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411 समाचार
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जबलपुर

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जबलपुर संस्कारधानी नगर 23.15 79.97 मध्य प्रदेश जबलपुर जिला हिंदी,बुंदेलखंडी महापौर जगत बहादुर सिंह अन्नू नगर पालिका अध्यक्ष अगस्त 2012 1,444,667 3390 10,160 91 (0)761 482 xxx MP-20 http://www.jabalpur.nic.in पलपल इंडिया डॉट कॉम, पत्रिका, जबलपुर एक्सप्रेस, दैनिक भास्कर, नव भारत, हिंदी एक्सप्रेस, यश भारत, राज एक्सप्रेस, जय लोक, जनपक्ष, सी टाइमेस, त्रिपुरी टाइम्स, Jabalpur udit.jpg जबलपुर भारत के मध्यप्रदेश राज्य का एक शहर है। यहाँ पर मध्य प्रदेश उच्च न्यायालय तथा राज्य न्यायिक अकादमी जहाँ मध्यप्रदेश राज्य के समस्त न्यायधीशों की ट्रेनिंग होती है। तथा राज्य विज्ञान संस्थान है। इसे मध्यप्रदेश की 'संस्कारधानी' तथा जबलपुर को मध्यप्रदेश की न्यायिक राजधानी भी कहा जाता है। थलसेना की छावनी के अलावा यहाँ भारतीय आयुध निर्माणियों के कारखाने तथा पश्चिम-मध्य रेलवे का मुख्यालय भी है। इतिहास पुराणों और किंवदंतियों के अनुसार इस शहर का नाम पहले जबालिपुरम् था, क्योंकि इसका सम्बंध महर्षि जबालि से जोड़ा जाता है। जिनके बारे में कहा जाता है कि वह यहीं निवास करते थे। 1781 के बाद ही मराठों के मुख्यालय के रूप में चुने जाने पर इस नगर की सत्ता बढ़ी, बाद में यह सागर और नर्मदा क्षेत्रों के ब्रिटिश कमीशन का मुख्यालय बन गया। यहाँ 1864 में नगरपालिका का गठन हुआ था। एक पहाड़ी पर मदन महल का किला स्थित है, जो लगभग 1100 ई. में राजा मदन सिंह द्वारा बनवाया गया एक पुराना गोंड किला है जिसका निर्माण सामरिक उद्देश्य से किया गया था. इसमें आवासीय व्यवस्था नहीं थी । इसके ठीक पश्चिम में गढ़ है, जो 14वीं शताब्दी के चार स्वतंत्र गोंड राज्यों का प्रमुख नगर था। भेड़ाघाट, ग्वारीघाट और जबलपुर से प्राप्त जीवाश्मों से संकेत मिलता है कि यह प्रागैतिहासिक काल के पुरापाषाण युग के मनुष्य का निवास स्थान था। मदन महल, नगर में स्थित कई ताल और गोंड राजाओं द्वारा बनवाए गए कई मंदिर इस स्थान की प्राचीन महिमा की जानकारी देते हैं। इस क्षेत्र में कई बौद्ध, हिन्दू और जैन भग्नावशेष भी हैं। कहते है कि जबलपुर में स्थ‍ित ५२ प्राचीन ताल तलेैयों ने यहाँ की पहचान को बढाया, इनमें से अब कुछ ही तालाब शेष बचे हैं परन्तु उन प्राचीन ताल तलैयों के नाम अभी तक प्रचलित हैं। जिनमें से कुछ निम्न हैं; अधारताल, रानीताल, चेरीताल, हनुमानताल, फूटाताल, मढाताल, हाथीताल, सूपाताल, देवताल, कोलाताल, बघाताल, ठाकुरताल, गुलौआ ताल, माढोताल, मठाताल, सुआताल, खम्बताल, गोकलपुर तालाब, शाहीतालाब, महानद्दा तालाब, उखरी तालाब, कदम तलैया, भानतलैया, श्रीनाथ की तलैया, तिलकभूमि तलैया, बैनीसिंह की तलैया, तीनतलैया, लोको तलैया, ककरैया तलैया, जूडीतलैया, गंगासागर, संग्रामसागर। जबलपुर भेड़ाघाट मार्ग पर स्थित त्रिपुर सुंदरी मंदिर, हथियागढ़ संस्कृत के कवि राजशेखर से सम्बंधित है । centre horizontal जबलपुर में जगहें - धुआंधार फ़ॉल्स ,जबलपुर हार्ट ,हनुमानताल एवं मदन महल। Dhuandhar falls at Bhedaghat, Madhya Pradesh, India.jpg 130 Jabalpurheart.jpg 130 Hanumantal.jpg 130 Madan Mahal.jpg 130 भौगोलिक स्थिति विंध्य पर्वत श्रृंखला में स्थित यह नगर पवित्र नर्मदा नदी के तट पर स्थित है। जबलपुर भारत के प्रमुख शहरों दिल्ली हैदराबाद अहमदाबाद पुणे कोलकाता तथा मुंबई से हवाई मार्ग से जुड़ा हुआ है।