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हरिचाँद ठाकुर
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हरिचाँद ठाकुर হরিচাঁদ ঠাকুর.jpg ११ मार्च १८१२ बंगलादेश के गोपालगंज जिले के काशियानी उपजिले में पूर्णवृक्ष श्री श्री हरिचाँद ठाकुर ५ मार्च १८७८
हरिचाँद ठाकुर (11 मार्च 1812 – 5 मार्च 1878 ) मतुआ महासंघ के संस्थापक थे। उन्होंने समाज के पिछड़े वर्गों या दलित लोगों के विकास के लिए काम किया।
संक्षिप्त जीवनी
हरिचाँद ठाकुर http://bn.banglapedia.org/index.php?title=%E0%A6%A0%E0%A6%BE%E0%A6%95%E0%A7%81%E0%A6%B0,_%E0%A6%B9%E0%A6%B0%E0%A6%BF%E0%A6%9A%E0%A6%BE%E0%A6%81%E0%A6%A6 ঠাকুর, শ্রী শ্রী হরিচাঁদ ৯ সেপ্টেম্বর ২০১৭ का जन्म ११ मार्च १८१२ को अविभाजित बंगाल के बांग्लादेश के गोपालगंज जिले को कासियानी थाना के अंतर्गत ओरकंडी के पास सफलाडांगा गाँव में हुआ था। उनके माता-पिता का नाम अन्नपूर्णा और यशोमन्त था। उनकी औपचारिक शिक्षा ठीक से नहीं चली, लेकिन उन्होंने सरल तरीके से प्रेम और भक्ति का प्रचार किया।
उन्का जन्म चांडाल परिवार में हुआ था। उन्होंने विभिन्न स्थानों पर रहने के अवसर के माध्यम से अनुभव प्राप्त करते हुए, शास्त्रों की चर्चा के माध्यम से हिंदू और बौद्ध धर्मग्रंथों का ज्ञान प्राप्त किया। http://www.banglanews24.com/feature/news/bd/48753.details দলিত মানুষের ত্রানকর্তা banglanews24.com ৯ সেপ্টেম্বর ২০১৭ 23 अक्तूबर 2020 https://web.archive.org/web/20201023112846/https://www.banglanews24.com/feature/news/bd/48753.details dead उनकी खेती का पारंपरिक तरीका मातुवाबाद कहलाता था। उनके दो बेटे गुरुचाँद ठाकुर और उमाचरण थे।
पिता श्री श्री हरिचाँद ठाकुर की मृत्यु के बाद गुरुचाँद ठाकुर मटुआ धर्म की भलाई और शिक्षा के प्रसार के लिए एक भक्त बन गए। कवि रसराज तारक चन्द्र सरकार ने श्री श्री हरिचाँद ठाकुर की जीवनी पर एक पुस्तक लिखी जिसका नाम श्री श्री हरिलीलामृत है। http://www.banglapedia.org/httpdocs/HT/T_0133.HTM সংরক্ষণাগারভুক্ত অনুলিপি https://web.archive.org/web/20091114025322/http://www.banglapedia.org/httpdocs/HT/T_0133.HTM ১৪ নভেম্বর ২০০৯ ৫ মার্চ ২০১০ श्री श्री हरिचाँद ठाकुर, कलियुग में श्री विष्णु के एक विशेष अवतार हैं, जिन्हें उनके सभी अनुयायी मानते हैं और उन्हें पतितपावन कहा जाता है।
निधन
५ मार्च १८७८ को उनका निधन हो गया।
ठाकुरबाड़ी और मतुआ धाम
हरिचाँद ठाकुर की ठाकुरबारी गोपालगंज जिले के काशियाना अपज़िला में ओरकंडी में स्थित है। यह स्थल गोबरा-काशियाना सिंगल डीजल रेलवे लाइन पर छोटा बहिरबाग स्टेशन से 6 किमी उत्तर-पूर्व में है।
सन्दर्भ
इन्हें भी देखें
मतुआ महासंघ
बाहरी कड़ियाँ
बंगलापीडिया में जीवन
श्रेणी:हिन्दू गुरु