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411 समाचार
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411 REFERENCE · Wikipedia

चुम्बकीय क्षेत्र

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thumb|250px|किसी 'आदर्श' बेलनाकार चुम्बक का चुम्बकीय क्षेत्र thumb|250px|किसी चालक में प्रवाहित विद्युत धारा I, उस चालक के चारों ओर एक चुम्बकीय क्षेत्र B उत्पन्न करती है। चुंबकीय क्षेत्र विद्युत धाराओं और चुंबकीय सामग्री का चुंबकीय प्रभाव है। किसी भी बिन्दु पर चुंबकीय क्षेत्र दोनों, दिशा और परिमाण (या शक्ति) द्वारा निर्दिष्ट किया जाता है; इसलिये यह एक सदिश क्षेत्र है। चुम्बकीय क्षेत्र गतिमान विद्युत आवेश और मूलकणों के अंतर्भूत चुंबकीय आघूर्ण द्वारा उत्पादित होता है। 'चुम्बकीय क्षेत्र' शब्द का प्रयोग दो क्षेत्रों के लिये किया जाता है जिनका आपस में निकट सम्बन्ध है, किन्तु दोनों अलग-अलग हैं। इन दो क्षेत्रों को B तथा H, द्वारा निरूपित किया जाता है। H की ईकाई अम्पीयर प्रति मीटर (संकेत: A·m−1 or A/m) है और B की ईकाई टेस्ला (प्रतीक: T) है। चुम्बकीय क्षेत्र दो प्रकार से उत्पन्न (स्थापित) किया जा सकता है- (१) गतिमान आवेशों के द्वारा (अर्थात, विद्युत धारा के द्वारा) तथा (२) मूलभूत कणों में निहित चुम्बकीय आघूर्ण के द्वारा Jiles David C. Introduction to Magnetism and Magnetic Materials CRC 2 1998 3 https://books.google.com/books?id=axyWXjsdorMC&pg=PA3 0412798603 30 दिसंबर 2016 https://web.archive.org/web/20161222094321/https://books.google.com/books?id=axyWXjsdorMC&pg=PA3 22 दिसंबर 2016 live Feynman Richard Phillips Leighton Robert B. Sands Matthew The Feynman Lectures on Physics California Institute of Technology 2 1964 1.7–1.8 https://books.google.com/books?id=uaQfAQAAQBAJ&printsec=frontcover&dq=%22magnetic+field 0465079989 30 दिसंबर 2016 https://web.archive.org/web/20161202180236/https://books.google.com/books?id=uaQfAQAAQBAJ&printsec=frontcover&dq=%22magnetic+field 2 दिसंबर 2016 live विशिष्ट आपेक्षिकता में, विद्युत क्षेत्र और चुम्बकीय क्षेत्र, एक ही वस्तु के दो पक्ष हैं जो परस्पर सम्बन्धित होते हैं। चुम्बकीय क्षेत्र दो रूपों में देखने को मिलता है, (१) स्थायी चुम्बकों द्वारा लोहा, कोबाल्ट आदि से निर्मित वस्तुओं पर लगने वाला बल, तथा (२) मोटर आदि में उत्पन्न बलाघूर्ण जिससे मोटर घूमती है। आधुनिक प्रौद्योगिकी में चुम्बकीय क्षेत्रों का बहुतायत में उपयोग होता है (विशेषतः वैद्युत इंजीनियरी तथा विद्युतचुम्बकत्व में)। धरती का चुम्बकीय क्षेत्र, चुम्बकीय सुई के माध्यम से दिशा ज्ञान कराने में उपयोगी है। विद्युत मोटर और विद्युत जनित्र में चुम्बकीय क्षेत्र का उपयोग होता है। लॉरेंज बल लॉरेंज बल किसी चुम्बकीय क्षेत्र B में, v वेग से गतिमान, q आवेश वाले कण पर लगने वाला बल है, धारावाही चालकों के कारण उत्पन्न चुम्बकीय क्षेत्र नीचे की तालिका में कुछ प्रमुख धारावाही चालकों के कारण उत्पन्न चुम्बकीय क्षेत्र के मान दिये गये हैं- + धारा का विन्यासचित्रचुम्बकीय क्षेत्रसीमित लंबाई की धारा-बीम (Finite beam of current)frameless|class=skin-invert|235x235px जहाँ I पूरी बीम में प्रवाहित एकसमान धारा का मान है, और चुम्बकीय क्षेत्र की दिशा चित्र में दिखाए अनुसार है।