411 REFERENCE · Wikipedia
नॉर्वे में नारीवाद
Reference material by Wikipedia contributors. This retains its source identity and is not 411 news reporting.
अंगूठाकार|मार्था लार्सन जान, नॉर्वे की एक नारीवादी नेता
नॉर्वे में नारीवादी आंदोलन ने देश में कानूनों और सामाजिक रीति-रिवाजों में सुधार लाने तथा नॉर्वे की महिलाओं के अधिकारों को आगे बढ़ाने में महत्वपूर्ण प्रगति की है। विशेष रूप से नारीवादी हुल्डा गार्बोर्ग ने 19वीं सदी में नॉर्वेजियन नागरिक समाज को प्रभावित किया। कुछ एतिहासिक उपलब्धियाँ इस प्रकार हैं:
नॉर्वे में नारीवाद का इतिहास
19वीं सदी: नॉर्वे में नारीवादी आंदोलन की शुरुआत 1800 के दशक के मध्य में हुई, जो यूरोपीय महिला मताधिकार आंदोलनों से प्रभावित था। जीना क्रोग (Gina Krog) इस आंदोलन की एक प्रमुख नेता थीं।https://ehne.fr/en/encyclopedia/themes/gender-and-europe/feminisms-and-feminist-movements/feminisms-and-feminist-movements-in-europe
1913: नॉर्वे उन पहले देशों में से एक बना, जहाँ महिलाओं को पूर्ण मतदान का अधिकार मिला।https://www.britannica.com/topic/woman-suffrage
1970 का दशक: इस दौर में नारीवाद फिर से उभरा, जिसमें प्रजनन अधिकार, समान वेतन, और लैंगिक हिंसा के खिलाफ आवाज़ उठाई गई। इसी समय महिला आश्रय गृहों और जमीनी आंदोलनों का भी उदय हुआ।https://isj.org.uk/marxism-and-feminism-today/
प्रमुख उपलब्धियाँ
पालक अवकाश (Parental Leave): नॉर्वे में दुनिया की सबसे उदार पालक अवकाश नीतियाँ हैं, जिसमें दोनों माता-पिता के लिए भुगतानित छुट्टी का प्रावधान है।https://www.norden.org/en/info-norden/parental-benefit-and-parental-leave-norway
लिंग का कोटा: 2003 में एक कानून लाया गया जिसमें सार्वजनिक लिमिटेड कंपनियों के बोर्ड में कम से कम 40% प्रतिनिधित्व प्रत्येक लिंग का अनिवार्य किया गया।https://www.sciencedirect.com/science/article/pii/S0263237319300040
शिक्षा और रोजगार: नॉर्वे में महिलाएँ उच्च स्तर की शिक्षा प्राप्त करती हैं और कार्यबल में उनकी भागीदारी भी काफ़ी अधिक है।https://www.democratsabroad.org/annhesse/women_s_policy_in_norway
आधुनिक नारीवाद
आज का नॉर्वेजियन नारीवाद अंतरविषयक (intersectional) है और ये मुद्दों पर ध्यान देता है जैसे:
अल्पसंख्यक महिलाओं के अधिकार।
एलजीबीटीक्यू + समुदाय की समावेशिता।
पुरुषों की मानसिक स्वास्थ्य और पारंपरिक लैंगिक भूमिकाएँ।
युवा नारीवादी सोशल मीडिया और कला के माध्यम से शरीर की छवि, सहमति, और लैंगिक भेदभाव पर बातचीत करते हैं। https://nordics.info/show/artikel/feminism-in-the-nordics-an-historical-overview-to-2010
प्रमुख नारीवादी व्यक्तित्व
ग्रो हार्लेम ब्रुंटलैंड: नॉर्वे की पहली महिला प्रधानमंत्री, और एक प्रेरणादायक नारीवादी नेता।
सुज़ान ऐबेल: लेखिका और सामाजिक टिप्पणीकार, जो नस्ल, पहचान और नारीवाद पर लिखती हैं।
जेनी स्कावलन और एम्मा क्लेयर गैब्रियलसन: मीडिया और संस्कृति में सक्रिय नारीवादी आवाजें। https://courses.lumenlearning.com/wm-introductiontosociology/chapter/the-womens-movement/
अब भी मौजूद चुनौतियाँ
वेतन असमानता: विश्व स्तर की तुलना में कम होने के बावजूद, नॉर्वे में अभी भी लिंग आधारित वेतन अंतर है।
महिलाओं के खिलाफ हिंसा: घरेलू हिंसा और यौन उत्पीड़न जैसी समस्याएँ अब भी मौजूद हैं।
अल्पसंख्यक महिलाओं का प्रतिनिधित्व: प्रवासी पृष्ठभूमि वाली महिलाएँ अक्सर दोहरी भेदभाव का सामना करती हैं।https://www.regjeringen.no/en/topics/foreign-affairs/the-un/innsikt/womens_rights/id439433/
सन्दर्भ
श्रेणी:नॉर्वे में नारीवाद