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411 समाचार
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411 REFERENCE · Wikipedia

सफ़वी वंश

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1576 के बाद सफ़वी ध्वज دودمان صفوی सफ़वी ईरान 22 दिसंबर 1501 इस्माइल प्रथम (1501–1524) 1736 अब्बास तृतीय (1732–1736) द्वादशी शिया ईरान के शाहज़िल्लुल्लाह सफ़वी राजवंश fa सफ़वी राजवंश (fa دودمان صفوی)* Tārīkh-i ʻʻālamārā-yi ʻʻAbbāsī Afšār ta·līf-i Iskandar Baig Turkmān. Zīr-i naẓar bā tanẓīm-i fihristhā wa muqaddama-i Īraǧ 2003 Mu·assasa-i Intišārāt-i Amīr Kabīr 978-964-00-0818-8 Čāp-i 3. Tihrān 17, 18, 19, 79 fa p. 17: dudmān-i safavīa p. 18: khāndān-i safavīa p. 19: sīlsīla-i safavīa p. 79: sīlsīla-i alīa-i safavīa ईरान का एक राजवंश जिन्होने 1502 - 1730 तक राज किया। इस वंश के शासनकाल में पहली बार शिया इस्लाम राजधर्म के रूप में स्थापित हुआ। इसका पतन अफ़गानों के विद्रोहों और उस्मानी साम्राज्य के आक्रमणों के कारण 1720 में हुआ। मुग़ल बादशाह बाबर के भारत में प्रवेश करने से पहले बाबर को मध्य एशियाई सैन्य अभियानों में सफ़वियों ने बहुत मदद की और अपने सहायक के रूप में देखा। अज़रबैजानी या कुर्द मूल के माने गए सफ़वी वंश के शासकों ने ईरान को मुख्य रूप से शिया बनाया जो आधुनिक ईरान की पहचान है। आरंभिक तीन सुन्नी ख़लीफ़ाओं (अबू बकर, उमर और उस्मान) को गाली देने की परंपरा भी इन्हीं लोगों ने शुरु की। इस्माईल और अब्बास के शासन काल में साम्राज्य विस्तृत और मजबूत हुआ। मूल अर्दबिल के शेख़ सफ़ी (१२५२-१३३४) को इस वंश का स्थापक माना जाता है, हाँलांकि उस समय संगठन के हिसाब से वो एक स्थानीय सुन्नी और सूफ़ी नेता के अलावे कुछ नहीं थे। उन्होंने एक नई धार्मिक विचारधारा को जन्म दिया जिसके अनुसार इस्लाम के सही और शुद्ध रूप की आवश्यकता पर ज़ोर दिया गया। यद्यपि शेख़ सफ़ी के मूल के बारे में बहुत मालूम नहीं है पर उसके कुर्द मूल के होने की संभावना ग़लत नहीं लगती। इसी धार्मिक आन्दोलन को आधार मानकर इस शासक वंश का नाम सफ़वी रखा गया। सफ़ी के परवर्ती सदर अल-दीन (सद्रुद्दीन, १३३४-१३९१) ने शेख़ के आन्दोलन को अधिक संगठित रूप दिया। सदरुद्दीन ने संगठन और संपत्ति की व्यवस्था स्थापित की जिसमें कई स्थानीय कबीलों ने शादी और दूसरे तरीकों से अपनी भागीदारी दिखाई। शेख़ जुनैद (१४४७-६०) के समय में सफ़वियों का झुकाव अल-क़ोयुनलू (श्वेत तुर्क) की तरफ़ हो गया। पंद्रहवीं सदी में उत्तर पश्चिम ईरान और पूर्वी अनातोलिया में तुर्क घुड़सवारों के एक समूह का उदय हुआ जिसने अपने उत्तर में जॉर्जिया के ख़िलाफ सामरिक सफलता हासिल की। इस समय ईरान के केन्द्र में तुर्कों के ही एक दूसरे नस्ल सल्जूक़ (सेल्जुक) का शासन था। इन्होंने पूर्वी अनातोलिया में और भी प्रदेश जीते। पंद्रहवीं सदी के अंत में ये यकायक शिया बन गए। सफ़वी शासकों की सूची इस्माईल प्रथम (1501-1524) तहमास्य प्रथम (1524 - 1576) इस्माईल द्वितीय (1576-1578) मोहम्मद खुदाबन्द (1578-1587) अब्बास प्रथम (1587-1629) साफ़ी (1629-1642) अब्बास द्वितीय (1642-1666) कुली ख़ानदान से सुलेमान प्रथम (1666 - 1694) सुल्तान हुसैन प्रथम (1694 - 1722) शाह अहमद मरशी सफ़वी शासक तहमास्य द्वितीय (1724 - 1726, 1728 - 1732) अब्बास द्वितीय (1732 - 1736) श्रेणी:ईरान के राजवंश श्रेणी:ईरान का इतिहास इन्हें भी देखें अफ़शारी राजवंश