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411 समाचार
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तारापुर शहीद दिवस

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शहीद दिवस (भारत) मई 2025 तारापुर शहीद दिवस, प्रतिवर्ष 15 फरवरी को "तारापुर झंडा सत्याग्रह" के शहीदों की स्मृति में मनाया जाता है। 15 फरवरी 1932 को बिहार राज्य के मुंगेर के तारापुर के एक ब्रिटिश थाने पर पहली बार राष्ट्रीय झंडा फहराया गया, जिसपर ब्रिटिश पुलिस के हमले में 34 क्रांतिकारी शहीद हुए थे। आउटलुक हिंदी तारापुर शहीद दिवस: स्वतंत्रता समर का दूसरा सबसे बड़ा बलिदान,मगर देश अनजान https://www.outlookhindi.com/country/india/tarapur-day-special-the-story-of-the-2nd-biggest-sacrifices-of-the-indian-independence-movement-55732 OUTLook 15 February 2021ईटीवी भारत मुंगेर: तारापुर के शहीदों को किया गया याद, पीएम मोदी ने 'मन की बात' में किया था जिक्र https://react.etvbharat.com/hindi/bihar/state/munger/martyrs-remembered-on-tarapur-martyrdom-day-in-munger/bh20210215231009895 ETV 15 February 2021 20 मई 2021 https://web.archive.org/web/20210520154355/https://react.etvbharat.com/hindi/bihar/state/munger/martyrs-remembered-on-tarapur-martyrdom-day-in-munger/bh20210215231009895 dead तारापुर झंडा सत्याग्रह 1931 में गांधी-इरविन समझौता भंग होते ही अंग्रेजी दमन के जबाव में युद्धक समिति के प्रधान सरदार शार्दुल सिंह कवीश्वर द्वारा जारी संकल्प पत्र कांग्रेसियों और क्रांतिकारियों में आजादी का उन्माद पैदा कर दिया था, जिसकी स्पष्ट गूंज 15 फरवरी 1932 को तारापुर के जरिये लन्दन ने भी सुनी।https://hindi.news18.com/news/bihar/munger-munger-news-tarapur-firing-incident-1932-34-sons-were-martyred-state-program-will-be-celebrated-for-first-time-5384875.html तारापुर गोलीकांड 1932 : 34 सपूत हुए थे शहीद, पहली बार मनाया जाएगा राजकीय कार्यक्रम 2023-02-15 News18 हिंदी hi 2023-06-20 20 जून 2023 https://web.archive.org/web/20230620031018/https://hindi.news18.com/news/bihar/munger-munger-news-tarapur-firing-incident-1932-34-sons-were-martyred-state-program-will-be-celebrated-for-first-time-5384875.html dead युद्धक समिति के प्रधान सरदार शार्दुल सिंह कवीश्वर के आदेश पर बिहार के वर्तमान संग्रामपुर प्रखंड के सुपोर-जमुआ गाँव में इलाके भर के क्रांतिकारियों, कांग्रेसियों और अन्य देशभक्त इकट्ठा हुए। बैठक में मदन गोपाल सिंह (ग्राम – सुपोर-जमुआ), त्रिपुरारी कुमार सिंह (ग्राम- सुपोर-जमुआ), महावीर प्रसाद सिंह(ग्राम-महेशपुर), कार्तिक मंडल(ग्राम- चनकी)और परमानन्द झा (ग्राम- पसराहा) सहित दर्जनों सदस्यों का धावक दल चयनित किया गया। 15 फ़रवरी 1932 को तारापुर थाना भवन पर राष्ट्रीय झंडा तिरंगा फहराने का निर्णय लिया गया था, जिसकी सूचना ब्रिटिश पुलिस को पहले ही मिल गई। इसी को लेकर ब्रिटिश कलेक्टर मिस्टर ई० ओ० ली० डाकबंगले में और एसपी डब्ल्यू.एस. मैग्रेथ सशस्त्र बल के साथ थाना परिसर में मौजूद थे। 15 फ़रवरी को धावक दल ने ब्रिटिश थाना पर धावा बोला तथा ध्वज वाहक दल के मदन गोपाल सिंह, त्रिपुरारी सिंह, महावीर सिंह, कार्तिक मंडल, परमानन्द झा ने तारापुर थाना पर तिरंगा फहरा दिया। नागरिकों और पुलिस बल के बीच संघर्ष और लाठीचार्ज हुआ, जिसमें कलेक्टर ई० ओ० ली० घायल हो गए, पुलिस बल ने निहत्थे प्रदर्शनकारियों पर गोलियां चलाई जिसमें 34 क्रांतिकारी शहीद हुए एवं सैंकडों क्रान्तिकारी घायल हुए।