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काफ़ि़र
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thumb|Kafirs of Natal - काफ़िर से संबंधित एक पुस्तक
काफ़िर (अरबी كافر (काफ़िर); बहुवचन كافرون काफ़िरून) इस्लाम में अरबी भाषा का बहुत विवादित शब्द है जिसका शाब्दिक अर्थ - "अस्वीकार करने वाला"https://books.google.com/books?id=XvbXAAAAMAAJ&q=kafir+rejector A Faith for All Seasons: Islam and Western Modernity Akhtar Shabbir 1990 9780947792411 या "ढ़कने वाला"Björkman, W. 2012 Kāfir Encyclopaedia of Islam 2nd Brill P. Bearman Th. Bianquis C. E. Bosworth E. van Donzel W. P. Heinrichs 10.1163/1573-3912_islam_SIM_3775 Charles Adams A. Kevin Reinhart Kufr The Oxford Encyclopedia of the Islamic World John L. Esposito Oxford University Press Oxford 2009 http://www.oxfordreference.com/view/10.1093/acref/9780195305135.001.0001/acref-9780195305135-e-0467 subscription 9780195305135 या गैर-मुसलमान होता है।Willis John Ralph 2018 1979 Studies in West African Islamic History, Volume 1: The Cultivators of Islam Glossary https://books.google.com/books?id=rD0sBgAAQBAJ&pg=PA197 London and New York Routledge 1st 197 9781138238534 Kufr: Unbelief; non-Muslim belief (Kāfir = a non-Muslim, one who has received no Dispensation or Book; Kuffār plural of Kāfir). नास्तिक को "दहरिया" (भौतिकवादी) बुलाया जाता है।Swartz Merlin A medieval critique of Anthropomorphism 96 https://books.google.com/books?id=_5dbo6vYOREC&q=dahriya&pg=PA96 30 January 2015 Brill 16 January 2022 978-9004123762Dahrīya https://referenceworks.brillonline.com/entries/encyclopaedia-of-islam-1/dahriya-SIM_1762?s.num=27&s.start=20 BrillOnline Reference Works Brill Online 16 January 2022 2012-04-24 Goldziher I. ऐतिहासिक रूप से, जबकि इस्लामी विद्वान इस बात से सहमत थे कि एक बहुदेववादी/मुश्रिक (हिंदू, जैन, बौद्ध धर्म के पालन करने वाले) एक काफ़िर है, वे कभी-कभी इस शब्द को पुस्तक के लोगों के लिए (यहूदी और ईसाई) या गंभीर पाप करने वाले मुसलमानों के लिए लागू करने के औचित्य पर असहमत थे। Björkman, W. 2012 Kāfir Encyclopaedia of Islam 2nd Brill P. Bearman Th. Bianquis C. E. Bosworth E. van Donzel W. P. Heinrichs 10.1163/1573-3912_islam_SIM_3775 मुस्लिम आक्रमणों, कहानियों और लूट पर अपने संस्मरणों में, दक्षिण एशिया के कई मुस्लिम इतिहासकारों ने हिंदू, बौद्ध, सिख और जैन धर्म के पालन करने वालों के लिए काफिर शब्द का प्रयोग किया है।Engineer Ashghar Ali 13–19 February 1999 Hindu-Muslim Problem: An Approach Economic and Political Weekly 37 7 396–400 4407649Elliot and Dowson, Tarikh-i Mubarak-Shahi, The History of India, as Told by Its Own Historians – The Muhammadan Period, Vol 4, Trubner London, p. 273
