Skip to main content

  | मौसम…

411 समाचार
Public archive edition · Attributed source reporting with original dates · AI drafts are excluded

411 REFERENCE · Wikipedia

भारत में मातृ मृत्यु दर

Reference material by Wikipedia contributors. This retains its source identity and is not 411 news reporting.

thumb|300px|right|माता का अच्छा स्वास्थ्य परिवार और समाज के लिए अच्छा है। मातृ मृत्यु दर, गर्भावस्था के दौरान या शिशु के जन्म के कारण माँ की मृत्यु के दर को कहा जाता है। मातृ मृत्यु दर महिला एवं बाल स्वास्थ्य की दृष्टि से अत्यंत महत्वपूर्ण है। विभिन्न देशों और संस्कृतियों में मातृ मृत्यु के भिन्न-भिन्न कारण हैं, तथा इसका प्रभाव विभिन्न देशों/प्रदेशों के मातृ मृत्यु दरों में झलकता है। भारत में विभिन्न राज्यों और क्षेत्रों तथा महिला जनसांख्यिकीय स्तर पर भी इन दरों में सार्थक भिन्नता है। रुग्णता के आधार पर 1980 से 2015 के बीच भारत में 1.5% मातृ मृत्यु का कारण एक्लंप्षण (इक्लेम्प्सिया) रहा है।Nobis P. N. Hajong Anupama Eclampsia in India Through the Decades The Journal of Obstetrics and Gynecology of India 8 January 2016 66 S1 172–176 10.1007/s13224-015-0807-5 27651598 5016424 यद्यपि इस बीमारी का अनुभव करने वाली महिलाओं की संख्या इस कालावधि में समान ही रही है, मगर इस कारन से मातृ मृत्यु की संख्या में हाल के समय में थोड़ी कमी आई है। व्यापकता सैंपल रजिस्ट्रेशन सिस्टम बुलेटिन - 2016 के अनुसार, भारत में 2013 से अनुपात मातृ मृत्यु के दरों में 26.9% की कमी दर्ज हुई है। यह दर 2011-2013 में 167 से घटकर 2014-2016 में 130 और 2015-17 में 122 दर्ज किया गया था। 2014-2016 के अंतिम सर्वेक्षण के आंकड़ों के बाद 6.15% की कमी दर्ज की गई। मातृ मृत्यु अनुपात (प्रति 100000 जीवित जन्म)2004-062007-092010-122011-132014-16अखिल भारतीय दरें254212178167130असम480390328300237बिहार/झारखंड312261219208165मध्य प्रदेश/छत्तीसगढ़335269230221173उड़ीसा303258235222180राजस्थान388318255244199उत्तर प्रदेश/उत्तराखंड440359292285201ईएजी और असम का पूर्ण योग 375308257246188आंध्र प्रदेश1541341109274तेलंगाना81कर्नाटक213178144133108केरल9581666146तमिलनाडू11197907966दक्षिण का पूर्ण योग1491271059377गुजरात16014812211291हरियाणा186153146127101महाराष्ट्र130104876861पंजाब192172155141122पश्चिम बंगाल141145117113101अन्य राज्य20616013612697अन्य का पूर्ण योग17414912711593 राज्यों के स्तर पर मातृ मृत्यु दर भारतीय राज्यों में ग्रामीण तथा शहरी महिलाओं हेतु मातृ स्वास्थ्य सेवाओं का लाभ उठाने की दरें समान हैं।Montgomery AL Ram U Kumar R Jha P Million Death Study Collaborators. Maternal mortality in India: causes and healthcare service use based on a nationally representative survey. PLOS ONE 2014 9 1 e83331 10.1371/journal.pone.0083331 24454701 3893075 2014PLoSO...983331M लेकिन भारत में कई ऐसे राज्य है जो आर्थिक तंगी से गुजर रहे है, जिसके कारण आज गरीबी ग्रस्त राज्यों में, शहरी महिलाएँ ग्रामीण महिलाओं की तुलना में स्वास्थ्य सेवाओं का अधिक लाभ उठा पाती हैं। बीमारू राज्यों में मातृ मृत्यु दर सहित कई समस्याएँ देखी गई हैं।Dehury RK Samal J Maternal Health Situation in Bihar and Madhya Pradesh: A Comparative Analysis of State Fact Sheets of National Family Health Survey (NFHS)-3 and 4. Journal of Clinical and Diagnostic Research September 2016 10 9 IE01–IE04 10.7860/JCDR/2016/19079.8404 27790466 5071966 असम असम में मातृ मृत्यु दर सबसे अधिक है।