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सुरेन्द्र मोहन पाठक
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सुरेन्द्र मोहन पाठक Surender M Pathak.jpg 200px १९ फ़रवरी, १९४० खेमकरण, पंजाब, भारत लेखक, अभियंता भारतीय हिन्दी आधुनिक काल उपन्यास और कहानी अपराध कथा, रोमांच कथा, रहस्य कथा जासूसी उपन्यास के स्वर्ण युग पैंसठ लाख की डकैती, दिन-दहाड़े डकैती, मवाली, मीना मर्डर केस, असफल अभियान, खाली वार, धमकी, जादूगरनी, तीन दिन www.smpathak.com
सुरेन्द्र मोहन पाठक (जन्म: १९ फ़रवरी १९४०) हिंदी भाषा में लगभग ३०० थ्रिलर अपराध उपन्यास (Crime fiction) लिखने वाले लेखक हैं।
जीवन परिचय
सुरेन्द्र मोहन पाठक का जन्म १९ फ़रवरी १९४० को खेमकरण, अमृतसर, पंजाब में हुआ था। उनके पिता का नाम पन्ना लाल पाठक था।विज्ञान में स्नातक की उपाधि लेने के पश्चात इन्होने ने भारतीय दूरभाष उद्योग में नौकरी करने लगे। पढने के शौक़ीन आप बचपन से ही थे। आपने अपनी युवावस्था तक कई राष्ट्रीय और अंतराष्ट्रीय लेखकों को पढ़ा था।
उपन्यास लेखन
सन १९६० में, अपने कार्य-काल के दौरान ही सुरेन्द्र मोहन पाठक ने मात्र २० वर्ष की उम्र में ही प्रसिद्द अंतराष्ट्रीय ख्यातिप्राप्त उपन्यासकार इयान फ्लेमिंग रचित जेम्स बांड के सीरीज और जेम्स हेडली चेज (James Hadley Chase) के उपन्यासों का अनुवाद करना प्रारंभ कर दिया। सुरेन्द्र मोहन पाठक के द्वारा अनुवादित उपन्यासों की मांग लगातार भारतीय हिंदी-भाषी बाजार में बढ़ने लगी।
सन १९५९ में, आपकी अपनी कृति, प्रथम कहानी “५७ साल पुराना आदमी” मनोहर कहानियां नामक पत्रिका में प्रकाशित हुई। सन १९६९ आपका पहला पूर्ण उपन्यास “ऑपरेशन बुडापेस्ट” आया। “ऑपरेशन बुडापेस्ट” आपके द्वारा लिखी गयी ३० वीं कृति थी। आपका पहला उपन्यास “पुराने गुनाह नए गुनाहगार”, सन १९६३ में “नीलम जासूस” नामक पत्रिका में छपा था। सन १९६३ से सन १९६९ तक विभिन्न पत्रिकाओं में आपके उपन्यास छपते रहे।
सुरेन्द्र मोहन पाठक का सबसे प्रसिद्द उपन्यास “असफल अभियान” और “खाली वार” था जिसने पाठक जी को प्रसिद्धि के सबसे ऊँचे शिखर पर पहुंचा दिया। इसके पश्चात आपने अभी तक पीछे मुड़ कर नहीं देखा है। "पैंसठ लाख की डकैती" नामक उपन्यास का अंग्रेजी में अनुवाद भी प्रकाशित हुआ तथा यह खबर टाईम मैगज़ीनमें भी प्रकाशित हुई थी। यह खबर भी आई थी कि इस उपन्यास की लगभग ढाई करोड़ प्रतियाँ बिकी थीं।http://m.livehindustan.com/mobile/news/tayaarinews/tayaarinews/article1-story-67-67-215955.html संग्रहीत प्रति 13 फ़रवरी 2014 https://web.archive.org/web/20140222033911/http://m.livehindustan.com/mobile/news/tayaarinews/tayaarinews/article1-story-67-67-215955.html 22 फ़रवरी 2014 dead
किरदार
सुनील
