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जूरी
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जूरी (अंग्रेज़ी: Jury) न्यायिक प्रणाली का वह अंग है जिसमें आम नागरिकों का एक समूह किसी मुकदमे में प्रस्तुत साक्ष्यों और गवाहों के बयान के आधार पर निर्णय देता है। जूरी प्रणाली मुख्य रूप से सामान्य कानून (Common Low) वाले देशों में प्रचलित है, जैसे कि संयुक्त राज्य अमेरिका, यूनाइटेड किंगडम और कनाडा। इसका मुख्य उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि न्याय केवल न्यायाधीश के निर्णय तक सीमित न रहे, बल्कि समाज के सामान्य नागरिक भी न्याय प्रक्रिrrrया में सक्रिय भूमिका निभाएँ और निष्पक्ष निर्णय सुनिश्चित करें।
इतिहास और विकास
जूरी प्रणाली की उत्पत्ति मध्ययुगीन इंग्लैंड में हुई थी। प्रारंभ में यह स्थानीय समुदायों के प्रतिनिधियों द्वारा अपराध और विवाद का निष्पक्ष समाधान सुनिश्चित करने के लिए बनाई गई थी। १८वीं और १९वीं शताब्दी में इसे ब्रिटिश उपनिवेशों सहित कई देशों ने अपनाया। जूरी का कार्य प्रारंभ में केवल दोषसिद्धि तक सीमित था, लेकिन धीरे-धीरे इसे साक्ष्यों की व्याख्या और निर्णय की जिम्मेदारी देने का प्रावधान विकसित हुआ। भारत में ब्रिटिश शासन के दौरान जूरी प्रणाली का प्रयोग हुआ, लेकिन १९५९ में जूरी प्रणाली को समाप्त कर दिया गया।Langbein John 1973-04-01 The Origins of Public Prosecution at Common Law https://chicagounbound.uchicago.edu/journal_articles/10017 American Journal of Legal History 17 313
भारत में जूरी
भारत में जूरी प्रणाली स्वतंत्रता से पहले ब्रिटिश काल के दौरान प्रचलित थी। आपराधिक मामलों में जूरी का काम आरोपी के दोषसिद्धि का निर्णय करना होता था। लेकिन अनेक मामलों में जूरी निर्णय विवादास्पद रहे और अक्सर पक्षपातपूर्ण पाए गए। स्वतंत्रता के बाद, १९५९ में पंचवटी हत्याकांड जैसे विवादों के बाद सर्वोच्च न्यायालय ने जूरी प्रणाली को समाप्त कर दिया। वर्तमान में भारत में जूरी का प्रयोग नहीं होता और निर्णय केवल न्यायाधीश के द्वारा लिया जाता है।
चयन प्रक्रिया
जूरी का चयन आमतौर पर यादृच्छिक (random) प्रक्रिया से किया जाता है। योग्य नागरिकों को मतदाता सूची या अन्य सरकारी रिकॉर्ड से चुना जाता है। चयनित नागरिकों की उम्र, पृष्ठभूमि और योग्यता के आधार पर उनका चुनाव सुनिश्चित किया जाता है। मुकदमे की प्रकृति के अनुसार जूरी का आकार भिन्न हो सकता है; आपराधिक मुकदमों में आम तौर पर १२ सदस्य और दीवानी मामलों में ६ से १२ सदस्य होते हैं। पक्षकारों को कुछ व्यक्तियों को खारिज करने या चुनने का अधिकार भी दिया जाता है।