Cousins Sophie Assam: India's state with the highest maternal mortality BMJ 353 5 April 2016 i1908 10.1136/bmj.i1908 27048471 असम में मातृ मृत्यु की उच्चतम दर चाय बागान की श्रमिकों में पाई गई हैं। आंध्र प्रदेश आंध्र प्रदेश में एक क्षेत्रीय कार्यक्रम द्वारा डॉक्टरों और नर्सों से स्थानीय लोगों के बीच मातृ मृत्यु के प्रमुख कारणों के बारे में जानकारी प्राप्त करने की कोशिश की गयी।Singh S Murthy GV Thippaiah A Upadhyaya S Krishna M Shukla R Srikrishna SR Community based maternal death review: lessons learned from ten districts in Andhra Pradesh, India. Maternal and Child Health Journal July 2015 19 7 1447–54 10.1007/s10995-015-1678-1 25636651 प्राप्त जानकारी के अनुसार वहाँ मातृ मृत्यु विभिन्न कारणों से होती है, अतः कोई निश्चित एक कारण नहीं है। परंतु यदि क्लिनिकों को सामान्य कारणों की जानकारी होगी तो वे भविष्य में मातृ मृत्यु के रोकथाम के लिए बेहतर रूप से त्रियर रहेंगे बिहार अन्य राज्यों की तुलना में, बिहार में चिकित्सा सेवाएँ बेहतर हैं, जिसके कारण मातृ मृत्यु दर गर्भावस्था के दौरान या जन्म के बाद मृत्यु दर अन्य राज्यों की अपेक्षा यहाँ कम है।Kumar G Anil Dandona Rakhi Chaman Priyanka Singh Priyanka Dandona Lalit A population-based study of neonatal mortality and maternal care utilization in the Indian state of Bihar BMC Pregnancy and Childbirth 17 October 2014 14 1 357 10.1186/1471-2393-14-357 25326202 4287469 पश्चिम बंगाल ग्रामीण पश्चिम बंगाल में 2019 के सर्वेक्षण में बताया गया कि गर्भवती महिलाओं को समय पर अस्पताल ना पहुँचाये जाने से उनकी यह दर दिन प्रतिदिन बढ़ती जा रही है, और ये तो सभी जानते हैं कि अगर गर्भावस्था के दौरान या जन्म के बाद महिला को समय पर क्लीनिक ना ले जाया जाए तो हालत गंभीर होने से समस्या अधिक बढ़ जाती है। कभी-कभी तो अधिक देरी के चलते मृत्यु भी हो जाती है।Sk MIK Paswan B Anand A Mondal NA Praying until death: revisiting three delays model to contextualize the socio-cultural factors associated with maternal deaths in a region with high prevalence of eclampsia in India. BMC Pregnancy and Childbirth 28 August 2019 19 1 314 10.1186/s12884-019-2458-5 31455258 6712765 कर्नाटक दक्षिण भारत में कर्नाटक में मातृ मृत्यु दर सबसे अधिक है।Vidler Marianne Ramadurg Umesh Charantimath Umesh Katageri Geetanjali Karadiguddi Chandrashekhar Sawchuck Diane Qureshi Rahat Dharamsi Shafik Joshi Anjali von Dadelszen Peter Derman Richard Bellad Mrutyunjaya Goudar Shivaprasad Mallapur Ashalata Utilization of maternal health care services and their determinants in Karnataka State, India Reproductive Health 8 June 2016 13 S1 37 10.1186/s12978-016-0138-8 27356502 4943501 जानकारी के मुताबिक साक्षात्कारों में, माताओं ने बताया कि आर्थिक तंगी और पैसे की कमी के कारण वो स्वास्थ्य सेवाओं का बेहतर उपयोग नहीं कर पाती हैं। इसके कारण उन्हें क्लिनिक पर जाने में देर हो जाती है क्योकि यहाँ सरकार की तरफ से गर्भवती महिलाओं के लिए क्लिनिक तक जाने के कोई संसधान मौजूद नहीं है। उत्तर प्रदेश सर्वेक्षणों में पाया गया है कि उत्तर प्रदेश की महिलाएँ जो अधिक शिक्षित हैं और आर्थिक रूप से सक्षम हैं, वे मातृ स्वास्थ्य सेवाओं का अधिक उपयोग करती हैं।