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411 समाचार
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भारतीय स्वतंत्रता के पूर्व के आदिवासी विद्रोह

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सन १९४७ में भारत के स्वतन्त्र होने से पूर्व आदिवासी लोगों द्वारा अंग्रेजों के विरुद्ध अनेक विद्रोह किये गये। नीचे इन विद्रोहों का कालक्रम से संक्षिप्त वर्णन दिया गया है- १८वीं शताब्दी 1766-72: भूमिज जमीनदार जगन्‍नाथ सिंह पातर के नेतृत्व में चुआड़ विद्रोह। 1770-1787: चट्टग्राम पहाड़ी क्षेत्र में चकमा विद्रोह। 1771-1809: जंगल महलों की भूमिज जनजातियों द्वारा चुआर विद्रोह। 1774-1779: ब्रिटिश सेनाओं और मराठों के खिलाफ बस्तर राज्य में हलबी जनजातियों द्वारा हलबा डोंगर। 1778: अंग्रेजों के खिलाफ छोटा नागपुर के पहाड़िया सरदारों का विद्रोह। 1784-1785: महाराष्ट्र में महादेव कोली जनजाति और संताल जनजाति के तिलका मांझी का विद्रोह। 1789: अंग्रेजों के खिलाफ छोटानागपुर के तामार का विद्रोह। 1794-1795: तामारों ने फिर से विद्रोह किया। 1798: छोटानागपुर में पंचेट एस्टेट की बिक्री के खिलाफ भूमिज आदिवासियों का विद्रोह। 1798-1799: दुर्जन सिंह के नेतृत्व में चुआड़ विद्रोह। १९वीं शताब्दी 1812: बख्तर साय - मुंडल सिंह पनारी - नवागढ़ विद्रोह ब्रिटिश सरकार द्वारा कर उगाही के विरोध में। 1812: वायनाडी में कुरिचियार और कुरुम्बर का विद्रोह। 1825: सिंगफो ने असम के सादिया में ब्रिटिश पत्रिका पर हमला किया और आग लगा दी। 1832: कोल विद्रोह; हो, मुण्डा, भूमिज और उरांव के नेतृत्व में। 1833: गंगा नारायण सिंह के नेतृत्व में जंगल महल में भूमिज विद्रोह। 1837: पोटो हो का विद्रोह 1843: सिंगफो प्रमुख निरंग फिदु ने ब्रिटिश गैरीसन पर हमला किया और कई सैनिकों को मार डाला। 1849: कदमा सिंगफो ने असम में ब्रिटिश गांवों पर हमला किया और कब्जा कर लिया गया। 1850: प्रमुख बिसोई के नेतृत्व में खोंड जनजाति ने उड़ीसा की सहायक नदियों में विद्रोह किया। 1855: सिद्धू और कान्हू के नेतृत्व में राजमहल हिल्स में अंग्रेजों के खिलाफ संथाल समुदाय द्वारा संताल हुल। 1857: 1857 के व्यापक विद्रोह के हिस्से के रूप में छोटा नागपुर में चेरो और खारवार विद्रोह; राजा नीलमणि सिंह के नेतृत्व में पुरुलिया में भूमिज और संथालों का विद्रोह। 1857-1858: भील ने 1857 के विद्रोह के हिस्से के रूप में भगोजी नाइक और काजर सिंह के नेतृत्व में विंध्य और सतपुड़ा पर्वतमाला के बीच विद्रोह किया। 1858-1895: सरदारी आंदोलन 1859: एबरडीन की लड़ाई में अंडमानी। 1860: मिजो ने त्रिपुरा राज्य पर छापा मारा और 186 ब्रिटिश विषयों को मार डाला। 1860-1862: पूर्वी बंगाल और असम में जयंतिया पहाड़ियों में सिंटेंग विद्रोह। 1861: जुआंग समुदाय ने उड़ीसा में विद्रोह किया। 1862: कोया समुदाय ने गोदावरी जिले में मुत्तादेर्स के खिलाफ विद्रोह किया। 1869-1870: संथालों ने एक स्थानीय सम्राट के खिलाफ धनबाद में विद्रोह किया। विवाद सुलझाने के लिए अंग्रेजों ने की मध्यस्थता। 1879: नागा ने असम में विद्रोह किया। 