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411 समाचार
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बागमल महाजन

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बागमल महाजन मध्य प्रदेश के धार जिले से संबंधित एक स्वतंत्रता सेनानी थे। उन्होंने 1942 के भारत छोड़ो आंदोलन के दौरान धार क्षेत्र में स्वतंत्रता संग्राम को जनता के बीच संगठित करने और उसका विस्तार करने में सक्रिय भूमिका निभाई थी।https://arihantlab.github.io/Freedom/ स्वतंत्रता सेनानी बागमल महाजन का जीवन परिचय और योगदान arihantlab.github.io 6 अक्टूबर 2026 प्रारंभिक जीवन और परिवार बागमल महाजन का संबंध धार, मध्य प्रदेश से था और वे जैन समाज से संबंधित थे। उनके पिता का नाम हीरालाल महाजन था। उनके जीवन और स्वतंत्रता संग्राम से जुड़े दस्तावेज व छायाचित्र उनके परिवार के पास सुरक्षित रहे हैं। स्वतंत्रता संग्राम में भूमिका वर्ष 1942 में जब देशभर में ब्रिटिश शासन के विरुद्ध भारत छोड़ो आंदोलन तेज हुआ, तब धार क्षेत्र में भी स्वतंत्रता और उत्तरदायी शासन की मांग को लेकर आंदोलन संगठित हुआ। अखिल भारतीय स्तर पर यह प्रस्ताव 8 अगस्त 1942 को पारित हुआ था, जिसके बाद महात्मा गांधी ने "करो या मरो" का आह्वान किया। धार में 1942 का यह आंदोलन कालूराम विरुलकर के नेतृत्व में संगठित हुआ और 10 अगस्त 1942 को इसे आगे बढ़ाया गया।https://www.naidunia.com/madhya-pradesh/dhar-virulkar-said-80-years-ago-in-dhar-do-or-die-7728189 80 साल पहले धार में विरूलकर ने कहा था- करो या मरो पाटिल प्रेमविजय नई दुनिया 6 अक्टूबर 2026 तत्कालीन शासन द्वारा धार राज्य लोक परिषद को अवैध घोषित किए जाने और प्रमुख नेताओं पर कार्रवाई किए जाने के बावजूद आंदोलन की गतिविधियाँ जारी रहीं। इस कठिन समय में बागमल महाजन ने धार क्षेत्र में लोगों को एकत्रित व संगठित किया। उनका मुख्य प्रयास आंदोलन को केवल सीमित कार्यकर्ताओं तक रखने के बजाय अधिक से अधिक जनता तक पहुँचाना था। उन्होंने स्थानीय लोगों को प्रेरित कर आंदोलन को धार क्षेत्र में एक व्यापक सामाजिक आधार और जनभागीदारी प्रदान की। धार में यह आंदोलन 1942 के बाद भी सक्रिय रहा। इसी क्रम में वर्ष 1944 में क्रांतिकारी पंडित सुंदरलाल को धार आमंत्रित किया गया। इसी अवधि में खलघाट में प्रजामंडल का एक अधिवेशन आयोजित हुआ, जिसमें डॉ. पट्टाभि सीतारमैया प्रमुख वक्ता थे। बागमल महाजन ने कालूराम विरुलकर के नेतृत्व में चल रहे इन सभी आंदोलनों और उत्तरदायी शासन की मांग को आम जनता तक पहुँचाने में सक्रिय कार्य किया। निधन उपलब्ध सरकारी मृत्यु प्रमाण पत्र के अनुसार स्वतंत्रता सेनानी बागमल महाजन का निधन 18 मई 2009 को हुआ था। इस आधिकारिक दस्तावेज में उनके पिता का नाम हीरालाल महाजन दर्ज है। संदर्भ यह भी देखें भारत छोड़ो आंदोलन धार जिला