411 REFERENCE · Wikipedia
पुनरुज्जीवन
Reference material by Wikipedia contributors. This retains its source identity and is not 411 news reporting.
जुलाई 2016
ईसाइयों का विश्वास है कि क्रूस पर मरने के बाद ईसा तीसरे दिन अपनी कब्र से उठकर पुनर्जीवित हुए थे। उसी घटना की स्मृति में पिनरुज्जीवन या पुनरुत्थान पर्व मनाया जाता है, जो ईसाई धर्म का प्राचीनतम और सबसे महत्वपूर्ण त्योहार है।
जिस समय ईसा का पुनरुत्थान हुआ था उस समय येरुसलेम में 'पास्का' नामक यहूदियों का सबसे बड़ा त्योहार मनाया जाता था। अत: ईसाइयों में ईसा का पुनरुत्थान पर्व भी पास्का कहलाता है। यहूदी लोग वसंत की प्रथम पूर्णिमा को पास्का मनाते थे, ईसाइयों का पुनरुत्थान पर्व भी वसंत के सयन (२१ मार्च) को ही अथवा इसके ठीक बाद पड़नेवाली पूर्णिमा के अनुसार निश्चित किया जाता है। उस पूर्णिमा के बाद के प्रथम इतवार को पुनरुत्थान पर्व मनाया जाता है, क्योंकि ईसा इतवार को पुनर्जीवित हुए थे।
यहूदियों का पास्का पर्व बहुत प्राचीन था। वह पहले वसंतकालीन यज्ञ था, जिसमें झुंड के लिए आशीष माँगने के उद्देश्य से एक पशु का वलिदान चढ़ाया जाता था। बाद में जब यहूदी मिस्र देश की गुलामी से मुक्त हो गए थे, वह पर्व उस दासता की मुक्ति का स्मरणोत्सव बन गया। फिलिस्तीन देश में बस जाने के बाद जौ (यब) की फसल का त्योहार भी पास्का पर्व के साथ मिला दिया गया। सातवीं शती ई.पू. से वह पर्व केवल राजधानी येरुसलेम में मनाया जाता था और सभी वयस्क यहूदी उस समय येरुसलेम आया करते थे। ईसाई धर्म में पुनरुत्थान पर्व की प्रार्थनाओं में ईश्वर के द्वारा मिस्र की गुलामी से यहूदियों की मुक्ति तथा ईसा के बलिदान द्वारा पाप की गुलामी से ईश्वर की प्रजा की मुक्ति तथा ईसा के बलिदान द्वारा पाप की गुलामी से ईश्वर की प्रजा की मुक्ति, ईसा का पुनरुत्थान इन सब बातों का स्मरण दिलाया जाता है।
इन्हें भी देखें
पुनर्जागरण (Renaissance / रिनैशां)
श्रेणी:ईसाई धर्म
श्रेणी:यहूदी धर्म