Skip to main content

  | मौसम…

411 समाचार
Public archive edition · Attributed source reporting with original dates · AI drafts are excluded

411 REFERENCE · Wikipedia

ब्रह्मांड रसायन विज्ञान

Reference material by Wikipedia contributors. This retains its source identity and is not 411 news reporting.

अंगूठाकार|उल्कापिंडों का अध्ययन प्रायः ब्रह्मांड रसायन विज्ञान के अनिवार्य अंग के रूप में किया जाता है। ब्रह्मांड रसायन विज्ञान (अंग्रेज़ी: Cosmochemistry) ब्रह्मांड में पदार्थ की रासायनिक संरचना और उन संरचनाओं को जन्म देने वाली प्रक्रियाओं का अध्ययन है। यह मुख्यतः उल्कापिंडों तथा अन्य भौतिक नमूनों की रासायनिक संरचना के विश्लेषण के माध्यम से किया जाता है। चूँकि उल्कापिंडों के मूल क्षुद्रग्रह प्रारंभिक सौर निहारिका से संघनित होने वाले प्रथम ठोस पदार्थ थे, अतः ब्रह्मांड रसायनज्ञ प्राथमिक रूप से (किंतु विशेष रूप से नहीं) सौर मंडल के भीतर स्थित वस्तुओं पर ध्यान केंद्रित करते हैं।Cosmochemistry https://archive.org/details/cosmochemistry0000mcsw McSween Harry Huss Gary 2010 Cambridge University Press 978-0-521-87862-3 1st इतिहास १९३८ में, स्विस खनिजशास्त्री विक्टर गोल्डश्मिट और उनके सहयोगियों ने कई स्थलीय व उल्कापिंड नमूनों के विश्लेषण के आधार पर "ब्रह्मांडीय प्रचुरता" नामक एक सारणी संकलित की। गोल्डश्मिट ने उल्कापिंड डेटा को शामिल करने का औचित्य बताते हुए कहा कि पृथ्वी और वायुमंडल की प्राकृतिक प्रक्रियाओं के कारण स्थलीय चट्टानों में महत्वपूर्ण रासायनिक परिवर्तन हुए हैं। इसलिए ब्रह्मांड की रासायनिक संरचना का सटीक चित्रण केवल स्थलीय चट्टानों के अध्ययन से संभव नहीं है। यह शोध आधुनिक ब्रह्मांड रसायन विज्ञान की आधारशिला माना जाता है।Cosmochemistry https://archive.org/details/cosmochemistry0000mcsw McSween Harry Huss Gary 2010 Cambridge University Press 978-0-521-87862-3 1st १९५० से १९६० के दशक में, यह विज्ञान अधिक स्वीकृत हुआ। हैरोल्ड यूरी (जिन्हें ब्रह्मांड रसायन विज्ञान का जनक माना जाता है) ने अनुसंधान करके तत्वों की उत्पत्ति और तारों की रासायनिक प्रचुरता की समझ विकसित की। १९५६ में यूरी और जर्मन वैज्ञानिक हांस सुइस ने उल्कापिंड विश्लेषण पर आधारित आइसोटोप सहित पहली ब्रह्मांडीय प्रचुरता सारणी प्रकाशित की।Suess Hans Urey, Harold 1956 Abundances of the Elements Reviews of Modern Physics 28 1 53–74 1956RvMP...28...53S 10.1103/RevModPhys.28.53 १९६० के दशक में विश्लेषणात्मक उपकरणों (विशेषतः द्रव्यमान स्पेक्ट्रममिति) के परिष्कार से ब्रह्मांड रसायनज्ञ उल्कापिंडों में तत्वों के आइसोटोपिक प्रचुरता का विस्तृत विश्लेषण कर सके। १९६० में जॉन रेनॉल्ड्स ने उल्कापिंडों में अल्पायु न्यूक्लाइड के विश्लेषण द्वारा निर्धारित किया कि सौर मंडल के तत्व स्वयं सौर मंडल के निर्माण से पूर्व बने थे, जिससे प्रारंभिक सौर मंडल की प्रक्रियाओं की समयरेखा स्थापित हुई।Reynolds John April 1960 Isotopic Composition of Primordial Xenon https://archive.org/details/sim_physical-review-letters_1960-04-01_4_7/page/n14 Physical Review Letters 4 7 351–354 1960PhRvL...4..351R 10.1103/PhysRevLett.4.351 उल्कापिंड ब्रह्मांड रसायनज्ञों के लिए सौर मंडल की रासायनिक प्रकृति का अध्ययन करने हेतु उल्कापिंड सर्वाधिक महत्वपूर्ण साधन हैं। अनेक उल्कापिंड उस पदार्थ से आते हैं जो स्वयं सौर मंडल जितना पुराना है, अतः वैज्ञानिकों को प्रारंभिक सौर निहारिका का अभिलेख प्रदान करते हैं। कार्बोनेशियस कॉन्ड्राइट विशेष रूप से आदिम होते हैं; अर्थात् ४.