर्य दृष्टि और सामाजिक भूमिका उनकी आलोचना के बीज शब्द हैं जिनके माध्यम से वे रचना का समग्र आंकलन करते हैं।मधुरेश हिंदी आलोचना का विकास २००४ सुमित प्रकाशन इलाहाबाद १९२ पुरस्कार रमेश कुंतल मेघ को २०१७ में उनकी साहित्यिक समालोचना विश्व मिथक सरित सागर के लिए हिंदी का साहित्य अकादमी पुरस्कार प्रदान किया गया।साहित्य अकादमी पुरस्कार 2017: हिंदी में रमेश कुंतल मेघ और उर्दू में बेग एहसास को मिलेगा अवॉर्ड http://abpnews.abplive.in/india-news/sahitya-akademi-award-2017-ramesh-kuntal-megh-in-hindi-baig-ehsas-in-urdu-will-be-awarded-752698 http://abpnews.abplive.in 28 दिसम्बर 2017 https://web.archive.org/web/20171228171712/http://abpnews.abplive.in/india-news/sahitya-akademi-award-2017-ramesh-kuntal-megh-in-hindi-baig-ehsas-in-urdu-will-be-awarded-752698 28 दिसंबर 2017 dead प्रमुख कृतियाँ मिथक और स्वप्नरमेश कुंतल मेघ मिथक और स्वप्न https://books.google.com/books?id=QumxMpLDI4cC&pg=PA229 September 2007 Rajkamal Prakashan Pvt Ltd 978-81-8361-084-1 229– कामायनी की मनस्सौंदर्य सामाजिक भूमिका (१९६७) तुलसी: आधुनिक वातायन से (१९६७)रमेश कुंतल मेघ तुलसी : आधुनिक वातायन से https://books.google.com/books?id=9zAlrq58KGYC&pg=PA13 September 2007 Rajkamal Prakashan Pvt Ltd 978-81-8361-083-4 13– आधुनिकता बोध और आधुनिकीकरण (१९६९) मध्ययुगीन रस दर्शन और समकालीन सौन्दर्य बोध क्योंकि समय एक शब्द है (१९७५)रमेश कुंतल मेघ क्योंकि समय एक शब्द है https://books.google.com/books?id=gsWYfPdxxnkC&pg=PT4 2007 Rajkamal Prakashan Pvt Ltd 978-81-8031-171-0 4– कला शास्त्र और मध्ययुगीन भाषिकी क्रांतियां सौन्दर्य-मूल्य और मूल्यांकन अथातो सौन्दर्य जिज्ञासा (१९७७)रमेश कुंतल मेघ अथातो सौंदर्य जिज्ञासा https://books.google.com/books?id=Ssy_6oiGQj0C&pg=PA32 Vani Prakashan 32– साक्षी है सौन्दर्य प्राश्निक (१९८०) वाग्मी हो लो! मन खंजन किनके? (१९८५) कामायनी पर नई किताब खिड़कियों पर आकाशदीप सन्दर्भ बाहरी कड़ियाँ रमेश कुंतल मेघ विजेता श्रेणी:लखनऊ विश्वविद्यालय श्रेणी:समालोचना श्रेणी:1931 में जन्मे लोग श्रेणी:हिन्दी साहित्यकार