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रतलाम
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रतलाम Ratlam Ratlam Junction (2).jpg रतलाम रेलवे जंक्शन रतलाम India Madhya Pradesh 23.334 75.037 inline, title मध्य प्रदेश में स्थिति देश प्रान्त मध्य प्रदेश ज़िला रतलाम ज़िला शासक वर्ग भारत रतलाम नगर निगम सांसद गुमानसिंह डामोर (भाजपा) Metric Welcome to Ratlam City http://www.rmcratlam.in/about rmcratlam.in 22 November 2020 54.25 480 264914 2011 मध्य प्रदेश में 9वाँ auto रतलामी भाषाएँ प्रचलित हिन्दी भारतीय मानक समय +5:30 पिनकोड 457001 दूरभाष कोड 07412 MP-43 www.ratlam.nic.in/
रतलाम (Ratlam) भारत के मध्य प्रदेश राज्य के मालवा क्षेत्र में स्थित एक नगर निगम। यह रतलाम ज़िले का मुख्यालय भी है।"Inde du Nord: Madhya Pradesh et Chhattisgarh https://web.archive.org/web/20190703183559/https://books.google.com/books?id=X6XNCwAAQBAJ 3 जुलाई 2019," Lonely Planet, 2016, ISBN 9782816159172"Tourism in the Economy of Madhya Pradesh," Rajiv Dube, Daya Publishing House, 1987, ISBN 9788170350293
रतलाम एक समय मध्य भारत के पहले वाणिज्यिक शहरों में से एक था, जो अफ़ीम, तम्बाकू और नमक के व्यापक व्यापार का केंद्र था। यह मालवा में सट्टा नामक सौदेबाजी के लिए भी प्रसिद्ध था।https://ratlam.nic.in/en/history/#:~:text=Ratlam%20was%20once%20one%20of,no%20better%20mart%20than%20Ratlam. History District Ratlam, Government of Madhya Pradesh Indiaराजा जस्सा भील रतलाम के राजा थे और उचान गढ़ के रहने वाले थे यह महिडा गोत्र के थे। यह बेहद प्रसिद्ध हुए रतन सिंह ने मारकर रतलाम पर कब्जा कर लिया।https://books.google.co.in/books/about/?id=AdfeBOVgTo4C&pg=PA148 राजस्थानी जातियों की खोज गुणार्थी रमेशचन्द्र 1965 आर्य ब्रडास्रा 1965 148 hi
विवरण
रतलाम शहर समुद्र सतह से १५७७ फीट कि ऊन्चाई पर स्थित है। रतलाम के पहले राजा महाराजा रतन सिंह थे। यह नगर सेव, सोना, सट्टा, मावा, साडी तथा समोसा, कचोरी, दाल बाटी के लिये प्रसिद्ध है। रतलाम की सबसे ज्यादा प्रसिद्ध रतलामी सेव हैं जिसका पुराना नाम भीलडी सेव था, सेव की खोज भील जनजाति ने करी थी।"Tribals Invented Sev 200 Years Ago. Now, Sev Makers Are Evicting Them," Nihar Gokhale, 31 March 2019, IndiaSpend19 वी शताब्दी के दौरान रतलाम में भील शासकों का शासन था चूंकि मुगल और राजपूतों के आपसी संबंधों के कारण मुगलों का आगमन रतलाम में होता रहता था उस दौरान एक मुगल बादशाह ने रतलाम आकर सेवाया खाने की इच्छा जाहिर की उस दौरान रतलाम के भील सरदार ने बेसन से बनी सेव को मुगल बादशाह को खिलाया थाhttps://www.india.com/viral/bhil-tribals-invented-ratlami-sev-200-years-ago-and-it-has-a-mughal-connect-6160494/ Bhil Tribals Invented Ratlami Sev 200-Years-Ago And It Has A Mughal Connect https://www.india.com/author/newsdesk www.india.com en 2023-07-11।
महाराजा रतनसिंह और उनके पुत्र रामसिंह के नामों के संयोग से शहर का नाम रतनराम हुआ, जो बाद में अपभ्रंशों के रूप में बदलते हुए क्रमशः रतराम और फिर रतलाम के रूप में जाना जाने लगा। मुग़ल बादशाह शाहजहां ने रतलाम जागीर को रतन सिह को एक हाथी के खेल में, उनकी बहादुरी के उपलक्ष में प्रदान की थी। उसके बाद, जब शहजादा शुजा और औरंगजेब के मध्य उत्तराधिकारी की जों जंग शरू हुई थी, उसमे रतलाम के राजा रतन सिंह ने बादशाह शाहजहां का साथ दिया था। औरंगजेब के सत्ता पर असिन होने के बाद, जब अपने सभी विरोधियो को जागीर और सत्ता से बेदखल किया, उस समय, रतलाम के राजा रतन सिंह को भी हटा दिया था और उन्हें अपना अंतिम समय मंदसौर जिले के सीतामऊ में बिताना पड़ा था और उनकी मृत्यु भी सीतामऊ में भी हुई, जहाँ पर आज भी उनकी समाधी की छतरिया बनी हुई हैं। औरंगजेब द्वारा बाद में, रतलाम के एक सय्यद परिवार, जों की शाहजहां द्वारा रतलाम के क़ाज़ी और सरवनी जागीर के जागीरदार नियुक्त किये गए थे, द्वारा मध्यस्ता करने के बाद, रतन सिंह के बेटे को उत्तराधिकारी बना दिया गया।