अनन्त लंबाई का धारावाही तार frameless|class=skin-invert|235x235px जहाँ I तार से प्रवाहित होने वाली एकसमान धारा है, और चुम्बकीय क्षेत्र की दिशा चित्र में दिखाए अनुसार है।अनन्त बेलनाकार तार (अशून्य व्यास का)frameless|class=skin-invert|235x235pxसमान रूप से I धारा ले जाने वाले तार के बाहर, जहाँ चुम्बकीय क्षेत्र की दिशा चित्र में दिखाए अनुसार है।समान रूप से I धारा ले जाने वाले तार के भीतर, जहाँ चुम्बकीय क्षेत्र की दिशा चित्र में दिखाए अनुसार है।वृत्ताकार लूपframeless|class=skin-invert|235x235px लूप के अक्ष के अनुदिश, जहाँ I लूप से प्रवाहित होने वाली समान धारा है। परिनालिका (Solenoid)frameless|class=skin-invert|235x235px I धारा वाली परिनालिका के अक्ष के अनुदिश, जहाँ n परिनालिका की प्रति इकाई लंबाई में फेरों (लूप) की समान संख्या है; और चुम्बकीय क्षेत्र की दिशा चित्र में दिखाए अनुसार है।अनन्त परिनालिकाframeless|class=skin-invert|235x235px I धारा वाली परिनालिका के बाहर, जहाँ n परिनालिका की प्रति इकाई लंबाई में फेरों की समान संख्या है।  I धारा वाली परिनालिका के भीतर, जहाँ n परिनालिका की प्रति इकाई लंबाई में फेरों की समान संख्या है, और चुम्बकीय क्षेत्र की दिशा चित्र में दिखाए अनुसार है।वृत्ताकार टोराइड (Circular Toroid)frameless|class=skin-invert|235x235px वृत्ताकार टोराइड के मुख्य भाग (bulk) के अनुदिश, जो N संख्या में समान रूप से वितरित पोलॉइडल लूपों (poloidal loops) के माध्यम से समान धारा I ले जा रहा है, और चुम्बकीय क्षेत्र की दिशा संकेतित रूप में है।चुम्बकीय द्विध्रुव (Magnetic Dipole)frameless|class=skin-invert|235x235px निरक्षीय तल (equatorial plane) पर, जहाँ \mathbf m चुम्बकीय द्विध्रुव आघूर्ण (magnetic dipole moment) है। अक्षीय तल (axial plane) पर (यह मानते हुए कि ), जहाँ अक्ष पर विपरीत दिशा में स्थिति दर्शाने के लिए x ऋणात्मक भी हो सकता है, और चुम्बकीय द्विध्रुव आघूर्ण है। सीमित लंबाई की धारा-बीम के चुम्बकीय क्षेत्र की सहायता से अन्य चुम्बकीय क्षेत्र के मान भी ज्ञात किए जा सकते हैं, उदाहरण के लिए, केंद्र पर कोण और R त्रिज्या वाले एक चाप (arc) का चुम्बकीय क्षेत्र होता है, या a लम्बाई वाले एक N-भुजा युक्त नियमित बहुभुज (regular polygon) के केंद्र पर चुम्बकीय क्षेत्र होता है; ये दोनों तल के बाहर होते हैं जिनकी सही दिशा का अनुमान दाएं हाथ के अंगूठे के नियम (right hand thumb rule) से लगाया जाता है। सन्दर्भ इन्हें भी देखें स्थायी चुम्बक विद्युतचुम्बकत्व चुम्बकीय पदार्थ विद्युत क्षेत्र लॉरेंज बल फैराडे का विद्युतचुम्बकीय प्रेरण का नियम