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411 समाचार
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411 REFERENCE · Wikipedia

मारवाड़ी भाषा

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thumb|350px|राजस्थान में मारवाड़ी बोलने वाले इलाक़े मारवाड़ी राजस्थान में बोली जाने वाली एक क्षेत्रीय बोली है। यह राजस्थान की एक मुख्य भाषाओं में से एक है। जोधपुर में सबसे ज्यादा बोली हैं इसके अलावा ये कुछ हिस्से जैसे गुजरात, हरियाणा और पूर्वी पाकिस्तान में भी बोली जाती है।फ्रॉली विलियम जे. https://books.google.com/books?id=6ftQEAAAQBAJ&dq=%22marwari+language%22+%22gujarat%22&pg=PA294 International Encyclopedia of Linguistics 2003-05-01 Oxford University Press 978-0-19-977178-3 en "Marwari : also called Rajasthani, Merwari, Marvari. 12,963,000 speakers in India and Nepal. In India: Gujarat, Rajasthan, Madhya Pradesh, Punjab, Delhi, Haryana, Uttar Pradesh, throughout India. Dialects are Standard Marwari, Jaipuri, Shekawati, Dhundhari, Bikaneri."उप्रेती भुवन चंद्र https://books.google.com/books?id=Fi5uAAAAMAAJ&q=%22marwari+language%22+%22nepal%22 Indians in Nepal: A Study of Indian Migration to Kathmandu 1999 Kalinga Publications 978-81-85163-10-9 enMarwari Mahotsav 2018 http://ecs.com.np/features/marwari-mahotsav-2018 2022-06-16 ECS NEPAL en इसकी मुख्य लिपि देवनागरी है। इसकी कई उप-बोलियाँ भी है। पूरे भारत में 2.45 करोड़ लोग मारवाड़ी बोलते हैं की लिपि देवनागरी लिपि ही हैं, जिसके एक अपभ्रंश रुप से ये निकली हैं जो कि पूर्व में आर्य भाषा परिवार का की हिस्सा थी लेकिन वर्तमान में कई हिस्सों में इसका विस्तार होने के कारण कई भाषा विषैयी अनपढ़ लोग इसे अछूत ( पूर्व ) जनजातियों के नाम से जैसे मौडिया जेसे शब्दओउत्पन से जोड़ कर इसका श्रेय लेने की भरपूर जीतोड़ कोशिश करते रहते है । परन्तु इस लिपि के विकास में राजपुताने राजस्थान के राजा-महाराजा (वर्तमान में राजस्थान राज्य) व राजस्थान सरकार ने कोई विशेष ध्यान नहीं दिया। हाल ही में राजस्थान के कई जाने मने सोशल मिडिया कलाकारों जैसे राजवीर चलकोई,इत्यादी सभी ने मिल कर राजस्थानी ( मारवाड़ी ) भाषा को भारतीय संविधान की आठवीं अनुसूची में शामिल करवाने के लिए बहुत प्रयास किये, लेकिन हिंदी भाषी लोगो के विरोध के चलते वे इसमें असफल रहे। पिछले ४०-५० सालों से इस भाषा के विकास पर बातें तो बहुत होती रही है पर कार्य के मामले में कोई विशेष प्रगति नहीं दिखी। इन दिनों सन् 2011 से कोलकाता के श्री शम्भु चौधरी इस दिशा में काफी कार्य किया है। राजस्थानी भाषा कि लिपि के संदर्भ में यह गलत प्रचार किया जाता रहा कि इसकी लिपि देवनागरी है जबकि राजस्थान के पुराने दस्तावेजों से पता चलता है कि इसकी लिपि देवनागरी लिपि हैं जो प्राकृत हिंदी का ही एक अपभ्रंश रुप हैं । बोलियाँ जॉर्ज अब्राहम ग्रियर्सन ने राजस्थानी बोलियों के पारस्परिक संयोग एवं सम्बन्धों के विषय में लिखा तथा वर्गीकरण किया है। ग्रियर्सन का वर्गीकरण इस प्रकार है :- १. पश्चिमी राजस्थान में बोली जाने वाली बोलियाँ - मारवाड़ी, ढाटकी, बीकानेरी, देवड़ावाटी आदि। विशेषताएँ राजस्थानी- भाषा में 'ह' वर्ण विशेष हैं,जो किसी अन्य भाषाओं में नहीं पाया जाता। राजस्थानी- मारवाडी भाषा में 'सडक' को 'हडक' बोला जाता है और कई शब्द ऐसे हैं, जो 'ह' की जगह 'स' के प्रयोग से अभिव्यक्त नहीं होते। स्वर-विज्ञान में 'ह' को sʰ दर्शाया जाता है। मारवाड़ी भाषा की पारंपरिक लिपि इसकी लिपि देवनागरी अपभ्रंश हैं । इन दिनों इसका प्रचलन प्रायः सामाप्त हो चुका है। सन् 2011 से कोलकाता के श्री शम्भु चौधरी ने पुनः इस लिपि पर नए सिरे से कार्य करना शुरु कर दिया है। अ आ इ ई उ ऊ ए ऐ ओ औ अं अः क ख ग ॻ ॻ़ घ ङ ङ़ च छ ज ज़ ॼ़ झ ञ ञ़ ट ठ ॸ ड ड़ ॾ ॾ़ ढ ढ़ ण ण़ त थ द ध न ऩ प फ ब ॿ ॿ़ भ म म़ य र ऱ ल ल़ ळ ऴ व श ष स ह श्र क्ष क्ष़ सन्दर्भ इन्हें भी देखें हाड़ौती मेवाड़ी ढूंढाड़ी बागड़ी वागड़ी मेवाती मारवाड़ हिन्दी की विभिन्न बोलियाँ और उनका साहित्य राजस्थानी भाषा मारवाड़ी भाषामारवाड़ी भाषा मारवाड़ पब्लिकेशन Org :- MARWADI KHABAR PUBLICATION Govt. Lmt JAIPUR RAJASTHAN 0028-0836 https://marwadikhabar.in/ राजस्थानी भाषा और साहित्य बाहरी कड़ियाँ मारवाड़ी-अंग्रेजी शब्दकोश autocollapse श्रेणी:राजस्थान की भाषाएँ श्रेणी:हिन्दी की बोलियाँ