अगस्त 2012 जनसंख्या 2011 की जनगणना के अनुसार जबलपुर नगर निगम क्षेत्र की जनसंख्या 14,44,667 है, जबलपुर छावनी क्षेत्र की जनसंख्या 102,482 और जबलपुर ज़िले की कुल जनसंख्या 24,63,289 है। 2024 में जबलपुर शहर की वर्तमान अनुमानित जनसंख्या 1,498,000 है, जबकि जबलपुर मेट्रो की जनसंख्या 1,800,000 होने का अनुमान है।https://www.census2011.co.in/census/city/307-jabalpur.html Jabalpur Population 2024 उद्योग और व्यापार यह नगर सामरिक दृष्टि से भी महत्त्वपूर्ण है, यहाँ तोपगाड़ी बनाने का केंद्रीय कारख़ाना शस्त्र निर्माण कारख़ाना और एक शस्त्रागार स्थित है। यहाँ के प्रमुख उद्योगों में खाद्य प्रसंस्करण, आरा मिल और विभिन्न निर्माण शामिल हैं। रेडीमेड वस्त्र उत्पादन जबलपुर रेडीमेड वस्त्र उद्योग - सलवार-सूट , शर्ट, का प्रमुख उत्पादक केंद्र बन गया है। कृषि तथा खनिज इसके आसपास के क्षेत्रों में नर्मदा नदी घाटी के पश्चिमी छोर पर स्थित एक अत्यधिक उपजाऊ, गेहूँ की खेती वाला इलाक़ा हवेली शामिल है। चावल, ज्वार चना और तिलहन आसपास के क्षेत्रों की अन्य महत्त्वपूर्ण फ़सलें हैं। यहाँ लौह अयस्क, चूना-पत्थर बॉक्साइट, चिकनी मिट्टी, अग्निसह मिट्टी, शैलखड़ी, फ़ेल्सपार, मैंगनीज और गेरू का व्यापक पैमाने पर खनन होता है। शिक्षा इस शहर के विश्वविद्यालय निम्न हैं- रानी दुर्गावती विश्वविद्यालय जवाहरलाल नेहरू कृषि विश्वविद्यालय महर्षि महेश योगी वैदिक विश्वविद्यालय मध्य प्रदेश आयुर्विज्ञान विश्वविद्यालय नानाजी देशमुख पशुचिकित्सा विज्ञान विश्वविद्यालय धर्मशास्त्र नेशनल लॉ यूनिवर्सिटी जबलपुर DSNLU शासकीय महाकोशल कला एवं वाणिज्य महाविद्यालय स्वशासी जबलपुर कृषि महाविद्यालय चिकित्सा महाविद्यालय नेताजी सुभाष चन्द्र बोस चिकित्सा महाविद्यालय नानाजी देशमुख पशुचिकित्सा विश्वविद्यालय आभियांत्रिकी महाविद्यालय right|thumb|300px|जबलपुर अभियांत्रिकी महाविद्यालय जबलपुर अभियांत्रिकी महाविद्यालय तक्षशिला इंजीनियरिंग एंड टेक्नोलॉजी लक्ष्मी नारायण प्रौद्योगिकी महाविद्यालय पी.डी.पी.एम. भारतीय सूचना प्रौद्योगिकी, अभिकल्पन एवं विनिर्माण संस्थान हितकारिणी प्रौद्योगिकी व अभियांत्रिकी महाविद्यालय श्री राम प्रौद्योगिकी संस्थान - [एसआरआईटी] बडेरिया ग्लोबल इंस्टीट्यूट ऑफ इंजीनियरिंग एंड मैनेजमेंट जबलपुर - [बीजीआईएमजे] ज्ञान गंगा प्रौद्योगिकी एवं विज्ञान संस्थान संगीत कला भातखंडे संगीत कला महाविद्यालय संभागीय बालभवन शासकीय ललित कला महाविद्यालय प्रसिद्ध स्थल right|thumb|300px|भेड़ाघाट right|thumb|300px|हनुमान ताल बड़ा जैन मन्दिर right|thumb|300px|मदन महल रानी दुर्गावती का मदन महल - मदन महल का किला