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411 समाचार
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411 REFERENCE · Wikipedia

नलिनी बाला देवी

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नलिनी बाला देवी নলিনীবালা দেৱী Nalini bala devi.JPG 220px गुवाहाटी के पल्टन बाजार में नलिनी बाला देवी की प्रतिमा 23 मार्च 1898 गुवाहाटी, असम 24 दिसम्बर 1977 कवि, लेखिका असमिया भारतीय भारतीय सोंधियारा सुर अलकनंदा जीवेश्वर चङकाकोटि साहित्य अकादमी पुरस्कार (असमिया) पद्मश्री नलिनी बाला देवी (२३ मार्च १८९८ – २४ दिसम्बर १९७७) असमिया भाषा की प्रसिद्ध कवयित्री थीं।An author & a trailblazer personality http://www.telegraphindia.com/1040209/asp/northeast/story_2872795.asp The Telegraph 9 February 2004 18 September 2012 https://web.archive.org/web/20111230191224/http://www.telegraphindia.com/1040209/asp/northeast/story_2872795.asp 30 दिसंबर 2011 live वे अपनी राष्ट्रवादी तथा रहस्यवादी कविता के लिये प्रसिद्ध हैं।Das, p. 197 उनके साहित्यिक योगदान के लिये भारत सरकार ने १९५७ में उन्हें पद्मश्री से सम्मानित किया तथा १९६८ में उनकी काव्यकृति अलकनन्दा के लिये उन्हें साहित्य अकादमी पुरस्कार (असमिया) प्रदान किया गया।http://sahitya-akademi.gov.in/sahitya-akademi/awards/akademi%20samman_suchi_h.jsp अकादमी पुरस्कार साहित्य अकादमी 11 सितंबर 2016 https://web.archive.org/web/20160915135020/http://sahitya-akademi.gov.in/sahitya-akademi/awards/akademi%20samman_suchi_h.jsp 15 सितंबर 2016 dead साहित्यिक योगदान पति की अकाल मृत्यु पर पाँच सन्तानों के साथ कष्टपूर्ण जीवन बिताना पड़ा। इसके बाद दुर्भाग्यबश उनके दो पुत्रों की भी अकाल मृत्यु हो गयी। इस वेदना से जर्जर उन्होने अपना जीवन ईश्वर को अर्पित कर दिया। उन्होने अपना समय वेद, गीता, उपनिषद और भागवत पुराण बके अध्ययन में लगाया। शैशव में अंकुरित सुप्त प्रतिभा अब जागृत हो उठी। विवाह के समय उनके श्वसुर ने उनको एक स्वर्ण कलम उपहार दिया था। बाद में उन्होने उस कलम का मान रखा। पिता के उपदेश और प्रेरणा ने उनके जीवन युद्ध में उनकी विजय सुनिश्चित की। मात्र दस वर्ष की आयु में 'पिता' नामक कवितार से उन्होने कवि जीवन में प्रवेश लिया। प्रकाशित काव्यग्रन्थः- सन्धियार सुर (१९२८) सपोनर सुर (१९४३) स्मृतितीर्थ (१९४८) परशमणि (१९५४) युगदेवता (१९५७) जागृति (१९६०) अलकानन्दा (१९६७) विश्वदीप(१९७०) अन्तिम सुर। आत्मकथा- एरि अहा दिनबोर (१९७६)Amaresh Datta Encyclopaedia of Indian Literature: A-Devo http://books.google.com/books?id=ObFCT5_taSgC&pg=PA273 28 November 2012 1987 Sahitya Akademi 978-81-260-1803-1 273– https://web.archive.org/web/20121114200113/http://books.google.com/books?id=ObFCT5_taSgC 14 नवंबर 2012 live। प्रबन्ध - शान्तिपथ। जीवनीमूलक ग्रन्थः- स्मृति तीर्थ (पिता के जीवन के आधार पर रचित) सरदार बल्लभ भाई पटेल विश्वदीपा। अप्रकाशित ग्रन्थः- जोनाकीर स्वप्न सुरभि मन्दाकिनी सन्धियार सपोन परशमेघदूत इत्यादि। सन्दर्भ श्रेणी:असमिया साहित्यकार श्रेणी:साहित्य अकादमी द्वारा पुरस्कृत असमिया भाषा के साहित्यकार