Elliot and Dowson, Tabakat-i-Nasiri, The History of India, as Told by Its Own Historians – The Muhammadan Period, Vol 2, Trubner London, pp. 347–67Elliot and Dowson, Tarikh-i Mubarak-Shahi, The History of India, as Told by Its Own Historians – The Muhammadan Period, Vol 4, Trubner London, pp. 68–69 कुरान मुश्रिकुन (मुश्रिकों) और किताब के लोगों के बीच अंतर करता है, मूर्ति पूजा करने वालों के लिए मुश्रिक शब्द का ही प्रयोग करता है, किंतु कुछ शास्त्रीय मुसलमान टिप्पणीकारों ने ईसाई सिद्धांत को भी शिर्क का एक रूप माना है।SHIRK Brill 10.1163/1573-3912_islam_sim_6965 यहूदियों और ईसाइयों को जजिया का भुगतान करने की आवश्यकता थी, जबकि चार मधबों के विभिन्न नियमों के आधार पर, अन्य (हिंदू, बौद्ध, सिख और जैन धर्म) धर्म के पालन करने वालों को, इस्लाम को स्वीकार करने, जजिया का भुगतान करने, निर्वासित होने या मारे जाने की आवश्यकता हो सकती है।Michael Bonner Jihad in Islamic History Princeton University Press 2008 89–90 https://books.google.com/books?id=Qxq7eykoJgoC&pg=PA89 To begin with, there was no forced conversion, no choice between "Islam and the Sword". Islamic law, following a clear Quranic principle (2:256), prohibited any such things [...] although there have been instances of forced conversion in Islamic history, these have been exceptional. 978-1400827381Waines (2003) "An Introduction to Islam" Cambridge University Press. p. 53Winter, T. J., & Williams, J. A. (2002). Understanding Islam and the Muslims: The Muslim Family Islam and World Peace. Louisville, Kentucky: Fons Vitae. p. 82. 978-1-887752-47-3. Quote: The laws of Muslim warfare forbid any forced conversions, and regard them as invalid if they occur.Islamic Societies to the Nineteenth Century: A Global History Ira M. Lapidus 345Islam https://www.britannica.com/topic/Islam Encyclopedia Britannica New York 17 August 2021 12 January 2022 इस शब्द को अपमानसूचक माना जाने लगा है; इसी लिये कुछ मुस्लिम इसके स्थान पर "ग़ैर-मुस्लिम" शब्द का प्रयोग करने की सलाह देते हैं।The World, Public Radio International Patrick Winn The world's largest Islamic group wants Muslims to stop saying 'infidel' 8 March 2019 https://www.pri.org/stories/2019-03-08/world-s-largest-islamic-group-wants-muslims-stop-saying-infidel १६ January 2022https://www.thejakartapost.com/news/2019/03/01/nu-calls-for-end-to-word-infidels-to-describe-non-muslims.html NU calls for end to word 'infidels' to describe non-Muslims 1 March 2019 The Jakarta Post Niskala Media Tenggara १६ January 2022
