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पाली, राजस्थान
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पाली पाली India Rajasthan 25.77 73.33 inline, title राजस्थान में स्थिति देश प्रान्त राजस्थान ज़िला पाली ज़िला 28 586,214 586,214 2025 भाषा प्रचलित राजस्थानी, हिन्दी, उर्दू , मारवाड़ी, गोडवाड़ी भारतीय मानक समय +5:30 पिनकोड 306401 दूरभाष कोड 02932 RJ-22 लिंगानुपात 916 ♂/♀ pali.rajasthan.gov.in Pali
right|thumb|300px|पाली स्थित हनुमान जी की विशाल मूर्ति
पाली भारत के राजस्थान राज्य का जिला मुख्यालय है। और संभाग मुख्यालय भी है और आईजी रेंज मुख्यालय भी है, पाली के दक्षिण पश्चिमी भाग में बांडी नदी के किनारे पर बसा। यहाँ राजस्थान की सबसे बड़ी सूती वस्त्र का कारखाना स्थित है। पाली शहर का रंगाई-छपाई और वस्त्र उद्योग प्रसिद्ध है। यह शहर पालीवाल ब्राह्मणों की नगरी है। पाली बड़े शहरों में आता है पाली में नगर निगम है और वर्तमान में पाली नगर विकास न्यास (युआईटी) है।
पाली शहर राष्ट्रीय राजमार्ग १४ पर स्थित है। जोधपुर शहर से दूरी 75 किमी है। वंही अजमेर शहर से 150 किमी है। पाली का इतिहास पाली का गुलाब हलवा भी बहुत प्रसिद्ध है अतिप्राचीन हैं। पाली पर्यटन दृष्टि से भी काफी महवात्वपूर्ण हैं। यहाँ सुमेरपुर तहसील में जवाईबाध है जो रोहट तहसील में ओमबना मंदिर है और पाली शहर में बागड़ म्यूजियम, नवलखा जैन मंदिर, लोडिया तालाब लाखोटिया उद्यान, नेहरू पार्क, ज़ूडियो, मानपुरा भाकरी, मस्तान बाबा दरगाह जैसे बहुत सारी घूमने के स्थान हैं। शहर के पुराने क्षेत्र में प्यारा चौक, सुरजपौल, भेरूघाट, डाॅ जाकिर हुसैन रोड़, पुराना बस स्टैंड, नवलखा मंदिर रोड़, है। कपड़ों के व्यवसाय के लिए प्रसिद्द पाली से तैयार कपड़ा पूरे देश विदेश में जाता है। इतिहासकार विजय नाहर के अनुसार पाली महाराणा प्रताप की जन्मस्थली एवं महाराणा उदयसिंह का ससुराल है।आज वीरता के महानायक महाराणा प्रताप की जयंती http://m.sanjeevnitoday.com/history/today-the-birth-anniversary-of-maharana-pratap-hero-of-the-gallantry/20190509/251425 www.sanjeevnitofay.com 9 May 2019अगस्त 2021 InternetArchiveBot ।
इतिहास
पाली पर राजा पालिया भील का आधिपत्य था उनके पुत्र का नाम 'राजकुमार जावा' था , उन्हें एक ब्राह्मण लड़की से प्यार हो गया था उन्होंने यह बात उस ब्राह्मण को बताई, ब्राह्मण भील राजा से युद्ध नहीं कर सकता था उसने भील राजा को हाँ कर दी , लेकिन वह दिल्ली के सुल्तान मुहम्मद गोरी से सहायता लेने पहुंचा लेकिन दिल्ली के राजा और भील राजा एक दूसरे के मित्र थे उन्होंने ब्राह्मण को सहायता देने से मना कर दिया तब वह ब्राह्मण कन्नौज के सलखोजी राठौर के पास गया , सलखोजी राठौर और ब्राहमण ने षड़यंत्र रचा और भील राजा को खूब मदिरापान कराया और उनकी हत्या कर दी , और सलखोजी ने पाली पर अधिकार कर लिया https://books.google.co.in/books?id=4QBCAQAAMAAJ&pg=PA42&dq=Bhil+king+battle&hl=hi&sa=X&ved=2ahUKEwjPh_DWmMj3AhXKA94KHfcSDaE4HhDoAXoECAcQAw https://books.google.co.in/books?id=VDZn2B4mHe4C&pg=PA42&dq=Pali+Bhil+King&hl=en&newbks=1&newbks_redir=0&source=gb_mobile_search&sa=X&ved=2ahUKEwi2ov60mtaWAxXnkeEIHQ8sJNs4HhDoAXoECAcQAw#v=onepage&q=Pali%20Bhil%20King&f=false Indian Antiquary: A Journal of Oriental Research in Archaeology, History, Literature, Languages, Folklore Etc 1874 Times of India en