1879: कोया ने तमंदोरा के नेतृत्व में विशाखापत्तनम हिल ट्रैक्ट एजेंसी के मलकानगिरी में विद्रोह किया। 1883: हिंद महासागर में अंडमान और निकोबार द्वीप समूह के प्रहरी आदिवासी लोगों ने अंग्रेजों पर हमला किया। 1889: मुंडा द्वारा छोटा नागपुर में अंग्रेजों के खिलाफ जन आंदोलन। 1891: एंग्लो-मणिपुरी युद्ध जहां अंग्रेजों ने मणिपुर राज्य पर विजय प्राप्त की। 1892: लुशाई लोगों ने बार-बार अंग्रेजों के खिलाफ विद्रोह किया। 1899-1900: बिरसा मुंडा के नेतृत्व में मुंडा आदिवासी समुदाय द्वारा विद्रोह। २०वीं शताब्दी 1910: मध्य प्रांत के बस्तर राज्य में बस्तर विद्रोह। 1913-1914: बिहार में ताना भगत आन्दोलन। 1913: अरावली रेंज की मानगढ़ पहाड़ियों में भीलों का विद्रोह। 1917-1919: मणिपुर में ब्रिटिश औपनिवेशिक शासन के खिलाफ उनके सरदारों के नेतृत्व में कुकी विद्रोह जिसे हाओस कहा जाता है। 1920-1921: ताना भगत आंदोलन फिर हुआ। 1922: अल्लूरी सीताराम राजू के नेतृत्व में कोया आदिवासी समुदाय ने गोदावरी एजेंसी में अंग्रेजों के खिलाफ विद्रोह किया। 1928-1940: कोमुरम भीम के नेतृत्व में गोंड आदिवासी विद्रोह 1932: मणिपुर में 14 वर्षीय रानी गाइदिन्ल्यू के नेतृत्व में नागाओं ने विद्रोह किया। 1941: हैदराबाद राज्य के आदिलाबाद जिले में ब्रिटिश सरकार के खिलाफ सहयोग से गोंड और कोलम ने विद्रोह किया। 1942: जयपोर राज्य के कोरापुट में लक्ष्मण नाइक के नेतृत्व में आदिवासी विद्रोह। 1942-1945: अंडमान और निकोबार द्वीप समूह की जनजातियों ने द्वितीय विश्व युद्ध के दौरान जापानी सैनिकों द्वारा अपने द्वीपों पर कब्जे के खिलाफ विद्रोह किया। प्रमुख आदिवासी क्रांतिकारी जगन्नाथ सिंह - चुआड़ विद्रोह (1766-71) सुबल सिंह - चुआड़ विद्रोह (1766-71) तिलका माँझी - संथाल विद्रोह (1784-85) दुर्जन सिंह - चुआड़ विद्रोह (1786-99) गंगा नारायण सिंह - भूमिज विद्रोह (चुआड़ विद्रोह) (1831-34) रघुनाथ सिंह - चुआड़ विद्रोह (1831-34) बिंदराय मानकी - कोल विद्रोह (1832-33) सिंदराय मानकी - कोल विद्रोह (1832-33) बुधू भगत - कोल विद्रोह (1832-33) पोटो हो - हो विद्रोह (1837) तेलंगा खड़िया - खड़िया विद्रोह (1850-60) सिद्धू-कान्हू मुर्मू - संथाल विद्रोह (1855) टंट्या भील - भील विद्रोह (1878-89) बिरसा मुण्डा - मुण्डा विद्रोह (उलगुलान) (1899-1900) जतरा भगत - स्वतंत्रता आंदोलन (1912-14) अल्लूरी सीताराम राजू - स्वतंत्रता आंदोलन (1922) कोमुरम भीम - स्वतंत्रता आंदोलन (1928-40) रानी गाइदिन्ल्यू - स्वतंत्रता आंदोलन (1932) इन्हें भी देखें आदिवासी (भारतीय) आदिवासी सन्दर्भ Khan, Ismail. 1986. Indian tribe through the ages. Vikas publishing house, New Delhi. S. Gajrani. 2004. History, Religion and Culture of India: History, religion and culture of Central India Gyan Publishing House, India Gautam Bhadra. 1975. “The Kuki (?) Uprising (1917-1919): Its causes and Nature,” Man in India, vol.55,1, pp. 10–56 श्रेणी:भारतीय स्वतन्त्रता संग्राम श्रेणी:भारतीय स्वतंत्रता का क्रांतिकारी आंदोलन