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ब्रह्मोस प्रक्षेपास्त्र
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yes ब्रह्मोस BrahMos Брамос 330px नौसेना की एक प्रदर्शनी में ब्रह्मोस भारत रूस सुपरसॉनिक क्रूज मिसाइल भारतीय सेना भारतीय नौसेना भारतीय वायु सेना एनपीओ मशीनोस्त्रोयेनिया रक्षा अनुसंधान एवं विकास संगठन अमेरिकी $ 2.73 मिलियन भूमि से प्रक्षेपित http://khabar.ndtv.com/news/india/india-test-fired-brahmos-supersonic-missile-585448 भारत ने दुनिया के सबसे तेज मिसाइल का सफल परीक्षण किया एनडीटीवी ०७-अप्रैल-२०१५ https://web.archive.org/web/20150413140152/http://khabar.ndtv.com/news/india/india-test-fired-brahmos-supersonic-missile-585448 13 अप्रैल 2015 dead पनडुब्बी से प्रक्षेपितलड़ाकू विमान से प्रक्षेपित युद्धपोत से प्रक्षेपित ब्रह्मोस - २ प्रणोदक:-> ठोस प्रणोदन मिश्रित प्रणोदन तरल प्रणोदन रैमजेट क्रैमजेट क्रायोजेनिक १२-जून-२००१http://www.brahmos.com/content.php?id=1&sid=2 ब्रह्मोस का इतिहास brahmos.com 7-अप्रैल-२०१५ https://web.archive.org/web/20180509150915/http://www.brahmos.com/content.php?id=1&sid=2 9 मई 2018 dead (प्रथम सफल परीक्षण) नवंबर 2006 पहला चरण: ठोस प्रणोदन वर्धक (solid propellant booster) दूसरा चरण: तरल ईधन रैमजेट 3,000 किलो 2,500 किलो (लड़ाकू विमान से प्रक्षेपित संस्करण) 8.4 मीटर 0.6 मीटर ३५०० 2.8 Mach km/h mph km/s से 3 Mach km/h mph km/s। 300 - 500 km onhttp://en.rian.ru/military_news/20121009/176500812.html BrahMos test-fired off west coast RiaNovosti----The integration of the navigation systems from Kh-555 will turn BrahMos, a supersonic cruise missile, into a "super-rocket" with almost a sub-strategic capability above its normal tactical range, capable of hitting targets up to 290 km away, from sea, land and air launchers, and capable of being armed with a nuclear warhead, the source said. 9 October 2012 28 November 2012 https://web.archive.org/web/20121220053816/http://en.rian.ru/military_news/20121009/176500812.html 20 दिसंबर 2012 live 14 कीमी समुद्र सतह से ३ से ४ मीटर तक उपर।ब्रह्मोस सुपरसोनिक क्रूज़ मिसाईल http://www.brahmos.com/content.php?id=10&sid=10 ब्रह्मोस एयरोस्पेस 8 July 2013 https://web.archive.org/web/20130805213356/http://brahmos.com/content.php?id=10&sid=10 5 अगस्त 2013 deadhttp://www.brahmos.com/newscenter.php?newsid=128 युद्धपोत से प्रक्षेपित समुद्री सतह के उपर से जाते हुए ब्रह्मोस ने लक्ष्य को ध्वस्त किया। 7 अप्रैल 2015 https://web.archive.org/web/20130903163952/http://brahmos.com/newscenter.php?newsid=128 3 सितंबर 2013 dead 200 किलोग्राम परम्परागत अर्ध कवच भेदी व परमाणु उड़ान के समय पथप्रदर्शन ईनर्सियल नैविगेशन सिस्टम एक्टिव रडार होमिंग द्वारा टर्मिनल पथप्रदर्शनजी३ओएम का उपयोग करते हुए जीपीएस/ग्लोनास/भारतीय क्षेत्रीय नौवहन उपग्रह प्रणाली/गगन उपग्रह आधारित पथप्रदर्शन।