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411 समाचार
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हर‌ियाली तीज

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हरियाली तीज हिंदू हिंदू महिलाओं द्वारा श्रावण शुक्ल तृतीया 15 अगस्तHariyali Teej 2026 Date: हरियाली तीज व्रत कब, 14 या 15 अगस्त? जानें सही तारीख, पूजा समय और महत्व https://www.jansatta.com/religion/hariyali-teej-2026-date-time-auspicious-yog-puja-muhurat-significance-hariyali-teej-kab-hai/4640598/ 1 अगस्त 2026 जनसत्ता 30 जुलाई 2026 hi शिव और पार्वतीपति का मंगलअच्छा पति पाने के लिए व्रत thumb|हर‌ियाली तीज हर‌ियाली तीज का उत्सव श्रावण मास में शुक्ल पक्ष की तृतीया को मनाया जाता है। यह उत्सव महिलाओं का उत्सव है। सावन में जब सम्पूर्ण प्रकृति हरी ओढ़नी से आच्छादित होती है उस अवसर पर महिलाओं के मन मयूर नृत्य करने लगते हैं। वृक्ष की शाखाओं में झूले पड़ जाते हैं। पूर्वी उत्तर प्रदेश में इसे कजली तीज के रूप में मनाते हैं। सुहागन स्त्रियों के लिए यह व्रत बहुत महत्व रखता है। आस्था, उमंग, सौंदर्य और प्रेम का यह उत्सव शिव-पार्वती के पुनर्मिलन के उपलक्ष्य में मनाया जाता है। चारों ओर हरियाली होने के कारण इसे हरियाली तीज कहते हैं। इस अवसर पर महिलाएं झूला झूलती हैं, लोकगीत गाती हैं और आनन्द मनाती हैं।http://navbharattimes.indiatimes.com/astro/photos/hariyali-teez-imporatnce-of-mehndi-and-swing/hariyali-teej-celebrated/photomazaashow/48501279.cms Aaj Ka Rashifal,राशिफल 2018 - Astrology in Hindi नवभारत टाइम्स 21 अक्तूबर 2016 https://web.archive.org/web/20160801125738/http://navbharattimes.indiatimes.com/astro/photos/hariyali-teez-imporatnce-of-mehndi-and-swing/hariyali-teej-celebrated/photomazaashow/48501279.cms 1 अगस्त 2016 live पर्व की मुख्य रीतें इस दिन महिलायें अपने हाथों, कलाइयों और पैरों आदि पर विभिन्न कलात्मक रीति से मेंहदी रचाती हैं। इसलिए हम इसे मेहंदी पर्व भी कह सकते हैं। इस दिन सुहागिन महिलायों द्वारा मेहँदी रचाने के पश्चात् अपने कुल की वृद्ध महिलाओं से आशीर्वाद लेने की भी एक परम्परा है। उत्सव में सहभागिता इस उत्सव में कुमारी कन्याओं से लेकर विवाहित युवा और वृद्ध महिलाएं सम्मिलित होती हैं। नव विवाहित युवतियां प्रथम सावन में मायके आकर इस हरियाली तीज में सम्मिलित होने की परम्परा है। हर‌ियाली तीज के द‌िन सुहागन स्‍त्र‌ियां हरे रंग का श्रृंगार करती हैं। इसके पीछे धार्म‌िक कारण के साथ ही वैज्ञान‌िक कारण भी सम्मिलित है। मेंहदी सुहाग का प्रतीक चिन्ह माना जाता है। इसलिए महिलाएं सुहाग पर्व में मेंहदी अवश्य लगाती है। इसकी शीतल प्रकृति प्रेम और उमंग को संतुलन प्रदान करने का भी काम करती है। ऐसा माना जाता है कि सावन में काम की भावना बढ़ जाती है। मेंहदी इस भावना को नियंत्रित करता है। हरियाली तीज का नियम है कि क्रोध को मन में नहीं आने दें। मेंहदी का औषधीय गुण इसमें महिलाओं की सहायता करता है। इस व्रत में सास और बड़े नई दुल्हन को वस्‍त्र, हरी चूड़‌ियां, श्रृंगार सामग्री और म‌िठाइयां भेंट करती हैं। इनका उद्देश्य होता है दुल्हन का श्रृंगार और सुहाग सदा बना रहे और वंश की वृद्ध‌ि हो। पौराणिक महत्व कहा जाता है कि इस दिन माता पार्वती सैकड़ों वर्षों की साधना के पश्चात् भगवान् शिव से मिली थीं। यह भी कहा जाता है कि माता पार्वती ने भगवान शिव को पति रूप में पाने के लिए १०७ बार जन्म लिया फिर भी माता को पति के रूप में शिव प्राप्त न हो सके। १०८ वीं बार माता पार्वती ने जब जन्म लिया तब श्रावण मास की शुक्ल पक्ष तृतीया को भगवन शिव पति रूप में प्राप्त हो सके। Knopf, 1996 Rajasthan तभी से इस व्रत का प्रारम्भ हुआ। इस अवसर पर जो सुहागन महिलाएं सोलह श्रृंगार करके शिव -पार्वती की पूजा करती हैं उनका सुहाग लम्बी अवधि तक बना रहता है।