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411 समाचार
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411 REFERENCE · Wikipedia

लुढ़कना

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लुढ़कना या लुढ़कने की गति (Rolling motion) भौतिकी और यांत्रिकी की एक मिश्रित विधा है, जिसमें किसी गोलाकार या बेलनाकार वस्तु की गति में स्थानांतरण (Translation) और घूर्णन (Rotation) दोनों प्रक्रियाएं एक साथ घटित होती हैं। सरल शब्दों में, जब कोई वस्तु (जैसे पहिया, गेंद या बेलन) किसी सतह पर इस प्रकार आगे बढ़ती है कि वह अपने अक्ष पर घूमती भी है और आगे की ओर दूरी भी तय करती है, तो इस संयुक्त गति को लुढ़कना कहा जाता है। मुख्य सिद्धांत और गणितीय संबंध आदर्श स्थिति में, जब कोई ठोस वस्तु किसी समतल सतह पर बिना फिसले (Without slipping) लुढ़कती है, तो उसके केंद्र का रैखिक वेग (Linear Velocity) और उसका कोणीय वेग (Angular Velocity) एक निश्चित गणितीय संबंध द्वारा जुड़े होते हैं। लुढ़कने की गतिकी (Dynamics of Rolling) गति विज्ञान के अनुसार, लुढ़कने की गति को दो भागों के संयोजन के रूप में देखा जाता है: शुद्ध स्थानांतरण गति (Pure Translation): वस्तु का प्रत्येक कण एक ही रैखिक वेग () से आगे बढ़ता है। शुद्ध घूर्णन गति (Pure Rotation): वस्तु अपने अक्ष के परितः घूमती है, जहाँ केंद्र का वेग शून्य होता है और परिधि पर स्थित कणों का वेग होता है। जब इन दोनों गतियों का योग होता है, तो सतह के संपर्क में आने वाले बिंदु का तात्कालिक वेग (Instantaneous velocity) शून्य हो जाता है। यही कारण है कि आदर्श लुढ़कन में वस्तु सतह पर फिसलती नहीं है। घर्षण की भूमिका (Role of Friction) लुढ़कने की गति को शुरू करने और उसे बनाए रखने के लिए घर्षण (Friction) अत्यंत आवश्यक है: यदि सतह पूरी तरह से घर्षणहीन (Frictionless) होगी, तो बल लगाने पर वस्तु लुढ़कने के बजाय केवल फिसलेगी (जैसे बर्फ पर पहिए का घूमना)। लुढ़कते समय लगने वाले घर्षण को घूर्णी घर्षण या लोटनिक घर्षण (Rolling Friction/Resistance) कहा जाता है, जो आमतौर पर सर्पी घर्षण (Sliding friction) की तुलना में बहुत कम होता है। इसी कारण प्राचीन काल में पहिए का आविष्कार परिवहन के क्षेत्र में एक क्रांतिकारी कदम साबित हुआ। संपर्क की आंतरिक गतिशीलता और लोटनिक प्रतिरोध आधुनिक भौतिकी और यांत्रिकी के अनुसार, लुढ़कने का विरोध (Rolling Resistance) केवल दो सतहों के बीच लगने वाला बाहरी घर्षण नहीं है, बल्कि यह संपर्क बिंदु पर होने वाली आंतरिक गतिशीलता (Internal contact dynamics) का परिणाम भी है। जब कोई वास्तविक वस्तु (जैसे टायर या पहिया) किसी सतह पर लुढ़कती है, तो दोनों सतहें आदर्श रूप से कठोर नहीं होतीं। वस्तु के भार के कारण संपर्क क्षेत्र (Contact Patch) पर सूक्ष्म विकृति (Deformation) उत्पन्न होती है। प्रत्यास्थ शैथिल्य (Elastic Hysteresis): जब पहिया आगे बढ़ता है, तो संपर्क में आने वाला अगला हिस्सा दबता है (Compression) और पिछला हिस्सा वापस अपने मूल आकार में आता है (Decompression)। रबर या अन्य लचीले पदार्थों में दबने के दौरान अवशोषित ऊर्जा, आकार वापस पाने के दौरान पूरी तरह मुक्त नहीं हो पाती। इस ऊर्जा के नुकसान को 'प्रत्यास्थ शैथिल्य' कहा जाता है, जो ऊष्मा (Heat) के रूप में नष्ट होती है। असममित दबाव वितरण: इस आंतरिक विकृति के कारण संपर्क क्षेत्र में सतह द्वारा लगाया जाने वाला अभिलंब बल (Normal Force) बिल्कुल केंद्र में न होकर, गति की दिशा में थोड़ा आगे की ओर खिसक जाता है। यह खिसकाव एक विरोधी आघूर्ण (Opposing Torque) पैदा करता है, जो वस्तु को रोकने का प्रयास करता है। अतः, लुढ़कने का प्रतिरोध बाहरी तौर पर घर्षण जैसा दिखता है, परंतु इसके मूल में संपर्क क्षेत्र के भीतर पदार्थों की आणविक संरचना का आंतरिक घर्षण और विकृति की गतिशीलता कार्य करती है। दैनिक जीवन में उदाहरण सड़क पर चलती हुई कार, साइकिल या बैलगाड़ी के पहियों की गति। फर्श पर लुढ़कती हुई फुटबॉल या मार्बल (कंचे) की गति। बॉलिंग एली (Bowling alley) में फेंकी गई भारी गेंद की गति। इन्हें भी देखें घूर्णन जड़त्व आघूर्ण काइनेटिक्स संदर्भ एनसीईआरटी (NCERT), भौतिकी कक्षा 11, अध्याय 6: कणों के निकाय तथा घूर्णी गति (सत्यापित पाठ्यपुस्तक स्रोत)। श्रेणी:यांत्रिकी श्रेणी:गति विज्ञान