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पंडित उमराव दत्त शर्मा
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जनवरी 2026
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वैद्य उमराव दत्त शर्मा कविराज उमराव दत्त वैद्य thumb|Umrao Dutt Sharma (Umrao Dutt Ved) विधायक - बड़ौत, उत्तर प्रदेश शांतनु भारद्वाज (परपौत्र) 1952 से 1957 (उत्तरप्रदेश विधानसभा सदस्य) मांडू मंगला देवी शशिकांत शर्मा (पुत्र), सुशीला शर्मा (पुत्री) कसेरवा कला, शामली 1916 बड़ौत 1977
पंडित उमराव दत्त शर्मा जिन्हें उमराव दत्त वैद्य के नाम से भी जाना जाता हैं, एक सम्मानित स्वतंत्रता सेनानी, कुशल वैद्य थे और बड़ौत के प्रथम विधायक रहे। उमराव दत्त शर्मा और बड़ौत विधानसभा website Dec 25, 2021 https://www.aajtak.in/elections/up-assembly-elections/story/baraut-assembly-seat-up-election-2022-bjp-congress-sp-bsp-ntc-1380277-2021-12-25
जीवनी
पंडित उमराव दत्त शर्मा जिन्हें उमराव दत्त वैद्य के नाम से भी जाना जाता हैं एक सम्मानित स्वतंत्रता सेनानी और कुशल वैद्य थे,उनका जन्म सन 1916 में शामली के पास गांव कसेरवा कला में हुआ था। उनके पिता मांडू राम जी उनके स्वतंत्रता क्रांतिकारी विचारधारा से सहमत नहीं थे इसलिए सन 1937 में उमराव दत्त शर्मा जी अपनी पत्नी मंगला देवी और एक वर्षीय पुत्र शशिकांत के संग कसेरवा कला गांव को त्याग के बड़ौत शहर में आकर बस गए, उनकी भगवान महावीर मार्ग पर श्री कृष्णायुर्वेदिक औषधालय नाम से क्लिनिक थी जहां पर स्वतंत्रता सेनानी गण उनसे मुलाकात करते थे। उनकी पत्नी का नाम मंगला देवी था जिनसे उनको एक पुत्र शशिकांत शर्मा और एक पुत्री सुशीला शर्मा थी।
सन 1977 में उमराव दत्त शर्मा जी का स्वर्गवास उनके मेरठ रोड बड़ौत पर स्थित निजी आवास मंगला विला पर हुआ, उनकी अतिम यात्रा में इंदिरा गांधी के दोनों पुत्र संजय गांधी और राजीव गांधी दोनों सम्मिलित हुआ थे। उमराव दत्त शर्मा इतिहास India Today website 1 October 2025 https://www.indiatoday.in/amp/elections/assembly/uttar-pradesh/baraut-constituency-result-24551
राजनीति
पंडित उमराव दत्त शर्मा जी ने पंडित जवाहरलाल नेहरू के विशेष आग्रह पर सन 1951-1952 का विधानसभा चुनाव निर्दलीय लड़ने फैसला लिया जिसके बाद उन्होंने चुनाव में बड़ौत विधानसभा सीट भरी मतों से जीतकर क्षेत्र का पहला विधायक चुने जाने का ऐतिहासिक गौरव प्राप्त किया। यूपी में उनके बदौलत जमींदारी प्रथा का उन्मूलन हुआ और गरीबों को अधिकार मिला। किसानों के हित में पंडित उमराव दत्त शर्मा ने चौधरी चरण सिंह साथ मिलकर सन 1954 में उत्तर प्रदेश भूमि संरक्षण कानून बनाया और जिसे विधानसभा में पारित कराया में उमराव दत्त शर्मा जी की महत्वपूर्ण भूमिका रही। एक कार्यकाल के बाद 1957 में उन्होंने सक्रिय राजनीति से संन्यास ले लिया, लेकिन अपने जीवन के अंत (1977) तक वे बड़ौत और बागपत विधानसभा और लोक सभा की राजनीति के एक शक्तिशाली 'किंगमेकर' बने रहे, जिनके आशीर्वाद और समर्थन के बिना क्षेत्र में कोई भी चुनाव जीतना असंभव माना जाता था। उमराव दत्त शर्मा के समर्थन से, आचार्य दीपांकर 1952 में, रघुबीर सिंह 1957 में, शौकत हमीद खान 1962 में, आचार्य दीपांकर 1967 में, चौधरी विक्रम सिंह 1969 में, सत्यपाल मलिक 1974 में और इस्माइल 1977 में बागपत विधायक बने। साथ ही बड़ौत से आचार्य दीपांकर 1957 में , मूलचंद शास्त्री 1962 में, चौधरी विक्रम सिंह 1969 में बड़ौत के विधायक बने। साथ ही सन 1970 में, प्रधानमंत्री इंदिरा गांधी ने बागपत लोकसभा सीट पर रणनीतिक चर्चा के लिए शर्मा जी को विशेष रूप से दिल्ली आमंत्रित किया था। उनकी सहमति के बाद कांग्रेस ने राम चंद्र विकल को उम्मीदवार बनाया, जिनके चुनावी अभियान की कमान संभालकर शर्मा जी ने पार्टी को बड़ी जीत दिलाई। सन 1977 में उमराव दत्त शर्मा जी का स्वर्गवास उनके मेरठ रोड बड़ौत पर स्थित निजी आवास मंगला विला पर हुआ, उनकी अतिम यात्रा में इंदिरा गांधी के दोनों पुत्र संजय गांधी और राजीव गांधी दोनों सम्मिलित हुआ थे। 1952 Election Results Election Commission of India website 1 October 2015 http://eci.nic.in/eci_main/StatisticalReports/SE_1952/StatRep_UP_1952.pdf बड़ौत विधानसभा इतिहास India Today website 1 October 2025 https://www.indiatoday.in/amp/elections/assembly/uttar-pradesh/baraut-constituency-result-24551
उत्तराधिकारी व वंशावली
पंडित उमराव दत्त शर्मा का विवाह मंगला देवी से हुआ, पंडित उमराव दत्त शर्मा जी के पुत्र शशिकांत शर्मा का विवाह कुसुम कुमारी से हुआ,
पंडित उमराव दत्त शर्मा के पौत्र सुधांशु भूषण शर्मा का विवाह कविता शर्मा से हुआ,
पंडित उमराव दत्त शर्मा के परपौत्र शांतनु भारद्वाज और कार्तिकेय भारद्वाज है।
वर्तमान में उमराव दत्त शर्मा जी के उत्तराधिकारी शांतनु भारद्वाज है। शांतनु भारद्वाज जी पेशे से भारत में वित्तीय और विधि सलाहकार है और आज भी बड़ौत में वह अपने पैतृक घर मंगला विला में रहते है।