इस्लाम के मजहबी साहित्य (कुरान, हदीस, आदि) का बहुत बड़ा हिस्सा काफ़िर के बारे में और काफ़िरों के साथ कैसा व्यवहार किया जाय, इसको लेकर लिखा गया है। कुरान का लगभग 64% भाग काफ़िरों से सम्बन्धित है; शिरा के 81% भाग में इसी बात का वर्णन है कि इस्लाम के पैगम्बर मोहम्मद काफ़िरों के साथ कैसे निपटे थे; हदीस का लगभग 32% भाग काफ़िरों या कुफ्र के बारे में है। इस प्रकार इन तीनों का औसतन 60% भाग काफ़िरों या कुफ्र के बारे में है।https://www.politicalislam.com/sharia-law-for-non-muslims-chapter-5-the-kafir/ Chapter 5-The Kafir
विभिन्न प्रकार के काफ़िर
प्रायः इस्लाम का पूरा सिद्धान्त उसके छः विश्वास-सूत्रों के सार रूप में बताया जाता है, जो निम्नलिखित हैं-
तौहीद : यानी, एक अल्लाह पर ईमान या विश्वास रखना।
मलाइका : पैगंबर पर विश्वास रखना।
इस्लामी पवित्र पुस्तकों पर विश्वास रखना। see Quran : 5:66see Quran : 7:157
इस्लामी पैग़म्बरों या प्रेशितों पर विश्वास रखना।
तक़दीर या विधी या भाग्य पर विश्वास रखना।
यौम अल-क़ियामा या कयामत के दिन पर विश्वास रखना।
इनमें से पहले पांच का उल्लेख कुरान में आया है। सलफी विद्वान मोहम्मद तकी-उद-दीन-अल-हिलाली के अनुसार उपरोक्त किसी भी बात पर जो कोई विश्वास नहीं रखता तो वह "कुफ्र' का दोषी है। उन्होने अनेक प्रकार के प्रमुख कुफ्र गिनाए हैं-
कुफ्र-अल-तकधीब : अलौकिक सत्य को अस्वीकारना या छः विश्वास सूत्रों में से किसी को नकारना (quran 39:32)
कुफ्र-अल-इबा वत-तक्कबुर मा'अत-तस्दीक : अल्लाह के आदेशों के सत्य होने का यकीन होने के बाद भी उन्हें मानने से इनकार करना। (quran 2:34)
कुफ्र-अश-शक्क वज़-ज़ान : आस्था के छह सिद्धांतों पर संदेह या उनमें पक्के विश्वास की कमी। (quran 18:35–38)
कुफ्र-अल-इ'रादह : जान-बूझकर सच्चाई से मुँह मोड़ना या ईश्वर द्वारा दिखाए गए स्पष्ट संकेतों से भटक जाना। (quran 46:3)
कुफ्र-अल-निफ़ाक़ : दिखावटी अविश्वास। (quran 63:2–3)
मामूली अविश्वास या कुफ़रान-निमाह "ईश्वर के आशीर्वाद या एहसान की कृतघ्नता" को इंगित करता है।Taqi-ud-Din Al-Hilali Muhammad Muhammad Muhsin Khan The Holy Quran Translation ideas4islam 901–02 https://books.google.com/books?id=dMK6fNcjg44C&q=Al-Kufr+al-Akbar&pg=PA901 16 June 2015 9781591440000 2000जनवरी 2023 InternetArchiveBot
ग़ैर-मुस्लिम/काफ़िर को दण्ड
फिर, जब पवित्र महीने बीत जाऐं, तो ‘मुश्रिकों’ (मूर्तिपूजकों) को जहाँ-कहीं पाओ कत्ल करो, और पकड़ो और उन्हें घेरो और हर घात की जगह उनकी ताक में बैठो। (कुरान मजीद, सूरा 9, आयत 5)Qur'an
जिन लोगों ने हमारी ”आयतों” का इन्कार किया (इस्लाम व कुरान को मानने से इन्कार) , उन्हें हम जल्द अग्नि में झोंक देंगे। जब उनकी खालें पक जाएंगी तो हम उन्हें दूसरी खालों से बदल देंगे ताकि वे यातना का रसास्वादन कर लें। निःसन्देह अल्लाह प्रभुत्वशाली तत्वदर्शी हैं” (कुरान सूरा 4, आयत 56)
ईसाइयों और यहूदियों के साथ मित्रता मत करो (सूरा 5, आयत 51)।
काफिरों को जहाँ पाओ, उनको जान से मार दो (सूरा 2, आयत 191)।
