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अवियल
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Avial Ayiyal.jpg अवियल केरल की पाकशैली केरल India सब्ज़ियाँ, नारियल, दही
विभिन्न प्रकार की सब्ज़ियों, गाढ़े दही और नारियल से तैयार किया जाने वाला एक पारंपरिक व्यंजन अवियल है। अवियल विटामिन, खनिज, आहार फाइबर और प्रोटीन से भरपूर माना जाता है। इसलिए इसे पौष्टिक और स्वास्थ्यवर्धक व्यंजन माना जाता है। इसमें कई प्रकार की सब्ज़ियों का उपयोग किया जाता है। केरल के पारंपरिक सद्य में अवियल एक अनिवार्य व्यंजन है।
अवियल में आमतौर पर कच्चा केला, सुरण, सेम, चिचिंडा, खीरा, सहजन की फलियाँ, गाजर, केला, कुम्हड़ा, कद्दू, करेला, सहजन, चिचिंडा, फ्रेंच बीन्स और हरी मिर्च जैसी सब्ज़ियों का उपयोग किया जाता है। कुछ लोग दही के स्थान पर टमाटर, कच्चा आम या इमली का उपयोग करते हैं। अवियल को चावल के साथ या मुख्य भोजन के अन्य व्यंजनों के साथ खाया जा सकता है।https://www.manoramaonline.com/pachakam/recipes/2019/08/08/aviyal-kerala-recipe.html Aviyal Recipe in Malayalam
सामग्री
सुरण, कच्चा केला, कुम्हड़ा, गाजर, सेम, बैंगन, खीरा, सहजन की फलियाँ, चिचिंडा और सेम की अन्य किस्में अवियल में सामान्य रूप से उपयोग की जाने वाली सब्ज़ियाँ हैं। इनमें से कुछ सब्ज़ियों को अवियल में अपेक्षाकृत बाद में शामिल किया गया। कोझिकोड क्षेत्र में तैयार किए जाने वाले अवियल में करेला भी मिलाया जाता है। वहीं कोल्लम क्षेत्र के अवियल की कुछ किस्मों में अन्य सब्ज़ियों के साथ टमाटर भी डाला जाता है। कुछ लोग अवियल में दही का उपयोग नहीं करते और उसके स्थान पर कच्चा आम या इमली का गूदा डालते हैं। इसे बनाने की विधि के अनुसार अधिक चटनी या ग्रेवी वाले रूप में अथवा हल्की सूखी, अर्ध-शुष्क सब्ज़ी के रूप में तैयार किया जा सकता है। आमतौर पर इसे चावल के साथ खाया जाता है।
“अवियल” शब्द का प्रयोग कुछ संदर्भों में “उबला हुआ” या “पानी में पकाया हुआ” के अर्थ में भी किया जाता है। यह अर्थ इस व्यंजन को तैयार करने की विधि से संबंधित है, जिसमें सब्ज़ियों को पानी में पकाया जाता है।
अवियल का इतिहास
ऐसा माना जाता है कि अवियल का आविष्कार पांडवों में से एक भीम ने अपने वनवास के दौरान किया था। एक प्रसिद्ध कथा के अनुसार, उस समय भीम ने बल्लव नाम धारण किया था और राजा विराट के महल की रसोई में रसोइए के रूप में काम करने लगे थे। उन्हें खाना पकाने का विशेष अनुभव नहीं था। एक दिन उन्होंने विभिन्न प्रकार की सब्ज़ियों को काटकर एक साथ उबाला और उसके ऊपर कद्दूकस किया हुआ नारियल डाल दिया। इसी प्रकार अवियल के जन्म की कथा बताई जाती है।http://recipes.keralaglobal.com/avial.php Avial recipes.keralaglobal.com 30 May 2017 29 अक्तूबर 2008 https://web.archive.org/web/20081029222037/http://recipes.keralaglobal.com/avial.php deadhttp://www.onamfestival.org/avial.html Avial, Recipe of Avial, Avial Recipe Siddhartha Gupta www.onamfestival.org 30 May 2017 इस कथा के कई रूप प्रचलित हैं। एक कथा के अनुसार, राजा विराट के महल में अचानक कुछ अतिथि आ गए और उनके लिए भोजन तैयार करना आवश्यक हो गया। किसी एक प्रकार की सब्ज़ी से अलग व्यंजन तैयार करने के लिए पर्याप्त मात्रा में सब्ज़ियाँ उपलब्ध नहीं थीं। इसलिए भीम ने उपलब्ध सभी सब्ज़ियों को एक साथ मिलाकर एक नया व्यंजन तैयार किया। बाद में यही व्यंजन अवियल के नाम से प्रसिद्ध हुआ।