Dey A Hay K Afroz B Chandurkar D Singh K Dehingia N Raj A Silverman JG Understanding intersections of social determinants of maternal healthcare utilization in Uttar Pradesh, India. PLOS ONE 2018 13 10 e0204810 10.1371/journal.pone.0204810 30286134 6171889 2018PLoSO..1304810D रोकथाम 2018 में विश्व स्वास्थ्य संगठन ने भारत में हाल ही में हुए चार बदलावों पर ध्यान दिया, जिसके चलते पहले की अपेक्षा मातृ मृत्यु दर में काफी कमी आयी है: सरकार ने गर्भवती महिलाओं और नई माताओं के लिए स्वास्थ्य सेवा की उपलब्धता बढ़ाई है। जननी शिशु सुरक्षा कार्यकम जैसे वित्त कार्यक्रमों ने अस्पताल जाने में परिवहन और प्रसव की लागत के लिए भुगतान किया है। यह महिलाओं के लिए सरकार की तरफ से उठाया गया अच्छा कदम है। महिलाओं की शिक्षा में निवेश अन्य परिणामों के साथ स्वास्थ्य परिणामों में भी सुधार किया जा रहा है ताकि महिलाएं शिक्षित हों और उन्हें अपनी देखभाल करने में कोई परेशानी ना हो। सरकार निजी और सरकारी क्लीनिकों के बीच प्रधानमंत्री सुरक्षा अभियान कार्यक्रम के माध्यम से सहयोग को बढ़ावा दे रही है। 2017 से पहले सरकार ने मातृ मृत्यु दर पर ध्यान केंद्रित करते हुए रोकथाम के लिए एक योजना विकसित करने के लिए मृत्यु के कारणों के बारे में जाना था।Kansal A Garg S Sharma M Moving from maternal death review to surveillance and response: A paradigm shift. Indian Journal of Public Health 2018 62 4 299–301 10.4103/ijph.IJPH_37_18 30539893 2017 में भारत सरकार ने मातृ मृत्यु दर के जोखिमों का पता लगाने के लिए अपने कार्यक्रमों में ध्यान केंद्रित किया और फिर मृत्यु को रोकने के लिए स्वास्थ्य सेवा में सुधार लाया जो वर्तमान में एक नयी मिसाल बनकर उबर सकती है। 2016 में, एक राष्ट्रीय सर्वेक्षण में यह पाया गया कि यदि कोई परिवार किसी महिला को मातृ मृत्यु के कारण खो देता है, तो घर की अन्य महिलाएँ गर्भावस्था के दौरान और प्रसव के बाद अधिक चिकित्सा सेवाओं की तलाश में रहती हैं क्योकि उन्हें अब इसके बारे में अच्छी जानकारी मिल चुकी होती है।Rai Rajesh Kumar Singh Prashant Kumar Kumar Chandan Is the use of maternal healthcare among prospective mothers higher in households that have experienced maternal death? Evidence from India Health Policy and Planning September 2016 31 7 844–852 10.1093/heapol/czv140 26864163 भारत में मातृ मृत्यु दर को प्रभावित करने वाली मुख्य सामाजिक कारक भारत में आय असमानता है। प्रसवोत्तर तथा प्रसवपूर्व अवधि में देखभाल तक पहुंच पाने का स्तर तथा महिला शिक्षा का स्तर अभी तक अच्छा नहीं है जिसके कारण आजकल यह स्थिति अधिक देखने को मिलती है। क्योंकि जो महिलाएँ अशिक्षित हैं, उन्हें अधिक ज्ञान नहीं होता है और वे सही ढंग से इस स्थिति में खुद को नहीं संभाल पाती हैं। ग्रामीण क्षेत्रों में अभी स्वास्थ्य सेवाएं इतनी बेहतर स्तर पर नहीं हैं जितना की शहरी क्षेत्रों में हैं क्योंकि ग्रामीण इलाकों में स्वास्थ्य सेवा के लिए काफी दूर जाना पड़ता है, जबकि शहरों में ऐसी सेवाएँ नजदीक में ही मिल जाती हैं। साथ ही, स्वास्थ्य नियंत्रण प्रणालियाँ जो मातृ मृत्यु दर को ट्रैक करती हैं, वे महिलाओं को अन्य समस्याओं की रिपोर्ट करने के लिए भी कह सकती हैं, जैसे कि अस्पताल के कर्मचारियों से अच्छे उपचार की कमी।