इसके आलावा रतलाम जिले का ग्राम सिमलावदा अपने ग्रामीण विकास के लिये पूरे क्षेत्र में प्रसिद्ध हे। यहाँ के ग्रामीणों द्वारा जनभागीदारी से गांव में ही कई विकास कार्य किये गए हे। रतलाम से 30 किलोमीटर दूर बदनावर इंदौर रोड पर सिमलावदा से 4 किलोमीटर दूर कवलका माताजी का अति प्राचीन पांडवकालीन पहाड़ी पर स्थित मन्दिर हे। यहाँ पर दूर दूर से लोग अपनी मनोकामना पूरी करने और खासकर सन्तान प्राप्ति के लिए यहाँ पर मान लेते हे।
राजनीतिक क्षेत्र
रतलाम जिला क्षेत्र के आधार पर जिले में कुल पाँच विधानसभा निर्वाचनक्षेत्र हैं:
रतलाम नगर (श्री चेतन्य कश्यप)
रतलाम ग्रामीण (श्री मथुरालाल डामोर)
सेलाना (श्री कमलेश्वर डोडियार)
जावरा (श्री राजेंद्र पांडे )
आलोट (श्री मनोज चावला)
लोकसभा निर्वाचनक्षेत्र तीन हैं - रतलाम नगर, रतलाम ग्रामीण, सेलाना।
जनसांख्यिकी
2011 की जनगणना के अनुसार, रतलाम शहर की जनसंख्या 264,914 है, जिसमें 134,915 पुरुष और 129,999 महिलाएँ हैं। लिंगानुपात 964 महिलाओं पर 1000 पुरुषों का है। 0 से 6 वर्ष की आयु के बच्चों की संख्या 29,763 है। रतलाम में साक्षरों की कुल संख्या 204,101 थी, जो जनसंख्या का 77.0% थी, जिसमें पुरुष साक्षरता 81.2% और महिला साक्षरता 72.8% थी। रतलाम की 7+ जनसंख्या की प्रभावी साक्षरता दर 86.8% थी, जिसमें पुरुष साक्षरता दर 91.7% और महिला साक्षरता दर 81.8% थी। अनुसूचित जाति और अनुसूचित जनजाति की जनसंख्या क्रमशः 27,124 और 12,567 थी। रतलाम में कुल परिवारों की संख्या 53133.28.17% है जो कि रतलाम जिले की कुल जनसंख्या का 28.17% अनुसूचित जनजाति (आदिवासी) है। 2024 में रतलाम शहर की वर्तमान अनुमानित जनसंख्या 374,000 है, जबकि रतलाम मेट्रो की जनसंख्या 387,000 अनुमानित है।https://www.census2011.co.in/census/city/294-ratlam.html Ratlam Population 2024
जनजातियाँ
भील - रतलाम की जनजातियों में भील प्रमुख जनजाति है। रतलाम की सेव प्रसिद्ध है, और इस सेव के निर्माण सबसे पहले भील जनजाति ने ही किया था , इतिहास में भील सरदार का वर्णन मिलता है ।
बैगा - बैगा एक जनजाति है।
अर्थव्यवस्था
व्यापार
रतलाम में कई उद्योग हैं जो तांबे के तार, प्लास्टिक की रस्सियाँ, रसायन और ऑक्सीजन सहित अन्य उत्पाद बनाते हैं। रतलाम सोना, चाँदी, रतलामी सेव, रतलामी साड़ी और हस्तशिल्प के लिए भी बहुत प्रसिद्ध है। रतलाम शहर में कई बड़ी कंपनियाँ स्थित हैं। सार्वजनिक सूचीबद्ध कंपनियां जैसे डीपी वायर्स, डीपी आभूषण लिमिटेड और कटारिया वायर लिमिटेड। अंबी वाइन की विनिर्माण इकाई भी रतलाम में स्थित है
कृषि
जिले में उगाई जाने वाली प्रमुख फ़सलों में सोयाबीन, गेहूं, मक्का, चना, कपास, लहसुन, प्याज, मटर, अमरूद, अनार, अंगूर और अफीम शामिल है।
पर्यटन स्थल
JVL मन्दिर कालका माता मंदिर ,
बड़े केदारेश्वर,
ओर छोटे केदारेश्वर, जावरा हुसैन टेकरी, बड़ावदा बाबा फरीद दरगाह,
सैलाना केक्टस गार्डन,
सैलाना के कवलका माताजी पहाड़ी मन्दिर ,
सिमलावदा गढ़खनकाई माताजी राजपुरा,
बाजना रोड वेदुमाला सागर झरना छत्री ,
धोलावाड डैम ,धोलावाद
परिवहन
रेल मार्ग: निकटतम रेलवे स्टेशन रतलाम रेलवे स्टेशन है , जो रतलाम शहर के भीतर स्थित है। एक अन्य महत्वपूर्ण रेलवे स्टेशन इंदौर में है, जो रतलाम से 93 किमी दूर है।
हवाई मार्ग: निकटतम हवाई अड्डा देवी अहिल्याबाई होलकर एयरपोर्ट (IDR) इंदौर में है, जो रतलाम से 93 किमी दूर है। इस हवाई अड्डे पर भारत के प्रमुख शहरों के लिए नियमित उड़ानें उपलब्ध हैं।
इन्हें भी देखें
रतलाम ज़िला
सन्दर्भ
श्रेणी:मध्य प्रदेश के शहर
श्रेणी:रतलाम ज़िला
श्रेणी:रतलाम ज़िले के नगर
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