श्री सुरेन्द्र मोहन पाठक जी की कृतियों का प्रारंभ “सुनील” श्रृंखला के पहले उपन्यास “पुराने गुनाह नए गुनाहगार” से होता है। आपने इस श्रृंखला के अंतर्गत लगभग १२० उपन्यासों की रचना की है। एक ही किरदार पर आधारित उपन्यासों की रचना करने वाले, आप विश्व के प्रथम लेखक हैं। सुनील, राजनगर नामक काल्पनिक शहर के एक काल्पनिक दैनिक अखबार “ब्लास्ट” का खुशमिजाज, ईमानदार, सच्चा खोजी-पत्रकार है। राजनगर समुद्र तट के किनारे बसा एक शहर है। सुनील हमेशा मजलूम और समय के सताए हुए लोगों की सहायता करता है जो किसी कारण से जुर्म के झूठे जाल में फंस जाते हैं। सुनील हमेशा निर्दोष इंसानों की सहायता के लिए निःस्वार्थ भाव से तैयार रहता है। वहीँ अधिकतर कहानियों उसे मुसीबतजदा हसीनाओं की सहायता करते दिखाया गया है, जिसमे वह भी फंसता-फंसता बचता है। अपने प्रिय मित्र रमाकांत मल्होत्रा (जो की नगर के प्रतिष्ठित क्लब “यूथ क्लब” के मालिक हैं) और उसके कर्मचारियों की सहायता से कई केस हल करता है। सुनील श्रृंखला के उपन्यासों में “प्रभुदयाल” नामक एक ईमानदार इंस्पेक्टर का भी किरदार है, जिसके साथ सुनील का छत्तीस का आंकड़ा चलता है। सुनील प्रायः पुलिस की तहकीकात से २ कदम आगे की तहकीकात करता है और प्रभुदयाल इन्ही आदतों से सुनील से परेशान रहता है। सुनील श्रृंखला के उपन्यासों की सबसे बड़ी खासियत, उसमें प्रस्तुत की गयी मर्डर-मिस्ट्री और हाजिरजवाबी होती है।
सुधीर
सुरेन्द्र मोहन पाठक जी के सुधीर सीरीज का मुख्य किरदार सुधीर कोहली नामक प्राइवेट डिटेक्टिव है। सुधीर सीरीज के उपन्यास मुख्यतः प्रथम वाचक में होते हैं। सुधीर, सुनील का एक विपरीत किरदार है। सुधीर, दिल्ली पुलिस के इंस्पेक्टर देवेन्द्र यादव की सहायता से कई केस को हल करता है, जो समय के अनुसार अपने आप को ईमानदार और बईमान बना लेता है। सुधीर सीरीज के एक उपन्यास का अंग्रेजी में भी अनुवाद किया गया है जिसका नाम “The last goal” है।
विमल
सुरेन्द्र मोहन पाठक जी का सबसे प्रसिद्द श्रृंखला विमल है। विमल नामक किरदार पाठक जी के उपन्यासों में कई नामों से जाना जाता है। विमल एक रॉबिनहुड सरीखा किरदार है जो कानून से भागता फिरता है। विमल एक ऐसा किरदार है जिसने जुर्म का समूल नाश करने की कसम खाई है। पाठक जी के सभी श्रृंखलाबद्ध उपन्यासों में इस उपन्यास का बेसब्री से इंतज़ार किया जाता है और पसंद किया जाता है। विमल न तो प्राइवेट डिटेक्टिव है और न पुलिस ऑफिसर, वह सात राज्यों में वांटेड मुजरिम है।
थ्रिलर
श्री सुरेन्द्र मोहन पाठक ने श्रृंखलाबद्ध उपन्यासों के अलावा कई ऐसे उपन्यास लिखे हैं जिन्हें थ्रिलर श्रेणी के अन्दर लिया जाता है। साथ ही आपने कई जोक-बुक भी लिखे हैं जिसमे आपने कई चुटकुलों का संग्रह किया है।
श्रृंखलाबद्ध कार्य
सुनील सीरीज
