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411 समाचार
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411 REFERENCE · Wikipedia

आमार शोनार बांग्ला

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अंगूठाकार|आमार शोनार बांग्ला के नोट का पहला हिस्सा thumb|अमार शोनार बांग्ला वाद्य Amar Sonar Bangla instrumental with traditional musical instruments of Bangladesh.oga पारंपरिक वाद्य संगीत संस्करण Ogg right आमार सोनार बांग्ला (उच्चारण: आमार शोनार बाङ्ला, अर्थ: मेरा सोने का बंगाल), बांग्लादेश का राष्ट्रगान है, जिसे गुरुदेव रवींद्रनाथ टैगोर ने लिखा था। यह बांग्ला भाषा में है। गुरुदेव ने इसे बंग भंग के समय सन १९०६ में लिखा था जब धर्म के आधार पर अंग्रेजों ने बंगाल को दो भागों में बांट दिया था। यह गीत बंगाल के एकीकरण के लिए माहौल बनाने के लिए लिखा गया था। स्वतन्त्र होने के बाद बांग्लादेश ने सन १९७२ में इस गीत की प्रथम दस पंक्तियों को अपने राष्ट्रगान के रूप में स्वीकार किया। गीत का पाठ बांग्ला लिपि मेंलिप्यंतरणहिन्दी अनुवादআমার সোনার বাংলা আমার সোনার বাংলা, আমি তোমায় ভালবাসি।आमार सोनार बाङ्ला आमार सोनार बांला, आमि तोमाय़ भालबासि।मेरा प्रिय बंगाल मेरा सोना का बंगाल, मैं तुमसे प्यार करता/करती हूँ.চিরদিন তোমার আকাশ, তোমার বাতাস, আমার প্রাণে বাজায় বাঁশি।चिरदिन तोमार आकाश, तोमार बातास, आमार प्राणे बाजाय़ बाँशिसदैव तुम्हारा आकाश, तुम्हारी वायु मेरे प्राणों में बाँसुरी सी बजाती है।ও মা, ফাগুনে তোর আমের বনে, ঘ্রাণে পাগল করে, মরি হায়, হায় রে, ও মা, অঘ্রানে তোর ভরা খেতে, আমি কি দেখেছি মধুর হাসি।ओ मा, फागुने तोर आमेर बने घ्राणे पागल करे, मरि हाय़, हाय़ रे, ओ मा, अघ्राणे तोर भरा खेते आमि कि देखेछि मधुर हासि।ओ माँ, फाल्गुन में आम्रकुञ्ज से आती सुगंध मुझे खुशी से पागल करती है, वाह, क्या आनन्द! ओ माँ, अग्रहायण (मार्गशीर्ष) में पूरी तरह से फूले धान के खेत, मैने मधुर मुस्कान को फैलते देखा है।কি শোভা কি ছায়া গো, কি স্নেহ কি মায়া গো, কি আঁচল বিছায়েছ, বটের মূলে, নদীর কূলে কূলে।कि शोभा, कि छाय़ा गो, कि स्नेह, कि माय़ा गो, की आँचल बिछाय़ेछ, बटेर मूले, नदीर कूले कूले।क्या शोभा, क्या छाया, क्या स्नेह, क्या माया! क्या आँचल बिछाया है बरगद तले नदी किनारे किनारे!মা, তোর মুখের বাণী, আমার কানে লাগে, সুধার মতো, মরি হায়, হায় রে, মা, তোর বদনখানি মলিন হলে, আমি নয়ন জলে ভাসি।मा, तोर मुखेर बाणी आमार काने लागे, सुधार मतो, मरि हाय, हाय रे, मा, तोर बदनखानि मलिन हले, आमि नय़न जले भासि।माँ, तेरे मुख की वाणी, मेरे कानो को, अमृत लगती है, वाह, क्या आनन्द! मेरी माँ, यदि उदासी तुम्हारे चेहरे पर आती है, मेरे नयन भी आँसुवों से भर आते हैं। इन्हें भी देखें जन गण मन -- रवीन्द्रनाथ टैगोर द्वारा रचित भारत का राष्ट्रगान वन्दे मातरम् वन्दे उत्कल जननी बाहरी कड़ियाँ बांग्लादेश का राष्ट्रगान बांग्ला लिपि में पाठ श्रेणी:एशिया के राष्ट्रगान श्रेणी:राष्ट्रगान श्रेणी:बांग्लादेश श्रेणी:रबीन्द्रनाथ ठाकुर की कृतियाँ