Skip to main content

  | मौसम…

411 समाचार
Public archive edition · Attributed source reporting with original dates · AI drafts are excluded

411 REFERENCE · Wikipedia

द गॉड डिल्यूज़न

Reference material by Wikipedia contributors. This retains its source identity and is not 411 news reporting.

द गॉड डिल्यूज़न (The God Delusion), ब्रिटिश विकासवादी जीवविज्ञानी और प्राणी-व्यवहारविद् रिचर्ड डॉकिन्स द्वारा 2006 में लिखित एक पुस्तक है। इसमें उन्होंने यह तर्क दिया है कि किसी अलौकिक रचयिता अर्थात् ईश्वर का कोई अस्तित्व नहीं है, और किसी व्यक्तिगत ईश्वर में आस्था रखना मात्र एक भ्रम है। डॉकिन्स 'भ्रम' को एक ऐसे दृढ़ मिथ्या विश्वास के रूप में परिभाषित करते हैं, जो मजबूत विरोधाभासी साक्ष्यों के बावजूद कायम रहता है। इस पुस्तक में, वे लीला (1991) में उल्लिखित रॉबर्ट पियर्सिग के इस कथन से पूर्ण सहमति व्यक्त करते हैं कि "जब कोई एक व्यक्ति किसी भ्रम का शिकार होता है, तो उसे पागलपन कहा जाता है। किन्तु जब बहुत से लोग किसी भ्रम का शिकार होते हैं, तो उसे धर्म कहा जाता है।"http://archive.org/details/goddelusion00dawk The God delusion Dawkins Richard 2006 Boston : Houghton Mifflin Co. Internet Archive 978-0-618-68000-9 वे इस बात के पक्ष में तर्क देते हैं कि धर्म के बिना भी नैतिकता का स्वतंत्र अस्तित्व संभव है, और साथ ही वे धर्म व नैतिकता, दोनों की उत्पत्ति के लिए वैकल्पिक स्पष्टीकरण प्रस्तुत करते हैं। दिसंबर 2006 के आरंभ में, यह पुस्तक न्यूयॉर्क टाइम्स की हार्डकवर नॉन-फ़िक्शन बेस्टसेलर सूची में नौ सप्ताह तक बने रहने के बाद चौथे स्थान पर पहुँच गई थी।http://www.nytimes.com/2006/12/03/books/bestseller/1203besthardnonfiction.html?_r=1&oref=slogin Hardcover Nonfiction - New York Times www.nytimes.com 2026-06-19 इस पुस्तक पर व्यापक चर्चा हुई और इसे विविध आलोचनात्मक प्रतिक्रियाएँ प्राप्त हुईं, जिसके परिणामस्वरूप इसके प्रत्युत्तर में कई अन्य पुस्तकें व लेख भी लिखे गए। सन्दर्भ