शिप बेस्ड वीपन सिस्टम http://www.brahmos.com/content.php?id=15 ब्रह्मोस.कॉम 8 July 2013 https://web.archive.org/web/20130805102113/http://brahmos.com/content.php?id=15 5 अगस्त 2013 deadदेसी जी३ओएम मेक्स ब्रह्मोस स्मार्टर http://www.newindianexpress.com/states/karnataka/Desi-G3OM-Makes-BrahMos-Smarter/2014/07/09/article2320976.ece ०९-जुलाई-२०१४ द न्यु इंडियन एक्स्प्रेस ९ जुलाई २०१४ https://web.archive.org/web/20140712093529/http://www.newindianexpress.com/states/karnataka/Desi-G3OM-Makes-BrahMos-Smarter/2014/07/09/article2320976.ece 12 जुलाई 2014 live 1 मीटरब्रह्मोस मिसाइल अचीव्स हाई एकुरेसी अगेन्स्ट हिडेन लैंड टारगेट्स http://www.newindianexpress.com/nation/BrahMos-Missile-Achieves-High-Accuracy-Against-Hidden-Land-Targets/2014/07/08/article2320848.ece ०९-जुलाई-२०१४ द न्यु इंडियन एक्स्प्रेस 8 July 2014 https://web.archive.org/web/20140709113631/http://www.newindianexpress.com/nation/BrahMos-Missile-Achieves-High-Accuracy-Against-Hidden-Land-Targets/2014/07/08/article2320848.ece 9 जुलाई 2014 liveफोर्स मई 2009 ६ ९ ४४–४५ स्मैश फायर्ड ऑफ द कोस्ट ऑफ ओडिसा Hit http://www.scribd.com/doc/43562945/Force-Vol-6-No-9-05-2009 7 जुलाई 2013 https://web.archive.org/web/20130726000515/http://www.scribd.com/doc/43562945/Force-Vol-6-No-9-05-2009 26 जुलाई 2013 liveब्रह्मोस टेस्ट फायर्ड ऑफ द कोस्ट ऑफ ओडिसा http://www.indiandefence.com/brahmos-test-fired-coast-orissa-1501/ इंडियन डीफेंस 6 सितंबर 2012 https://web.archive.org/web/20120731234010/http://www.indiandefence.com/brahmos-test-fired-coast-orissa-1501/ 31 जुलाई 2012 dead युद्धपोत, पन्डुब्बी, लड़ाकू विमान(जाँच प्रक्रिया में) और भूमि स्थित अस्थायी प्रक्षेपक।
right|thumb|300px|ब्रह्मोस विश्व की सबसे तीव्रगामी मिसाइल है।
ब्रह्मोस एक कम दूरी की रैमजेट, सुपरसॉनिक क्रूज मिसाइल है। इसे पनडुब्बी से, पानी के जहाज से, विमान से या जमीन से भी छोड़ा जा सकता है। रूस की एनपीओ मशीनोस्ट्रोयेनिया (NPO Mashinostroeyenia) तथा भारत के रक्षा अनुसंधान एवं विकास संगठन ने संयुक्त रूप से इसका विकास किया है। यह रूस की पी-800 ओंकिस क्रूज मिसाइल की प्रौद्योगिकी पर आधारित है।
ब्रह्मोस के समुद्री तथा थल संस्करणों का पहले ही सफलतापूर्वक परीक्षण किया जा चुका है तथा भारतीय सेना एवं नौसेना को सौंपा जा चुका है।
ब्रह्मोस भारत और रूस के द्वारा विकसित की गई अब तक की सबसे आधुनिक प्रक्षेपास्त्र प्रणाली है और इसने भारत को मिसाइल तकनीक में अग्रणी देश बना दिया है।
परिचय
