411 REFERENCE · Wikipedia
उषा मेहता
Reference material by Wikipedia contributors. This retains its source identity and is not 411 news reporting.
जनवरी 2022
thumb|right|उषा मेहता 1996
उषा मेहता (२५ मार्च, १९२० - ११ अगस्त, २०००) ने भारत के स्वतंत्रता आंदोलन में सक्रिय भूमिका निभाई थी और स्वतंत्रता के बाद वह गांधीवादी दर्शन के अनुरूप महिलाओं के उत्थान के लिए प्रयासरत रही। वह भारत छोड़ो आंदोलन के समय खुफिया कांग्रेस रेडियो चलाने के कारण पूरे देश में विख्यात हुईं।
जीवनी
२५ मार्च १९२० को सूरत के एक गांव में जन्मी उषा का महात्मा गांधी से परिचय मात्र पांच वर्ष की आयु में ही हो गया था। कुछ समय बाद राष्ट्रपिता ने उनके गांव के समीप एक शिविर का आयोजन किया जिससे उन्हें बापू को समझने का और अधिक अवसर मिला। इसके बाद उन्होंने खादी पहनने और स्वतंत्रता आंदोलन में भाग लेने का प्रण किया।
उन्होंने मुम्बई विश्वविद्यालय से दर्शनशास्त्र में स्नातक डिग्री ली और कानून की पढ़ाई के दौरान वह भारत छोड़ो आंदोलन में पूरी तरह से सामाजिक जीवन में उतर गई। खुफिया कांग्रेस रेडियो चलाने के कारण उन्हें चार वर्ष की जेल हुई। जेल में उनका स्वास्थ्य बहुत खराब हो गया और उन्हें अस्पताल में भर्ती कराना पड़ा। बाद में १९४६ में रिहा किया गया।
स्वतंत्रता के बाद उन्होंने गांधी के सामाजिक एवं राजनीतिक विचारों पर पीएचडी की और बंबई विश्वविद्यालय में अध्यापन आरंभ किया। बाद में वह नागरिक शास्त्र एवं राजनीति विभाग की प्रमुख बनी। इसी के साथ वह विभिन्न गांधीवादी संस्थाओं से जुड़ी रही। स्वतंत्रता के बाद उषा मेहता गांधीवादी विचारों को आगे बढ़ाने विशेषकर महिलाओं से जुडे़ कार्यक्रमों में काफी सक्रिय रही। उन्हें गांधी स्मारक निधि की अध्यक्ष चुना गया और वह गांधी शांति प्रतिष्ठान की सदस्य भी थीं।
भारत सरकार ने उन्हें पद्मविभूषण से सम्मानित किया। उषा मेहता का निधन ११ अगस्त २००० को हुआ।
गुप्त कांग्रेस रेडियो का संचालन
उषा ने भारत छोड़ो आंदोलन के दौरान अपने सहयोगियों के साथ १४ अगस्त १९४२ को खुफिया कांग्रेस रेडियो प्रारंभ किया थी। इस रेडियो से पहला प्रसारण भी उषा की आवाज में हुआ था। यह रेडियो लगभग हर दिन अपनी जगह बदलता था, ताकि अंग्रेज अधिकारी उसे पकड़ न सकें। इस खुफिया रेडियो को डॉ॰ राममनोहर लोहिया, अच्युत पटवर्धन सहित कई प्रमुख नेताओं ने सहयोग दिया। रेडियो पर महात्मा गांधी सहित देश के प्रमुख नेताओं के रिकार्ड किए गए संदेश बजाए जाते थे। तीन माह तक प्रसारण के बाद अंतत: अंग्रेज सरकार ने उषा और उनके सहयोगियों को पकड़ लिया और उन्हें जेल में डाल दिया गया।
बाहरी कड़ियाँ
डा॰ उषा मेहता
श्रेणी:भारतीय स्वतंत्रता सेनानी
श्रेणी:गांधीवादी
श्रेणी:सामाजिक कार्य में पद्म विभूषण के प्राप्तकर्ता