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मूर्ति कला
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मूर्ति कला (sculpture) कला का वह रूप है जो त्रिविमीय (three-dimensional) होती है। यह कठोर पदार्थ (जैसे पत्थर), मृदु पदार्थ (plastic material) एवं प्रकाश आदि से बनाये जा सकते हैं। मूर्तिकला एक अतिप्राचीन कला है।
भारत की मूर्तिकला
200px|right|thumb|नेपाली मल्ल वंश की १४वीं शती की बहुरंगी लकड़ी की मूर्ति
भारत के वास्तुशिल्प, मूर्तिकला, कला और शिल्प की जड़े भारतीय सभ्यता के इतिहास में बहुत दूर गहरी प्रतीत होती हैं। भारतीय मूर्तिकला आरम्भ से ही यथार्थ रूप लिए हुए है जिसमें मानव आकृतियों में प्राय: पतली कमर, लचीले अंगों और एक तरूण और संवेदनापूर्ण रूप को चित्रित किया जाता है। भारतीय मूर्तियों में पेड़-पौधों और जीव जन्तुओं से लेकर असंख्य देवी देवताओं को चित्रित किया गया है।
भारत की सिंधु घाटी सभ्यता के मोहनजोदड़ों के बड़े-बड़े जल कुण्ड प्राचीन मूर्तिकला का एक श्रेष्ठ उदाहरण हैं। दक्षिण के मंदिरों जैसे कि कांचीपुरम, मदुरै, श्रीरंगम और रामेश्वरम तथा उत्तर में वाराणसी के मंदिरों की नक्काशी की उस उत्कृष्ट कला के चिर-प्रचलित उदाहरण है जो भारत में समृद्ध हुई।
केवल यही नहीं, मध्य प्रदेश के खजुराहो मंदिर और उड़ीसा के सूर्य मंदिर में इस उत्कृष्ट कला का जीता जागता रूप है। सांची स्तूप की मूर्तिकला भी बहुत भव्य है जो तीसरी सदी ई.पू. से ही इसके आस-पास बनाए गए जंगलों (बालुस्ट्रेड्स) और तोरण द्वारों को अलंकृत कर रही हैं। मामल्लापुरम का मंदिर; सारनाथ संग्रहालय के लायन केपीटल (जहां से भारत की सरकारी मुहर का नमूना तैयार किया गया था) में मोर्य की पत्थर की मूर्ति, महात्मा बुद्ध के जीवन की घटनाओं को चित्रित करने वाली अमरावती और नागर्जुनघोंडा की वास्तुशिल्पीय मूर्तियां इसके अन्य उदाहरण हैं।
हिन्दु गुफा वास्तुशिल्प की पराकाष्ठा मुम्बई के निकट एलीफेंटा गुफाओं में देखी जा सकती है और इसी प्रकार एलोरा के हिन्दु और जैन शैल मंदिर विशेष रूप से आठवीं शताब्दी का कैलाश मंदिर वास्तुशिल्प का यह रूप देखा जा सकता है।
इतिहास के कला खंडों के समृद्ध साक्ष्य संकेत करते हैं कि भारतीय शिल्प कला को एक समय पूरे विश्व में उच्चतम स्थान प्राप्त था।
200px|right|thumb|फ्रांस के लिव्र संग्रहालय में तीन सुन्दरियाँ (Les trois Graces) नामक मूर्ति
प्रतिमालक्षण
भारतीय शास्त्रों में विभिन्न देवी-देवताओं की मूर्तियाँ बनाते समय ध्यान रखने योग्य अनुपात एवं विशिष्टतओं का वर्णन किया गया है। इसमें सूर्य की प्रतिम, लक्ष्मी की प्रतिमा, भैरव की प्रतिमा, गणेश की प्रतिमा, शिव की प्रतिमा तथा बुद्ध की प्रतिमा आदि का विस्तृत वर्णन मिलता है। जैन प्रतिमालक्षण भी मिलता है।
इन्हें भी देखें
मथुरा की मूर्तिकला
गांधार कला
बाहरी कड़ियाँ
भारतीय शिल्प : राममनोहर लोहिया
आधुनिक भारतीय मूर्तिकला https://web.archive.org/web/20140606233025/http://vichar21sadi.blogspot.in/2013/04/1906-20-1868-1895-1888-1926-1884-1962.html 6 जून 2014
India Crafts https://web.archive.org/web/20190730110744/https://www.ethnicindiacrafts.com/ 30 जुलाई 2019
Architecture of India https://web.archive.org/web/20100103134342/http://www.boloji.com/architecture/index.htm 3 जनवरी 2010
Essays on sculpture https://web.archive.org/web/20071030191526/http://www.arthistory.sbc.edu/artartists/sculpture.html 30 अक्तूबर 2007 from Sweet Briar College, Department of Art History
International Sculpture Center
Sculpture artists https://web.archive.org/web/20100820182251/http://the-artists.org/movement/Sculpture.html 20 अगस्त 2010 listings from the-artists.org
Escultores.com https://web.archive.org/web/20060704184412/http://www.escultores.com/ 4 जुलाई 2006 Videos and pictures of sculpture
Corning Museum of Glass
Cass Sculpture Foundation https://web.archive.org/web/20090831102511/http://www.sculpture.org.uk/ 31 अगस्त 2009 charity dedicated to commissioning monumental sculpture
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