मोहम्मद गोरी के खिलाफ महान योद्धा पृथ्वीराज चौहान की हार के बाद क्षेत्र की राजपूत शक्ति का विघटन हो गया और मेवाड़ और पाली का गोडवाड़ क्षेत्र मेवाड़ के तत्कालीन शासक महाराणा कुंभा के अधीन हो गया। लेकिन पाली शहर जिस पर उसके ब्राह्मण शासकों का शासन था, जिसे अब पालीवाल ब्राह्मण (राजपुरोहित) के रूप में जाना जाता है, शांतिपूर्ण और प्रगतिशील बना रहा।
16वीं और 17वीं शताब्दी में पाली के आसपास के क्षेत्रों में कई युद्ध हुए। गिन्नी के युद्ध में शेरशाह सूरी को राजपूत शासकों ने हराया था, मुगल बादशाह अकबर की सेना का गोडवाड क्षेत्र में महाराणा प्रताप से लगातार युद्ध हुआ था। एक बार फिर मुगलों द्वारा लगभग पूरे राजपुताना पर विजय प्राप्त करने के बाद, मारवाड़ के वीर दुर्गा दास राठौड़ ने अंतिम मुगल बादशाह औरंगजेब से मारवाड़ क्षेत्र को छुड़ाने के लिए संगठित प्रयास किए। तब तक पाली मारवाड़ राज्य के राठौरों के अधीन हो गया था। महाराजा विजय सिंह द्वारा पाली का पुनर्वास किया गया और जल्द ही यह एक महत्वपूर्ण व्यावसायिक केंद्र बन गया।
स्वतंत्रता संग्राम में भूमिका: ब्रिटिश शासन के तहत पाली ने मारवाड़ में स्वतंत्रता संग्राम का नेतृत्व करके एक महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। आउवा के ठाकुर, जो सबसे शक्तिशाली थे, के नेतृत्व में पाली के विभिन्न ठाकुरों ने ब्रिटिश शासन का सामना किया। आउवा किला ब्रिटिश सेना से घिरा हुआ था और फिर 5 दिनों तक संघर्ष चला, जब अंत में किले पर ब्रिटिश सेना का कब्जा हो गया। लेकिन आउवा की इस वीरतापूर्ण कार्रवाई ने स्वतंत्रता के लिए निरंतर और संगठित संघर्ष का मार्ग प्रशस्त किया।
प्रशासन
पाली एक पूर्व संभाग व जिला है जहाँ वर्तमान में पूर्व संभागीय आयुक्त (कमिश्नर) IAS डॉ. प्रतिभा सिंह व पाली आईजी रेंज के IG प्रदीप मोहन शर्मा-IPS व वर्तमान जिला कलेक्टर एवं जिला मजिस्ट्रेट IAS डॉ.रविंद्र गोस्वामी व वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक SSP सुश्री मोनिका सेन-IPS के रूप में कार्यरत है। माननीय प्रधान-जिला न्यायाधीश श्री राजेंद्र कुमार-द्वितीय पाली के माननीय जिला न्यायाधीश है। वर्तमान मे यहां नगर निगम महापौर (मेयर) रेखा-राकेश भाटी है, यह एक विधानसभा क्षेत्र भी है, वर्तमान में भीमराज भाटी कांग्रेस से विधायक MLA है। माननीय सर्वोच्च न्यायालय के वरिष्ठ अधिवक्ता श्री प्रेम प्रकाश PP चौधरी वर्तमान में पाली से संसद सदस्य MP है वही जिला-परिषद् की श्रीमती रश्मि सिंह जिला प्रमुख है। पाली शहर शिक्षा विभाग का संभाग मुख्यालय भी है वर्तमान में, पाली शैक्षणिक (संभाग) के अंतर्गत मुख्य रूप से 4 जिले आते हैं: पाली, सिरोही, जालोर, सांचौर।
जनसंख्या
2011 में पाली जिले की जनसंख्या 2,037,573 थी, जिसमें पुरुषों और महिलाओं की संख्या क्रमशः 1,025,422 और 1,012,151 थी। 2024 में पाली जिले की अनुमानित जनसंख्या 2,290,000 है | पाली शहर की जनसंख्या 5 लाख के करीब है 2025 के अनुसार पाली संभाग की जनसंख्या 57,48,079 है।https://www.census2011.co.in/census/district/443-pali.html Pali District Population Census 2011 - 2021 - 2024, Rajasthan literacy sex ratio and density www.census2011.co.in 2024-09-25
इन्हें भी देखें
पाली ज़िला
बांडी नदी
बाहरी कड़ियाँ
Falling Rain Genomics, Inc - पाली
पाली जनसंख्या
सन्दर्भ
श्रेणी:राजस्थान के शहर
श्रेणी:पाली ज़िला
श्रेणी:पाली ज़िले के नगर
Kurki गांव का मीरा फोर्ट प्रमुख दर्शनीय स्थल है
श्री नीलकंठ महादेव मंदिर