https://hindi.news18.com/news/bihar/munger-know-tarapur-martyrdom-day-which-pm-modi-discussed-in-mann-ki-baat-brvj-3440604.html तारापुर बलिदान दिवस: जब गोलियों से छलनी हो गया वीर सपूतों का सीना लेकिन नहीं गिरने दिया तिरंगा 2021-01-31 News18 हिंदी hi 2023-06-20 https://web.archive.org/web/20210131103819/https://hindi.news18.com/news/bihar/munger-know-tarapur-martyrdom-day-which-pm-modi-discussed-in-mann-ki-baat-brvj-3440604.html 31 जनवरी 2021 dead शहीदों की पहचान अंग्रेजी हुकूमत की इस बर्बर कार्रवाई में 34 स्वतंत्रता सेनानी शहीद हुए थे। इनमें से 13 की पहचान हुई, जबकि अन्य 21 अज्ञात ही रह गए। आनन—फानन में अंग्रेजी पुलिस बल ने शहीदों के शवों को वाहन में लादकर सुल्तानगंज भिजवाकर गंगा में बहा दिया था।https://livecities.in/cafeteria/bihar-cafe/massacre-of-1932-of-tarapur-is-a-historical-event-of-freedom-movement-of-india/ संग्रहीत प्रति 25 नवंबर 2020 14 फ़रवरी 2021 https://web.archive.org/web/20210214134105/https://livecities.in/cafeteria/bihar-cafe/massacre-of-1932-of-tarapur-is-a-historical-event-of-freedom-movement-of-india/ dead जिन 13 वीर सपूतों की पहचान हो पाई उनमें विश्वनाथ सिंह (छतिहार), महिपाल सिंह (रामचुआ), शीतल चमार (असरगंज), सुकुल सोनार (तारापुर), संता पासी (तारापुर), झोंटी झा (सतखरिया), सिंहेश्वर राजहंस (बिहमा), बदरी मंडल (धनपुरा), वसंत धानुक (लौढिया), रामेश्वर मंडल (पढवारा), गैबी सिंह (महेशपुर), अशर्फी मंडल (कष्टीकरी) तथा चंडी महतो (चोरगाँव) शामिल थे। इस घटना ने अप्रैल 1919 को अमृतसर के जलियांवाला बाग गोलीकांड की बर्बरता की याद ताजा कर दी थी।https://indianexpress.com/article/explained/sacrifice-34-freedom-fighters-tarapur-bihar-shahid-diwas-7777147/ Explained: Sacrifice of 34 freedom fighters of Tarapur in Bihar, now recognised as Shahid Diwas 2022-02-16 The Indian Express en 2023-06-20 प्रधानमंत्री ने मन की बात में चर्चा मन की बात आकाशवाणी पर प्रसारित किया जाने वाले कार्यक्रम "मन की बात" में भारत के प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने तारापुर में 15 फरवरी 1932 को ब्रिटिश हुकूमत द्वारा हुए भीषण नरसंहार पर चर्चा की।https://pib.gov.in/pib.gov.in/Pressreleaseshare.aspx?PRID=1693671 मन की बात 2.0’ की 20वीं कड़ी में प्रधानमंत्री के सम्बोधन का मूल पाठ (31.01.2021) pib.gov.in 2023-06-20 मूल पाठ: साथियो, इस वर्ष से भारत, अपनी आजादी के, 75 वर्ष का समारोह – अमृत महोत्सव शुरू करने जा रहा है। ऐसे में यह हमारे उन महानायकों से जुड़ी स्थानीय जगहों का पता लगाने का बेहतरीन समय है, जिनकी वजह से हमें आजादी मिली। साथियो, हम आजादी के आंदोलन और बिहार की बात कर रहें हैं, तो, मैं, NaMo App पर ही की गई एक और टिपण्णी की भी चर्चा करना चाहूँगा। मुंगेर के रहने वाले "जयराम विप्लव" जी ने मुझे तारापुर शहीद दिवस के बारे में लिखा है। 15 फरवरी, 1932 को, देशभक्तों की एक टोली के कई वीर नौजवानों की अंग्रेजों ने बड़ी ही निर्ममता से हत्या कर दी थी। उनका एकमात्र अपराध यह था कि वे ‘वंदे मातरम’ और ‘भारत माँ की जय’ के नारे लगा रहे थे। मैं उन शहीदों को नमन करता हूँ और उनके साहस का श्रद्धापूर्वक स्मरण करता हूँ। मैं जयराम विप्लव जी को धन्यवाद देना चाहता हूँ। वे, एक ऐसी घटना को देश के सामने लेकर आए, जिस पर उतनी चर्चा नहीं हो पाई, जितनी होनी चाहिए थी। https://hindi.news18.com/news/bihar/munger-know-tarapur-martyrdom-day-which-pm-modi-discussed-in-mann-ki-baat-brvj-3440604.html संग्रहीत प्रति 5 फ़रवरी 2021 31 जनवरी 2021 https://web.archive.org/web/20210131103819/https://hindi.news18.com/news/bihar/munger-know-tarapur-martyrdom-day-which-pm-modi-discussed-in-mann-ki-baat-brvj-3440604.html dead सन्दर्भ श्रेणी:भारतीय स्वतन्त्रता संग्राम