क्रम संख्या उपन्यास का नाम प्रकाशन वर्ष 1)पुराने गुनाह नये गुनाहगारअक्टूबर - 19632)समुद्रा मे खून (धरती का स्वर्ग)मई - 19643)होटल में खूननवम्बर - 19654)बदसूरत चेहरेदिसम्बर - 19655)ब्लेकमेलर की हत्या (एक तीर दो शिकार)फरवरी - 19666)हांगकांग में हंगामा (देश द्रोही)मार्च - 19667)मूर्ति की चोरीमार्च - 19668)शैतान की मौत (बेनकाब चेहरा)मई - 19669)रिपोर्टर की हत्याजून - 196610)आस्तीन के साँपअगस्त - 196611)हत्यारे (रहष्य के धागे)सितम्बर - 196612)रेड सर्कल सोसाइटीनवम्बर - 196613)ये आदमी खतरनाक है .(खतरनाक अपराधी, कार्ल प्ल्यूमर की वापसी)जनवरी-196714)खतरनाक ब्लेकमेलरजुलाई - 196715)हांगकांग के लूटेरेसितम्बर - 196716)हत्या की रातनवम्बर - 196717)बंदर की करामातदिसम्बर - 196718)काला मोतीजनवरी-196819)डबल रोलफरवरी - 196820)सफल अपराधीमार्च - 196821)झूठी औरतमई - 196822)मुर्दा जी उठाजुलाई - 196823)शाही मेहमानअगस्त - 196824)फ्लेट मे लाशफरवरी - 196925)फरार अपराधीअप्रैल - 196926)ऑपरेशन डबल एजेंटजुलाई - 196927)डरपोक अपराधीसितम्बर - 196928)लन्दन मे हंगामाअक्टूबर - 196929)दोहरी चालनवम्बर - 196930)विक्षिप्त हत्याराजनवरी-197031)योरोप मे हंगामाजनवरी-197032)विनाश के बादलफरवरी - 197033)ऑपरेशन पीकिंगमई - 197034)बारूद और चिंगारीजून - 197035)खूनी नेकलेसअगस्त - 197036)पाकिस्तान की हसीना (ऑपरेशन पाकिस्तान)सितम्बर - 197037)ऑपरेशन जनरल Kनवम्बर - 197038)आखिरी शिकारमार्च - 197139)कॉल गर्ल की हत्याजुलाई - 197140)खून ही खूनसितम्बर - 197141)अमन के दुश्मनदिसम्बर - 197142)हाइजेक (लहू पुकारेगा आस्तीन का)जनवरी-197243)दूसरी हत्याअप्रैल - 197244)एक खून औरजुलाई - 197245)बसरा मे हंगामाजनवरी-197346)एक्सीडेंटअप्रैल - 197347)सिन्हा मर्डर केसमई - 197348)नीली फिल्मेंजुलाई - 197349)ऑपरेशन ढाकाअगस्त - 197350)ब्लेकमेलअक्टूबर - 197351)खिलाडी की हत्यानवम्बर - 197352)रहश्य का अंधेरादिसम्बर - 197453)मौत की छायाफरवरी - 197554)ट्रिपल क्रॉसअप्रैल - 197555)डबल मिशनजुलाई - 197556)स्पाइ चक्रसितम्बर - 197557)चोर सिपाहीनवम्बर - 197558)सिंगल Shotदिसम्बर - 197559)ऑपरेशन सिंगापुरमार्च - 197660)काली हवेलीमई - 197661)पिशाच का प्रतिशोधजुलाई - 197662)खून का खेलनवम्बर - 197663)नया दिन नयी लाशफरवरी - 197764)शूटिंग स्क्रिप्टमई - 197765)तस्वीर की शहादतमई - 197766)सेक्स स्केंडलसितम्बर - 197767)जान का खतरादिसम्बर - 197768)लाश का कत्लमार्च - 197869)डबल मर्डरअप्रैल - 197870)जासूस की हत्याजून - 197871)स्टार नाइट क्लबजुलाई - 197872)गर्म लाशनवम्बर - 197873)बंद दरवाज़ाजनवरी-197974)अंधेरे की चीखमार्च - 197975)मौत की आहटमार्च - 197976)मीना मर्डर केसजुलाई - 197977)अनोखी चालसितम्बर - 197978)नौ जुलाई की रातजनवरी-198079)खाली कारतूसफरवरी - 198080)ऑफिस मे लाशमई - 