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411 समाचार
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411 REFERENCE · Wikipedia

एल डोराडो

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एल डोराडो (El Dorado, या स्पैनिश में "सोने का") मुइस्का जाति के मुखिया का नाम है जों उनके रिवाजों के अनुसार स्वयं को सोने की धूल से भिगो लेता था और बाद में तालाब में डुबकी लगा लेता था। thumb|right|upright=1.2|ज़िपा, मुइस्का मूल निवासी लोगों का एक पौराणिक जनजातीय मुखिया, कहा जाता है कि वह अपने शरीर को सोने की धूल से ढकता है, और अपने बेड़ा से पवित्र झील के बीच में गुआताविता देवी को खजाने की पेशकश करता है। यह पुरानी मुइस्का परंपरा एल डोराडो की कथा का मूल बन गई।यह Muisca बेड़ा आंकड़ा गोल्ड संग्रहालय, बोगोटा, कोलम्बिया में प्रदर्शित है। आगे चलकर यह मृथक "सोने का शहर" का नाम बन गया जिसने स्पेनी कोंक्विस्टाडोरों के काल से कई खोजकर्ताओं को अपनी ओर आकर्षित किया है। हालांकि कई लोगों ने इसे कई वर्षों तक इस सोने के शहर को खोजने की कोशिश की है परन्तु आजतक इसके होने का कोई प्रमाण नहीं मिला है। अमरीका के स्पेनिश विजेताओं की कल्पना में इस नगर की स्थिति थी। वे सोने के बड़े ही लालची थे। उनसे पिंड छुड़ाने के विचार से मध्य अमरीका के आदिवासी लोग उन्हें इस काल्पनिक नगर का खूब बढ़ा-चढ़ाकर वृत्तांत देते थे और बराबर कहते थे कि वह स्वर्णपुरी है। स्पेन के लोग भी मेक्सिको और पेरू की संपत्ति से और भी अधिक की कामना करते थे। सन् १५४०-४१ ई. में ओरेलाना नामक मनुष्य की इसे खोज निकालने की विकट यात्रा के उपरांत इसकी स्थिति ओरिनिको नदी के उद्गम के पास बताई जाने लगी। इसकी खोज में कितने ही बहादुर व्यक्ति स्वयं खो गए और कितनी ही सेना की टुकड़ियाँ छिन्न-भिन्न और पस्त होकर लौटीं। बाद में मानाओं नगर को एलडोरेडो मानकर कई प्रकार की कविकल्पनाएँ होने लगीं। यह कथा भी चल गई कि वहाँ का राजा नित्य शरीर पर स्वर्णधूलि का लेप करता था और प्रतिवर्ष पवित्र सरोवर में निमज्जन कर शरीर पोंछता था। सर वाल्टर रैले ने भी इसे खोज निकालने की व्यर्थ चेष्टा की थी। आजकल संयुक्त राज्य अमरीका में इस नाम के निम्नलिखित तीन शहर हैं : (१) दक्षिणी आरकैंसास, (२) इलिनॉय, (३) दक्षिणी पूर्वी कनज़ैस राज्य में। एक जगह की कल्पना से बढ़कर एल डोराडो एक शासन, एक राज व अपने सुनहरे रजा का एक पूरा शहर बन गया है। इस शहर की खोज में फ़्रांसिस्को ऑरेलाना और गोंज़ालो पिज़ारो ने १५४१ में क्विटो से एक मशहूर परन्तु दुखदाई सफर की शुरुआत अमेज़न की खाड़ी की ओर से की जिसके परिणाम स्वरूप ऑरेलेना अमेज़न नदी के मुख तक पहुँचने वाला प्रथम व्यक्ति बन गया। मुख्य प्रथा जुआन रोड्रिग्ज़ फ्रेल के द्वारा लिखी गई पुस्तक एल कार्नेरो की कथाओं में पाई जाती है। फ्रेल के अनुसार राजा या मुइस्का के मुख्य पादरी को रिवाज़ों के अनुसार सुनहरी धुल में लिपटाया जाता था जिसे ग्वाताविता तालाब में किया जाता, जो वर्तमान में बोगोटा कोलंबिया के निकट स्थित है। जल्द ही मुइस्का गावं और उसका खज़ाना कोंक्विस्टाडोरों के हाथों में आ गया। सारा सोना चुराने के बाद स्पेनियों को यह समझ आया की असल में ना कोई सोने का शहर है, ना ही कोई खदान है क्योंकि मुइस्का अपना सोना व्यापार के ज़रिए जमा करते थे। पर इसी दौरान उन्हें पकड़े गए इंडियनों से एल डोराडो के बारी में कहानियां सुनने को मिली। सन्दर्भ बैंडेलियर, ए. एफ. ए. द गिल्डेड मैन, एल डोराडो (न्यू योर्क, १८९३)। फर्नांडिज़ डी ओविएदो, गोंज़ालो हिस्तोरिया जनरल ये नैचुरल डी लास इण्डिया, इस्लास ये टिएरा-फार्मे डेल मार ओशियानो, मैन्द्रिड: रियल अकैड्मिया डी ल हिस्टोरिया, १९५१.