411 REFERENCE · Wikipedia
आईबीएम पर्सनल कंप्यूटर
Reference material by Wikipedia contributors. This retains its source identity and is not 411 news reporting.
आईबीएम पीसी (IBM PC) thumb|Marvell Technology Group 0.5 IBM PC-IMG 7271 (transparent).png कीबोर्ड और मॉनिटर के साथ आईबीएम पर्सनल कंप्यूटर इंटरनेशनल बिजनेस मशीन्स (IBM) आईबीएम आईबीएम पीसी पर्सनल कंप्यूटर पहली पीढ़ी 1981 08 12 1981–1987 $1,565 (1981 में) 1987 04 02 IBM BASIC / PC DOS 1.0
CP/M-86
UCSD p-System 120/240 V AC Intel 8088 16 केबी – 256 केबी (मदरबोर्ड पर) 5.25" फ्लॉपी ड्राइव (160 केबी या 320 केबी), कैसेट टेप IBM 5151 मोनोक्रोम डिस्प्ले, IBM 5153 कलर डिस्प्ले MDA, CGA पीसी स्पीकर, 1-चैनल स्क्वायर-वेव एक्सटी-कीबोर्ड (XT-Keyboard) सीरियल पोर्ट, पैरेलल पोर्ट लगभग 20.25 × 16.5 × 5.5 इंच (चौड़ाई × गहराई × ऊंचाई) 11 से 14 किलोग्राम IBM System/23 Datamaster IBM Personal Computer XT (अगला मॉडल) IBM PS/2 (अगली पीढ़ी) आईबीएम पर्सनल कंप्यूटर मॉडल की सूची 4.77 मेगाहर्ट्ज़ DRAM IBM 5150 संयुक्त राज्य अमेरिका
आईबीएम पर्सनल कंप्यूटर (मॉडल 5150), जिसे आमतौर पर आईबीएम पीसी (IBM PC) के रूप में जाना जाता है, आईबीएम पीसी मॉडल लाइन में जारी किया गया पहला माइक्रोकंप्यूटर था। यह कंप्यूटर उद्योग में स्थापित होने वाले 'आईबीएम पीसी कम्पैटिबल' (IBM PC compatible) मानक का आधार बना। 12 अगस्त 1981 को रिलीज किए गए इस कंप्यूटर को इंटरनेशनल बिजनेस मशीन्स (IBM) के इंजीनियरों और डिजाइनरों की एक टीम द्वारा विकसित किया गया था, जिसका नेतृत्व फ्लोरिडा के बोका रैटन में विलियम सी. लोवे और फिलिप डॉन एस्ट्रिज ने किया था।
यह मशीन x86 आर्किटेक्चर पर आधारित Intel 8088 प्रोसेसर द्वारा संचालित थी। इसकी सबसे बड़ी विशेषता इसकी 'ओपन आर्किटेक्चर' (Open architecture) यानी खुली संरचना थी, जिसके कारण अन्य कंपनियां भी इसके लिए सहायक उपकरण (Peripherals) और सॉफ्टवेयर बना सकती थीं। आईबीएम पीसी ने व्यक्तिगत कंप्यूटर बाजार पर एक ऐतिहासिक और व्यापक प्रभाव डाला। आईबीएम पीसी के तकनीकी विनिर्देश (Specifications) दुनिया में कंप्यूटर डिजाइनिंग के सबसे लोकप्रिय और वैश्विक मानकों में से एक बन गए। 1980 के दशक के दौरान इसे गैर-कम्पैटिबल प्लेटफॉर्मों में केवल एप्पल की मैकिन्टोश (Macintosh) उत्पाद श्रृंखला, तथा कमोडोर और अटारी जैसी कंपनियों से ही प्रतिस्पर्धा मिली थी। आज के अधिकांश आधुनिक व्यक्तिगत कंप्यूटर अपने मूल संरचनात्मक लक्षणों में इस मूल आईबीएम पीसी के साथ समानता साझा करते हैं।