ब्रह्मोस एक सुपरसॉनिक क्रूज़ प्रक्षेपास्त्र है। क्रूज़ प्रक्षेपास्त्र उसे कहते हैं जो कम ऊँचाई पर तेजी से उड़ान भरती है और इस तरह से रडार की आँख से बच जाती है। ब्रह्मोस की विशेषता यह है कि इसे जमीन से, हवा से, पनडुब्बी से, युद्धपोत से यानी कि लगभग कहीं से भी दागा जा सकता है। यही नहीं इस प्रक्षेपास्त्र को पारम्परिक प्रक्षेपक के अलावा उर्ध्वगामी यानी कि वर्टिकल प्रक्षेपक से भी दागा जा सकता है। ब्रह्मोस के मेनुवरेबल संस्करण का हाल ही में सफल परीक्षण किया गया। जिससे इस मिसाइल की मारक क्षमता में और भी बढोत्तरी हुई है।
ब्रह्मोस का विकास ब्रह्मोस कोर्पोरेशन के द्वारा किया जा रहा है। यह कम्पनी भारत के डीआरडीओ और रूस के एनपीओ मशीनोस्त्रोयेनिशिया का सयुंक्त उपक्रम है। ब्रह्मोस नाम भारत की ब्रह्मपुत्र और रूस की मस्कवा नदी पर रखा गया है। रूस इस परियोजना में प्रक्षेपास्त्र तकनीक उपलब्ध करवा रहा है और उड़ान के दौरान मार्गदर्शन करने की क्षमता भारत के द्वारा विकसित की गई है।
प्रक्षेपास्त्र तकनीक में दुनिया का कोई भी प्रक्षेपास्त्र तेज गति से आक्रमण के मामले में ब्रह्मोस की बराबरी नहीं कर सकता। इसकी खूबियाँ इसे दुनिया की सबसे तेज़ मारक मिसाइल बनाती है। यहाँ तक की अमरीका की टॉम हॉक मिसाइल भी इसके आगे फिसड्डी साबित होती है।
मेनुवरेबल तकनीक
मेनुवरेबल तकनीक यानी कि दागे जाने के बाद अपने लक्ष्य तक पहुँचने से पहले मार्ग को बदलने की क्षमता। उदाहरण के लिए टैंक से छोड़े जाने वाले गोलों तथा अन्य मिसाइलों का लक्ष्य पहले से निश्चित होता है और वे वहीं जाकर गिरते हैं। या फिर लेज़र गाइडेड बम या मिसाइल होते हैं जो लेजर किरणों के आधार पर लक्ष्य को साधते हैं। परंतु यदि कोई लक्ष्य इन सब से दूर हो और लगातार गतिशील हो तो उसे निशाना बनाना कठीन हो सकता है। यहीं यह तकनीक काम आती है। ब्रह्मोस मेनुवरेबल मिसाइल है। दागे जाने के बाद लक्ष्य तक पहुँचते पहुँचते यदि उसका लक्ष्य मार्ग बदल ले तो यह मिसाइल भी अपना मार्ग बदल लेती है और उसे निशाना बना लेती है।
ब्रह्मोस की विशेषताएँ
यह हवा में ही मार्ग बदल सकती है और चलते फिरते लक्ष्य को भी भेद सकती है।
इसको वर्टिकल या सीधे कैसे भी प्रक्षेपक से दागा जा सकता है।
यह मिसाइल तकनीक थलसेना, जलसेना और वायुसेना तीनों के काम आ सकती है।
यह 10 मीटर की ऊँचाई पर उड़ान भर सकती है और रडार की पकड में नहीं आती।
रडार ही नहीं किसी भी अन्य मिसाइल पहचान प्रणाली को धोखा देने में सक्षम है। इसको मार गिराना लगभग असम्भव है।
ब्रह्मोस अमरीका की टॉम हॉक से लगभग दुगनी अधिक तेजी से वार कर सकती है, इसकी प्रहार क्षमता भी टॉम हॉक से अधिक है।
आम मिसाइलों के विपरित यह मिसाइल हवा को खींच कर रेमजेट तकनीक से ऊर्जा प्राप्त करती है।
यह मिसाइल 1200 यूनिट ऊर्जा पैदा कर अपने लक्ष्य को तहस नहस कर सकती है।
भविष्य की योजना
ब्रह्मोस कोर्प। अगले 10 साल में करीब 2000 ब्रह्मोस मिसाइल बनाएगा। इन मिसाइलों को रूस से लिए गए सुखोई लड़ाकू जहाजों में लगाया जाएगा।
