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अनुच्छेद 34 (भारत का संविधान)
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भारत का संविधान भाग # अनुच्छेद 35 (भारत का संविधान) अनुच्छेद 33 (भारत का संविधान) भारतीय संविधान सभा भारत हिंदी :श्रेणी:संविधान 1949 प्रकाशित
अनुच्छेद 34 भारत के संविधान का एक अनुच्छेद है। यह संविधान के भाग 3 में शामिल है और जब किसी क्षेत्र में सेना विधि प्रवृत्त है तब इस भाग द्वारा प्रदत्त अधिकारों पर निर्बन्धन का वर्णन करता है।भारतीय संविधान का अनुच्छेद 34, मार्शल लॉ लागू होने पर मौलिक अधिकारों पर प्रतिबंध लगाता है. यह अनुच्छेद, संसद को संघ या राज्य के तहत काम करने वाले किसी भी व्यक्ति को क्षतिपूर्ति करने का अधिकार देता है. यह क्षतिपूर्ति, उन क्षेत्रों में व्यवस्था बनाए रखने या बहाल करने के लिए किए गए किसी भी कार्य के संबंध में होती है जहां मार्शल लॉ लागू हैhttps://testbook.com/hi/ias-preparation/fundamental-rights-in-india मौलिक अधिकार भाग III (अनु. 12-35): Fundamental Rights in Hindi 2023-08-31 Testbook hi 2024-04-19
अनुच्छेद 34 के तहत, संसद की शक्ति निम्नलिखित दो शर्तों के अधीन है:
कृत्य व्यवस्था बनाए रखने या बहाल करने के संबंध में किया गया हो.
जिस क्षेत्र में कृत्य किया गया था, वहां सेना विधि लागू होनी चाहिए.
पृष्ठभूमि
अनुच्छेद 34 मसौदा संविधान 1948 का हिस्सा नहीं था। इसे 14 और 16 नवंबर 1949 को संविधान निर्माण प्रक्रिया के अंत में विधानसभा में पेश किया गया और इस पर बहस हुई । अनुच्छेद ने राज्य के अधिकारियों को कुछ शक्तियाँ देकर मार्शल लॉ के संचालन के दौरान मौलिक अधिकारों को प्रतिबंधित कर दिया ।
अनुच्छेद का विरोध करने के लिए दो महत्वपूर्ण संशोधन पेश किये गये। पहला ड्राफ्ट आर्टिकल को हटाना चाहता था क्योंकि यह राज्य के अधिकारियों को मार्शल लॉ के दौरान ज्यादतियों में शामिल होने का खुला निमंत्रण था । दूसरा यह तर्क देते हुए पाठ से ' किसी भी व्यक्ति ' को हटाना चाहता था कि जो व्यक्ति राज्य के अधिकारी नहीं थे, उन्हें अनुच्छेद द्वारा प्रदान की गई छूट को बढ़ाने की कोई आवश्यकता नहीं है ।
दोनों संशोधनों का विरोध किया गया। सबसे पहले, यह समझाया गया था कि एक सैन्य अधिकारी को ' विद्रोह या विद्रोह या राज्य को उखाड़ फेंकने ' की स्थिति से सफलतापूर्वक निपटने के लिए , उन मामलों के लिए आदेश पारित करने और प्रक्रियाओं को निर्धारित करने की क्षमता की आवश्यकता होती है जहां उनके आदेशों का उल्लंघन किया गया था। इन शक्तियों को अनुच्छेद 20 और 21 द्वारा वर्जित कर दिया गया था , क्योंकि सैन्य अधिकारी कानून बनाने वाला व्यक्ति नहीं था और उनके द्वारा निर्धारित प्रक्रिया ' कानून के अनुसार प्रक्रियाओं ' के अंतर्गत नहीं आती थी। इसलिए, मसौदा अनुच्छेद सेना या राज्य के किसी भी अधिकारी के लिए मार्शल लॉ के दौरान अपने कर्तव्यों का प्रभावी ढंग से निर्वहन करने के लिए अपरिहार्य था।
इसके अलावा, यह स्पष्ट किया गया कि कुछ मामलों में, मार्शल लॉ की स्थिति से निपटने के लिए कार्य करने की जिम्मेदारी एक नागरिक पर आ सकती है जो राज्य का अधिकारी नहीं हो सकता है। इन मामलों में, नागरिक के कार्य ड्राफ्ट अनुच्छेद के दायरे में आने चाहिए।
अंततः, विधानसभा ने बिना किसी संशोधन के अनुच्छेद 34 को अपनाया ।https://www.constitutionofindia.net/articles/article-34-restriction-on-rights-conferred-by-this-part-while-martial-law-is-in-force-in-any-area/ Article 34: Restriction on rights conferred by this Part while martial law is in force in any area 2023-03-31 Constitution of India 2024-04-19
मूल पाठ
इस भाग के पूर्वगामी उपबंधों में किसी बात के होते हुए भी, संसद विधि द्वारा संघ या किसी राज्य की सेवा में किसी व्यक्ति की या किसी अन्य व्यक्ति की किसी ऐसे कार्य के संबध में क्षतिपूर्ति कर सकेगी जो उसने भारत के राज्यक्षेत्र के भीतर किसी ऐसे क्षेत्र में, जहाँ सेना विधि प्रवृत्त थी, व्यवस्था के बनाए रखने या पुनःस्थापन के संबंध में किया है या ऐसे क्षेत्र में सेना विधि के अधीन पारित दंडादेश, दिए गए दंड, आदि समपहरण या किए गए अन्य कार्य को विधिमान्य कर सकेगी।
।भारत का संविधान भारत का संविधान (संपा॰) प्रसाद राजेन्द्र लेखक:राजेन्द्र प्रसाद 1957 16 पृष्ठ:भारत का संविधान (१९५७).djvu/##
{{pull quote|Notwithstanding anything in the foregoing provisions of this Part, Parliament may by law indemnify any person in the service of the Union or of a State or any other person in respect of any act done by him in connection with the maintenance or restoration of order in any area within the territory of India where martial law was in force or validate any sentence passed, punishment inflicted, forfeiture ordered or other act done under martial law in such area.
सन्दर्भ
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भारत का संविधान
श्रेणी:भारतीय संविधान के अनुच्छेद