सन् १११६ में राजा मदन शाह द्वारा बनवाया गया था। जबलपुर को आचार्य विनोबा भावे ने 'संस्‍कारधानी का नाम दिया था। भेड़ाघाट- भारतीय पुरातत्व विभाग द्वारा संरक्षित चौंसठ योगिनी मंदिर इसके समीप ही स्थित है - धुंआधार जलप्रपात, भेड़ाघाट एक आकर्षक पर्यटन स्थल है। मंदिर त्रिपुर सुन्दरी मन्दिर बाजना मठ: बाजना मठ, रेलवे स्टेशन से करीब ८ कि॰मी॰ की दूरी पर मेडीकल कालेज से, तिलवारा घाट रोड पर स्तिथ है, इस मन्दिर में "श्री बाबा बटुक भैरवनाथ जी"* विराजमान हैं। प्रति शनिवार को इस मन्दिर में भक्तों की इतनी भीड होती है कि मन्दिर के अन्दर उनके द्वारा जलाई गयी अगरबत्तीयों से निकले धुएं के कारण कुछ भी दिखायी नहीं देता। कुछ लोग इस मन्दिर को तान्त्रिक मन्दिर मानते हैं। गुप्तेश्वर मन्दिर पच-मठा रामलला हनुमानजी मंदिर ग्वारीघाट छोटे महावीर मंदिर शनि मंदिर तिलवारा बूढी खेरमाई कचनार सिटी - शिव जी की विशाल मूर्ति मां नर्मदा जी के पवित्र घाट भेड़ाघाट तिलवारा घाट जिलहरी घाट ग्वारीघाट उमा घाट खारी घाट लम्हेटा घाट सिध्दघाट दरोगा घाट सरस्वती घाट झांसीघाट गौरैयाघाट घाट पिंडरई भि‍टौली घाट इसे भटौलीघाट नाम से जानते हैं जमतरा घाट नन्द‍िकेश्वर घाट प्रसिद्ध व्यक्ति right|thumb|300px|जबलपुर के व्यौहार महल की सीढ़ियों पर गांधीजी को चढ़ाने में सहायता करते हुए व्यौहार राजेन्द्र सिंह सेठ गोविन्द दास व्यौहार राजेन्द्र सिंह द्वारका प्रसाद मिश्र, पूर्व मुख्य मंत्री, मध्य प्रदेश महर्षि महेश योगी सुभद्रा कुमारी चौहान, भारतीय कवयित्री हरिशंकर परसाई, भारतीय व्यंग्यकार पन्नालाल श्रीवास्तव "नूर" पंडित रामेश्वर गुरु केशव पाठक भवानी प्रसाद तिवारी भूपेंद्र नाथ कौशिक रामेश्वर शुक्ल अंचल अमृतलाल वेगड़ , भारतीय पर्यावरणविद अर्जुन रामपाल, भारतीय अभिनेता बृजेश मिश्र, पूर्व राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार, भारत प्रेमनाथ राजिंदर नाथ रघुवीर यादव पुष्पा जोशी मुस्कान किरार, भारतीय महिला तीरंदाज श्रेया अग्रवाल, भारतीय महिला निशानेबाज परिवहन वायु मार्ग जबलपुर हवाई अड्डा (जेएलआर), जिसे डुमना हवाई अड्डा भी कहा जाता है, शहर के केंद्र से लगभग 20 किलोमीटर (12 मील) दूर है। रेल मार्ग जबलपुर जंक्शन रेलवे स्टेशन, शहर में स्थित पांच प्रमुख रेलवे स्टेशनों में से एक है। मदन महल रेलवे स्टेशन जबलपुर शहर के मध्य में स्थित है। सड़क मार्ग जबलपुर में उत्कृष्ट सड़क कनेक्टिविटी है। राष्ट्रीय राजमार्गों का एक नेटवर्क जबलपुर में मिलता है। 4-लेन NH 45 इसे भोपाल से जोड़ता है, 4-लेन NH 34 इसे नागपुर से जोड़ता है, 4-लेन NH 30 इसे वाराणसी और मंडला से जोड़ता है, NH 34 इसे दमोह से जोड़ता है। इसके अलावा जबलपुर में राज्य राजमार्गों का भी अच्छा नेटवर्क है। बाहरी कड़ियाँ जबलपुर के बारे में विस्तृत जानकारी से सम्पन्न जालस्थल पलपलइंडिया डॉट कॉम, जबलपुर के बारे में विस्तृत समाचार पत्र नगर पालिक निगम, जबलपुर द्वारा संचालित डिजिटल पुस्तकालय जबलपुर दर्शनीय स्थल autocollapse टीन का पुरा श्रेणी:मध्य प्रदेश के शहर श्रेणी:जबलपुर ज़िला श्रेणी:जबलपुर ज़िले के नगर *