इतिहास
1980 के दशक से पहले, आईबीएम को मुख्य रूप से बड़े व्यावसायिक कंप्यूटर प्रणालियों (मेनफ्रेम) के प्रदाता के रूप में जाना जाता था।Pollack Andrew August 13, 1981 Big I.B.M.'s Little Computer The New York Times https://www.nytimes.com/1981/08/13/business/big-ibm-s-little-computer.html 0362-4331 उस समय पर्सनल कंप्यूटर के बाजार पर टैंडी (Tandy), कमोडोर (Commodore) और एप्पल (Apple) का दबदबा था, जिनकी मशीनें कुछ सौ डॉलर में बिकती थीं और आम जनता के बीच बेहद लोकप्रिय हो रही थीं। यह बाजार इतना बड़ा हो चुका था कि आईबीएम को इस ओर ध्यान देना ही पड़ा। 1979 तक इस क्षेत्र में 15 अरब डॉलर की बिक्री हो चुकी थी और 1980 के दशक की शुरुआत में इसके 40% वार्षिक दर से बढ़ने का अनुमान था।
आईबीएम जैसी विशाल और नौकरशाही ढर्रे पर चलने वाली कंपनी के लिए पर्सनल कंप्यूटर बनाना एक बड़ी चुनौती थी, क्योंकि आम तौर पर इसके नए उत्पादों को विकसित होने में 4 से 5 साल का समय लगता था। कलीसियाई रूप से उस दौर के एक बाजार विश्लेषक का प्रसिद्ध बयान था कि, "आईबीएम द्वारा पर्सनल कंप्यूटर लाया जाना किसी हाथी को टैप डांस सिखाने जैसा होगा।"
इसके समाधान के लिए आईबीएम के अध्यक्ष जॉन ओपेल ने विलियम सी. लोवे और फिलिप डॉन एस्ट्रिज को फ्लोरिडा में एक नई स्वतंत्र आंतरिक कार्यकारी टीम का प्रमुख नियुक्त किया। इस परियोजना को "प्रोजेक्ट चेस" (Project Chess) नाम दिया गया। टीम ने आईबीएम की पारंपरिक जटिल नीतियों को दरकिनार करते हुए केवल एक वर्ष के भीतर कंप्यूटर का डिज़ाइन तैयार कर लिया। समय बचाने और लागत कम करने के लिए टीम ने आईबीएम के अपने पुर्जे बनाने के बजाय बाजार में पहले से उपलब्ध अन्य कंपनियों के पुर्जों (Off-the-shelf components) का उपयोग करने का ऐतिहासिक निर्णय लिया।
डिज़ाईन प्रक्रिया और पुर्जे
डिजाइन प्रक्रिया के दौरान पूरी गोपनीयता बरती गई। प्रोसेसर के लिए मोटोरोला 68000 और टेक्सास इंस्ट्रूमेंट्स TMS9900 सहित कई विकल्पों पर विचार किया गया, लेकिन अंततः इंटेल 8088 (Intel 8088) को चुना गया। इसकी गति 4.77 मेगाहर्ट्ज़ थी। इंटेल 8088 के 8-बिट डेटा बस ने कंप्यूटर की कुल निर्माण लागत को काफी कम कर दिया। इसके अलावा आईबीएम के इंजीनियरों को इस चिपसेट परिवार का पुराना अनुभव भी था, क्योंकि उन्होंने पहले IBM System/23 Datamaster डिज़ाइन किया था।
मशीन की बाहरी बॉडी को स्टील की मजबूत चेसिस से बनाया गया था ताकि यह भारी सीआरटी (CRT) मॉनिटर का वजन सह सके। इसके साथ मिलने वाला मॉडल एफ (Model F) कीबोर्ड अपनी बेहतरीन एर्गोनॉमिक्स, विश्वसनीयता और मजबूत बनावट के कारण बाजार में आईबीएम पीसी की बिक्री का एक बहुत बड़ा मुख्य आधार (Selling point) साबित हुआ।