एक अन्य कथा कौरवों द्वारा भीम को मारने के प्रयास से जुड़ी हुई है। कहा जाता है कि कौरवों ने भीम को विष देकर बाँध दिया और उन्हें पानी में फेंक दिया। इसके बाद उन्होंने यह खबर फैला दी कि उन्होंने भीम को पानी में डूबते हुए देखा था। शोक की अवधि समाप्त होने के बाद भीम के अंतिम संस्कार के लिए एक भोज आयोजित करने की तैयारी शुरू की गई। लेकिन अचानक नागों द्वारा बचाए जाने के बाद भीम जीवित अवस्था में पानी से बाहर आ गए। इसके बाद भोज की तैयारियाँ रोक दी गईं। इस निर्णय से भीम प्रसन्न नहीं हुए और उन्होंने उपलब्ध सभी सब्ज़ियों को एक साथ मिलाकर एक नया व्यंजन तैयार करने का निर्णय लिया। बाद में यही व्यंजन अवियल के नाम से लोकप्रिय हुआ, ऐसा इस कथा के एक अन्य रूप में बताया जाता है।
अवियल की उत्पत्ति से जुड़ी एक अन्य प्रसिद्ध पुरानी कथा केरल के त्रावणकोर राज्य से संबंधित है। कहा जाता है कि त्रावणकोर के राजा ने एक विशाल भोज का आयोजन किया था। राज्य के लगभग सभी लोग भोज में शामिल होने के लिए पहुँचे, जिसके कारण परोसी जाने वाली करी कम पड़ने लगी। राजमहल की रसोई में भी सामग्री की कमी थी। जब राजा रसोई में पहुँचे, तो उन्होंने देखा कि सब्ज़ियों को काटते और छीलते समय उनके काफी हिस्से को बेकार समझकर फेंक दिया गया था। राजा ने रसोइए को आदेश दिया कि इन बची हुई सब्ज़ियों और अन्य उपलब्ध सामग्री का उपयोग करके एक करी तैयार की जाए। इसी प्रकार अवियल के जन्म की एक कथा बताई जाती है। राजा ने यह भी आदेश दिया कि इस नए व्यंजन को भोज में सबसे पहले परोसा जाए। इसी कारण से सद्य में अवियल को सबसे पहले परोसे जाने वाले प्रमुख व्यंजनों में से एक माना जाता है।
एक अन्य स्थानीय परंपरा के अनुसार, स्वाति तिरुनाल राम वर्मा के राजदरबार के कवि इरयिम्मन थम्पी को भी अवियल के आविष्कार का श्रेय दिया जाता है। कहा जाता है कि एक बार राजमहल में आयोजित भोज के दौरान करी कम पड़ गई। राजा और उनके सेवक इस समस्या का समाधान समझ नहीं पा रहे थे। तब बुद्धिमान इरयिम्मन थम्पी रसोई में गए। वहाँ उन्होंने देखा कि करी के लिए काटी गई सब्ज़ियों के कई हिस्से बेकार समझकर फेंक दिए गए थे। थम्पी ने उन सब्ज़ियों के फेंके गए हिस्सों में से खाने योग्य भागों को अलग किया और उन्हें एकत्र किया। पर्याप्त मात्रा में सब्ज़ियाँ इकट्ठी होने के बाद उन्होंने उन्हें एक बर्तन में डालकर पकाया। उनका उद्देश्य एरिश्शेरी जैसी करी तैयार करना था, लेकिन खाना पकाने का अधिक अनुभव न होने के कारण उनके द्वारा तैयार किया गया व्यंजन एरिश्शेरी से अलग और गाढ़ा बन गया। जब इसे चावल के साथ परोसा गया, तो लोगों को उसका स्वाद और सुगंध बहुत पसंद आया। राजा ने भी इसे काफी पसंद किया। बाद में इरयिम्मन थम्पी ने इस नए व्यंजन का नाम अवियल रखा और उसी विधि से इसे दोबारा तैयार किया। दूसरी बार तैयार किया गया अवियल पहले से भी अधिक स्वादिष्ट बना। इस प्रकार अवियल के जन्म की यह कथा भी प्रचलित हुई।https://www.manoramaonline.com/pachakam/features/2021/08/18/avial-story.html ഏറ്റവും കൂടുതൽ പച്ചക്കറികൾ ചേർത്തുണ്ടാക്കുന്ന അവിയലിന്റെ ചരിത്രം 2024-09-19 ml
अवियल की विभिन्न किस्में
केरल के अलग-अलग क्षेत्रों में अवियल को अलग-अलग तरीकों से तैयार किया जाता है। मध्य केरल में कुछ स्थानों पर अवियल में दही का उपयोग नहीं किया जाता।https://www.manoramaonline.com/pachakam/readers-recipe/2019/09/04/malabar-style-sadhya-aviyal.html അവിയൽ ഒട്ടും കുഴഞ്ഞു പോകാതെ തയാറാക്കാം 2024-09-19 ml कुछ क्षेत्रों में सूखी मछली मिलाकर मीन अवियल भी तैयार किया जाता है। इसी प्रकार कसावा (मरच्चीनी) मिलाकर कसावा अवियल भी बनाया जाता है। इस प्रकार अवियल की कई स्थानीय किस्में प्रचलित हैं। हालाँकि, पारंपरिक अर्थ में अवियल से मुख्य रूप से विभिन्न सब्ज़ियों से तैयार किए जाने वाले पारंपरिक सब्ज़ी अवियल को ही समझा जाता है। फिर भी, अवियल केरल के लोगों के प्रिय व्यंजनों में से एक है। अपने स्वाद, विविध सब्ज़ियों और पोषण के कारण यह एक लोकप्रिय और स्वास्थ्यवर्धक व्यंजन माना जाता है तथा इसे केरल की विशिष्ट पाक परंपरा का महत्वपूर्ण हिस्सा माना जाता है।
संदर्भ
बाहरी कड़ियाँ
Avial (food)
Kerala Style Avial
श्रेणी:केरल का खाना
श्रेणी:तमिल खाना