Jungari Suresh Sharma Baby Wagh Dhananjay Beyond Maternal Mortality: A Systematic Review of Evidences on Mistreatment and Disrespect During Childbirth in Health Facilities in India Trauma, Violence, & Abuse 20 October 2019 152483801988171 10.1177/1524838019881719 31630667 महिलाओं को सामान्य सहायता सेवाएं प्रदान करने से स्वास्थ्य देखभाल के कई पहलुओं में सुधार हो सकता है। सार्वजनिक स्वास्थ्य पहलें भारत ने वर्ष 2000 से 2015 के बीच मातृ स्वास्थ्य में सुधार के लिए सहस्राब्दी विकास लक्ष्य में भाग लिया था।January 2020 भारत सरकार ने सुरक्षित वातावरण प्रदान करने के लिए विभिन्न सार्वजनिक स्वास्थ्य सेवाओं से जुड़े पहलों पर काम को शुरू किया है। इनमें से कुछ नीचे दिए गए महत्वपूर्ण बिंदु हैं जो आज गर्भावस्था के दौरान या जन्म के बाद मृत्यु दर को रोकने में काफी लाभदायक साबित हो रही हैं: जननी सुरक्षा योजना (JSY),https://www.nhp.gov.in/janani-suraksha-yojana-jsy-_pg Janani Suraksha Yojana (JSY) National Health Portal of India dead https://web.archive.org/web/20190523182420/https://www.nhp.gov.in/janani-suraksha-yojana-jsy-_pg 23 मई 2019 प्रधानमंत्री मातृ वंदना योजना (PMMVY)https://wcd.nic.in/schemes/pradhan-mantri-matru-vandana-yojana Pradhan Mantri Matru Vandana Yojana Ministry of Women and Child Development, Government of India dead https://web.archive.org/web/20191219090611/https://wcd.nic.in/schemes/pradhan-mantri-matru-vandana-yojana 19 दिसंबर 2019 प्रधानमंत्री सुरक्षा अभियान मैत्री अभियान (PMSMA) पोषण अभियान और लक्ष्यhttp://mpwcdmis.gov.in/scheme_poshanabhiyan.aspx पोषण अभियान (राष्ट्रीय पोषण मिशन) Ministry of Women Welfare dead https://web.archive.org/web/20190618154724/http://mpwcdmis.gov.in/(S(w2glu4gy1ooi10z33jtxawv0))/scheme_poshanabhiyan.aspx 18 जून 2019 तथा सरकार ने सड़कों में सुधार करके और पीएचसी पर मुफ्त एम्बुलेंस सेवाएँ प्रदान करके देश के बुनियादी ढांचे में सुधार करने की पहल की है।https://www.wbhealth.gov.in/uploaded_files/PPP/amb_sch.pdf Ambulance Services at Rural Hospitals WB Department of Health dead https://web.archive.org/web/20200219045945/https://www.wbhealth.gov.in/uploaded_files/PPP/amb_sch.pdf 19 फ़रवरी 2020 इतिहास 2018 में विश्व स्वास्थ्य संगठन ने 2005 से भारत में देखी जानेवाली मातृ मृत्यु दर में भारी कमी के लिए बधाई दी। इससे पहले, विभिन्न रिपोर्टों ने भारत में मातृ मृत्यु की उच्च दर का वर्णन किया था।Prakash A Swain S Seth A Maternal mortality in India: current status and strategies for reduction. Indian Pediatrics December 1991 28 12 1395–400 1819558Dhar Sujoy India grapples with high maternal death rate https://www.reuters.com/article/us-india-maternaldeaths/india-grapples-with-high-maternal-death-rate-idUSTRE50P05D20090126 Reuters en 26 January 2009 अन्वेषण मातृ मृत्यु दर अध्ययन के लिए चुनौतीपूर्ण है क्योंकि इसमें कई असमानताएँ हैं। यह विभिन्न कारणों से हो सकता है, और इसे रिपोर्ट करना भी चुनौतीपूर्ण है। पूरे भारत में मातृ मृत्यु दर का पहला राष्ट्रीय स्तर पर द्योतक अध्ययन 2014 में हुआ था। सन्दर्भ 2 आगे पढ़ने के लिए Maternal Mortality Estimation Inter-Agency Group WHO UNICEF UNFPA World Bank Group United Nations Population Division 2018 Maternal mortality in 2000-2017: India https://www.who.int/gho/maternal_health/countries/ind.pdf 19 फ़रवरी 2020 https://web.archive.org/web/20180920105029/http://www.who.int/gho/maternal_health/countries/ind.pdf 20 सितंबर 2018 live श्रेणी:भारत में मातृत्व श्रेणी:मातृ मृत्यु