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वरुण अग्रवाल
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वरुण अग्रवाल एक पहली पीढ़ी के उद्यमी, फिल्म निर्माता और लेखक हैं। इनका जन्म 6 दिसम्बर १९८६ में हुआ। उन्होंने बैंगलोर के प्रमुख कॉटन बॉयज स्कूल से अपनी स्कूली शिक्षा की। उन्होंने अल्मा मेटर और दो अन्य कंपनियों -रेटिकुलर और लास्ट मिनट फिल्म्स के सह स्थापिक रहे। उन्होंने हौ आइ ब्रेव्ड अनू आन्टी और एक मिलियन डॉलर कंपनी के सह-स्थापिक रहे। १९ साल मे, बंगलौर में अपनी इंजीनियरिंग कॉलेज के दिनों में उन्होंने फिल्म निर्माण शुरू किया और लास्ट मिनट फिल्म्स की स्थापना किया। अपनी स्नातक की पढ़ाई खत्म करने के बाद उन्होने संक्षेप में फट फिश फिल्म्स एक निर्देशक के रूप में काम किया और 21 की उम्र में उन्होने संगीत वीडियो में बॉलीवुड सुपर स्टार प्रीति ज़िंटा और ए०आर० रहमान के साथ निर्देशन किया।
उद्यमी
२३ साल की उम्र में उन्होंने अपने दोस्त रोहन मल्होत्रा के साथ अपना दूसरा व्यावसायिक उद्यम एल्मा मेटर की स्थापना की थी। अल्मा मेटर सफलतापूर्वक पूर्व छात्रों के लिए अनुकूलित स्वेटश्र्ट्स् और आपूर्ति करने में सक्षम होने के नाते भारत भर में शिक्षण संस्थानों के साथ भागीदारी की है। यह अब स्कूलों और कॉलेजों के छात्रों को स्वेटश्र्ट्स् उपलब्ध कराने के लिए देश की सबसे बड़ी कंपनी खोली है। इन दोनों कंपनियों के अलावा उन्होंने रेटिकुलर एक सामाजिक नेटवर्किंग साइट सह- स्थापना की है। वरुण इंडिया टुडे के कवर पेज पर और साथ ही साथ सीएनबीसी युवा तुर्क शो पर चित्रित हुए हैं।
फिल्म निर्माता
२२ के उम्र में उन्होंने अपने पहले व्यावसायिक उद्यम, लास्ट मिनट्स फिल्म्स (लम्फ)। (लम्फ) सफल संगीत वीडियो, कॉर्पोरेट फिल्मों और विज्ञापन फिल्मों के साथ एक इंडी फिल्म निर्माण कंपनी है। लम्फ को यौतुबे पर ३५०००० हिट्स मिली हैं। एक फिल्म निर्माता के रूप में, वरुण ने अ र रहमान और प्रेत्य ज़िंटा का निर्धारशन किया हैं जिसे वोह अपने ज़िन्दगी का सबसे बड़े उपलब्धि मानता हैं।
लेखक
जून २०१२ मैं अपने पहेली पुस्तक "हाउ ई ब्रावेद अनु आंटी एंड सीओ-फौंडेड अ मिलियन डॉलर कंपनी", जिसमे वो अपने उदयमणि होने के सफ़र के बारे में बताता हैं।
एक छोटे पैमाने पर पुस्तक के बारे में
हाउ ई ब्रावेद अनु आंटी एंड सीओ-फौंडेड अ मिलियन डॉलर कंपनी वरुण का पहला पुस्तक हैं। वरुण के शब्दों में 'ये पुस्तक किस तरह से उसने अपने दोस्त के साथ मिलकर अपना शुरुआत की और उसे जुड़े हुए रोहमाँच के बारे में हैं।' दिल से अपने आप को फिल्म निर्माता मान चूका वरुण, को मज़बूरी में आकर इंजीनियरिंग करना पड़ता हैं जो उसे कभी पसंद नहीं थी। बॉलीवुड बड़े शॉट से पेंटाग्राम, जंकयार्ड ग्रूव, द रघु दिक्सित प्रोजेक्ट की तरह सफल संगीत घरानों के लिए यह युवा कौतुक सभी के साथ हॉब- नोबबेद है। मामूली खूंटी विकास और जुनून के साथ, वरुण ने अपने पहले उपन्यास में अपनी सफल उद्यम (और अपने प्यार, फेसबुक पीछा और सभी) के बारे में लिखने की साहस दिखायी हैं। बड़े उत्सुक्ता के साथ वरुण ने बड़े बड़े काम बहुत शानदारी से किया हैं।
अनु आंटी के बारे में
अनु आंटी वरुण के माँ की दोस्त हैं, जो हमेशा उसके फैसले में अपने नाक अड़ाती थी। ग्रेजुएशन के बाद वरुण अपने बल पर खुद का कंपनी शुरू करना चाहता था, लेकिन उसके माँ को लगा की वो अपने जीवन की तरफ ध्यान नहीं दे रहा हैं और उसे रास्ते में लाना बहुत ज़रूरी हैं इसलिए उन्होंने अनु आंटी की मदद लेना उचित समझा। ये पुस्तक उन सारी परिशानियों के बारे में हैं जो वरुण को अनु आंटी की साथ रहते हुए उठाना पढ़ा था।
वरुन की प्रेरणा
वरुण अपने फेसबुक पेज पर एल्मा मेटर के बारे में और कैसे उन्होंने ये कंपनी को शुरू की उसके बारे में बहुत सारे लेख लिकते थे। जिस तरह से उन्होंने अपने कंपनी की शुरुवात की वोह किसी बॉलीवुड जोकिम से कम नहीं था। वरुण की लेख को लोग पहचान ने लगे और उसे पसंद भी करने लगे और इसी उम्मीद की साथ वरुण ने अपने कुछ लेक को रूपा पब्लिशर्स को बेज दिया था। उन्हें वरुण की लेक बहुत पसंद आए थे और उन्होंने वरुण से पूरी हस्तलिपि भेज ने को कहा। पूरी हस्तलिपि लिकने की लिए कम से कम ५००००-६०००० शब्दों की ज़रूरत होती हैं और वरुण की पास सिर्फ २००-३०० शब्दों कि ही लेख थे, उन्हें ये समझ नहीं आ रहा था कि वे ये पुरे कैसे कर पाएंगे। इसे के धोरन वरुन बिमर पद गये थे और उन्हें घर में नज़र बंद होना पड़ा था, जिसके वजह से वो ही काम नहीं कर पा रहे थे। उन्होंने सोचा कि क्यों ना पूरी हस्तलिपि लिकने कि कोशिश करू। और तीक ८ दिन बाद उन्होंने पूरी हस्तलिपि लिक दी थी जो कुल मिलकर ५०००० शब्दों के थे (जो उन्हें बिल्कुल पसंड नही था)। कुछ परिवर्तान की बाद उसने रूपा पब्लिशर्स को अप्नी पेहली हस्तलिपि दिया था। और एक महिने के बाद वरुन को रुपा पब्लिशर्स से एक मैल मिला था जिस्मे लिखा था कि अब वो एक लेखक बन गये हैं।
और इसी तरह हुई थी हाउ ई ब्रावेद अनु आंटी एंड को-फौंडेड अ मिलियन डॉलर कंपनी पुस्तक कि प्रकाशन।
सन्दर्भ
https://web.archive.org/web/20150222104959/http://en.wikipedia.org/wiki/Varun_Agarwal
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