Skip to main content

  | मौसम…

411 समाचार
Public archive edition · Attributed source reporting with original dates · AI drafts are excluded

411 REFERENCE · Wikipedia

मध्य सप्तक

Reference material by Wikipedia contributors. This retains its source identity and is not 411 news reporting.

march 2021 भारतीय संगीत में क्रमानुसार सात शुद्ध स्वरों के समूह को सप्तक कहते हैं। ये सात स्वर हैं- सा, रे, ग, म, प, ध, नि। जैसे-जैसे हम 'सा' से ऊपर चढ़ते जाते हैं, इन स्वरों की आंदोलन संख्या बढ़ती जाती है। 'प' की आंदोलन संख्या 'सा' से डेढ़ गुनी होती है। 'सा' से 'नि' तक एक सप्तक होता है, 'नि' के बाद दूसरा सप्तक शुरु हो जाता है जो कि 'सा' से ही शुरु होगा मगर इस सप्तक के 'सा' की आंदोलन संख्या पिछले सप्तक के 'सा' से दो गुनी होगी। इस तरह कई सप्तक हो सकते हैं मगर गाने बजाने में तीन सप्तकों का प्रयोग करते हैं। १) मन्द्र २) मध्य एवं ३) तार। संगीतज्ञ साधारणत: मध्य सप्तक में गाता बजाता है और इस सप्तक के स्वरों का प्रयोग सबसे ज़्यादा करता है। मध्य सप्तक के पहले का सप्तक मंद्र और मध्य सप्तक के बाद आने वाला सप्तक तार सप्तक कहलाता है।