ब्रह्मोस सुपरसोनिक मिसाइल है, परंतु भविष्य में ब्रह्मोस-२ नाम से हाइपर सोनिक मिसाइल भी बनाई जाएगी जो 7 मैक की गति से वार करेगी। भारत अपनी स्वदेशी सबसोनिक मिसाइल निर्भय भी बना रहा है। ब्रह्मोस-२ करीब 6,000 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार के साथ 290 किलोमीटर दूरी तक लक्ष्य भेद सकेगी।
लेकिन इससे अधिक दूरी की मिसाइल का विकास रूस के साथ मिलकर सम्भव नहीं है क्योंकि रूस अंतरराष्ट्रीय मिसाइल तकनीक नियंत्रण संधि (एमटीसीआर) का हस्ताक्षरकर्ता है। इससे वह 300 किमी से अधिक मारक क्षमता वाली मिसाइल के विकास में अन्य देशों को मदद नहीं दे सकता है।
परीक्षण
18 दिसम्बर २००९ को भारत ने गुरुवार को बंगाल की खाड़ी में ब्रह्मोस सुपरसोनिक क्रूज मिसाइल का सफल परीक्षण किया। इस मिसाइल का निर्माण भारत और रूस के संयुक्त सैन्य उपक्रम ने किया है।
प्रक्षेपण
रक्षा अनुसंधान एवं विकास संगठन (डीआरडीओ) के एक अधिकारी ने बताया, ब्रह्मोस मिसाइल को बंगाल की खाड़ी में एक युध्दपोत से प्रक्षेपित किया गया। परीक्षण को एक मोबाइल प्रक्षेपक से अंजाम दिया गया। मिसाइल ने लक्ष्यों को सफलतापूर्वक भेद दिया।
यह पहली बार है जब ब्रह्मोस का प्रक्षेपण एक नए जहाज पर लगाए गए यूनीवर्सल वर्टिकल लांचर से किया गया। अधिकारी ने कहा, आज अधिकतर जहाजों पर वर्टिकल लांचर लगे हुए हैं ऐसे में ब्रह्मोस का यह परीक्षण काफी मायने रखता है।
क्षमता
मिसाइल की मारक क्षमता 290 किलोमीटर है और यह 300 किलोग्राम विस्फोटक सामग्री अपने साथ ले जा सकता है। मिसाइल की गति ध्वनि की गति से करीब तीन गुना अधिक है।
भारतीय नौसेना ने बृहस्पतिवार को 290 किलोमीटर तक मार करने वाली ब्रह्मोस सुपरसोनिक क्रूज मिसाइल को सफलतापूर्वक पहली बार लंबवत अवस्था में प्रक्षेपित किया। इसके साथ ही ब्रह्मोस दुनिया की पहली और एकमात्र सुपरसोनिक क्रूज मिसाइल बन गई है जिसे नौसैनिक प्लेटफार्म से लंबवत और झुकी हुई दोनों अवस्था में प्रक्षेपित किया जा सकता है।
रक्षा मंत्रालय के सूत्रों ने बताया कि ब्रह्मोस मिसाइल को आज बंगाल की खाड़ी में एक भारतीय नौसैनिक जहाज से लंबवत-प्रक्षेपण अवस्था में सफलतापूर्वक प्रक्षेपित किया गया। यह परीक्षण राजदूत श्रेणी के चलित युद्धक जहाज से किया गया। प्रक्षेपण में इस्तेमाल लंबवत प्रक्षेपक की रचना और विकास भारत-रूस के संयुक्त उपक्रम ब्रह्मोस कार्पोरेशन ने किया।
सूत्रों के मुताबिक परीक्षण ने कार्पोरेशन द्वारा तैयार और विकसित नए वैश्विक लंबवत प्रक्षेपक को प्रदर्शित और साबित किया है।
सूत्रों ने कहा कि परीक्षण के उद्देश्यों को पूरी तरह हासिल किया गया है। प्रक्षेपण वरिष्ठ नौसैनिक अधिकारियों और डीआरडीओ के वैज्ञानिकों की मौजूदगी में संपन्न हुआ।
इन्हें भी देखें
सूर्या प्रक्षेपास्त्र
पृथ्वी प्रक्षेपास्त्र
डी एफ-41
अग्नि-५
बाहरी कड़ियाँ
अब भारत ने तैयार की 'मिनी ब्रह्मोस' (नवभारत)
देसी ब्रह्मोस मिसाइलें मजबूत करेंगी भारत की प्रहार क्षमता (प्रभासाक्षी)
सन्दर्भ
श्रेणी:प्रक्षेपास्त्र
श्रेणी:भारत के प्रक्षेपास्त्र