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करतल कमल कमल दल नयन
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करतल कमल कमल दल नयन (असमिया: কৰতল কমল কমল দল নয়ন) असम के प्रख्यात कवि, समाज सुधारक, दार्शनिक तथा धार्मिक मार्गदर्शक श्रीमन्त शंकरदेव द्वारा रचित एक कविता है।http://www.atributetosankaradeva.org/karatala.htm The Master's first masterpiece 2008-04-16 atributetosankaradeva.org 13 January 2013 इस कविता में भगवान विष्णु के रूप का वर्णन किया गया हैं, जो अपने कर, अर्थात हाथ में कमल थामे रखते हैं, और जिनकी आंखें भी कमल सदृश हैं। श्रीमन्त शंकरदेव के वैष्णव एकशरण धर्म में भगवान विष्णु को विशेष महत्व प्रदान किया जाता है।
लेखन
'करतल कमल' असमिया साहित्य मे एक विशेष स्थान रखता हैं, क्योंकि यह श्रीमंत शंकरदेव के पेहले कवितओं मे से एक हैं, जिनके साहित्य कर्म ने बाद में असम के समाज व्यवस्था को पूर्णतः परिवर्तित करके रख दिया।http://www.assaminfo.com/famous-people/47/srimanta-sankardeva-or-mahapurush-srimanta-sankardeva.htm Assam Info Srimanta Sankardeva
श्रीमंत शंकरदेव ने गुरु माधव कंदलि के पास अपनी शिक्षा आरम्भ की थी। 'करतल कमल' रचना करने से पूर्व उनको केवल स्वर वर्ण (अ, आ आदि) और व्यंजन वर्ण (क, ख आदि) सिखाए गए थे।http://www.atributetosankaradeva.org/bio2.htm Sankardeva At the tol 24 December 2008 atributetosankaradeva.org 12 January 2013 अपने शिक्षा के प्रारंभिक काल मे रहे शंकरदेव को उस समय स्वरचिह्नो की, अर्थात मात्राओं की शिक्षा नही दी गई थी। इसके बावजूद श्रीमंत शंकरदेव ने यह कविता लिखी थी अपनी साहित्यिक कला का प्रकाश करते हुए। इसी कारण से, इस कविता में किसी भी स्वरचिह्न या मात्रा का प्रयोग नही हुआ है।https://barpetasatra.org/about-srimanta-sankardeva/srimanta-sankardev/ Barpeta Satra site barpetasatra.org 15 February 2017 शंकरदेव ने १२ वर्ष की आयु में कविता लिखी थी।http://www.assaminfo.com/famous-people/47/srimanta-sankardeva-or-mahapurush-srimanta-sankardeva.htm Assam Info Srimanta Sankardeva"Assam Info Srimanta Sankardeva".http://www.xobdo.org/dic/বৰআতা বৰআতা xobdo.org xobdo.org 11 March 2019
बोल
असमिया लिपि में
as কৰতল কমল কমল দল নয়ন।
as ভব দব দহন গহন-বন শয়ন ॥
as নপৰ নপৰ পৰ সতৰত গময়।
as সভয় মভয় ভয় মমহৰ সততয়॥
as খৰতৰ বৰ শৰ হত দশ বদন।
as খগচৰ নগধৰ ফনধৰ শয়ন॥
as জগদঘ মপহৰ ভৱ ভয় তৰণ।
as পৰ পদ লয় কৰ কমলজ নয়ন॥
देवनागरी लिपि में
करतल कमल कमल दल नयन।
भवदव दहन गहन वन शयन॥
नपर नपर पर शततर गमय।
सभय मभय भय ममहर शततय॥
खरतर वरसर हतदश वदन।
खगचर नगधर फनधर शयन॥
जगदघ मपहर भवभय तरण।
परपद लयकर कमलज नयन॥
सन्दर्भ
श्रेणी:असम की संस्कृति
श्रेणी:असमिया साहित्य