“सिटिज़न्स असेंबली” एक ऐसा समूह होता है, जिसे सामान्य जनसंख्या में से लॉटरी (यादृच्छिक चयन) के माध्यम से चुना जाता है। यह समूह महत्वपूर्ण सार्वजनिक मुद्दों पर विचार-विमर्श करता है ताकि वह उन निर्णयों या नीतियों पर प्रभाव डाल सके।https://library.fes.de/pdf-files/bueros/wien/18489.pdf Citizens' assemblies: New ways to democratize democracy Friedrich-Ebert-Stiftung, September 2021 2024-12-21De Gruyter Handbook of Citizens' Assemblies 2023-05-31 De Gruyter en 10.1515/9783110758269 978-3-11-075826-9 Reuchamps Vrydagh Welp Min Julien Yanina free. Section 1.2.Dryzek John S. Bächtiger André Milewicz Karolina Toward a Deliberative Global Citizens' Assembly Global Policy 2011 2 1 33–42 10.1111/j.1758-5899.2010.00052.x https://researchprofiles.canberra.edu.au/en/publications/toward-a-deliberative-global-citizens-assembly en 1758-5880 freeDesigning Deliberative Democracy: the British Columbia Citizens' Assembly 2008 Cambridge University Press 978-0-521-88507-2 Pearse Hilary Theories of institutional design Cambridge Warren Mark
कार्य और प्रक्रिया
जूरी का मुख्य कार्य साक्ष्यों, गवाहों के बयानों और पक्षकारों की दलीलों का मूल्यांकन करना है। अदालत में प्रस्तुत सभी साक्ष्यों को सुनने के बाद, जूरी सदस्य गोपनीयता में विचार-विमर्श करते हैं और बहुमत या सर्वसम्मति के आधार पर निर्णय देते हैं। जूरी निर्णय न्यायिक प्रक्रिया की पारदर्शिता सुनिश्चित करता है और समाज में न्याय के प्रति विश्वास बढ़ाता है।
प्रकार
जूरी के कई प्रकार होते हैं। आपराधिक जूरी गंभीर अपराधों की दोषसिद्धि का निर्णय देती है। दीवानी जूरी नागरिक विवादों जैसे संपत्ति, अनुबंध या हर्जाने के मामलों में निर्णय करती है। विशेष जूरी का गठन विशेष मामलों के लिए होता है, जैसे संवैधानिक मुद्दे, आर्थिक अपराध या जटिल तकनीकी मुकदमे।
वैश्विक उदाहरण
संयुक्त राज्य अमेरिका में जूरी प्रणाली संवैधानिक रूप से सुरक्षित है और प्रत्येक नागरिक को जूरी में शामिल होने का अधिकार है। यूनाइटेड किंगडम में भी जूरी प्रचलित है, विशेषकर गंभीर आपराधिक मामलों में। ऑस्ट्रेलिया, कनाडा और न्यूजीलैंड में भी जूरी प्रणाली लागू है, लेकिन प्रत्येक देश की नियमावली और चयन प्रक्रिया भिन्न होती है।
महत्व
जूरी प्रणाली लोकतांत्रिक समाज में नागरिक भागीदारी का महत्वपूर्ण माध्यम है। यह सुनिश्चित करती है कि न्याय केवल न्यायाधीश तक सीमित न रहे, बल्कि आम जनता भी निर्णय प्रक्रिया में शामिल हो। जूरी निर्णय पारदर्शिता, निष्पक्षता और समाज में न्याय के प्रति विश्वास बढ़ाते हैं।
आलोचना और चुनौती
जूरी प्रणाली की आलोचना भी होती रही है। कभी-कभी जूरी सदस्य अधूरी जानकारी या पक्षपात के प्रभाव में निर्णय लेते हैं। इसके अलावा, जूरी चयन और प्रशिक्षण की प्रक्रिया महंगी और समय-सापेक्ष होती है। कुछ मामलों में जूरी का निर्णय न्यायिक समीक्षा के लिए चुनौतीपूर्ण साबित होता है। इसके बावजूद, जूरी प्रणाली को न्याय की पारदर्शिता और नागरिक भागीदारी के लिए एक आवश्यक अंग माना जाता है।
संदर्भ
श्रेणी:न्याय-व्यवस्था