198081)विषकन्यासितम्बर - 198082)पार्क मे लाशजनवरी-198183)झूठी गवाहीमार्च - 198184)ब्लो अपअप्रैल - 198185)संगीन जुर्मअप्रैल - 198286)टॉप सीक्रेटमई - 198287)जादूगरनीअप्रैल - 198388)खून से रंगा चाकूमई - 198389)अंधेरी रातजुलाई - 198390)मैं बेगुनाह हूँनवम्बर - 198491)नकली वारिसजनवरी-198592)पीला गुलाबसितम्बर - 198593)ताज़ा खबरफरवरी - 198694)काला कारनामामार्च - 198795)लाश गायबअक्टूबर - 198796)फ्रंट पेजदिसम्बर - 198897)दिवाली की रातमई - 198998)कानून का चेलेंजअगस्त - 199099)प्राइम सस्पेक्टमार्च - 1991100)गोली और जहरनवम्बर - 1993101)पापी परिवारअगस्त - 1994102)स्टॉप प्रेसअप्रैल - 1995103)झेरी हत्याकांडअक्टूबर - 1995104)अहिरवाल केससितम्बर - 1997105)कमरा न. 303मई - 1998106)गुनाह की जंजीरनवम्बर - 1998107)घर का भेदी जनवरी- 1999108)ब्लेक लिस्टजून - 2000109)धमकी अप्रैल - 2001110)झांसामई - 2002111)निशानीसितम्बर - 2003112)स्केंडल पॉइंटअक्टूबर - 2004113)फिंगर प्रिंट नवम्बर - 2004114)भक्षकअक्टूबर - 2006115)पूरे चाँद की रातजनवरी- 2007116)बिचौलियादिसम्बर - 2007117)जालअक्टूबर - 2008118)नकाबअगस्त - 2009119)धब्बाजून - 2010120)डबल गेमअगस्त - 2012121सिंगला मर्डर केसअप्रैल -2014122कानमेनजून -2018
विमल सीरीज
क्रम संख्या उपन्यास का नाम प्रकाशन वर्ष 1)मौत का खेलजनवरी - 19712)दौलत और खूनमार्च - 19713)इश्तिहारी मुजरिमदिसम्बर - 19764)पैंसठ लाख की डकैतीमई - 19775)आज क़त्ल होकर रहेगाअक्टूबर - 19776)बैंक वैन रॉबरीअप्रैल - 19787)मौत का फरमाननवम्बर - 19788)दिन दहाड़े डकैतीजून - 19809)असफल अभियानसितम्बर - 198110)खाली वारदिसम्बर - 198111)हार-जीतदिसम्बर - 198212)विमल का इंसाफजनवरी - 198413)मौत का नाचमार्च - 198414)खून के आंसूमई - 198415)जीना यहाँअगस्त - 198616)मरना यहाँ अक्टूबर - 198617)चेहरे पे चेहरानवम्बर - 198718)किस्मत का खेलदिसम्बर - 198719)पाप की नगरीमई -199020)लेख की रेखाजुलाई - 199021)जहाज का पंछीअप्रैल - 199222)खबरदार शहरीजुलाई - 199223)मौत का रस्ताअक्टूबर - 199224)डार से बिछुड़ानवम्बर - 194425)मौत के मुहं मेजनवरी - 199526)अल्टीमेटमअगस्त - 199627)सौ करोड की गुल्लकअक्टूबर - 199628)छह सिर वाला रावणदिसम्बर - 199629)हज़ार हाथअक्टूबर - 199830)दमन चक्रजुलाई - 199931)छह करोड का मुर्दासितम्बर - 199932)जौहर ज्वालादिसम्बर - 199933)चंडाल चौकड़ीअक्टूबर -200134)शेरसवारी नवम्बर - 200135)आग का दरियाफरवरी - 200236)जमीर का कैदीदिसम्बर - 200537)कर्मयोद्धामार्च - 200638)पलटवार जून - 200639)चेम्बूर का दाताजनवरी - 201140)लाल निशानमई - 201141)सदा नगारा कूच काअगस्त - 201142)जो लरै दीन के हेतअगस्त - 201443)कहरअप्रैल - 201944)जाके बैरी सन्मुख जीवे अगस्त - 201945) मै अपराधी जन्म का फरवरी -2021)द 65 लाख हिस्ट2)डेलाइट रॉबरी