बाजार में शुरुआत और अप्रत्याशित सफलता
आईबीएम पीसी ने 12 अगस्त 1981 को बाजार में कदम रखा। इसके 16 केबी रैम और बिना डिस्क ड्राइव वाले बेस मॉडल की कीमत $1,565 रखी गई थी, जो प्रतिस्पर्धी कंप्यूटरों के मुकाबले बेहद आकर्षक थी। आईबीएम ने विपणन (Marketing) के लिए प्रसिद्ध अभिनेता चार्ली चैपलिन के चरित्र "द लिटिल ट्रैम्प" का लाइसेंस लिया, जिसके विज्ञापनों ने आम जनता का ध्यान तेजी से खींचा।
आईबीएम के लिए यह पहला मौका था जब उसने किसी कंप्यूटर को सीधे ग्राहकों को बेचने के बजाय रिटेल चेन स्टोर्स जैसे 'कंप्यूटरलैंड' (ComputerLand) और 'सियर्स' (Sears) के माध्यम से बाजार में उतारा। कलीसियाई रूप से इसकी व्यावसायिक सफलता ने आईबीएम के अपने अनुमानों को 800% से पीछे छोड़ दिया। एक समय ऐसा था जब कंपनी प्रति माह 40,000 से अधिक पीसी शिप कर रही थी। वर्ष 1983 तक आईफ़ोन की लोकप्रियता की तरह आईबीएम ने 7,500,000 से अधिक मशीनें बेच दी थीं। पूरे कंप्यूटर उद्योग का झुकाव आईबीएम पीसी के मानकों की ओर हो गया और कंप्यूटर सॉफ्टवेयर बनाने वाली कंपनियों के लिए आईबीएम प्लेटफॉर्म प्राथमिक लक्ष्य बन गया।
हार्डवेयर विवरण
मदरबोर्ड और रैम (RAM)
इसका पूरा सिस्टम एक बड़े सर्किट बोर्ड पर टिका था जिसे मदरबोर्ड कहा जाता है। इसमें इंटेल 8259 इंटरप्ट कंट्रोलर और डेटा ट्रांसफर के लिए इंटेल 8237 डीएमए (DMA) कंट्रोलर लगे थे। शुरुआत में मदरबोर्ड पर 16 केबी या 64 केबी की रैम (DRAM) सोल्डर होकर आती थी, जिसे एक्सपेंशन कार्ड्स (ISA कार्ड्स) की मदद से अधिकतम 640 केबी (640 KB Conventional Memory) तक बढ़ाया जा सकता था। उस दौर के कलीसियाई अनुप्रयोगों के लिए 640 केबी की मेमोरी क्षमता को कड़ा और पर्याप्त मानक माना जाता था।
वीडियो और डिस्प्ले विकल्प
आईबीएम ने उपयोगकर्ताओं को दो अलग-अलग ग्राफिक्स कार्ड चुनने का अनूठा विकल्प दिया:
1. मोनोक्रोम डिस्प्ले एडाप्टर (MDA): यह केवल उच्च-गुणवत्ता वाले टेक्स्ट को सपोर्ट करता था (ग्राफिक्स नहीं), और इसमें एक पैरेलल प्रिंटर पोर्ट अंतर्निहित था। इसके लिए प्रसिद्ध IBM 5151 मोनोक्रोम मॉनिटर की आवश्यकता होती थी।
2. कलर ग्राफिक्स एडाप्टर (CGA): यह कम और मध्यम रिज़ॉल्यूशन के रंगीन ग्राफिक्स और टेक्स्ट को सपोर्ट करता था, जिसे सामान्य टेलीविजन या कंपोजिट मॉनिटर से भी जोड़ा जा सकता था। मार्च 1983 में इसके लिए समर्पित 'IBM 5153' कलर मॉनिटर लॉन्च किया गया।