५६ अरब वर्ष पूर्व उनके निर्माण के बाद से उनके रासायनिक गुणों को बनाए रखा है। अतः ये ब्रह्मांड रासायनिक अनुसंधानों के प्रमुख केंद्र हैं।McSween Harry August 1979 Are Carbonaceous Chondrites Primitive or Processed? A Review Reviews of Geophysics and Space Physics 17 5 1059–1078 1979RvGSP..17.1059M 10.1029/RG017i005p01059 सबसे आदिम उल्कापिंडों में कुछ पदार्थ (<०.१%) भी होता है जिसे अब प्रीसोलर ग्रेन (सौरपूर्व कण) माना जाता है। ये कण सौर मंडल से भी पुराने हैं और सीधे उन विशिष्ट सुपरनोवा अवशेषों से प्राप्त होते हैं जिनसे सौर मंडल बना था। ये कण अपनी विदेशी रसायन (जैसे ग्रेफाइट, हीरा या सिलिकॉन कार्बाइड की संरचना) से पहचाने जाते हैं। इनमें अक्सर वे आइसोटोप अनुपात भी होते हैं जो शेष सौर मंडल (विशेषकर सूर्य) से भिन्न होते हैं, जो विभिन्न सुपरनोवा घटनाओं के स्रोतों का संकेत देते हैं। उल्कापिंड तारकीय धूल के रूप में अंतरतारकीय माध्यम के गैर-गैसीय तत्वों से एकत्रित अंतरतारकीय धूल कण भी समाविष्ट कर सकते हैं।Cosmochemistry https://archive.org/details/cosmochemistry0000mcsw McSween Harry Huss Gary 2010 Cambridge University Press 978-0-521-87862-3 1st नासा के हालिया निष्कर्षों के अनुसार, पृथ्वी पर मिले उल्कापिंडों में डीएनए व आरएनए घटक (एडेनीन, ग्वानीन एवं संबंधित कार्बनिक अणु) पाए गए हैं, जो जीवन के निर्माण खंड हो सकते हैं और जिनका निर्माण अंतरिक्ष में हुआ है।McSween Harry August 1979 Are Carbonaceous Chondrites Primitive or Processed? A Review Reviews of Geophysics and Space Physics 17 5 1059–1078 1979RvGSP..17.1059M 10.1029/RG017i005p01059McSween, Harry (August 1979). "Are Carbonaceous Chondrites Primitive or Processed? A Review". Reviews of Geophysics and Space Physics. 17 (5): 1059–1078. Bibcode:1979RvGSP..17.1059M. doi:10.1029/RG017i005p01059. धूमकेतु ३० जुलाई २०१५ को, वैज्ञानिकों ने बताया कि धूमकेतु 67/पी की सतह पर फिले लैंडर के पहले टचडाउन पर, COSAC और टॉलेमी उपकरणों द्वारा माप से सोलह कार्बनिक यौगिक का पता चला, जिनमें से चार को पहली बार एक धूमकेतु पर देखा गया था, जिसमें एसिटामाइड, एसीटोन, मिथाइल आइसोसाइनेट और प्रोपियोनल्डिहाइड शामिल थे।https://www.washingtonpost.com/world/philae-probe-finds-evidence-that-comets-can-be-cosmic-labs/2015/07/30/63a2fc0e-36e5-11e5-ab7b-6416d97c73c2_story.html Philae probe finds evidence that comets can be cosmic labs Jordans Frank 30 July 2015 The Washington Post 30 July 2015 https://web.archive.org/web/20181223235109/https://www.washingtonpost.com/world/philae-probe-finds-evidence-that-comets-can-be-cosmic-labs/2015/07/30/63a2fc0e-36e5-11e5-ab7b-6416d97c73c2_story.html 23 December 2018 Associated Presshttp://www.esa.int/Our_Activities/Space_Science/Rosetta/Science_on_the_surface_of_a_comet Science on the Surface of a Comet 30 July 2015 European Space Agency 30 July 2015Bibring J.-P. Taylor M.G.G.T. Alexander C. Auster U. Biele J. Finzi A. Ercoli Goesmann F. Klingehoefer G. Kofman W. 31 July 2015 Philae's First Days on the Comet – Introduction to Special Issue Science 349 493 2015Sci...349..493B 10.1126/science.aac5116 26228139 free यह भी देखें खगोल रसायन भूरसायन विज्ञान रसायन विज्ञान संदर्भ 40em श्रेणी:ग्रह विज्ञान श्रेणी:खगोलभौतिकी