सुधीर सीरीज
क्रम संख्या उपन्यास का नाम प्रकाशन वर्ष 1)आखिरी कोशिशमार्च - 19802)मलिका का ताजजून - 19803)गोली की आवाज़नवम्बर - 19804)निम्फोमनियकमार्च - 19825)सफ़ेद खूनमार्च - 19856)लेट न्यूज़जनवरी - 19877)खुनी घटनामार्च - 19888)आखिरी मकसददिसम्बर - 19909)क़त्ल का सुरागदिसम्बर - 199310)पांचवां निशानमार्च - 199411)घातक गोलीमार्च - 199712)गड़े मुर्देदिसम्बर - 199713)वन वे स्ट्रीटसितम्बर - 199814)खतरे की घंटीमार्च - 200015)गोल्डन गर्लनवम्बर - 200216)बाज़ीमार्च -200317)ओवरडोज़जून - 200518)घात सितम्बर - 200519)प्यादाजून - 200920)चोरों की बारातफरवरी - 201221)बहुरुपियाअक्टूबर - 201322)इंसाफ दोअप्रैल - 201723)पाँच दिनमई 2023अनुवादित कार्य (अंग्रेजी) 1)द लास्ट गोलजनवरी - 2011
थ्रिलर सीरीज
क्रम संख्या उपन्यास का नाम प्रकाशन वर्ष 1)चार अपराधीअप्रैल - 19682)कार में लाशअक्टूबर - 19743)क़त्ल की वारदातमई - 19764)वर्ल्ड फेमस मिस्ट्री स्टोरीजमार्च - 19775)गैंगवारदिसम्बर - 19776)आगे भी मौत पीछे भी मौतनवम्बर - 19787)आई विटनेसजून - 19798)अनोखी रातअगस्त - 19809)दफा 302अक्टूबर - 198010)खुनी हवेलीजनवरी - 198111)मेरी जान के दुश्मनमार्च - 198112)इंतकामअक्टूबर - 198113)लम्बे हाथनवम्बर - 198214)विश्वास की हत्याफरवरी - 198315)खाली मकानसितम्बर - 198316)बीवी का हत्याराअगस्त - 198417)वो कौन थीमई - 198518)एक करोड़ का जूताजून - 198519)डायल 100जुलाई - 198520)तीन दिनजनवरी - 198621)मौत का आतंकअप्रैल - 198622)दस मिनटदिसम्बर - 198623)कागज की नावजून - 198724)जीने की सजाजुलाई - 198825)बीस लाख का बकराअगस्त - 198826)तीसरा कौनजनवरी - 198927)पांच पापीमई - 198928)गुनाह का क़र्ज़मई - 199129)शक की सुईअक्टूबर - 199130)एक ही अंजामअप्रैल - 199231)तड़ी पारअप्रैल - 199332)आज़ाद पंछीअगस्त - 199333)मवालीजून - 199534)मौत आई दबे पाँवजून - 199735)फिफ्टी-फिफ्टीमई - 199836)साज़िशजनवरी - 200037)दहशतगर्दीदिसम्बर - 200038)कांपता शहरजनवरी - 200239)एक ही रास्ताअप्रैल - 200340)दो गज कफ़नजनवरी - 200541)मकड़जालमई - 200742)ग्रैंडमास्टरअगस्त - 200743)गवाहीमार्च - 201044)सीक्रेट एजेंटनवम्बर - 2012
जीतसिंह सीरीज
क्रम संख्या उपन्यास का नाम प्रकाशन वर्ष 1)दस लाखअप्रैल - 19962)30 लाखजून - 19983)पचास लाखसितम्बर - 20004)खोटा सिक्काफरवरी - 20045)जुर्रतमई - 20046)मिडनाइट क्लबअगस्त - 20087)कोलाबा कांस्पीरेसीफरवरी - 20148)गोवा गलाटा मार्च - 20159)मुझसे बुरा कौन अप्रैल - 201610)मुझसे बुरा कोई नहींजुलाई - 201611)हेरा-फेरीजून - 201712)दुबई गैंगफरवरी 2024
मुकेश माथुर सीरीज
क्रम संख्या उपन्यास का नाम प्रकाशन वर्ष 1)सात साल बाददिसम्बर - 19942)वारिसअगस्त - 20023)वहशीफरवरी - 20074)क्रिस्टल लॉजसितम्बर - 2015