http://navbharattimes.indiatimes.com/astro/astrological-predictions/know-why-and-how-is-hariyali-teej-celebrated/articleshow/48499789.cms Aaj Ka Rashifal,राशिफल 2018 - Astrology in Hindi नवभारत टाइम्स 21 अक्तूबर 2016 https://web.archive.org/web/20160927040646/http://navbharattimes.indiatimes.com/astro/astrological-predictions/know-why-and-how-is-hariyali-teej-celebrated/articleshow/48499789.cms 27 सितंबर 2016 liveसाथ ही देवी पार्वती के कहने पर श‌िव जी ने आशीर्वाद द‌िया क‌ि जो भी कुंवारी कन्या इस व्रत को रखेगी और श‌िव पार्वती की पूजा करेगी उनके व‌िवाह में आने वाली बाधाएं दूर होंगी साथ ही योग्य वर की प्राप्त‌ि होगी। सुहागन स्‍त्र‌ियों को इस व्रत से सौभाग्य की प्राप्त‌ि होगी और लंबे समय तक पत‌ि के साथ वैवाह‌िक जीवन का सुख प्राप्त करेगी। इसल‌िए कुंवारी और सुहागन दोनों ही इस व्रत का रखती हैं।http://www.amarujala.com/photo-gallery/spirituality/festivals/hariyali-teej-vrat-importance?pageId=2 सावन में हरियाली तीज, इसलिए महिलाएं रचाती हैं मेंहदी, पहनती हैं हरी चूड़ियां- Amarujala 21 अक्तूबर 2016 https://web.archive.org/web/20161019090048/http://www.amarujala.com/photo-gallery/spirituality/festivals/hariyali-teej-vrat-importance?pageId=2 19 अक्तूबर 2016 live thumb|हरियाली तीज के अवसर पर गौरी पूजन पर्व का मुख्य केंद्र हरियाली तीज का उत्सव भारत के अनेक भागों में मनाया जाता है , परन्तु हरियाणा, चण्डीगढ़, राजस्थान और पश्चिमी उत्तर प्रदेश के कुरू और ब्रज आँचल में विशेषकर इसका अधिक महत्त्व है।https://books.google.co.in/books?id=9dBQw005ldgC&pg=PA39&dq=%E0%A4%B9%E0%A4%B0%E0%A4%BF%E0%A4%AF%E0%A4%BE%E0%A4%B2%E0%A5%80+%E0%A4%A4%E0%A5%80%E0%A4%9C+%E0%A4%B9%E0%A4%B0%E0%A4%BF%E0%A4%AF%E0%A4%BE%E0%A4%A3%E0%A4%BE&hl=en&sa=X&ved=2ahUKEwiju_3S-fn4AhWVxzgGHaX5AYkQ6AF6BAgFEAM#v=onepage&q=%E0%A4%B9%E0%A4%B0%E0%A4%BF%E0%A4%AF%E0%A4%BE%E0%A4%B2%E0%A5%80%20%E0%A4%A4%E0%A5%80%E0%A4%9C%20%E0%A4%B9%E0%A4%B0%E0%A4%BF%E0%A4%AF%E0%A4%BE%E0%A4%A3%E0%A4%BE&f=false Hamare Teej-Tyohar Aur Mele Kaushik Jai Narain 2002 Star Publications 978-81-85244-67-9 hi पर्व के विशेष पकवान हरियाली तीज के अवसर से पहले बहुत से मिष्ठान और पकवान बनाये जाते हैं जो विवाहित पुत्री के घर सिंधारे के रूप मेें दिये जाते हैं। यह पकवान फिर पूरे श्रावण माह में खाये जाते हैं। तीज पर विशेष रूप से पकवान भगवान उमा-शङ्कर को भोग में चढ़ाये जाते हैं। भगवान शिव को प्रिय खीर और मालपुऐं बनाये जाते हैं। घेवर व्यंजन भी विशेष रूप से बनाया जाता है। लंबे समय तक चलने वाले व्यंजन जैसे गुलगुले, शक्करपारे, सेवियाँ, मण्डे आदि भी पकाये जाते हैं। हरियाणा में सुहाली व्यंजन भी बनाया जाता है।https://books.google.co.in/books?id=9dBQw005ldgC&pg=PA39&dq=%E0%A4%B9%E0%A4%B0%E0%A4%BF%E0%A4%AF%E0%A4%BE%E0%A4%B2%E0%A5%80+%E0%A4%A4%E0%A5%80%E0%A4%9C+%E0%A4%B9%E0%A4%B0%E0%A4%BF%E0%A4%AF%E0%A4%BE%E0%A4%A3%E0%A4%BE&hl=en&sa=X&ved=2ahUKEwiju_3S-fn4AhWVxzgGHaX5AYkQ6AF6BAgFEAM#v=onepage&q=%E0%A4%B9%E0%A4%B0%E0%A4%BF%E0%A4%AF%E0%A4%BE%E0%A4%B2%E0%A5%80%20%E0%A4%A4%E0%A5%80%E0%A4%9C%20%E0%A4%B9%E0%A4%B0%E0%A4%BF%E0%A4%AF%E0%A4%BE%E0%A4%A3%E0%A4%BE&f=false Hamare Teej-Tyohar Aur Mele Kaushik Jai Narain 2002 Star Publications 978-81-85244-67-9 hi thumb|घेवर सन्दर्भ बाहरी कड़ियाँ https://web.archive.org/web/20161012095937/http://www.teejfestival.org/hariyali-teej.html http://sanskritdocuments.org/hindi/audio/geet/Jhula%20dheere%20se%20jhulavo%20amita.mp4 https://web.archive.org/web/20170513091611/http://haryanakhas.com/hariyali-teej/ श्रेणी: हिन्दू पर्व