स्टोरेज और कीबोर्ड
कंप्यूटर के अग्र भाग में 5.25 इंच की फ्लॉपी डिस्क ड्राइव लगाने के लिए दो बे (Bays) दिए गए थे, जहाँ शुरुआती ड्राइव्स में प्रति डिस्क 160 केबी डेटा स्टोर होता था। घरेलू उपयोगकर्ताओं के लिए इसमें एक कैसेट डेटा रिकॉर्डर पोर्ट भी दिया गया था, हालांकि फ्लॉपी ड्राइव की लोकप्रियता के कारण कैसेट का उपयोग बहुत कम हुआ। मूल आईबीएम पीसी में आंतरिक रूप से कोई हार्ड डिस्क (Hard Drive) लगाने का विकल्प नहीं था, क्योंकि इसका पावर सप्लाई यूनिट (63.5 वॉट) बहुत छोटा था। हार्ड डिस्क जोड़ने के लिए उपयोगकर्ताओं को अलग से आईबीएम 5161 एक्सपेंशन यूनिट खरीदनी पड़ती थी, जिसमें अपना अलग पावर सोर्स होता था।
सॉफ्टवेयर और पीसी-डॉस (PC DOS)
आईबीएम ने इसके लिए माइक्रोसॉफ्ट (Microsoft) के साथ साझेदारी की, जिसने पीसी-डॉस (PC DOS 1.0) ऑपरेटिंग सिस्टम प्रदान किया (जो सिएटल कंप्यूटर प्रोडक्ट्स के 86-DOS पर आधारित था)। यही सॉफ्टवेयर आगे चलकर प्रसिद्ध एमएस-डॉस (MS-DOS) के रूप में विकसित हुआ और आने वाली कई पीढ़ियों तक कंप्यूटर जगत का मानक बना रहा। इसके अलावा, आईबीएम पीसी के रॉम (ROM) में 'आईबीएम बेसिक' (BASIC) भाषा के चार 8 केबी चिप्स अंतर्निहित थे।
क्लोन कंप्यूटरों का उदय (Clones Market)
चूंकि आईबीएम पीसी पूरी तरह से अन्य कंपनियों के पुर्जों पर आधारित था और आईबीएम ने इसके सिस्टम बस की पूरी तकनीकी गाइडलाइंस सार्वजनिक कर दी थीं, इसलिए अन्य कंपनियों के लिए इसका डुप्लिकेट बनाना बहुत आसान हो गया। हालांकि, इसका बायोस (ROM BIOS) आईबीएम की अपनी बौद्धिक संपदा (Intellectual Property) थी।
जून 1982 में 'कोलंबिया डेटा प्रोडक्ट्स' ने क्लीन-रूम डिज़ाइन (Clean-room design) तकनीक के माध्यम से आईबीएम के बायोस का कानूनी रूप से कस्टमाइज्ड रिवर्स-इंजीनियर संस्करण तैयार कर लिया। इसके बाद कॉम्पैक (Compaq), फीनिक्स टेक्नोलॉजीज और अमेरिकन मेगाट्रेंड्स जैसी कंपनियों ने अपने स्वयं के 'आईबीएम कम्पैटिबल' कंप्यूटर बाजार में उतारे, जिन्हें "क्लोन" (Clones) कहा गया। क्लोन बाजार इतना बड़ा हो गया कि इसने आईबीएम की अपनी हिस्सेदारी को समेट दिया, और अंततः आईबीएम ने वर्ष 2004 में अपना पूरा पर्सनल कंप्यूटर व्यवसाय चीनी कंपनी लेनोवो (Lenovo) को बेच दिया।
इन्हें भी देखें
आईबीएम पर्सनल कंप्यूटर एक्सटी
एमएस-डॉस
एप्पल इंक.
संदर्भ
बाहरी कड़ियाँ
आईबीएम 5150 - तकनीकी सूचना और रखरखाव गाइड
आईबीएम आर्काइव्स: आईबीएम पीसी का जन्म
Category:1981 में पेश किए गए कंप्यूटर
Category:आईबीएम कंप्यूटर
Category:व्यक्तिगत कंप्यूटर