विवेक अगाशे सीरीज
क्रम संख्या उपन्यास का नाम प्रकाशन वर्ष 1)क्राइम क्लबजनवरी - 19912)कोई गवाह नहींमार्च - 19993)गन्दा खूननवम्बर - 20034)धोखाजनवरी - 20095)तीसरा वारदिसम्बर - 2009
विकास गुप्ता सीरीज
क्रम संख्या उपन्यास का नाम प्रकाशन वर्ष 1)धोखा-धड़ीनवम्बर - 19812)बारह सवालदिसम्बर - 19893)आठ दिनअप्रैल - 2008
प्रमोद सीरीज
क्रम संख्या उपन्यास का नाम प्रकाशन वर्ष 1)मौत का सफ़रअक्टूबर - 19662)आधी रात के बादअगस्त - 19673)जान की बाज़ीअक्टूबर - 19704)एक रात एक लाशजुलाई - 1976
सामाजिक सीरीज
क्रम संख्या उपन्यास का नाम प्रकाशन वर्ष 1)आशाअक्टूबर - 19682)एक मामूली लड़कीमार्च - 1974
बालकथा सीरीज
क्रम संख्या उपन्यास का नाम प्रकाशन वर्ष 1)कुबड़ी बुढिया की हवेलीजुलाई - 19712)बेताल और शहजादीजून - 1972
जोक बुक्स
क्रम संख्या उपन्यास का नाम प्रकाशन वर्ष 1)फ़िल्मी पठाकेअक्टूबर - 19682)दीवानी दुनियादिसम्बर - 19723)सतरंगी दुनियाजनवरी - 19774)गो इजी ऑन लाफफरवरी -19785)रंगीली दुनियासितम्बर - 19796)अलबेली दुनियानवम्बर - 19977)सजीली दुनियामार्च - 19998)छबीली दुनियाजनवरी - 20009)अठरंगी दुनियानवम्बर - 200010)कार्टून कार्निवालअगस्त - 200111)नवरंगी दुनियाअक्टूबर - 200212)चमकीली दुनियाफरवरी - 200313)जूसी जोक बुकफरवरी - 200314)फ़िल्मी दुनियाअप्रैल - 200415)हठीली दुनियाजून - 200516)फन-फन-फंडा-1अगस्त - 200517)फन-फन-फंडा-2अगस्त - 200518)सबरंगी दुनियाअक्टूबर - 200519)मनचली दुनियाअप्रैल - 200720)फन-फन-फंडा-3मार्च - 200821)फन-फन-फंडा-4मार्च - 200822)भड़कीली दुनियाअक्टूबर - 200923)लाफ फैक्ट्री - 1नवम्बर - 201024)लाफ फैक्ट्री - 2नवम्बर - 201025)लाफ फैक्ट्री - 3नवम्बर - 201026)लाफ फैक्ट्री - 4नवम्बर - 2010
बाहरी कड़ियाँ
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ग्लोबल पोस्ट में लेखक पर छपा लेख
जब दे राइट - इंडियन एक्सप्रेस
द टाइम्स ऑफ़ इंडिया में लेखक पर छपा लेख
नथिंग न्यू इन बी-टाउन - हिंदुस्तान टाइम्स
सुरेन्द्र मोहन पाठक - द किंग ऑफ़ पल्प फिक्शन (द टाइम्स ऑफ़ इंडिया)अप्रैल 2021 InternetArchiveBot
कल्ट स्टेटस - बट नो मार्किट (द टाइम्स ऑफ़ इंडिया)
डू यू नो दिस मैन? (तहलका)इंटरव्यू - (डीएनए)
A peek into the noir world of Hindi pulp fiction (हिंदुस्तान टाइम्स)
इन द मिडिल ऑफ़ मर्डर (मिड डे)
कोलाबा कांस्पीरेसी पर लिखा गया लेख - लाइवमिंट
लेख (इंडिया टुडे)
विडिओ - ब्लाफ्ट पब्लिकेशन इंटरव्यू
विडिओ - तहलका.कॉम
विडिओ - हिंदुस्तान टाइम्स ब्रंच मैगजीन इंटरव्यू
विडिओ - ख़ास मुलाक़ात - P7 चैनल
इन्हें भी देखें
वेद प्रकाश शर्मा
इब्ने सफी
सुरेन्द्र मोहन (राजनेता)
सन्दर्भ
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श्रेणी:हिंदी थ्रिलर उपन्यासकार