ईमान वालों, अपने आस-पास रहने वाले काफिरों के साथ युद्ध करो। उनको तुम्हारे अन्दर कटुता दिखनी चाहिए। (सूरा 9, आयत 123)
अल्लाह ग़ैर-मुसलमानों का दुश्मन है। (सूरा 2, आयत 98)
इस्लाम के अलावा और कोई धर्म/देवता स्वीकार नहीं है। (सूरा 3, आयत 85)
इस्लाम को न मानने वालों का दिल अल्लाह भर देगा और ग़ैर-मुसलमानों की गर्दन काट कर तुम्हें उनका शरीर काट देना है। (सूरा 8, आयत 12)
सिर्फ मुसलमानों को अपना करीबी दोस्त बनाएं। (सूरा 3, आयत 118)
गैर-मुस्लिम दोस्त न बनाएं। (सूरा 3, आयत 28 व सूरा 9, आयत 23)
गैर-मुसलमानों से तब तक लड़ें जब तक अल्लाह का धर्म पूरी तरह से दुनिया में स्थापित न हो जाए। (सूरा 8, आयत 39)
मूर्तियाँ गंदी हैं। (सूरा 22, आयत 30)
मूर्ति पूजा करने वालों को जहाँ कहीं भी मिले, घात लगाकर उन्हें मार डालो। (सूरा 9, आयत 5)
जहाँ कहीं पाखंडी और मूर्तिपूजक पकड़े जाते हैं, उनकी बुरी तरह से हत्या कर दी जाएगी। (सूरा 33, आयत 61)
अल्लाह के सिवा कोई पवित्र ईश्वर नहीं है। (सूरा 3, आयत 62, सूरा 2, आयत 255, सूरा 27, आयत 61 व सूरा 35, आयत 3)
अल्लाह के सिवा किसी और की इबादत करने वाले नर्क के ईंधन हैं। (सूरा 21, आयत 98)
मूर्ति पूजक अशुद्ध (अपवित्र) है। (सूरा 9, आयत 28)
काफ़िर आपके खुले दुश्मन हैं। (सूरा 4, आयत 101)
काफिरों पर ज़ुल्म करो। (सूरा 9, आयत 123)
काफिरों को नीचा दिखाएँ और उनसे लड़ें। (सूरा 9, आयत 29)
काफिरों और पाखंडियों के खिलाफ जिहाद (लड़ाई) करो। (सूरा 66, आयत 9)
हम कुरान का खंडन करने वालों की खाल पकाएँगे। (सूरा 4, आयत 56)
लूट का सारा माल (लड़कियां व महिलाओं सहित) हलाल है। गैर मुसलमानों के लड़कियां और महिलाओं को गुलाम बना के बलात्कार करना जायज है। (सूरा 8, आयत 69)Hadith Sahih Muslim USC-MSA Book 8, Hadith 3432 The Qur'an https://quranx.com/Hadith/Muslim/USC-MSA/Book-8/Hadith-3432 ar 2026-08-20
अल्लाह ईमान वालों के द्वारा काफ़िरों को सताएगा। (सूरा 9, आयत 14)
युद्धबंदियों को सताओ। (सूरा 8, आयत 57)
इस्लाम छोड़ने वालों से बदला लो। (सूरा 32, आयत 22)
इसी तरह की सैकड़ों आयतों में इस्लाम या उसके सिद्धान्तों में विश्वास न करने वालों के साथ हिंसा का उपयोग करने की सलाह दी गयी है।
काफ़िर शब्द शायरी में
तेरी काफिर निगाहों से वाकिफ हूं मैं - सूफी कलाम नुसरत फतेह अली खान https://www.youtube.com/watch?v=FrYO0MvYNrk
तेरी काफिर निगाहें कर गई दिल को तबाह - फिल्म मिस कोका कोला (1955) गाईका गीता दत्त, शायर मजरूह सुल्तानपुरी, संगीत ओ. पी. नय्यर https://oldhindilyrics.com/teri-kafir-nigah-kar-gayi-dil-ko-taba-jab-se-lyrics/ संग्रहीत प्रति 27 अप्रैल 2022 28 मई 2022 https://web.archive.org/web/20220528111112/https://oldhindilyrics.com/teri-kafir-nigah-kar-gayi-dil-ko-taba-jab-se-lyrics/ dead
इन्हें भी देखें
इस्लाम
ईशनिंदा
कुरान की आलोचना
कुरान में हिंसा
जिहाद
सन्दर्भ
बाहरी कड़ियाँ
Intolerance in the Quran
श्रेणी:इस्लाम
श्रेणी:धार्मिक शब्दावली
श्रेणी:गैर-मुस्लिम